डेनमार्क के राजदूत ने मिर्जापुर में ग्रामीण जलापूर्ति योजना का समुदाय को हस्तांतरण किया दुहौआ गांव में ‘जल अर्पण’ समारोह में शामिल हुए राजदूत रासमुस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसनय ग्रामीण जल सेवा की जिम्मेदारी समुदाय के हाथों में मीरजापुर 15 सितम्बर 2026- भारत में डेनमार्क के राजदूत, महामहिम श्री रासमुस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन ने आज उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के दुहौआ गांव का दौरा किया और ‘जल अर्पण’ समारोह में भाग लिया। यह समारोह जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव की ग्रामीण जलापूर्ति योजना को औपचारिक रूप से स्थानीय समुदाय को सौंपे जाने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे विजेता, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 विनोद सिंह, कंट्री मैनेजर, यूएनओपीएस इंडिया सहित 400 से अधिक समुदाय के सदस्यों, विशेष रूप से महिलाओं, ने सहभागिता की। राजदूत ने दिन की शुरुआत लालगंज के नरैना कला गांव स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट डब्लूटीपी) के भ्रमण से की। उन्होंने संयंत्र का निरीक्षण किया और इसके संचालन तथा पर्यवेक्षी नियंत्रण एवं डेटा अधिग्रहण (एस0सी0ए0डी) प्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने जल के स्रोत से लेकर घरों में नल तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया को समझा। यह जल शोधन संयंत्र एक बहु-ग्राम योजना (एम0वी0एस0) का हिस्सा है, जिसमें बेलन नदी से जल प्राप्त किया जाता है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत इस संयंत्र से उपचारित जल 258 गांवों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करा रहा है। इनमें तीन गांव-अमरावती, भवानीपुर और दुहौआ, यूएनओपीएस इंटरवेंशन वाले गांव हैं। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल दुहौआ गांव पहुंचा, जहां यूएनओपीएस के सहयोग से प्रशिक्षित जल सखियों ने पारंपरिक तरीके से राजदूत का स्वागत किया। इसके पश्चात गांव में पदयात्रा के माध्यम से ग्रामीण जलापूर्ति योजना के संचालन का अवलोकन किया गया और समुदाय के सदस्यों से संवाद किया गया। परसिया स्थित ओवरहेड टैंक में राजदूत ने पंप संचालक से बातचीत की और ‘जल बंधन’ गतिविधि में भाग लिया, जो जल संरक्षण के प्रति समुदाय की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने परिसर में पौधारोपण भी किया। इन सभी गतिविधियों जल शोधन संयंत्र से लेकर गांव और स्थानीय स्तर पर जल संबंधी बुनियादी ढांचे के अवलोकन, ने जल स्रोत से नल तक की पूरी यात्रा और इसे लंबे समय तक बनाए रखने के लिए आवश्यक सामुदायिक स्वामित्व की एक समग्र झलक प्रस्तुत की। यही सामुदायिक स्वामित्व की भावना इसके बाद आयोजित ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम का केंद्र रही। जल अर्पण सामुदायिक स्वामित्व का उत्सव जल अर्पण कार्यक्रम का आयोजन जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालक विद्यालय, परसिया में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत, दीप प्रज्वलन तथा ग्राम प्रधान, दुहौआ के संबोधन के साथ हुआ। इस अवसर पर जल गुणवत्ता परीक्षण का लाइव प्रदर्शन किया गया और समुदाय के सदस्यों के साथ संवाद भी किया गया। डेनमार्क के महामहिम राजदूत के मिर्जापुर आगमन पर उनका स्वागत करते हुए, यूएनओपीएस इंडिया के कंट्री मैनेजर श्री विनोद मिश्रा ने जल जीवन मिशन के समर्थन में यूएनओपीएस और डेनमार्क के बीच साझेदारी तथा एक “आदर्श गांव” मॉडल विकसित करने की परिकल्पना पर प्रकाश डाला। उन्होंने जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तीन प्रमुख आयामों-जल की उपलब्धता, पहुंच