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हमारे यहां की रोड की बहुत बुरी हालत है
Rahul Verma
हमारे यहां की रोड की बहुत बुरी हालत है
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- पुलिस थाना सदर गंगापुर सिटी में सीएलजी एवं सुरक्षा सखी सदस्यों की बैठक आयोजित। सुश्री ज्यैष्ठा मैत्रेयी जिला पुलिस अधीक्षक ने आमजन से संवाद कर सुनी समस्याएं। अपराध नियंत्रण एवं महिला सुरक्षा को लेकर दिए आवश्यक निर्देश- सवाई माधोपुर पुलिस एवं आमजन के बीच बेहतर समन्वय, संवाद एवं सहभागिता को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस थाना सदर गंगापुर सिटी में सीएलजी (Community Liaison Group) एवं सुरक्षा सखी सदस्यों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक सवाई माधोपुर ने स्वयं उपस्थित होकर सीएलजी सदस्यों, सुरक्षा सखियों एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों से संवाद किया तथा क्षेत्र की कानून-व्यवस्था एवं आमजन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान उपस्थित सीएलजी सदस्यों एवं सुरक्षा सखियों से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति, अपराध की प्रवृत्तियों, महिला एवं बाल सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, नशे की रोकथाम तथा आमजन की पुलिस से अपेक्षाओं के संबंध में जानकारी ली। साथ ही उपस्थित सदस्यों द्वारा बताई गई समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना गया।1
- हमारे यहां की रोड की बहुत बुरी हालत है1
- सावन के तीसरे सोमवार को घुश्मेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब शिवाड़। सावन माह के तीसरे सोमवार को शिवाड़ स्थित प्रसिद्ध घुश्मेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिनभर जारी रहा। भक्तों ने भगवान घुश्मेश्वर महादेव के दर्शन कर जलाभिषेक एवं दुग्धाभिषेक किया और सुख-समृद्धि की कामना की। सावन सोमवार के चलते मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ को बेलपत्र, धतूरा, पुष्प एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित की। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजता रहा। भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यवस्थाएं की गईं। दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान घुश्मेश्वर महादेव के दर्शन के लिए शिवाड़ पहुंचे।1
- बनास नदी में हो रहे बड़े बड़े घड़े ओर वाहन चालक को ख़तरा बनास नदी में हो रहे बड़े बड़े घड़े1
- बिच्छीदोना गांव में आतंकी पैंथर पिंजरे में बंद: मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के बिच्छीदोना गांव में आतंकी पैंथर पिंजरे में बंद वन नाका मलारना डूंगर ने किया रेस्क्यू रणथंभौर के जंगलों में छोड़ा जाएगा आतंकी पैंथर मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के बिच्छीदोना गांव में आतंकी पैंथर पिंजरे में बंद वन नाका मलारना डूंगर ने किया रेस्क्यू रणथंभौर के जंगलों में छोड़ा जाएगा आतंकी पैंथर बिच्छीदोना गांव में कई दिनों से आतंक मचा रहे पैंथर को आखिरकार पिंजरे में बंद होना पड़ा 20-25 दिनों से लगातार गाय की छोटी बछड़ीयो, भेड़ बकरियां एवं कुत्तों को आये दिन अपना शिकार बना रहा था जिस गांव में दहशत का माहौल था इसके बाद ग्रामीणों ने कई बार वन विभाग को सूचना दी वन विभाग ने रेस्क्यू करने की भी कोशिश की लेकिन पैंथर पकड़ में नहीं आया जिसकी खबर पहले भी दैनिक भास्कर में चलाई गई तथा वन विभाग के द्वारा कई दिनों से पिंजरा लगाया गया जिसमें आज सुबह ही खूंखार पैंथर बंद हो गया इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ लग गई ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग के फॉरेस्टर कमलेश कुमार को दी कमलेश कुमार मय टीम के साथ बिच्छीदोना गांव पहुंचे और पैंथर को रेस्क्यू कर मलारना डूंगर वन नाका लाया गया फॉरेस्टर कमलेश कुमार ने बताया की पैंथर की सूचना वन विभाग के उच्च अधिकारियों को दे दी है पैंथर को रणथंभौर के जंगलों में छोड़ा जाएगा वही ग्रामीणों ने बताया कि अभी गांव के आसपास एक और पैंथर का मूवमेंट बना हुआ है जिस पर फॉरेस्टर कमलेश कुमार ने कहां की जल्दी दूसरे पैंथर को भी पिंजरा लगाकर रेस्क्यू किया जाएगा1
