bihar police को मिला लालरंग की बुलेट इमरजेंसी आग बुझाने की यंत्र के साथ l बिहार में आग बुझाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली लाल रंग की बुलेट (फायर बुलेट) में दोनों तरफ 35-35 लीटर के वॉटर टैंक, पानी का पंप और सायरन लगे होते हैं। यह बाइक तंग गलियों और जाम वाले इलाकों में तेजी से पहुँचकर आग पर काबू पाने में बहुत कारगर है। ये आधुनिक वाहन बिहार के विभिन्न शहरों में अग्निशमन सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए शामिल किए गए हैं। Instagram +3 मुख्य विवरण: कार्य प्रणाली: यह बुलेट बाइक आग पर काबू पाने के लिए मिस्ट तकनीक (Fire mist technology) या पानी के तेज़ दबाव का उपयोग करती है, जो छोटी या मध्यम आग को शुरुआती चरण में बुझा सकती है। उपयोगिता: संकरी गलियों, ट्रैफिक जाम और भीड़भाड़ वाले इलाकों में, जहाँ बड़ी फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ नहीं पहुँच सकतीं, वहां यह बुलेट अत्यंत उपयोगी है। शुरुआत: हाल ही में बिहार के विभिन्न जिलों में (जैसे मुजफ्फरपुर) अत्याधुनिक अग्निशमन वाहनों के साथ इन बुलेट बाइक को सेवा में शामिल किया गया है,
bihar police को मिला लालरंग की बुलेट इमरजेंसी आग बुझाने की यंत्र के साथ l बिहार में आग बुझाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली लाल रंग की बुलेट (फायर बुलेट) में दोनों तरफ 35-35 लीटर के वॉटर टैंक, पानी का पंप और सायरन लगे होते हैं। यह बाइक तंग गलियों और जाम वाले इलाकों में तेजी से पहुँचकर आग पर काबू पाने में बहुत कारगर है। ये आधुनिक वाहन बिहार के विभिन्न शहरों में अग्निशमन सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए शामिल किए गए हैं। Instagram +3 मुख्य विवरण: कार्य प्रणाली: यह बुलेट बाइक आग पर काबू पाने के लिए मिस्ट तकनीक (Fire mist technology) या पानी के तेज़ दबाव का उपयोग करती है, जो छोटी या मध्यम आग को शुरुआती चरण में बुझा सकती है। उपयोगिता: संकरी गलियों, ट्रैफिक जाम और भीड़भाड़ वाले इलाकों में, जहाँ बड़ी फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ नहीं पहुँच सकतीं, वहां यह बुलेट अत्यंत उपयोगी है। शुरुआत: हाल ही में बिहार के विभिन्न जिलों में (जैसे मुजफ्फरपुर) अत्याधुनिक अग्निशमन वाहनों के साथ इन बुलेट बाइक को सेवा में शामिल किया गया है,
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- 'समय तय कर लीजिए मैं रहूंगा, 15 पुलिस वालों की लाशें गिरेंगी...' ऐसी धमकी देने वाले कुंदन ठाकुर का एनकाउंटर मोतिहारी में एनकाउंटर से पहले कुख्यात बदमाश ने पुलिस को खुली चुनौती देते हुए कहा था कि जहां मन करे जगह और समय तय कर लीजिए, मैं वहां पहले से मौजूद रहूंगा, 10 से 15 पुलिसवालों की लाशें गिरेंगी. इसके बाद नाकेबंदी के दौरान बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें एक STF जवान शहीद हो गया. जवाबी कार्रवाई में दो अपराधी मारे गए, घटना के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई. #PoliceEncounter #EncounterNews #CrimeNews3
- बिहार में आग बुझाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली लाल रंग की बुलेट (फायर बुलेट) में दोनों तरफ 35-35 लीटर के वॉटर टैंक, पानी का पंप और सायरन लगे होते हैं। यह बाइक तंग गलियों और जाम वाले इलाकों में तेजी से पहुँचकर आग पर काबू पाने में बहुत कारगर है। ये आधुनिक वाहन बिहार के विभिन्न शहरों में अग्निशमन सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए शामिल किए गए हैं। Instagram +3 मुख्य विवरण: कार्य प्रणाली: यह बुलेट बाइक आग पर काबू पाने के लिए मिस्ट तकनीक (Fire mist technology) या पानी के तेज़ दबाव का उपयोग करती है, जो छोटी या मध्यम आग को शुरुआती चरण में बुझा सकती है। उपयोगिता: संकरी गलियों, ट्रैफिक जाम और भीड़भाड़ वाले इलाकों में, जहाँ बड़ी फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ नहीं पहुँच सकतीं, वहां यह बुलेट अत्यंत उपयोगी है। शुरुआत: हाल ही में बिहार के विभिन्न जिलों में (जैसे मुजफ्फरपुर) अत्याधुनिक अग्निशमन वाहनों के साथ इन बुलेट बाइक को सेवा में शामिल किया गया है,1