और गुणवत्ता, पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी पीछे न छूटे। उन्होंने फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) के माध्यम से समुदाय स्तर पर जल गुणवत्ता की निगरानी के महत्व को भी रेखांकित किया और मिर्जापुर के अधिक से अधिक गांवों तक यूएनओपीएस का सहयोग विस्तार करने में रुचि व्यक्त की। उत्साहपूर्ण जनसमूह को संबोधित करते हुए, भारत में डेनमार्क के महामहिम राजदूत श्री रासमुस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन ने कहा “जल के क्षेत्र में डेनमार्क और भारत के बीच लंबे समय से चली आ रही और बेहद मजबूत साझेदारी है। दोनों देश इस साझा समझ पर एकमत हैं कि जल संसाधनों का सतत और कुशल प्रबंधन किया जाना चाहिए तथा इसमें उन समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए, जो इन जल संसाधनों पर निर्भर हैं।” उन्होंने कहा, “भारत के साथ सहयोग के माध्यम से, डेनमार्क को जल जीवन मिशन का समर्थन करने पर गर्व है। इस दिशा में यूएनओपीएस के साथ मिलकर ग्रामीण परिवारों तक विश्वसनीय और सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के लिए कार्य किया जा रहा है। डेनमार्क को इस बात पर भी गर्व है कि वह जल जीवन मिशन का समर्थन करने वाला एकमात्र अंतरराष्ट्रीय साझेदार देश है। डेनमार्क इसे भारत के साथ अपनी साझेदारी में निहित विश्वास और उसकी गहराई का प्रतिबिंब मानता है।” जल अर्पण कार्यक्रम में जल वंदना, अर्थात जल के प्रति बच्चों की प्रार्थना, के बाद जल श्रृंगार का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से जलापूर्ति योजना को औपचारिक रूप से समुदाय को सौंपा गया। बच्चों ने जल संरक्षण के महत्व पर आधारित ‘A Future without Water’ (जल बिना भविष्य) विषय पर एक लघु नाटिका प्रस्तुत की। कार्यक्रम का समापन सामूहिक जल शपथ के साथ हुआ, जिसमें जल के संरक्षण और उसके जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग के प्रति सभी ने अपनी साझा जिम्मेदारी दोहराई। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा ‘जल वंदना’ प्रस्तुत की गई, जिसके बाद ‘जल शृंगार’ के माध्यम से जलापूर्ति योजना को औपचारिक रूप से समुदाय को सौंपने का समारोह आयोजित किया गया। बच्चों ने जल संरक्षण पर आधारित एक लघु नाटक ‘जल बिना भविष्य’ प्रस्तुत की। कार्यक्रम का समापन सामूहिक ‘जल शपथ’ के साथ हुआ, जिसमें जल संरक्षण तथा जल के जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग के प्रति साझा दायित्व को दोहराया गया। ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (वीडब्लूएससी) की सदस्य सुश्री अमृता ने योजना के संचालन एवं प्रबंधन में समुदाय की भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जल सेवाओं की निरंतर और टिकाऊ आपूर्ति सुनिश्चित करने वाली स्थानीय संस्थाओं के रूप में वीडब्लूएससी की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम ने यह प्रदर्शित किया कि टिकाऊ ग्रामीण जल सेवाएं केवल बुनियादी ढांचे पर निर्भर नहीं करतीं, बल्कि इनके लिए सामुदायिक स्वामित्व, स्थानीय संस्थाओं की सक्रिय भूमिका, महिलाओं की भागीदारी, जागरूकता तथा जल के जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग का भी उतना ही महत्व है। अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) ने कहा कि मिर्जापुर की ऊबड़-खाबड़ एवं दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां जिले में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष चुनौतियां प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कार्यक्रम के समर्थन में यूएनओपीएस और उसकी टीम द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा कहा कि अब जिले के अधिकांश हिस्सों में जल की