अपोलो हॉस्पिटल, जबलपुर में प्रेस वार्ता का आयोजन हुआ आज तक दर्द का मतलब था-दर्द की गोली। अब समय है दर्द की वजह का इलाज करने का। इसी सोच के साथ इंडियन सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ़ पेन (ISSP) द्वारा जबलपुर में यंग पेन फिजिशियन कॉन 2026 का आयोजन किया जा रहा है। देशभर से आए युवा पेन फिजिशियन ऐसे विशेषज्ञ हैं जो केवल दर्द कम नहीं करते, बल्कि दर्द के वास्तविक कारण की पहचान कर उसका वैज्ञानिक एवं आधुनिक उपचार करते हैं। इस सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें युवा एवं वरिष्ठ पेन फिजिशियन एक ही मंच पर अपने अनुभव, शोध एवं नवीन तकनीकों को साझा करेंगे। यह सम्मेलन दर्द चिकित्सा के क्षेत्र में ज्ञान, नवाचार और अनुभव का अनूठा संगम होगा। अपोलो हॉस्पिटल, जबलपुर आधुनिक दर्द चिकित्सा के अग्रणी केंद्रों में से एक है और इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। अस्पताल का उद्देश्य नवीनतम चिकित्सा तकनीकों, शोध एवं चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देना तथा मरीजों को विश्वस्तरीय दर्द उपचार उपलब्ध कराना है। यह जबलपुर लपुर के लिए गर्व का विषय है कि इस राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी का अवसर शहर को प्राप्त हुआ है। यह संभव हो सका है क्योंकि जबलपुर के वरिष्ठ पेन फिजिशियन डॉ. संजय खन्ना वर्तमान में इंडियन सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ़ पेन (ISSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनके नेतृत्व में पहली बार यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन अपोलो हॉस्पिटल, जबलपुर में आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में आज दिनांक 06 अगस्त 2026 को अपोलो हॉस्पिटल, जबलपुर में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हॉस्पिटल के सीईओ डॉ. पुनीत मेहता, डॉ. नीलेश रावल एवं श्री हरभजन सिंह सैनी उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने सम्मेलन के उद्देश्य, दर्द चिकित्सा के बदलते स्वरूप, आधुनिक उपचार पद्धतियों तथा जबलपुर में इस राष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उपस्थित पत्रकारों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देते हुए उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन के माध्यम से देशभर के विशेषज्ञों के बीच ज्ञान एवं अनुभव का आदान-प्रदान होगा, जिससे मरीजों को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक दर्द उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। प्रेस वार्ता में उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों ने भी सम्मेलन से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए वक्ताओं ने इस आयोजन को जबलपुर एवं मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों से शहर की चिकित्सा पहचान और अधिक मजबूत होगी तथा आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जन-जागरूकता भी बढ़ेगी।
अपोलो हॉस्पिटल, जबलपुर में प्रेस वार्ता का आयोजन हुआ आज तक दर्द का मतलब था-दर्द की गोली। अब समय है दर्द की वजह का इलाज करने का। इसी सोच के साथ इंडियन सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ़ पेन (ISSP) द्वारा जबलपुर में यंग पेन फिजिशियन कॉन 2026 का आयोजन किया जा रहा है। देशभर से आए युवा पेन फिजिशियन ऐसे विशेषज्ञ हैं जो केवल दर्द कम नहीं करते, बल्कि दर्द के वास्तविक कारण की पहचान कर उसका वैज्ञानिक एवं आधुनिक उपचार करते हैं। इस सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें युवा एवं वरिष्ठ पेन फिजिशियन एक ही मंच पर अपने अनुभव, शोध एवं नवीन तकनीकों को साझा करेंगे। यह सम्मेलन दर्द चिकित्सा के क्षेत्र में ज्ञान, नवाचार और अनुभव का अनूठा संगम होगा। अपोलो हॉस्पिटल, जबलपुर आधुनिक दर्द चिकित्सा के अग्रणी केंद्रों में से एक
है और इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। अस्पताल का उद्देश्य नवीनतम चिकित्सा तकनीकों, शोध एवं चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देना तथा मरीजों को विश्वस्तरीय दर्द उपचार उपलब्ध कराना है। यह जबलपुर लपुर के लिए गर्व का विषय है कि इस राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी का अवसर शहर को प्राप्त हुआ है। यह संभव हो सका है क्योंकि जबलपुर के वरिष्ठ पेन फिजिशियन डॉ. संजय खन्ना वर्तमान में इंडियन सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ़ पेन (ISSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनके नेतृत्व में पहली बार यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन अपोलो हॉस्पिटल, जबलपुर में आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में आज दिनांक 06 अगस्त 2026 को अपोलो हॉस्पिटल, जबलपुर में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हॉस्पिटल के सीईओ डॉ. पुनीत मेहता, डॉ. नीलेश रावल एवं श्री हरभजन सिंह सैनी उपस्थित रहे। प्रेस
