जल सहेजेंगे तो कल बचेगा: पटेहरा में विधायक रीती पाठक ने किया श्रमदान 2. सूखा नदी के पुनरुद्धार के लिए उठी कुदाल, भाजपा विधायक ने ग्रामीणों को दिलाया जल संरक्षण का संकल्प 3. मुख्यमंत्री जन गंगा संवर्धन अभियान: सीधी में जन-भागीदारी से जल क्रांति का आगाज सीधी | पटेहरा (प्रतिनिधि): प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के आह्वान पर समूचे मध्य प्रदेश में जल स्रोतों के संरक्षण का महाभियान जारी है। इसी कड़ी में सीधी विधानसभा क्षेत्र की विधायक रीती पाठक के नेतृत्व में ग्राम पंचायत पटेहरा में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत एक विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहाँ न केवल जल बचाने की बात हुई, बल्कि विधायक ने स्वयं पसीना बहाकर जनता को श्रमदान के लिए प्रेरित किया। सूखा नदी पर चला श्रमदान का जज्बा कार्यक्रम के दौरान विधायक रीती पाठक ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ मिलकर सूखा नदी के तट पर श्रमदान किया। उन्होंने फावड़ा चलाकर यह संदेश दिया कि जल स्रोतों को जीवित रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा, "जल ही जीवन का आधार है, यदि आज हम नदियों और जलधाराओं को नहीं बचाएंगे, तो आने वाली पीढ़ी को रेगिस्तान विरासत में मिलेगा।" दिग्गजों की मौजूदगी में गूंजा संकल्प इस अवसर पर सांसद राजेश मिश्रा ने भी जल संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में विधायक ने सभी ग्रामीणों को हाथ उठाकर जल बचाने और जल स्रोतों को प्रदूषित न करने की शपथ दिलाई। प्रमुख उपस्थिति: इस अभियान में मुख्य रूप से विश्वबंधु धर द्विवेदी, मनीला सिंह, पुष्पराज सिंह, पंकज पाण्डेय, जनपद सदस्य नीतू सिंह, सरपंच सोनिया कोल, बृजेश सिंह, मुगलेश जायसवाल एवं प्रदीप सिंह सहित भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। प्रशासनिक अमला भी रहा मुस्तैद अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सोलंकी और जनपद पंचायत सीईओ चंदू लाल पनिका भी उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने जल संवर्धन की तकनीकी योजनाओं की जानकारी साझा की। "जल गंगा संवर्धन अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह जन-जन का आंदोलन है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप हम सीधी के हर जल स्रोत को पुनर्जीवित करने के लिए संकल्पित हैं।" — रीती पाठक, विधायक, सीधी
जल सहेजेंगे तो कल बचेगा: पटेहरा में विधायक रीती पाठक ने किया श्रमदान 2. सूखा नदी के पुनरुद्धार के लिए उठी कुदाल, भाजपा विधायक ने ग्रामीणों को दिलाया जल संरक्षण का संकल्प 3. मुख्यमंत्री जन गंगा संवर्धन अभियान: सीधी में जन-भागीदारी से जल क्रांति का आगाज सीधी | पटेहरा (प्रतिनिधि): प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के आह्वान पर समूचे मध्य प्रदेश में जल स्रोतों के संरक्षण का महाभियान जारी है। इसी कड़ी में सीधी विधानसभा क्षेत्र की विधायक रीती पाठक के नेतृत्व में ग्राम पंचायत पटेहरा में 'जल गंगा संवर्धन
अभियान' के तहत एक विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहाँ न केवल जल बचाने की बात हुई, बल्कि विधायक ने स्वयं पसीना बहाकर जनता को श्रमदान के लिए प्रेरित किया। सूखा नदी पर चला श्रमदान का जज्बा कार्यक्रम के दौरान विधायक रीती पाठक ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ मिलकर सूखा नदी के तट पर श्रमदान किया। उन्होंने फावड़ा चलाकर यह संदेश दिया कि जल स्रोतों को जीवित रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा, "जल ही जीवन का
