अबैध शराब पैकारी से शुष्क दिवस पर भी शराबीयों की बड़ी संख्या दशहरे के पावन त्योहार पर शराब के नशे में झूमते गिरते नजर आए शरावी दशहरे के पावन पर्व पर शराब का कहर, सड़कों पर शराब के नशे में झूमते शराबी, सडकों में कलह बिरसिंहपुर/पाली दशहरा के पावन पर्व में बिरसिंहपुर पाली क्षेत्र में शराबखोरी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। त्योहार के दौरान लाइसेंसी शराब दुकानें बंद होने के बावजूद गली-गली में अवैध रूप से शराब की आपूर्ति जारी रही, क्योंकि लाइसेंसी शराब ठेकेदारो ने पहले ही पर्करी के माध्यम से गली-गली और अपने छोटे दुकानदार जैसे घरों होटल पान की दुकानों ढाबों में शराब पहुंचा दी थी जिसके चलते शुष्क दिवस घोषित होने के कारण भी क्षेत्र में नशेड़ियों का सड़कों पर शराब पीकर घूमना गिरना, आपसी मारपीट और घरेलू कलह की घटनाएं तेजी से बढ़ गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब जिला आबकारी विभाग की मिली भगत है क्योंकि आबकारी विभाग इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, दशहरे के दिन शासकीय नियमानुसार शराब दुकानें बंद रखी गई थीं, लेकिन ठेकेदारों द्वारा पहले से ही पैकारी के माध्यम से शराब को गांव गांव और कस्बे के हर मोहल्ले में चोरी-छिपे बेचा गया। परिणाम यह हुआ कि त्योहार की खुशी मातम में बदल गई। कई जगहों पर शराब के नशे में धुत लोग सड़क किनारे झूमते और गिरे हुए देखे गए। राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे चिंताजनक स्थिति छात्र और युवा वर्ग को लेकर सामने आई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नशे की हालत में युवकों के बीच गाली-गलौज और मारपीट की घटनाएं हुईं। कई घरों में शराब पीकर आने पर पति-पत्नी और परिवार के सदस्यों के बीच झगड़े हुए, जिससे त्योहार का माहौल तनावपूर्ण हो गया। महिलाओं ने इस अवैध बिक्री पर गहरा रोष व्यक्त किया है। जब इस संबंध में जिला आबकारी विभाग के अधिकारियों से फोन पर बात करने का प्रयास किया गया, तो अधिकारियों का जवाब हैरान कर देने वाला है ।सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि "अगर शराब नहीं बिकेगी और हमारे द्वारा पाइकारी पर रोक लगाई जाएगी तो शराब के लाइसेंसी ठेकेदार दुकान बंद करके चाबी हमारे टेबल में फेंक कर चले जाएंगे तो राजस्व कहां से आएगा।" इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि विभाग राजस्व के लालच में अवैध पैकारी अवैध बिक्री पर आंखें मूंदे हुए है। नियमों के मुताबिक, शुष्क दिवस (ड्राई डे) पर शराब की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित होती है। इस लिए बिरसिंहपुर पाली के शराब ठेकेदारों के एजेंटों द्वारा शराब पैकारी के माध्यम से पहले ही घर-घर गांव गांव ढाबों में शराब पहुंचाई दी गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि आबकारी अमले को इसकी पूरी जानकारी थी। कि गांव गांव में ढाबों में दुकानों में शराब पहुंचाई जा रही है लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। कभी-कभार छोटे विक्रेताओं को पकड़कर बड़ी मछलियों को बचा लिया जाता है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस अवैध कारोबार से न केवल कानून व्यवस्था बिगड़ रही है, बल्कि युवा पीढ़ी भी नशे की गिरफ्त में आती जा रही है। स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और कलेक्टर से मांग की है कि बिरसिंहपुर पाली में अवैध शराब पैकारी बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए। दोषी ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त किए जाएं और लापरवाह आबकारी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो आने वाले दिनों में कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है। फिलहाल, आबकारी विभाग की चुप्पी किस यह सब जाहिर होता है कि राजस्व के लिए आबकारी विभाग अपने ही संरक्षण पर पैकारी का कारोबार करवा रही। बिरसिंहपुर पाली में बढ़ती शराब खोरी के कारण आबकारी विभाग के ऊपर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे है। क्या राजस्व के लिए नियमों को ताक पर रख दिया जाएगा? क्या आम जनता की सुरक्षा से ज्यादा जरूरी शराब से होने वाली कमाई है? इन सवालों का जवाब जिला प्रशासन को देना होगा।