वार्ता के दौरान उन्होंने सम्मेलन के उद्देश्य, दर्द चिकित्सा के बदलते स्वरूप, आधुनिक उपचार पद्धतियों तथा जबलपुर में इस राष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उपस्थित पत्रकारों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देते हुए उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन के माध्यम से देशभर के विशेषज्ञों के बीच ज्ञान एवं अनुभव का आदान-प्रदान होगा, जिससे मरीजों को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक दर्द उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। प्रेस वार्ता में उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों ने भी सम्मेलन से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए वक्ताओं ने इस आयोजन को जबलपुर एवं मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों से शहर की चिकित्सा पहचान और अधिक मजबूत होगी तथा आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जन-जागरूकता भी बढ़ेगी।
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- अपोलो हॉस्पिटल, जबलपुर में प्रेस वार्ता का आयोजन हुआ आज तक दर्द का मतलब था-दर्द की गोली। अब समय है दर्द की वजह का इलाज करने का। इसी सोच के साथ इंडियन सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ़ पेन (ISSP) द्वारा जबलपुर में यंग पेन फिजिशियन कॉन 2026 का आयोजन किया जा रहा है। देशभर से आए युवा पेन फिजिशियन ऐसे विशेषज्ञ हैं जो केवल दर्द कम नहीं करते, बल्कि दर्द के वास्तविक कारण की पहचान कर उसका वैज्ञानिक एवं आधुनिक उपचार करते हैं। इस सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें युवा एवं वरिष्ठ पेन फिजिशियन एक ही मंच पर अपने अनुभव, शोध एवं नवीन तकनीकों को साझा करेंगे। यह सम्मेलन दर्द चिकित्सा के क्षेत्र में ज्ञान, नवाचार और अनुभव का अनूठा संगम होगा। अपोलो हॉस्पिटल, जबलपुर आधुनिक दर्द चिकित्सा के अग्रणी केंद्रों में से एक है और इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। अस्पताल का उद्देश्य नवीनतम चिकित्सा तकनीकों, शोध एवं चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देना तथा मरीजों को विश्वस्तरीय दर्द उपचार उपलब्ध कराना है। यह जबलपुर लपुर के लिए गर्व का विषय है कि इस राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी का अवसर शहर को प्राप्त हुआ है। यह संभव हो सका है क्योंकि जबलपुर के वरिष्ठ पेन फिजिशियन डॉ. संजय खन्ना वर्तमान में इंडियन सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ़ पेन (ISSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनके नेतृत्व में पहली बार यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन अपोलो हॉस्पिटल, जबलपुर में आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में आज दिनांक 06 अगस्त 2026 को अपोलो हॉस्पिटल, जबलपुर में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हॉस्पिटल के सीईओ डॉ. पुनीत मेहता, डॉ. नीलेश रावल एवं श्री हरभजन सिंह सैनी उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने सम्मेलन के उद्देश्य, दर्द चिकित्सा के बदलते स्वरूप, आधुनिक उपचार पद्धतियों तथा जबलपुर में इस राष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उपस्थित पत्रकारों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देते हुए उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन के माध्यम से देशभर के विशेषज्ञों के बीच ज्ञान एवं अनुभव का आदान-प्रदान होगा, जिससे मरीजों को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक दर्द उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। प्रेस वार्ता में उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों ने भी सम्मेलन से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए वक्ताओं ने इस आयोजन को जबलपुर एवं मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों से शहर की चिकित्सा पहचान और अधिक मजबूत होगी तथा आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जन-जागरूकता भी बढ़ेगी।3
- अमर शहीद वीरांगना महारानी अवंती बाई लोधी जी का जन्म उत्सव 16 अगस्त 2026 बमचक पैलेस गुन्नौर में मनाया जाएगा जिसमें मुख्य अतिथि श्री दामोदर सिंह यादव विशिष्ट अतिथि कमलेश भाई पटेल एवं अध्यक्ष श्री राम लोधी जी2
- मनचलों की अब खैर नहीं! जबलपुर पुलिस का 'गरिमा अभियान' शुरू, छात्राओं का पीछा करने वाले संदिग्धों पर कार्रवाई; देखें वीडियो जबलपुर। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जबलपुर पुलिस ने 'गरिमा अभियान' के तहत मनचलों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ विशेष कार्रवाई शुरू की है। अभियान के तहत स्कूलों और कॉलेजों के बाहर आकस्मिक चेकिंग कर छात्राओं को परेशान करने वाले युवकों पर शिकंजा कसा जा रहा हैएएसपी अनु बेनीवाल ने बताया कि इससे पहले पुलिस ने देह व्यापार के अड्डों, कैबिन वाले रेस्टोरेंट्स और पीसीपीएनडीटी एक्ट से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई की थी। अब अभियान के दायरे में स्कूल और कॉलेजों के आसपास का क्षेत्र भी शामिल किया गया हैइसी क्रम में रानी दुर्गावती स्कूल के बाहर पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया, जहां कई संदिग्ध युवक बिना हेलमेट और बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिलों पर घूमते मिले। पुलिस द्वारा छात्राओं से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि ऐसे मनचले अक्सर उनका पीछा करते हैं और परेशान करते हैं पुलिस ने तत्काल ऐसे युवकों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। एएसपी अनु बेनीवाल ने साफ कहा कि छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि 'गरिमा अभियान' आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि बेटियों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण मिल सके2