आधार है, यदि आज हम नदियों और जलधाराओं को नहीं बचाएंगे, तो आने वाली पीढ़ी को रेगिस्तान विरासत में मिलेगा।" दिग्गजों की मौजूदगी में गूंजा संकल्प इस अवसर पर सांसद राजेश मिश्रा ने भी जल संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में विधायक ने सभी ग्रामीणों को हाथ उठाकर जल बचाने और जल स्रोतों को प्रदूषित न करने की शपथ दिलाई। प्रमुख उपस्थिति: इस अभियान में मुख्य रूप से विश्वबंधु धर द्विवेदी, मनीला सिंह, पुष्पराज सिंह, पंकज पाण्डेय, जनपद सदस्य नीतू सिंह, सरपंच सोनिया कोल, बृजेश सिंह, मुगलेश जायसवाल
एवं प्रदीप सिंह सहित भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। प्रशासनिक अमला भी रहा मुस्तैद अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सोलंकी और जनपद पंचायत सीईओ चंदू लाल पनिका भी उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने जल संवर्धन की तकनीकी योजनाओं की जानकारी साझा की। "जल गंगा संवर्धन अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह जन-जन का आंदोलन है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप हम सीधी के हर जल स्रोत को पुनर्जीवित करने के लिए संकल्पित हैं।" — रीती पाठक, विधायक, सीधी
- Post by Rajendra rajak1
- सिंगरौली/चितरंगी। विंध्य क्षेत्र की एक साहसी बेटी का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तूफान मचा रहा है। बघेली भाषा में अपनी बात रखते हुए इस महिला ने सीधे तौर पर उन लोगों को चुनौती दी है जो उसकी आवाज को दबाना चाहते हैं। वीडियो में महिला ने साफ कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी यह जंग तब तक जारी रहेगी, जब तक गांव के आखिरी घर तक सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं पहुंच जाता। "साजिशों से नहीं डरती बघेलखंड की शेरनी" महिला ने वीडियो में आरोप लगाया है कि जब से उसने जनता के अधिकारों के लिए आवाज उठानी शुरू की है, तब से उसके खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं। उसने कहा, "जब जनता की आवाज उठती है, तो किसी न किसी को मिर्ची जरूर लगती है।" महिला ने स्पष्ट किया कि वह कोई डॉक्टर या इंजीनियर नहीं है, बल्कि एक साधारण ग्रामीण महिला है जो अपने क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और विकास की कमी को देख रही है। डॉ. मोहन यादव की सरकार और जमीनी हकीकत महिला ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ऊपर से तो सुविधाएं भेज रही है, लेकिन भ्रष्टाचार की वजह से वह आम जनता तक नहीं पहुंच पा रही हैं। उसने कहा कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में वह सोशल मीडिया का उपयोग कर सच्चाई को सबके सामने लाएगी। संविधान की धारा 19 का दिया हवाला अपने तेवरों से विरोधियों को पस्त करते हुए महिला ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 का जिक्र किया। उसने कहा कि संविधान ने उसे बोलने, लड़ने और संघर्ष करने की आजादी दी है। बघेली अंदाज में उसने चेतावनी दी, "अपना पचे चाहे जितना साजिश कर लेई, लेकिन हमार मुंह बंद न होई।" विंध्य बलराम न्यूज ऐसी जांबाज आवाजों का समर्थन करता है जो समाज में बदलाव और विकास के लिए खड़ी होती हैं।1