उपलब्धता और पहुंच में सुधार हुआ है। उन्होंने यूएनओपीएस के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और क्षेत्र के समुदायों तक जल की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में टीम द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस अवसर ने एक बार फिर यह रेखांकित किया कि सतत जल सुरक्षा केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके केंद्र में समुदाय, विशेष रूप से महिलाएं, हैं, जो जल सेवाओं के प्रबंधन, रखरखाव और उन्हें निरंतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। भारत और डेनमार्क की सरकारों के बीच ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप (Green Strategic Partnership) के अंतर्गत यूएनओपीएस, जल जीवन मिशन (जेजेएम) को उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु और असम के कुल 478 गांवों में ग्रामीण परिवारों तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने में सहयोग प्रदान कर रहा है। उत्तर प्रदेश में, 2021 में इस पहल की शुरुआत के बाद से 2026 तक इसका विस्तार 11 जिलों के 200 से अधिक गांवों तक हो चुका है। अक्टूबर 2022 में परियोजना के दूसरे चरण की शुरुआत के बाद से समुदायों को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया है, विशेषकर मिर्जापुर जैसे जिलों में, इसके तहत स्थानीय प्रणालियों को मजबूत करना, क्षमता निर्माण करना तथा महिलाओं और स्थानीय संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना शामिल है, ताकि ग्रामीण जल सेवाओं का दीर्घकालिक और समुदाय-आधारित स्वामित्व सुनिश्चित किया जा सके।
डेनमार्क के राजदूत ने मिर्जापुर में ग्रामीण जलापूर्ति योजना का समुदाय को हस्तांतरण किया दुहौआ गांव में ‘जल अर्पण’ समारोह में शामिल हुए राजदूत रासमुस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसनय ग्रामीण जल सेवा की जिम्मेदारी समुदाय के हाथों में मीरजापुर 15 सितम्बर 2026- भारत में डेनमार्क के राजदूत, महामहिम श्री रासमुस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन ने आज उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के दुहौआ गांव का दौरा किया और ‘जल अर्पण’ समारोह में भाग लिया। यह समारोह जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव की ग्रामीण जलापूर्ति योजना को औपचारिक रूप से स्थानीय समुदाय को सौंपे जाने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे विजेता, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 विनोद सिंह, कंट्री मैनेजर, यूएनओपीएस इंडिया सहित 400 से अधिक समुदाय के सदस्यों, विशेष रूप से महिलाओं, ने सहभागिता की। राजदूत ने दिन की शुरुआत लालगंज के नरैना कला गांव स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट डब्लूटीपी) के भ्रमण से की। उन्होंने संयंत्र का निरीक्षण किया और इसके संचालन तथा पर्यवेक्षी नियंत्रण एवं डेटा अधिग्रहण (एस0सी0ए0डी) प्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने जल के स्रोत से लेकर घरों में नल तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया को समझा। यह जल शोधन संयंत्र एक बहु-ग्राम योजना (एम0वी0एस0) का हिस्सा है, जिसमें बेलन नदी से जल प्राप्त किया जाता है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत इस संयंत्र से उपचारित जल 258 गांवों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करा रहा है। इनमें तीन गांव-अमरावती, भवानीपुर और दुहौआ, यूएनओपीएस इंटरवेंशन वाले गांव हैं। