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खैरागढ़ जिले में शनिवार रात से जारी मूसलाधार बारिश के कारण आमनेर नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया। नदी के तेज बहाव में खैरागढ़ बाईपास परियोजना के तहत निर्माणाधीन पुल की सेंट्रिंग (शटरिंग) बह गई। राहत की बात यह रही कि घटना के समय पुल पर कोई भी मजदूर काम नहीं कर रहा था, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। इस घटना से पिछले कई वर्षों से अधूरी पड़ी खैरागढ़ बाईपास परियोजना को एक और गंभीर झटका लगा है। इस हादसे के कारण क्षेत्र के जनजीवन के साथ-साथ परियोजना का निर्माण कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
Kailash chaturvedi
खैरागढ़ जिले में शनिवार रात से जारी मूसलाधार बारिश के कारण आमनेर नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया। नदी के तेज बहाव में खैरागढ़ बाईपास परियोजना के तहत निर्माणाधीन पुल की सेंट्रिंग (शटरिंग) बह गई। राहत की बात यह रही कि घटना के समय पुल पर कोई भी मजदूर काम नहीं कर रहा था, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। इस घटना से पिछले कई वर्षों से अधूरी पड़ी खैरागढ़ बाईपास परियोजना को एक और गंभीर झटका लगा है। इस हादसे के कारण क्षेत्र के जनजीवन के साथ-साथ परियोजना का निर्माण कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
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- राजनांदगांव में हुई पहली बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी है, जिसके चलते बसंतपुर स्थित जिला अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई। इस वजह से मरीजों, उनके परिजनों और आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों का स्पष्ट रूप से कहना है कि शहर का ड्रेनेज सिस्टम ठीक से काम नहीं करता, यही कारण है कि हर साल बारिश के मौसम में ऐसे ही हालात उत्पन्न होते हैं। जलभराव की ये तस्वीरें केवल जिला अस्पताल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कॉलोनियों, बस्तियों और नालों के समीप के क्षेत्रों से भी सामने आई हैं। यह स्थिति इस गंभीर सवाल को उठाती है कि बरसात से पहले साफ-सफाई और निरीक्षण की तस्वीरें तो ली जाती हैं, लेकिन पहली ही बारिश में पूरा शहर पानी-पानी क्यों हो जाता है।1
- दुर्ग जिले के धमधा में सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड से संबद्ध सेव फाइनेंशियल मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड की शाखा में एक बड़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ है। शाखा प्रबंधक और कर्मचारियों पर 267 महिला ग्राहकों के ऋण खातों से कुल ₹1,11,93,173 की धोखाधड़ी करने का आरोप है। धमधा पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए शिकायत दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह शिकायत सेव फाइनेंशियल मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक अशोक कुमार वर्मा ने 04.07.2026 को धमधा थाने में प्रस्तुत की थी। संस्था का सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड के साथ अनुबंध है, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को स्व-सहायता समूहों के माध्यम से लघु ऋण उपलब्ध कराए जाते हैं। संस्था के आंतरिक ऑडिट में यह सामने आया कि धमधा शाखा में पदस्थ शाखा प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर ग्राहकों से वसूली गई ऋण किस्त और लोन क्लोजर की राशि को कंपनी के अधिकृत खाते में जमा नहीं किया, बल्कि व्यक्तिगत उपयोग में लिया। कंपनी द्वारा आरोपियों को गबन की गई राशि जमा करने का नोटिस भी दिया गया था, लेकिन कोई प्रतिउत्तर नहीं मिला और राशि भी जमा नहीं की गई। विस्तृत ऑडिट और रिकॉर्ड सत्यापन के बाद कुल ₹1,11,93,173 के गबन की पुष्टि हुई, जिससे कंपनी को आर्थिक क्षति पहुंची। प्रार्थी की रिपोर्ट पर धमधा थाने में अपराध क्रमांक 176/2026, धारा 316(5), 318(4), 61(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में एक विशेष विवेचना टीम का गठन किया गया, जिसने बैंक रिकॉर्ड, लेनदेन रजिस्टर, गवाहों के कथनों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सबूत जुटाए। मुखबिर की सूचना पर दो आरोपियों – अनिल विश्वकर्मा (उम्र 23 वर्ष, निवासी साजा, जिला बेमेतरा, छत्तीसगढ़) और संदीप कुमार खूंटीहरे (उम्र 31 वर्ष, निवासी पाटन, जिला दुर्ग, छत्तीसगढ़) को हिरासत में लिया गया। कड़ी पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और उनकी निशानदेही पर धोखाधड़ी में प्रयुक्त दस्तावेज जब्त किए गए। दोनों आरोपियों को 05.07.2026 को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है, जबकि प्रकरण में संलिप्त अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दबिश जारी है। दुर्ग पुलिस ने इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए धमधा थाना प्रभारी, विवेचना अधिकारी और समस्त पुलिस स्टाफ की सराहना की है। साथ ही, दुर्ग पुलिस ने आम जनता, विशेषकर महिला स्व-सहायता समूहों से अपील की है कि वे किसी भी वित्तीय संस्था या माइक्रो फाइनेंस कंपनी से ऋण लेते समय सभी भुगतान केवल अधिकृत रसीद और बैंक खाते के माध्यम से ही करें। नकद भुगतान से बचने और किसी भी वित्तीय अनियमितता, दबाव या धोखाधड़ी की जानकारी होने पर तत्काल निकटतम थाने या डायल 112 पर सूचना देने की अपील की गई है, क्योंकि दुर्ग पुलिस आर्थिक अपराध करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।2