अबैध शराब पैकारी से शुष्क दिवस पर भी शराबीयों की बड़ी संख्या दशहरे के पावन त्योहार पर शराब के नशे में झूमते गिरते नजर आए शरावी दशहरे के पावन पर्व पर शराब का कहर, सड़कों पर शराब के नशे में झूमते शराबी, सडकों में कलह बिरसिंहपुर/पाली दशहरा के पावन पर्व में बिरसिंहपुर पाली क्षेत्र में शराबखोरी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। त्योहार के दौरान लाइसेंसी शराब दुकानें बंद होने के बावजूद गली-गली में अवैध रूप से शराब की आपूर्ति जारी रही, क्योंकि लाइसेंसी शराब ठेकेदारो ने पहले ही पर्करी के माध्यम से गली-गली और अपने छोटे दुकानदार जैसे घरों होटल पान की दुकानों ढाबों में शराब पहुंचा दी थी जिसके चलते शुष्क दिवस घोषित होने के कारण भी क्षेत्र में नशेड़ियों का सड़कों पर शराब पीकर घूमना गिरना, आपसी मारपीट और घरेलू कलह की घटनाएं तेजी से बढ़ गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब जिला आबकारी विभाग की मिली भगत है क्योंकि आबकारी विभाग इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, दशहरे के
दिन शासकीय नियमानुसार शराब दुकानें बंद रखी गई थीं, लेकिन ठेकेदारों द्वारा पहले से ही पैकारी के माध्यम से शराब को गांव गांव और कस्बे के हर मोहल्ले में चोरी-छिपे बेचा गया। परिणाम यह हुआ कि त्योहार की खुशी मातम में बदल गई। कई जगहों पर शराब के नशे में धुत लोग सड़क किनारे झूमते और गिरे हुए देखे गए। राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे चिंताजनक स्थिति छात्र और युवा वर्ग को लेकर सामने आई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नशे की हालत में युवकों के बीच गाली-गलौज और मारपीट की घटनाएं हुईं। कई घरों में शराब पीकर आने पर पति-पत्नी और परिवार के सदस्यों के बीच झगड़े हुए, जिससे त्योहार का माहौल तनावपूर्ण हो गया। महिलाओं ने इस अवैध बिक्री पर गहरा रोष व्यक्त किया है। जब इस संबंध में जिला आबकारी विभाग के अधिकारियों से फोन पर बात करने का प्रयास किया गया, तो अधिकारियों का जवाब हैरान कर देने वाला है ।सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि "अगर
शराब नहीं बिकेगी और हमारे द्वारा पाइकारी पर रोक लगाई जाएगी तो शराब के लाइसेंसी ठेकेदार दुकान बंद करके चाबी हमारे टेबल में फेंक कर चले जाएंगे तो राजस्व कहां से आएगा।" इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि विभाग राजस्व के लालच में अवैध पैकारी अवैध बिक्री पर आंखें मूंदे हुए है। नियमों के मुताबिक, शुष्क दिवस (ड्राई डे) पर शराब की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित होती है। इस लिए बिरसिंहपुर पाली के शराब ठेकेदारों के एजेंटों द्वारा शराब पैकारी के माध्यम से पहले ही घर-घर गांव गांव ढाबों में शराब पहुंचाई दी गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि आबकारी अमले को इसकी पूरी जानकारी थी। कि गांव गांव में ढाबों में दुकानों में शराब पहुंचाई जा रही है लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। कभी-कभार छोटे विक्रेताओं को पकड़कर बड़ी मछलियों को बचा लिया जाता है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस अवैध कारोबार से न केवल कानून व्यवस्था बिगड़ रही है, बल्कि युवा पीढ़ी भी नशे की गिरफ्त में
आती जा रही है। स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और कलेक्टर से मांग की है कि बिरसिंहपुर पाली में अवैध शराब पैकारी बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए। दोषी ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त किए जाएं और लापरवाह आबकारी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो आने वाले दिनों में कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है। फिलहाल, आबकारी विभाग की चुप्पी किस यह सब जाहिर होता है कि राजस्व के लिए आबकारी विभाग अपने ही संरक्षण पर पैकारी का कारोबार करवा रही। बिरसिंहपुर पाली में बढ़ती शराब खोरी के कारण आबकारी विभाग के ऊपर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे है। क्या राजस्व के लिए नियमों को ताक पर रख दिया जाएगा? क्या आम जनता की सुरक्षा से ज्यादा जरूरी शराब से होने वाली कमाई है? इन सवालों का जवाब जिला प्रशासन को देना होगा।