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल दुहौआ गांव पहुंचा, जहां यूएनओपीएस के सहयोग से प्रशिक्षित जल सखियों ने पारंपरिक तरीके से राजदूत का स्वागत किया। इसके पश्चात गांव में पदयात्रा के माध्यम से ग्रामीण जलापूर्ति योजना के संचालन का अवलोकन किया गया और समुदाय के सदस्यों से संवाद किया गया। परसिया स्थित ओवरहेड टैंक में राजदूत ने पंप संचालक से बातचीत की और ‘जल बंधन’ गतिविधि में भाग लिया, जो जल संरक्षण के प्रति समुदाय की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने परिसर में पौधारोपण भी किया। इन सभी गतिविधियों जल शोधन संयंत्र से लेकर गांव और स्थानीय स्तर पर जल संबंधी बुनियादी ढांचे के अवलोकन, ने जल स्रोत से नल तक की पूरी यात्रा और इसे लंबे समय तक बनाए रखने के लिए आवश्यक सामुदायिक स्वामित्व की एक समग्र झलक प्रस्तुत की। यही सामुदायिक स्वामित्व की भावना इसके बाद आयोजित ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम का केंद्र रही। जल अर्पण सामुदायिक स्वामित्व का उत्सव जल अर्पण कार्यक्रम का आयोजन जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालक विद्यालय, परसिया में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के
स्वागत, दीप प्रज्वलन तथा ग्राम प्रधान, दुहौआ के संबोधन के साथ हुआ। इस अवसर पर जल गुणवत्ता परीक्षण का लाइव प्रदर्शन किया गया और समुदाय के सदस्यों के साथ संवाद भी किया गया। डेनमार्क के महामहिम राजदूत के मिर्जापुर आगमन पर उनका स्वागत करते हुए, यूएनओपीएस इंडिया के कंट्री मैनेजर श्री विनोद मिश्रा ने जल जीवन मिशन के समर्थन में यूएनओपीएस और डेनमार्क के बीच साझेदारी तथा एक “आदर्श गांव” मॉडल विकसित करने की परिकल्पना पर प्रकाश डाला। उन्होंने जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तीन प्रमुख आयामों-जल की उपलब्धता, पहुंच और गुणवत्ता, पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी पीछे न छूटे। उन्होंने फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) के माध्यम से समुदाय स्तर पर जल गुणवत्ता की निगरानी के महत्व को भी रेखांकित किया और मिर्जापुर के अधिक से अधिक गांवों तक यूएनओपीएस का सहयोग विस्तार करने में रुचि व्यक्त की। उत्साहपूर्ण जनसमूह को संबोधित करते हुए, भारत में डेनमार्क के महामहिम राजदूत श्री रासमुस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन ने कहा “जल के क्षेत्र में डेनमार्क और भारत के बीच लंबे समय से चली आ रही और बेहद मजबूत साझेदारी है। दोनों देश इस साझा समझ पर एकमत हैं कि जल संसाधनों का सतत और कुशल प्रबंधन किया जाना चाहिए तथा इसमें उन समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए, जो इन जल संसाधनों पर निर्भर हैं।” उन्होंने कहा, “भारत के साथ सहयोग के माध्यम से, डेनमार्क को जल जीवन मिशन का समर्थन करने पर गर्व है। इस दिशा में यूएनओपीएस के साथ मिलकर ग्रामीण परिवारों तक विश्वसनीय और सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के लिए कार्य किया जा रहा है। डेनमार्क को इस बात पर भी गर्व है कि वह जल जीवन मिशन का समर्थन करने वाला एकमात्र अंतरराष्ट्रीय साझेदार देश है। डेनमार्क इसे भारत के साथ अपनी साझेदारी में निहित विश्वास और उसकी गहराई का प्रतिबिंब मानता है।” जल अर्पण कार्यक्रम में जल वंदना, अर्थात जल के प्रति बच्चों की प्रार्थना, के बाद जल श्रृंगार का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से जलापूर्ति योजना को औपचारिक रूप से समुदाय को सौंपा गया। बच्चों ने जल संरक्षण के महत्व पर आधारित ‘A Future without Water’ (जल बिना भविष्य) विषय पर एक लघु नाटिका प्रस्तुत की। कार्यक्रम का समापन सामूहिक जल शपथ के साथ हुआ, जिसमें जल के संरक्षण और उसके जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग के प्रति सभी ने अपनी साझा जिम्मेदारी दोहराई। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा ‘जल वंदना’ प्रस्तुत की गई, जिसके बाद ‘जल शृंगार’ के माध्यम से जलापूर्ति योजना को औपचारिक रूप से समुदाय को सौंपने का समारोह