- बिलासपुर से पेंड्रा जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत बेहद खराब है, जिससे आम जनता का जीवन मुश्किलों से भरा हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि सड़कों के निर्माण को लेकर यह 'बबली का खेल' आखिर कब खत्म होगा। इसी बीच, सरकार यह दावा कर रही है कि वह भारत में सड़कों को जापान जैसा बनाएगी, जो मौजूदा स्थिति के बिल्कुल विपरीत है।3
- नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता बलराज सिंह मलिक प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त की और शांतिपूर्ण विरोध, लोकतांत्रिक अधिकारों व संविधान के महत्व पर विशेष जोर दिया। अपने संबोधन के दौरान, एडवोकेट मलिक ने संबंधित सभी पक्षों से संवाद के माध्यम से किसी समाधान तक पहुँचने की अपील की। उनका यह संबोधन सोशल मीडिया पर भी व्यापक रूप से चर्चा का विषय बना।1
- राजधानी रायपुर में हुई बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। इस स्थिति से जनता में गहरा गुस्सा है, जिसे लोग सोशल मीडिया पर रील्स बनाकर व्यक्त कर रहे हैं।1
- 06 जुलाई को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित टीएल बैठक में कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने विभिन्न विभागों के समय-सीमा संबंधी प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री डी.पी. बर्मन सहित कई अधिकारी मौजूद थे, वहीं जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए। कलेक्टर ने जर्जर शासकीय भवनों और इमारतों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मरम्मत योग्य न होने वाले भवनों या दीवारों को सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल हटाया जाए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी और महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी स्कूल या आंगनवाड़ी केंद्र का संचालन जर्जर भवन में न हो, तथा मरम्मत आवश्यक भवनों को प्राथमिकता पर पूरा कराया जाए। मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के अधीक्षण अभियंता को बारिश और आंधी-तूफान के दौरान विद्युत व्यवस्था सुचारु रखने तथा झूलते बिजली के तारों की शिकायतें न मिलने के निर्देश दिए गए। साथ ही, लोक निर्माण विभाग एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को मानसून को देखते हुए सड़कों, पुलों और पुल-पुलियों पर जलभराव की स्थिति का तत्काल निरीक्षण करने और शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त को जनजातीय क्षेत्रों के छात्रावासों एवं विद्यालयों का निरीक्षण कर छत टपकने जैसी समस्याओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान किसानों को निर्धारित दर पर पर्याप्त उर्वरक और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर श्री मीना ने वनाधिकार अधिनियम (एफआरए) के सभी पट्टाधारियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने, पात्र हितग्राहियों के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनवाने तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा। समग्र ई-केवाईसी की समीक्षा में 92 हजार के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 31 हजार हितग्राहियों की ई-केवाईसी पूरी होने की जानकारी दी गई, जिस पर कलेक्टर ने शेष ई-केवाईसी को 25 जुलाई तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम को संबल योजना के 50 दिन से अधिक पुराने प्रकरणों को लंबित न रखने तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। श्रमयोगी मानधन योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना और प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के ऋण प्रकरणों में तेजी लाने को भी कहा गया। कटंगी एवं खैरलांजी जनपदों से सर्वाधिक समग्र आईडी संशोधन शिकायतों को देखते हुए, संबंधित अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर इन प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई, जिसमें कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने सभी अधिकारियों को 50 दिन से अधिक पुराने मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी, और सभी विभागों को अपनी ग्रेडिंग प्रदेश स्तर पर 'ए' ग्रेड बनाए रखने के लिए गंभीरता एवं तत्परता से कार्य करने पर जोर दिया।1
- लांजी के कारंजा में लगातार हो रही बारिश ने ग्राम पंचायत की तैयारियों की पोल खोल दी है, जहाँ नालियों की अनदेखी के कारण मुख्य मार्ग पर भारी जलभराव हो गया है। कारंजा बस स्टैंड से हनुमान मंदिर तक के मुख्य मार्ग पर नालियों की समय पर सफाई न होने और कई जगह जाम होने से बारिश का पानी सड़कों पर जमा होकर आसपास की दुकानों में घुस गया है। इससे व्यापारियों को हजारों रुपये का बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं राहगीरों और वाहन चालकों को भी आवागमन में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पार्थ पशु आहार के संचालक तेजराम मोरघाडे ने बताया कि उन्होंने बारिश से पहले ही ग्राम पंचायत को नालियों की सफाई के संबंध में मौखिक शिकायत की थी, लेकिन उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत की लापरवाही के कारण उनकी दुकान में पानी घुस गया, जिससे हजारों रुपये का सामान खराब हो गया। मोरघाडे ने यह भी स्पष्ट किया कि यह समस्या केवल उनकी दुकान तक सीमित नहीं है, बल्कि इस पूरे मार्ग पर स्थित कई अन्य दुकानें भी इसी तरह की जलभराव की स्थिति का सामना कर रही हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने ग्राम पंचायत से तत्काल नालियों की सफाई करने और जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने भविष्य में ऐसी स्थिति को दोबारा बनने से रोकने के लिए स्थायी समाधान की भी जोरदार पैरवी की है।1