- मामा की समझाइश बनी मौत की वजह: भांजे ने डंडे से पीट-पीटकर की हत्या रीवा जिले के पनवार थाना अंतर्गत मदरी गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां भांजे ने अपने ही मामा की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई है। जानकारी के अनुसार, मृतक मामा ने अपने भांजे की शादी तय कराई थी, जो इसी महीने होने वाली थी। लेकिन भांजा इस शादी से खुश नहीं था और वह पिछले कई दिनों से अपने माता-पिता से इस बात को लेकर विवाद कर रहा था। बताया जा रहा है कि भांजे के माता-पिता ने स्थिति को संभालने के लिए जवा-भनिगवां से मामा को मदरी गांव बुलाया था, ताकि वह भांजे को समझा सके। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि भांजे ने गुस्से में आकर मामा पर डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पनवार पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी भांजे को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, शव को पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल जवा भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- Post by Bablu Namdev1
- मऊगंज में NH 135 पर सड़क हादसे का खौफनाक ‘लाइव वीडियो’ : मौत की रेस का वो आखिरी मंजर, जिसे देख कांप उठेगा हर दिल, स्टंटबाजी और चीखों के बीच ट्रेलर से टकराकर एक ही परिवार के तीन सगे भाइयों की दर्दनाक मौत, कैमरे में कैद हुआ जिंदगी का आखिरी पल! रिपोर्ट — दीपक सिंह गहरवार विस्तार न्यूज़ मऊगंज मो.89650741301
- NDTV की खबर का असर: DEO समेत कई अधिकारी पर FIR, सिंगरौली शिक्षा विभाग में करोड़ों के घोटाले पर लोकायुक्त सख्त #singraulinews #MPNews #CrimeNews #school1
- सिंगरौली जिले के बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र में लूट के वारदात के बारे में पुलिस अधीक्षक का बयान,1
- सीधी। जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र कुसमी जनपद के पोड़ी बस्तुआ में उस समय एक सुखद और भावुक दृश्य देखने को मिला, जब जिले के मुखिया कलेक्टर विकास मिश्रा ने सादगी की मिसाल पेश की। कलेक्टर ने न केवल छात्रावास का औचक निरीक्षण किया, बल्कि वहां रह रहे छात्रों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन भी साझा किया। छात्र की प्रतिभा देख गदगद हुए कलेक्टर निरीक्षण के दौरान कलेक्टर विकास मिश्रा ने छात्रावास में रह रहे छात्र सत्यम से बातचीत की। छात्र की बुद्धिमत्ता और पढ़ाई के प्रति उसकी लगन देखकर कलेक्टर इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने तुरंत सत्यम के पिता को फोन लगाया। पिता से बोले- "आपका बेटा बहुत होशियार है" फोन पर बातचीत के दौरान कलेक्टर ने खुद का परिचय देते हुए कहा, “नमस्ते, मैं सीधी कलेक्टर बोल रहा हूं। मैं आज आपके बेटे सत्यम से मिलने आया था। आपका बेटा पढ़ाई में बहुत होशियार है, इसे आप अच्छे से पढ़ाते रहना।” कलेक्टर ने छात्र के पिता को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वे बिल्कुल भी चिंता न करें और बच्चे की पढ़ाई में किसी भी प्रकार की समस्या आने पर उन्हें सीधे सूचित करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन छात्र की पढ़ाई के लिए हर संभव मदद करेगा। सादगी ने जीता सबका दिल पूरी बातचीत के दौरान कलेक्टर विकास मिश्रा जमीन पर बैठकर भोजन करते रहे। उनकी इस संवेदनशीलता और सादगी की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। लोगों का कहना है कि एक प्रशासनिक अधिकारी का इस तरह बच्चों के बीच जाकर उनसे जुड़ना और उनके अभिभावकों को प्रोत्साहित करना, जिले में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाई प्रदान करेगा। अंत में कलेक्टर ने सत्यम की बात उसके पिता से कराई और बच्चे को उज्जवल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया। मुख्य बातें: स्थान: पोड़ी बस्तुआ छात्रावास, कुसमी जनपद। उद्देश्य: छात्रों का मनोबल बढ़ाना और शिक्षा व्यवस्था का जायजा लेना। संदेश: "बच्चा बहुत आगे जाएगा, बस आप मेहनत करते रहें और उसकी पढ़ाई मत रुकने दें।"1