चाईबासा में जिला प्रशासन ने 'प्रोजेक्ट आहार' पहल के तहत जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) विक्रेताओं के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मंत्री और सांसद द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए पीडीएस विक्रेता शामिल हुए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, लाभार्थियों को समय पर राशन उपलब्ध कराना और सरकारी दिशा-निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन करना था। अधिकारियों ने 'प्रोजेक्ट आहार' के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका लक्ष्य जरूरतमंद लोगों तक खाद्यान्न वितरण प्रणाली को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाना है। इस दौरान पीडीएस दुकानदारों को तकनीकी प्रक्रियाओं, ई-पॉस मशीन के संचालन और शिकायत निवारण से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षित किया गया। कार्यक्रम में संबंधित विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में जन वितरण प्रणाली विक्रेता उपस्थित रहे।
चाईबासा में जिला प्रशासन ने 'प्रोजेक्ट आहार' पहल के तहत जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) विक्रेताओं के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मंत्री और सांसद द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए पीडीएस विक्रेता शामिल हुए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, लाभार्थियों को समय पर राशन उपलब्ध कराना और सरकारी दिशा-निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन करना था। अधिकारियों ने 'प्रोजेक्ट आहार' के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका लक्ष्य जरूरतमंद लोगों तक खाद्यान्न वितरण प्रणाली को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाना है। इस दौरान पीडीएस दुकानदारों को तकनीकी प्रक्रियाओं, ई-पॉस मशीन के संचालन और शिकायत निवारण से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षित किया गया। कार्यक्रम में संबंधित विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में जन वितरण प्रणाली विक्रेता उपस्थित रहे।
- चाईबासा में जिला प्रशासन ने 'प्रोजेक्ट आहार' पहल के तहत जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) विक्रेताओं के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मंत्री और सांसद द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए पीडीएस विक्रेता शामिल हुए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, लाभार्थियों को समय पर राशन उपलब्ध कराना और सरकारी दिशा-निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन करना था। अधिकारियों ने 'प्रोजेक्ट आहार' के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका लक्ष्य जरूरतमंद लोगों तक खाद्यान्न वितरण प्रणाली को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाना है। इस दौरान पीडीएस दुकानदारों को तकनीकी प्रक्रियाओं, ई-पॉस मशीन के संचालन और शिकायत निवारण से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षित किया गया। कार्यक्रम में संबंधित विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में जन वितरण प्रणाली विक्रेता उपस्थित रहे।1
- गम्हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ क्वार्टर में दवाइयों को छिपाकर रखे जाने की खबर सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मामले के सार्वजनिक होने के बाद, सोमवार को स्टाफ क्वार्टर में रखी इन दवाइयों को हटाने और ठिकाने लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र की दवाइयों को निर्धारित भंडारण व्यवस्था के बजाय स्टाफ क्वार्टर में रखा गया था। यह खबर प्रसारित होने के बाद विभागीय अधिकारियों की सक्रियता बढ़ी और उन्होंने दवाइयों को वहां से हटाने का काम शुरू किया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दवाइयों को क्वार्टर में क्यों रखा गया था और उनमें से कितनी दवाइयां उपयोग योग्य थीं। मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि यह पता चल सके कि दवाइयों के भंडारण में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। इस बीच, क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।1
- बिहार के पूर्णिया में एक होटल मालिक और उसके नाबालिग बेटे को गोमांस बेचने के आरोप में बेरहमी से पीटा गया, अपमानित किया गया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने पर मजबूर किया गया। आरोप लगाने वालों ने दावा किया था कि होटल में गोमांस बेचा जा रहा था। हालांकि, पुलिस द्वारा की गई जांच में मौके से कोई गोमांस या अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अब किसी का नाम और धर्म ही भीड़ के लिए उसे अपराधी घोषित करने के लिए पर्याप्त है, या फिर कानून और सबूतों की भी कोई अहमियत बाकी बची है।1
- नोआमुंडी में रथ यात्रा का आयोजन किया गया है। इसमें आम जनता को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।1
- रविवार को चाईबासा जिले में आयोजित NEET UG परीक्षा के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। जिले के दो परीक्षा केंद्रों पर होने वाली इस परीक्षा के मद्देनजर विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही, ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पुलिस के वाहन लगातार सड़कों पर दौड़ते नजर आ रहे हैं, जिसमें पीसीआर वैन भी लगातार गश्त कर रही हैं।1
- चाईबासा-चक्रधरपुर मुख्य मार्ग पर उलीगुटु गांव के पास एक सड़क हादसे में चक्रधरपुर रेल मंडल में कार्यरत गार्ड अमित कुमार स्वाई (35) की मौत हो गई। इस दुर्घटना में उनके साथ बाइक पर सवार उनके साले आशीष डोगरा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमित कुमार स्वाई बड़ाबम्बू के पोटोबेड़ा गांव के निवासी थे और वर्तमान में चक्रधरपुर में रहकर रेल विभाग में कार्यरत थे। यह हादसा तब हुआ जब अमित कुमार स्वाई अपने साले आशीष डोगरा के साथ चाईबासा से चक्रधरपुर लौट रहे थे। वे टुंगरी निवासी अपने एक रिश्तेदार, जो वन विभाग में कार्यरत थे, के निधन के बाद आयोजित क्रियाकर्म में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। उलीगुटु गांव के पास तेज गति से आ रहे एक अज्ञात वाहन से बचने के प्रयास में उनकी पल्सर मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर पुलिया से टकरा गई और सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी। दुर्घटना में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और एंबुलेंस बुलाकर दोनों घायलों को चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद अमित कुमार स्वाई को मृत घोषित कर दिया। घायल आशीष डोगरा के पैर की हड्डी टूट गई है और उनकी छाती की पसलियों में भी गंभीर चोट आई है। चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल रेफर करने की अनुशंसा की है। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है और दुर्घटना के लिए जिम्मेदार अज्ञात वाहन की पहचान करने का प्रयास कर रही है।1