आयोजित किया गया। बच्चों ने जल संरक्षण पर आधारित एक लघु नाटक ‘जल बिना भविष्य’ प्रस्तुत की। कार्यक्रम का समापन सामूहिक ‘जल शपथ’ के साथ हुआ, जिसमें जल संरक्षण तथा जल के जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग के प्रति साझा दायित्व को दोहराया गया। ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (वीडब्लूएससी) की सदस्य सुश्री अमृता ने योजना के संचालन एवं प्रबंधन में समुदाय की भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जल सेवाओं की निरंतर और टिकाऊ आपूर्ति सुनिश्चित करने वाली स्थानीय संस्थाओं के रूप में वीडब्लूएससी की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम ने यह प्रदर्शित किया कि टिकाऊ ग्रामीण जल सेवाएं केवल बुनियादी ढांचे पर निर्भर नहीं करतीं, बल्कि इनके लिए सामुदायिक स्वामित्व, स्थानीय संस्थाओं की सक्रिय भूमिका, महिलाओं की भागीदारी, जागरूकता तथा जल के जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग का भी उतना ही महत्व है। अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) ने कहा कि मिर्जापुर की ऊबड़-खाबड़ एवं दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां जिले में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष चुनौतियां प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कार्यक्रम के समर्थन में यूएनओपीएस और उसकी टीम द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा कहा कि अब जिले के अधिकांश हिस्सों में जल की उपलब्धता और पहुंच में सुधार हुआ है। उन्होंने यूएनओपीएस के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और क्षेत्र के समुदायों तक जल की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में टीम द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस अवसर ने एक बार फिर यह रेखांकित किया कि सतत जल सुरक्षा केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके केंद्र में समुदाय, विशेष रूप से महिलाएं, हैं, जो जल सेवाओं के प्रबंधन, रखरखाव और उन्हें निरंतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। भारत और डेनमार्क की सरकारों के बीच ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप (Green Strategic Partnership) के अंतर्गत यूएनओपीएस, जल जीवन मिशन (जेजेएम) को उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु और असम के कुल 478 गांवों में ग्रामीण परिवारों तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने में सहयोग प्रदान कर रहा है। उत्तर प्रदेश में, 2021 में इस पहल की शुरुआत के बाद से 2026 तक इसका विस्तार 11 जिलों के 200 से अधिक गांवों तक हो चुका है। अक्टूबर 2022 में परियोजना के दूसरे चरण की शुरुआत के बाद से समुदायों को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया है, विशेषकर मिर्जापुर जैसे जिलों में, इसके तहत स्थानीय प्रणालियों को मजबूत करना, क्षमता निर्माण करना तथा महिलाओं और स्थानीय संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना शामिल है, ताकि ग्रामीण जल सेवाओं का दीर्घकालिक और समुदाय-आधारित स्वामित्व सुनिश्चित किया जा सके।