- अबैध शराब पैकारी से शुष्क दिवस पर भी शराबीयों की बड़ी संख्या दशहरे के पावन त्योहार पर शराब के नशे में झूमते गिरते नजर आए शरावी दशहरे के पावन पर्व पर शराब का कहर, सड़कों पर शराब के नशे में झूमते शराबी, सडकों में कलह बिरसिंहपुर/पाली दशहरा के पावन पर्व में बिरसिंहपुर पाली क्षेत्र में शराबखोरी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। त्योहार के दौरान लाइसेंसी शराब दुकानें बंद होने के बावजूद गली-गली में अवैध रूप से शराब की आपूर्ति जारी रही, क्योंकि लाइसेंसी शराब ठेकेदारो ने पहले ही पर्करी के माध्यम से गली-गली और अपने छोटे दुकानदार जैसे घरों होटल पान की दुकानों ढाबों में शराब पहुंचा दी थी जिसके चलते शुष्क दिवस घोषित होने के कारण भी क्षेत्र में नशेड़ियों का सड़कों पर शराब पीकर घूमना गिरना, आपसी मारपीट और घरेलू कलह की घटनाएं तेजी से बढ़ गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब जिला आबकारी विभाग की मिली भगत है क्योंकि आबकारी विभाग इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, दशहरे के दिन शासकीय नियमानुसार शराब दुकानें बंद रखी गई थीं, लेकिन ठेकेदारों द्वारा पहले से ही पैकारी के माध्यम से शराब को गांव गांव और कस्बे के हर मोहल्ले में चोरी-छिपे बेचा गया। परिणाम यह हुआ कि त्योहार की खुशी मातम में बदल गई। कई जगहों पर शराब के नशे में धुत लोग सड़क किनारे झूमते और गिरे हुए देखे गए। राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे चिंताजनक स्थिति छात्र और युवा वर्ग को लेकर सामने आई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नशे की हालत में युवकों के बीच गाली-गलौज और मारपीट की घटनाएं हुईं। कई घरों में शराब पीकर आने पर पति-पत्नी और परिवार के सदस्यों के बीच झगड़े हुए, जिससे त्योहार का माहौल तनावपूर्ण हो गया। महिलाओं ने इस अवैध बिक्री पर गहरा रोष व्यक्त किया है। जब इस संबंध में जिला आबकारी विभाग के अधिकारियों से फोन पर बात करने का प्रयास किया गया, तो अधिकारियों का जवाब हैरान कर देने वाला है ।सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि "अगर शराब नहीं बिकेगी और हमारे द्वारा पाइकारी पर रोक लगाई जाएगी तो शराब के लाइसेंसी ठेकेदार दुकान बंद करके चाबी हमारे टेबल में फेंक कर चले जाएंगे तो राजस्व कहां से आएगा।" इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि विभाग राजस्व के लालच में अवैध पैकारी अवैध बिक्री पर आंखें मूंदे हुए है। नियमों के मुताबिक, शुष्क दिवस (ड्राई डे) पर शराब की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित होती है। इस लिए बिरसिंहपुर पाली के शराब ठेकेदारों के एजेंटों द्वारा शराब पैकारी के माध्यम से पहले ही घर-घर गांव गांव ढाबों में शराब पहुंचाई दी गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि आबकारी अमले को इसकी पूरी जानकारी थी। कि गांव गांव में ढाबों में दुकानों में शराब पहुंचाई जा रही है लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। कभी-कभार छोटे विक्रेताओं को पकड़कर बड़ी मछलियों को बचा लिया जाता है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस अवैध कारोबार से न केवल कानून व्यवस्था बिगड़ रही है, बल्कि युवा पीढ़ी भी नशे की गिरफ्त में आती जा रही है। स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और कलेक्टर से मांग की है कि बिरसिंहपुर पाली में अवैध शराब पैकारी बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए। दोषी ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त किए जाएं और लापरवाह आबकारी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो आने वाले दिनों में कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है। फिलहाल, आबकारी विभाग की चुप्पी किस यह सब जाहिर होता है कि राजस्व के लिए आबकारी विभाग अपने ही संरक्षण पर पैकारी का कारोबार करवा रही। बिरसिंहपुर पाली में बढ़ती शराब खोरी के कारण आबकारी विभाग के ऊपर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे है। क्या राजस्व के लिए नियमों को ताक पर रख दिया जाएगा? क्या आम जनता की सुरक्षा से ज्यादा जरूरी शराब से होने वाली कमाई है? इन सवालों का जवाब जिला प्रशासन को देना होगा।4