- निर्माणाधीन ईआरसीपी प्लांट में बड़ा हादसा: एक-एक कर गिरीं तीनों चिमनियां, मजदूर की मौत, एक गंभीर घायल लाखेरी - उपखंड क्षेत्र के गुहाटा गांव में निर्माणाधीन ईआरसीपी प्लांट की कंस्ट्रक्शन यूनिट में सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। यूनिट में लगी तीनों चिमनियां (सोयला) एक-एक कर नीचे गिर गईं। चिमनियों की चपेट में आने से वहां काम कर रहे दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। दोनों घायलों को तत्काल रेस्क्यू कर उपचार के लिए कोटा ले जाया गया, जहां देर शाम उपचार के दौरान एक मजदूर की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार गुहाटा गांव में ईआरसीपी परियोजना के निर्माण कार्य के तहत कंस्ट्रक्शन यूनिट में चिमनियां लगी हुई थीं। सोमवार को अचानक एक चिमनी से संबंधित उपकरण में तकनीकी खराबी आने के बाद वह गिर गई। इसके बाद एक-एक कर तीनों चिमनियां नीचे आ गिरीं। अचानक हुए हादसे से मौके पर मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। लंच के समय हुआ हादसा, टला बड़ा नुकसान बताया जा रहा है कि हादसे के समय मध्याह्न भोजन अवकाश चल रहा था। इसके चलते सामान्य समय की तुलना में मौके पर मजदूरों की संख्या कम थी। इसी वजह से बड़ा जनहानि का हादसा टल गया। हालांकि चिमनियों की चपेट में आने से दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में सावरिया गुर्जर (20) निवासी दुगार, जिला चित्तौड़गढ़ और राम मुकेश नागर (38) निवासी जजावर, जिला बूंदी घायल हुए। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने तत्काल दोनों को मलबे से बाहर निकाला और प्राथमिक सहायता के बाद उपचार के लिए कोटा भेजा। इलाज के दौरान एक मजदूर ने तोड़ा दम दोनों घायलों को कोटा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया। देर शाम उपचार के दौरान सावरिया गुर्जर की मौत हो गई। वहीं राम मुकेश नागर की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका उपचार जारी है। प्रशासन-पुलिस की टीम पहुंची मौके पर हादसे की सूचना मिलते ही लाखेरी के नायब तहसीलदार जगदीश शर्मा मौके पर पहुंचे। देईखेड़ा पुलिस थाने से भी पुलिस जाप्ता घटनास्थल पर पहुंचा और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए एंबुलेंस एवं मेडिकल टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जो देर शाम तक घटनास्थल पर मौजूद रही। हादसे के कारणों की होगी जांच तीनों चिमनियों के एक के बाद एक गिरने से निर्माण कार्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक तौर पर एक उपकरण के काम करना बंद करने के बाद चिमनी गिरने की बात सामने आ रही है। हालांकि हादसे का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। प्लांट मैनेजर श्री निवास रेड्डी ने घटना के कारणों की जांच कराने की बात कही है। प्रशासन और पुलिस द्वारा भी घटनास्थल से आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है।3
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- सवाई माधोपुर से खबर मलारना चोड़ स्थित सीएससी को उसके मूल स्थान पर उन्हें संचालित करने की मांग। एंकर- सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय के मलारना चोड़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को मूल स्थान पर फिर से संचालित करने की मांग को लेकर आज ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नाम ज्ञापन सोपा। नवनिर्मित ट्रॉमा सेंटर का नियमित संचालन करवाने की मांग को लेकर अपनी बात जिला प्रशासन के समक्ष रखी ग्रामीणों का आरोप है कि मलारना चोड़ में क्षेत्रवासियों की चिकित्सा सुविधा के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएससी पूर्व में अपने मूल स्थान पर संचालित था जहां आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध होने के कारण क्षेत्र की जनता को नियमित चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो रही थी लेकिन वर्तमान में CHC को उसके मूल स्थान से हटाकर नवनिर्मित ट्रॉमा सेंटर भवन में संचालित किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर ट्रॉमा सेंटर भवन का निर्माण पूर्ण हुए काफी समय बीत जाने के बावजूद इसका नियमित रूप से संचालन नहीं किया जा रहा ऐसे में ट्रॉमा सेंटर को चालू करने की मांग ग्रामीणों ने रखी ताकि जनता को अपेक्षित आपातकालीन एवं ट्रॉमा चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सके ग्रामीणों का कहना है कि ट्रॉमा सेंटर का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं एवं अन्य गंभीर आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को तत्काल प्राथमिक एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके वर्तमान स्थिति में गंभीर दुर्घटना एवं आपातकालीन मरीजों को बेहतर उपचार के लिए दुरुस्त अस्पतालों में विशेष कर जयपुर आदि स्थानों पर रेफर करना पड़ता है ऐसे में लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर दूरी तय करने के दौरान बहुमूल्य समय नष्ट होने से गंभीर मरीजों के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है ऐसे में इस मामले को अत्यंत चिंताजनक एवं गंभीर जनहित का विषय मानकर फिर से ट्रॉमा सेंटर को चालू करवाया जाए। समय रहते ग्रामीणों की बात नहीं माने जाने पर आंदोलन की व भूखहड़ताल पर बैठने की चेतावनी जिला प्रशासन को आज ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर दी। बाइट 1 ग्रामीण1