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- रामनवमी पूजा महोत्सव पर रेहला बाबा योगी बीर मंदिर में आयोजित नवाह्न परायन यज्ञ को ले भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में स्थानीय महिला,पुरुष सहित काफी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुये। कलश शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के जयघोष से पूरा क्षेत्र गुंजयमान हो गया।1
- चिनिया प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार दोपहर करीब 1:00 बजे रमजान के पवित्र महीने के अवसर पर एक सराहनीय पहल देखने को मिली। यहां टीबी से ग्रसित गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों के बीच फ़ूड बास्केट का वितरण किया गया, जिससे मरीजों को पोषण संबंधी सहायता मिल सके। यह वितरण कार्यक्रम स्वास्थ्य कर्मी लाल मोहम्मद अंसारी के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें दर्जनों मरीजों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई। इस दौरान डॉक्टर पल्लवी कुमारी सिंह समेत कई स्वास्थ्य कर्मी मौके पर उपस्थित रहे और मरीजों का हौसला बढ़ाया। मौके पर लाल मोहम्मद अंसारी ने कहा कि रमजान का महीना रहमत और इंसानियत का संदेश देता है। ऐसे में टीबी जैसे गंभीर रोग से जूझ रहे मरीजों को पोषण देना बेहद जरूरी है, ताकि उनकी सेहत में सुधार हो सके। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा टीबी मरीजों के लिए पोषण सहायता योजनाएं भी चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने आगे कहा कि समाज के हर सक्षम व्यक्ति को भी आगे आकर ऐसे मरीजों की मदद करनी चाहिए, ताकि वे जल्द स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी सकें। इस पहल से मरीजों के चेहरे पर संतोष और खुशी देखने को मिली, वहीं स्थानीय लोगों ने भी इस मानवीय प्रयास की सराहना की1
- हाय रे हमार सोना झारखंड गाना तो आप लोग सुने ही होंगे l लेकिन महिला को जो प्रोत्साहन राशि दिया जाता है l यूस पैसे से इस महँगाई के जमाने में नमक रोटी भी नहीं चल पाती है l लेकिन झारखंड सरकार को इस महिला के घर के हालात से कोई लेना देना नहीं है l इस लिए वीडियो में देख सकते हैं कि सहायिका महिला के साथ बारम्बारता दिखाई जा रही है l देखें झारखंड में सेविका सहायिका की बहाली हुई lझारखंड में आंगनवाड़ी सेविका और सहायिका की बहाली और मानदेय समय-समय पर नियमावली और संकल्पों के आधार पर की जाती है। मुख्य आंगनवाड़ी सेविकाओं का वर्तमान मानदेय ₹4,500 प्रति माह, मिनी केंद्रों के लिए ₹3,500, और सहायिकाओं का मानदेय ₹2,250 प्रति माह है। भर्ती में 18-35 वर्ष की आयु सीमा और 10वीं/12वीं की योग्यता आवश्यक है। बहाली की प्रक्रिया: झारखंड में सेविका और सहायिका का चयन ग्रामीण/शहरी क्षेत्रों में उनकी शैक्षणिक योग्यता और मेरिट के आधार पर किया जाता है। मानदेय (Honorarium): आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मुख्य केंद्रों के लिए ₹4,500, मिनी आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए ₹3,500, और सहायिकाओं को ₹2,250 प्रति माह दिया जाता है, PI अन्य सेवा शर्तें: चयन प्रक्रिया नियमावली, 2026 के अंतर्गत होती क्या आप नवीनतम रिक्तियों (vacancies) के बारे में जानकारी चाहते हैं? झारखण्ड आंगनबाड़ी सेविका/सहायिका चयन एवं मानदेय(अन्य शर्तो सहित )नियमावली ,संकल्प। | District Pakur, Government of Jharkhand | भारत झारखंड आंगनबाड़ी सेविका/सहायिका चयन एवं मानदेय (अन्य शर्तों सहित) नियमावली और संकल्प के बारे में जानकारी के लिए, आप इन लिंकों पर जा सकते हैं: * झारखण्ड आंगनबाड़ी.. आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायकों को मानदेय - PIB Translated — वर्तमान में, मुख्य आंगनवाड़ी केंद्रों में AWW का मानदेय ₹4,500/- प्रति माह है; मिनी आंगनवाड़ी केंद्रों में AWW का मानदेय ₹3,500/- प्रति माह है; और AWH का मानद आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती 2025-26 3 Dec 2025 — शैक्षिक योग्यता परास्नातक तक के आधार पर मेरिट तैयार होगी ऑगनबाड़ी सहायिका पद हेतु आवेदिका की न्यूनतम आयु 18 वर्ष व अधिकतम आयु 35 वर्ष होगी।1