- बिरसिंहपुर पाली में दशहरे की धूम, 17 झांकियों ने मोहा लोगों का मन नगर पालिका द्वारा निकाला गया भव्य दशहरा जुलूस, काली नृत्य और संगीत दल रहे आकर्षण का केंद्र लोकेशन – उमरिया, बिरसिंहपुर पाली रिपोर्टर – श्याम गुप्ता बिरसिंहपुर पाली। उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली नगर में दशहरा पर्व हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर पालिका पाली द्वारा भव्य दशहरा जुलूस एवं आकर्षक झांकियों का आयोजन किया गया। जुलूस में शामिल करीब 17 झांकियों, चार संगीत दलों और काली नृत्य दल ने लोगों का मन मोह लिया। इस भव्य आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में नगरवासी एवं आसपास के क्षेत्रों से आए लोग उमड़े। दशहरा जुलूस में भगवान गणेश, माता लक्ष्मी, मां दुर्गा, भगवान श्रीराम, लक्ष्मण एवं माता सीता सहित रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद की आकर्षक झांकियां प्रदर्शित की गईं। धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से पूरा नगर भक्तिमय और उत्सवी माहौल में सराबोर नजर आया। झांकियों के साथ चल रहे संगीत दलों और काली नृत्य की प्रस्तुतियों ने आयोजन में चार चांद लगा दिए। नगर पालिका की व्यवस्था की लोगों ने की सराहना नगर पालिका पाली द्वारा आयोजित दशहरा जुलूस एवं झांकी कार्यक्रम को लेकर नगरवासियों में खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों ने जुलूस का आनंद लिया और झांकियों की सराहना की। नगर पालिका की पहल एवं आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर भी लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की। इस भव्य आयोजन ने नगर की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता की सुंदर झलक प्रस्तुत की। आकर्षक झांकियों और पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दशहरा पर्व की खुशियां पूरे नगर में देखने को मिलीं। नगर पालिका द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने लोगों को उत्सव के रंग में रंग दिया और दशहरा पर्व की यादगार छाप छोड़ी।4
- चंदिया रेलवे लाइन पर पति-पत्नी की मालगाड़ी की चपेट में आने से मृत्यु l मुकेश कुमार दुबे संवाददाता रिपोर्टर जिला उमरिया मध्य प्रदेश l उमरिया जिला उमरिया मध्य प्रदेश -चंदिया रोड़ रेलवे स्टेशन पर बीती रात लगभग 9 बजे रेलवे लाईन पार करते समय पति पत्नी की मालगाडी की चपेट में आने से मौत हो गई बताया जा रहा है की करन फकीर उम्र लगभग 30 वर्ष पत्नी नैना फकीर उम्र 26 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 10 मऊहार टोला की स्टेशन में लाईन पार करते समय ट्रेन की ठोकर लग जाने से मौत हो गई जिसकी जिसकी सूचना मिलते ही RPF स्टॉफ एवं शहडोल GRP नें मौके पर पहुँच विधिवत कार्यवाही कर शव को पोस्ट मार्टम के हेतु चिकित्सालय भेजा जा रहा है l1
- उमरिया में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बना गरबा महोत्सव सभी धर्मों के लोगों ने दिया भाईचारे का संदेश* *हिंदू मुस्लिम एकता मंच के *उमरिया में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बना गरबा महोत्सव सभी धर्मों के लोगों ने दिया भाईचारे का संदेश* *हिंदू मुस्लिम एकता मंच के आयोजन गरबा महोत्सव-रमपुरी तिराहे पर सजा सांस्कृतिक रंग गरबा प्रतिभागियों ने बिखेरी अपनी कला की छटा अतिथियों ने प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर किया सम्मानित* उमरिया- नवरात्रि के पावन पर्व पर आपसी