प्रयागराज के यूनाइटेड इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में एमबीबीएस अंतिम वर्ष की छात्रा सृष्टि मिश्रा की मौत के मामले में पोस्टमार्टम के बाद एक नया मोड़ सामने आया है। शुरुआती तौर पर उनकी मौत बीमारी से होने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम में जहर से मौत होने के लक्षण मिलने की जानकारी सामने आई है। 22 वर्षीय सृष्टि मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की रहने वाली थीं और शहर के एक निजी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रही थीं। उनके पिता अनुराग मिश्रा BAMS हैं, जबकि मां आशा मिश्रा राजकीय कॉलेज में प्रवक्ता हैं। शनिवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद सृष्टि की मौत हो गई थी। बेटी की मौत की सूचना मिलने पर सृष्टि के माता-पिता, भाई अभिनव मिश्रा और अन्य परिजन शनिवार को ही प्रयागराज पहुंच गए थे। पोस्टमार्टम के बाद रविवार शाम दारागंज घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। कॉलेज प्रशासन और पुलिस ने पहले बीमारी से मौत की आशंका जताई थी, वहीं कॉलेज प्रशासन ने मिर्गी का दौरा पड़ने का दावा किया था। हालांकि, सृष्टि के परिजनों ने इस दावे पर आपत्ति दर्ज कराई है। भाई अभिनव मिश्रा और रिश्तेदार डॉ. विवेक तिवारी का कहना है कि सृष्टि को कभी मिर्गी की बीमारी नहीं थी। परिजनों के मुताबिक, सृष्टि इसी सप्ताह घर से प्रयागराज लौटी थीं और कॉलेज आने से पहले उन्होंने अपना नियमित स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया था, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ पाई गई थीं और उन्हें किसी प्रकार की गंभीर बीमारी नहीं थी। पोस्टमार्टम के दौरान जहर से मौत होने के संकेत मिलने पर विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। इसे विस्तृत जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब भेजा जाएगा। जांच का मुख्य बिंदु यह रहेगा कि छात्रा के शरीर में जहरीला पदार्थ कैसे पहुंचा और उसकी प्रकृति क्या थी। एयरपोर्ट पुलिस का कहना है कि फिलहाल पूरा मामला फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट पर टिका है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सृष्टि की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था।
प्रयागराज के यूनाइटेड इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में एमबीबीएस अंतिम वर्ष की छात्रा सृष्टि मिश्रा की मौत के मामले में पोस्टमार्टम के बाद एक नया मोड़ सामने आया है। शुरुआती तौर पर उनकी मौत बीमारी से होने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम में जहर से मौत होने के लक्षण मिलने की जानकारी सामने आई है। 22 वर्षीय सृष्टि मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की रहने वाली थीं और शहर के एक निजी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रही थीं। उनके पिता अनुराग मिश्रा BAMS हैं, जबकि मां आशा मिश्रा राजकीय कॉलेज में प्रवक्ता हैं। शनिवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद सृष्टि की मौत हो गई थी। बेटी की मौत की सूचना मिलने पर सृष्टि के माता-पिता, भाई अभिनव मिश्रा और अन्य परिजन शनिवार को ही प्रयागराज पहुंच गए थे। पोस्टमार्टम के बाद रविवार शाम दारागंज घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। कॉलेज प्रशासन और पुलिस ने पहले बीमारी से मौत की आशंका जताई थी, वहीं कॉलेज प्रशासन ने मिर्गी का दौरा पड़ने का दावा किया था। हालांकि, सृष्टि के परिजनों ने इस दावे पर आपत्ति दर्ज कराई है। भाई अभिनव मिश्रा और रिश्तेदार डॉ. विवेक तिवारी का कहना है कि सृष्टि को कभी मिर्गी की बीमारी नहीं थी। परिजनों के मुताबिक, सृष्टि इसी सप्ताह घर से प्रयागराज लौटी थीं और कॉलेज आने से पहले उन्होंने अपना नियमित स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया था, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ पाई गई थीं और उन्हें किसी प्रकार की गंभीर बीमारी नहीं थी। पोस्टमार्टम के दौरान जहर से मौत होने के संकेत मिलने पर विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। इसे विस्तृत जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब भेजा जाएगा। जांच का मुख्य बिंदु यह रहेगा कि छात्रा के शरीर में जहरीला पदार्थ कैसे पहुंचा और उसकी प्रकृति क्या थी। एयरपोर्ट पुलिस का कहना है कि फिलहाल पूरा मामला फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट पर टिका है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सृष्टि की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था।
- लखनऊ से संवाददाता आशीष मिश्रा की ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, शहर में हुए अग्निकांड ने गहरा दर्द दिया है। इस दुखद घटना के दौरान एक बच्चे की हृदयविदारक पुकार सामने आई, जिसने कहा, "पापा आग लग गई, बाथरूम में हूं, बचा लो।" इस बीच, बच्चे की मां रोते हुए अपने बच्चे को ढूंढने की गुहार लगाती रही, बार-बार कहती रही, "कोई तो मेरे बच्चे को ढूंढ दो…", और फिर बेहोश हो गई। यह पूरा दृश्य लखनऊ अग्निकांड के दर्द को बयां करता है।1
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ में स्थित एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में भीषण आग लगने की दुखद घटना सामने आई है, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे की जानकारी मिलने के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने वहां स्थिति का जायजा लिया और आग की घटना में घायल हुए लोगों से भी मुलाकात की।1
- लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें लखनऊ में आग लगने की इस दुखद घटना के बारे में जानकारी मिली है, जिसमें कई लोगों की जान चली गई है। राजनाथ सिंह ने इस घटना को 'बेहद दुखद' करार देते हुए कहा कि इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं और वे घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। रक्षा मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से बात करके हालात की पूरी जानकारी ली है। उन्होंने बताया कि स्थिति का जायजा लेने के लिए वे तुरंत लखनऊ के लिए रवाना हो रहे हैं।1
- लखनऊ के पुरनिया स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। यह एक अत्यंत दुखद घटना है जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस भीषण अग्निकांड की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तत्काल मौके पर पहुंचे और उन्होंने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। साथ ही, उन्होंने पुलिस महानिदेशक (DGP) को इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि घटना के कारणों और जिम्मेदारियों का पता लगाया जा सके। अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद यह गंभीर सवाल उठ खड़ा हुआ है कि आखिर इन दर्दनाक मौतों का जिम्मेदार कौन है।2