- Mirzapur: दबंग कब्जेधारियों के विरुद्ध मुखर किया आवाज़, न्याय के लिए बेटी बैठी धरने पर मिर्जापुर। शासन-प्रशासन के तमाम प्रयासों के बाद भी भूमि संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई नहीं होने से लोगों धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। विंध्याचल थाना क्षेत्र के निफरा गैपुरा निवासी जोखू लाल यादव पुत्र राम उजागर यादव व उनकी पुत्री कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में बताया है कि उनकी भूमि आराजी नंबर 393 व 339 व 351 नंबरों की भूमि संक्रमणीय भूमिधर कागजात खतौनी में दर्ज है। जबकि आराजी नंबर 339 में ट्यूबवेल और गौशाला है और 351 आराजी नंबर में खाली जमीन है। जिसमें विपक्षी भी कब्जा किए हुए हैं और 393 भूमि में नाली बना दिए हैं। जबकि हम प्रार्थी के पूरे भूमि में सात बीघा खेत में कहीं न कहीं बढ़ाकर कब्जा करके जोत बो दिए हैं। उक्त भूमि पर विपक्षीगण जबरिया गुंडई के बल पर उनके खेत में काफी दूरी तक कब्जा करके धान का फसल व बजरी की बुवाई कर दिए हैं। जिसकी शिकायत हलके थाना इलाका व उप जिलाधिकारी सदर को दिया गया, किंतु इसके बावजूद भी आज तक अभी तक कोई सुनवाई नहीं किया जा रहा है। आरोप लगाया है कि विपक्षी गण बोले की देखते रहना तुम्हारा पुरा जमीन हम लोग कब्जा कर लेंगे। अगर इसकी शिकायत कहीं और दोगे तो तुम्हें और तुम्हारे परिवार वालों को जान से मार कर फेंक देंगे। तुम हम लोगों को जानते नहीं हो कि हमारा कितना ऊंचा तक पकड़ है।2
- आशुतोष पांडेय ने निफारा में किया जनसभा ### जनता की समस्याओं को लेकर उठाई आवाज, युवाओं को आगे बढ़ाने का दिया भरोसा आशुतोष पांडेय ने निफारा में किया जनसभा ### जनता की समस्याओं को लेकर उठाई आवाज, युवाओं को आगे बढ़ाने का दिया भरोसा **मिर्जापुर।** 396 नगर विधानसभा से विधायक प्रत्याशी निर्दलीय**आशुतोष पांडेय** ने मंगलवार को ग्राम सभा **निफारा* में जनसभा कर क्षेत्र की जनता से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने जनता की समस्याओं को गंभीरता से उठाते हुए उनके समाधान के लिए संघर्ष करने का भरोसा दिलाया। जनसभा को संबोधित करते हुए आशुतोष पांडेय ने कहा कि **युवाओं को साथ लेकर उन्हें आगे बढ़ाने और उनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।** उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए जनता की आवाज को मजबूती से उठाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने **गैपुर से जोप मार्ग** की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं। साथ ही नाली की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश एवं अन्य समय में पानी का अत्यधिक बहाव रहता है, जिससे राहगीरों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी क्रम में **निफारा गांव में बिजली की समस्या** को भी प्रमुखता से उठाया गया। बताया गया कि गांव के आधे हिस्से में बिजली पहुंचती है, जबकि आगे के हिस्से में अभी भी बिजली की समुचित व्यवस्था नहीं है। इस समस्या के समाधान के लिए भी उन्होंने आवाज उठाने का भरोसा दिया। आशुतोष पांडेय ने **शिक्षा व्यवस्था में सुधार** की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विद्यालयों की व्यवस्थाओं में सुधार कर बच्चों को बेहतर शिक्षा का माहौल उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि **“एक बार हमें सेवा का अवसर दें। हम जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम करेंगे।”** उन्होंने क्षेत्र से गरीबी दूर करने, युवाओं को आगे बढ़ाने तथा बुनियादी सुविधाओं में सुधार को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया। जनसभा के दौरान **शुभम यादव, सूरज मिश्रा, दीपक मिश्रा, सत्यम मिश्रा, जितेंद्र बिंद, सजन तिवारी, विशाल पांडेय, सचिन दुबे** सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।3