प्रेम, सद्भाव, सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश देने के उद्देश्य से हिंदू मुस्लिम एकता मंच जिला उमरिया द्वारा 19 अक्टूबर को जिला मुख्यालय स्थित रमपुरी तिराहे पर भव्य सांस्कृतिक गरबा महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गरबा प्रतिभागियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। पूरे आयोजन में उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों के साथ आपसी भाईचारे की भावना देखने को मिली। हिंदू मुस्लिम एकता मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सभी धर्मों के लोगों के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करना तथा त्योहारों के माध्यम से प्रेम और सद्भाव का संदेश समाज तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने गरबा नृत्य के माध्यम से अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पुष्पराज सिंह ने अपने उद्बोधन में सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और भाईचारे के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को समाज को जोड़ने वाला प्रयास बताया।हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की खूबसूरती उसकी विविधता और आपसी भाईचारे में है। सभी धर्मों के त्योहार हमें प्रेम, सम्मान और एक-दूसरे की भावनाओं का आदर करना सिखाते हैं। समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का काम करते हैं। मंच के संयोजक राजेंद्र कोल ने भी कार्यक्रम के माध्यम से आपसी प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश दिया। उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर गरबा महोत्सव में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया गया। अतिथियों एवं मंच के पदाधिकारियों ने प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनकी प्रतिभा की सराहना की। साथ ही कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करने वाले पुलिस प्रशासन के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया। *गरबा महोत्सव ने दिया एकता का संदेश* रमपुरी तिराहे पर आयोजित इस गरबा महोत्सव ने यह संदेश दिया कि त्योहार केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे समाज को जोड़ने, आपसी विश्वास बढ़ाने और भाईचारे को मजबूत करने का भी माध्यम हैं। हिंदू मुस्लिम एकता मंच का यह आयोजन उमरिया में सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक एकता की भावना को आगे बढ़ाने वाला प्रयास रहा। इस अवसर पर मनोज सिंह, जगदीश जयसवाल, कपूरिया बाई विश्वकर्मा, इस्माइल खान, रमाकांत तिवारी, अनुज सेन, मनोज सेन, इकबाल खान मो. साबिर, नसरीन बानो, कृष्ण कांत तिवारी, शेख शकील, गुलाम फारूक, तबरेज़ अली, गीता तिवारी, दीपा तिवारी, लक्ष्मी विश्वकर्मा, इरफान अली, सिराज अली, कासिम खान, रोहित कोल, परसादी कोल, अंशु विश्वकर्मा, किशन कुशवाहा, गरबा महोत्सव कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।1
- उमरिया पुलिस अधीक्षक विजय भागवानी की मौजूदगी में शस्त्र पूजा वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ हुई संपन्न उमरिया पुलिस अधीक्षक विजय भागवानी की मौजूदगी में शस्त्र पूजा वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ हुई संपन्न जिले भर के समस्त थाना के पुलिस स्टॉप सहित बड़े धूमधाम से दशहरा पर शस्त्र पूजा आयोजन किया गया1
- *उमरिया में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बना गरबा महोत्सव सभी धर्मों के लोगों ने दिया भाईचारे का संदेश* *हिंदू मुस्लिम एकता मंच के आयोजन गरबा महोत्सव-रमपुरी तिराहे पर सजा सांस्कृतिक रंग गरबा प्रतिभागियों ने बिखेरी अपनी कला की छटा अतिथियों ने प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर किया सम्मानित* मध्य प्रदेश उमरिया- नवरात्रि के पावन पर्व पर आपसी प्रेम, सद्भाव, सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश देने के उद्देश्य से हिंदू मुस्लिम एकता मंच जिला उमरिया द्वारा 19 अक्टूबर को जिला मुख्यालय स्थित रमपुरी तिराहे