- मिर्जापुर में भू माफियाओं द्वारा गरीब महिला की पुस्तैनी भूमि पर भूमाफियाओं का कब्जा तत्काल हटाया जाए मिर्जापुर में भू माफियाओं द्वारा गरीब महिला की पुस्तैनी भूमि पर भूमाफियाओं का कब्जा तत्काल हटाया जाए सुनील कुमार पांडे एडवोकेट वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश फुलरी देवी पत्नी स्वर्गीय भगवान दास सोनकर निवासी परमापुर रमई पट्टी की पुश्तैनी जमीन आराजी नंबर 89 रकबा 2.5 बिस्वा स्थित ग्राम तरकापुर थाना शहर का कोतवाली तहसील सदर में स्थित जमीन पर भू माफियाओं द्वारा किए गए कब्जे के विरोध में गरीब महिला के परिजनों के साथ आम आदमी पार्टी मिर्जापुर के कार्यकर्ताओं ने किया जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील कुमार पांडे एडवोकेट द्वारा जिलाधिकारी मिर्जापुर से पीड़ित महिला के साथ मुलाकात करके भूमाफियाओं द्वारा किए गए कब्जा को हटाने की किया गया मांग मिर्जापुर, आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मिर्जापुर के सेवक सुनील कुमार पांडे एडवोकेट की अगवाई में मिर्जापुर के परमापुर निवासी फुलरी देवी पत्नी स्वर्गीय भगवान दास सोनकर के पुश्तैनी जमीन आराजी नंबर 89 रकबा 2.5 बिस्वा स्थित ग्राम तरकापुर थाना शहर का कोतवाली तहसील सदर में स्थित जमीन पर भू माफियाओं ने शासन सत्ता का प्रभाव दिखाकर जमीन पर किए गए अवैध कब्जे के विरोध में पीड़ित महिला के साथ आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा पार्टी के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील कुमार पांडे एडवोकेट की अगवाई में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया गया और पीड़ित महिला को लेकर जिलाधिकारी मिर्जापुर से मुलाकात करके महिला की जमीन को मुक्त कराने का प्रार्थना पत्र दिया गया आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दिया यदि इस गरीब अनुसूचित जाति की महिला की जमीन पर भूमाफियाओं का कब्जा प्रशासन द्वारा नहीं हटाया गया तो आम आदमी पार्टी मिर्जापुर जिला मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन करेगी प्रदर्शन को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील कुमार पांडे एडवोकेट ने कहा कि वर्तमान समय में मिर्जापुर में भू माफिया हावी है गरीबों दलितों की जमीनों को अपने ताकत के बल पर कब्जा करके उसका अवैध प्लाटिंग का कार्य नियम विरुद्ध किया जा रहा है जिसे आम आदमी पार्टी कदापि बर्दाश्त नहीं करेगी उन्होंने कहा कि सोनकर बिरादरी की फुलरी देवी की पुश्तैनी जमीन पर भूमाफियाओं द्वारा कूट रचित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जबरदस्ती कब्जा करके प्लाटिंग का कार्य किया जा रहा है जिसे प्रशासन को तत्काल बंद कराकर भूमाफियाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना चाहिए कार्यक्रम में पीड़ित महिला फुलरी देवी ने कहा कि हमारी पुश्तैनी जमीन पर अकबर इमाम,सुनील सिंह, सोनू शर्मा ,द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है और हमारी जमीन पर बाउंड्री बाल खड़ा कर के उसका प्लाटिंग किया जा रहा है हम गरीब है हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है प्रशासन से निवेदन है कि जिला प्रशासन हमारी जमीन हमें वापस कराए और भू माफियाओं पर विधिक कार्रवाई करें प्रदर्शन में प्रमुख रूप से रीता सोनकर रोहित सोनकर रमापति मौर्य महेश चंद्र प्रजापति अशोक कुमार गुप्ता जयकुमार प्रजापति राकेश वर्मा एडवोकेट अर्जुन सेठ दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे1
- घर में घुसकर युवक की पिटाई का आरोप, शरीर पर गंभीर चोटें… फिर भी थाने में नहीं हो रही सुनवाई दबंग सभासद किशन मोदनवाल पर साथियों के साथ घर में घुसकर मारपीट करने का गंभीर आरोप कुछ दिन पहले पुलिस से झड़प का वीडियो भी हुआ था वायरल मारपीट में युवक को गंभीर चोटें आईं, वहीं परिवार की लड़की के साथ भी मारपीट की गई जिस बेटी के इलाज के लिए परिवार ने अपनी जमीन तक बेच दिया, आरोप है कि दबंगों ने उसी लड़की को भी नहीं बख्शा इलाज के लिए खेत बेचने वाला परिवार अब न्याय के लिए थाने की चौखट पर पहुंचने को मजबूर अब बड़ा सवाल—आखिर दबंग सभासद के खिलाफ कार्रवाई से क्यों पीछे हट रही पुलिस? क्या रसूख के आगे कानून बेबस है या फिर पुलिस किसी बड़े दबाव में है? अब देखना है—पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा या दबंगई के आगे उसकी फरियाद यूं ही दबकर रह जाएगी मामला चुनार थाना क्षेत्र का2
- मिर्ज़ापुर: 12 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा पर निकले स्केटिंग यात्री अजय विश्वकर्मा का गैपुरा में भव्य स्वागत।1
- मीरजापुर: जमीन पर जबरन कब्जे का आरोप, पीड़ित ने जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार मीरजापुर: जमीन पर जबरन कब्जे का आरोप, पीड़ित ने जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार मीरजापुर। कोतवाली शहर थाना क्षेत्र के गोसाई तालाब निवासी भरत लाल ने विपक्षियों पर जमीन पर जबरन कब्जा करने और निर्माण कार्य कराने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित के अनुसार मोहल्ला फतहां, परगना कांतित, तहसील सदर स्थित आराजी नंबर 62, 69, 109 और 129 में कुल 0.1390 हेक्टेयर भूमि में से दो विश्वा जमीन का बैनामा उनकी ओर से कराया गया था। आरोप है कि विपक्षियों द्वारा दबंगई के बल पर आराजी नंबर 129 में करीब दो विश्वा भूमि पर कब्जा किया जा रहा है। पीड़ित का आरोप है कि 24 अगस्त 2026 को उनके गेट का ताला तोड़कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया, जबकि जमीन को लेकर मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है। पीड़ित का कहना है कि न्यायालय की ओर से अमीन जांच के दौरान जमीन की पैमाइश भी कराई गई थी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विपक्षी पक्ष से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा अपने पद और संपर्कों का कथित रूप से दुरुपयोग करते हुए पुलिस के माध्यम से कब्जा कराने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित का कहना है कि शिकायत के बावजूद कब्जे और निर्माण कार्य को रोका नहीं जा रहा है। भरत लाल ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित कब्जे और निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाने तथा शिकायत में नामजद मुस्तकीम अहमद का जिलाधिकारी कार्यालय से स्थानांतरण किए जाने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और जमीन विवाद की जांच में वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है।2
- गणेश स्थापना पर उमड़ी भक्तों की भीड़, भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ माहौल। गणेश स्थापना पर उमड़ी भक्तों की भीड़, भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ माहौल।1
- *विंध्याचल में पहली बार गूंजेगा वेदों का संदेश, 500 बटुकों संग निकलेगी भव्य यात्रा* *विंध्याचल। धर्मनगरी विंध्याचल रविवार को वैदिक संस्कृति और परंपरा के अनूठे आयोजन की साक्षी बनेगी। मां विंध्यवासिनी धाम में पहली बार ऐतिहासिक वैदिक संदेश यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। सुबह 10 बजे मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर प्रांगण से यात्रा का शुभारंभ होगा। यात्रा में करीब 500 बटुकों के अलावा देश के विभिन्न प्रांतों से पहुंचे विद्वान, आचार्य और वैदिक धर्माचार्य शामिल होंगे।* *भव्य यात्रा मां विंध्यवासिनी धाम से प्रारंभ होकर पुरानी वीआईपी मार्ग, राम-जानकी मंदिर, स्टेट बैंक चौराहा, बावली चौराहा और बंगाली चौराहा होते हुए विंध्य रेजिडेंसी पहुंचेगी। यात्रा के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक वातावरण के बीच लोगों को भारतीय संस्कृति एवं वैदिक परंपरा से जुड़ने का संदेश दिया जाएगा।* *उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य होंगे मुख्य अतिथि* *त्रिदिवसीय क्�1