पर भव्य सांस्कृतिक गरबा महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गरबा प्रतिभागियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। पूरे आयोजन में उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों के साथ आपसी भाईचारे की भावना देखने को मिली। हिंदू मुस्लिम एकता मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सभी धर्मों के लोगों के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करना तथा त्योहारों के माध्यम से प्रेम और सद्भाव का संदेश समाज तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने गरबा नृत्य के माध्यम से अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पुष्पराज सिंह ने अपने उद्बोधन में सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और भाईचारे के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को समाज को जोड़ने वाला प्रयास बताया।हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की खूबसूरती उसकी विविधता और आपसी भाईचारे में है। सभी धर्मों के त्योहार हमें प्रेम, सम्मान और एक-दूसरे की भावनाओं का आदर करना सिखाते हैं। समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का काम करते हैं। मंच के संयोजक राजेंद्र कोल ने भी कार्यक्रम के माध्यम से आपसी प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश दिया। उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर गरबा महोत्सव में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया गया। अतिथियों एवं मंच के पदाधिकारियों ने प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनकी प्रतिभा की सराहना की। साथ ही कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करने वाले पुलिस प्रशासन के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया। *गरबा महोत्सव ने दिया एकता का संदेश* रमपुरी तिराहे पर आयोजित इस गरबा महोत्सव ने यह संदेश दिया कि त्योहार केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे समाज को जोड़ने, आपसी विश्वास बढ़ाने और भाईचारे को मजबूत करने का भी माध्यम हैं। हिंदू मुस्लिम एकता मंच का यह आयोजन उमरिया में सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक एकता की भावना को आगे बढ़ाने वाला प्रयास रहा। इस अवसर पर मनोज सिंह, जगदीश जयसवाल, कपूरिया बाई विश्वकर्मा, इस्माइल खान, रमाकांत तिवारी, अनुज सेन, मनोज सेन, इकबाल खान मो. साबिर, नसरीन बानो, कृष्ण कांत तिवारी, शेख शकील, गुलाम फारूक, तबरेज़ अली, गीता तिवारी, दीपा तिवारी, लक्ष्मी विश्वकर्मा, इरफान अली, सिराज अली, कासिम खान, रोहित कोल, परसादी कोल, अंशु विश्वकर्मा, किशन कुशवाहा, गरबा महोत्सव कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।1
- हिंदू मुस्लिम एकता मंच के आयोजन गरबा महोत्सव-रमपुरी तिराहे पर सजा सांस्कृतिक रंग गरबा प्रतिभागियों ने बिखेरी अपनी कला की छटा अतिथियों ने प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर किया सम्मानित* *उमरिया में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बना गरबा महोत्सव सभी धर्मों के लोगों ने दिया भाईचारे का संदेश* *हिंदू मुस्लिम एकता मंच के आयोजन गरबा महोत्सव-रमपुरी तिराहे पर सजा सांस्कृतिक रंग गरबा प्रतिभागियों ने बिखेरी अपनी कला की छटा अतिथियों ने प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर किया सम्मानित* उमरिया- नवरात्रि के पावन पर्व पर आपसी प्रेम, सद्भाव, सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश देने के उद्देश्य से हिंदू मुस्लिम एकता मंच जिला उमरिया द्वारा 19 अक्टूबर को जिला मुख्यालय स्थित रमपुरी तिराहे पर भव्य सांस्कृतिक गरबा महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गरबा प्रतिभागियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। पूरे आयोजन में उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों के साथ आपसी भाईचारे की भावना देखने को मिली। हिंदू मुस्लिम एकता मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सभी धर्मों के लोगों के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करना तथा त्योहारों के माध्यम से प्रेम और सद्भाव का संदेश समाज तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने गरबा नृत्य के माध्यम से अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पुष्पराज सिंह ने अपने उद्बोधन में सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और भाईचारे के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को समाज को जोड़ने वाला प्रयास बताया।हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की खूबसूरती उसकी विविधता और आपसी भाईचारे में है। सभी धर्मों के त्योहार हमें प्रेम, सम्मान और एक-दूसरे की भावनाओं का आदर करना सिखाते हैं। समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का काम करते हैं। मंच के संयोजक राजेंद्र कोल ने भी कार्यक्रम के माध्यम से आपसी प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश दिया। उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर गरबा महोत्सव में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया गया। अतिथियों एवं मंच के पदाधिकारियों ने प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनकी प्रतिभा की सराहना की। साथ ही कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करने वाले पुलिस प्रशासन के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया। *गरबा महोत्सव ने दिया एकता का संदेश* रमपुरी तिराहे पर आयोजित इस गरबा महोत्सव ने यह संदेश दिया कि त्योहार केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे समाज को जोड़ने, आपसी विश्वास बढ़ाने और भाईचारे को मजबूत करने का भी माध्यम हैं। हिंदू मुस्लिम एकता मंच का यह आयोजन उमरिया में सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक एकता की भावना को आगे बढ़ाने वाला प्रयास रहा। इस अवसर पर मनोज सिंह, जगदीश जयसवाल, कपूरिया बाई विश्वकर्मा, इस्माइल खान, रमाकांत तिवारी, अनुज सेन, मनोज सेन, इकबाल खान मो. साबिर, नसरीन बानो, कृष्ण कांत तिवारी, शेख शकील, गुलाम फारूक, तबरेज़ अली, गीता तिवारी, दीपा तिवारी, लक्ष्मी विश्वकर्मा, इरफान अली, सिराज अली, कासिम खान, रोहित कोल, परसादी कोल, अंशु विश्वकर्मा, किशन कुशवाहा, गरबा महोत्सव कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।1
- बिरसिंहपुर पाली में एसईसीएल ने धूमधाम से मनाया दशहरा पर्व मां बिरासनी स्टेडियम में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का हुआ दहन, बुराई पर अच्छाई की जीत का दिया संदेश लोकेशन – उमरिया, बिरसिंहपुर पाली रिपोर्टर – श्याम गुप्ता उमरिया। जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित बिरसिंहपुर कॉलरी में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) द्वारा मां बिरासनी स्टेडियम में दशहरा पर्व हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतले तैयार किए गए, जिनका विधि-विधान से पूजा-अर्चना के पश्चात दहन किया गया। कार्यक्रम के दौरान नगर पालिका द्वारा निकाली गई भव्य दशहरा झांकी भी मां बिरासनी स्टेडियम पहुंची। झांकी के पहुंचने के बाद पूरे आयोजन में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम में शामिल होकर दशहरा पर्व मनाया। इस अवसर पर जोहिला क्षेत्र के महाप्रबंधक द्वारा भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और सीता की उपस्थिति में प्रतीकात्मक रूप से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। रावण दहन के साथ ही अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। पूरे आयोजन में आस्था, श्रद्धा और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। दशहरा पर्व ने लोगों को सत्य के मार्ग पर चलने तथा बुराइयों का त्याग करने की प्रेरणा दी। एसईसीएल द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम के दौरान मां बिरासनी स्टेडियम में उत्सव जैसा माहौल बना रहा और लोगों ने हर्षोल्लास के साथ विजयादशमी का पर्व मनाया।4