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बहराइच जिले के नानपारा में 10 मोहर्रम का सीधा प्रसारण दिखाया जा रहा है, जहाँ शिया समुदाय द्वारा ताजिया जुलूस का मिलान और मातम मनाया जा रहा है। यह जुलूस मोहर्रम के अवसर पर शिया समुदाय द्वारा आग के साथ मातम और अजादारी का प्रदर्शन है। इस दौरान कर्बला और हुसैन की शहादत को याद करते हुए अजादारी और मातम किया जाता है, जिसमें अशूरा और अशरा के विशेष अनुष्ठान शामिल हैं। यह जुलूस और मातम नानपारा के साथ-साथ लखनऊ में भी अजादारी का हिस्सा है, जो भारत में शिया समुदाय द्वारा व्यापक रूप से मनाया जाता है। पोस्ट में 9 मोहर्रम, मोहर्रम 1445, मोहर्रम 2025 और मोहर्रम जुलूस 2026 / 1447 जैसे विभिन्न मुहर्रम वर्षों और तिथियों का भी उल्लेख है।
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बहराइच जिले के नानपारा में 10 मोहर्रम का सीधा प्रसारण दिखाया जा रहा है, जहाँ शिया समुदाय द्वारा ताजिया जुलूस का मिलान और मातम मनाया जा रहा है। यह जुलूस मोहर्रम के अवसर पर शिया समुदाय द्वारा आग के साथ मातम और अजादारी का प्रदर्शन है। इस दौरान कर्बला और हुसैन की शहादत को याद करते हुए अजादारी और मातम किया जाता है, जिसमें अशूरा और अशरा के विशेष अनुष्ठान शामिल हैं। यह जुलूस और मातम नानपारा के साथ-साथ लखनऊ में भी अजादारी का हिस्सा है, जो भारत में शिया समुदाय द्वारा व्यापक रूप से मनाया जाता है। पोस्ट में 9 मोहर्रम, मोहर्रम 1445, मोहर्रम 2025 और मोहर्रम जुलूस 2026 / 1447 जैसे विभिन्न मुहर्रम वर्षों और तिथियों का भी उल्लेख है।
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- बहराइच जिले के नानपारा में शिया समुदाय द्वारा 10 मोहर्रम का ताजिया मिलान जुलूस 'लाइव' प्रसारित किया जा रहा है। यह जुलूस मोहर्रम के मौके पर मनाए जाने वाले 'आग के मातम' और सामान्य 'मातम' का प्रतीक है, जो शिया परंपरा में बेहद महत्वपूर्ण है। यह आयोजन शिया समुदाय की अज़ादारी परंपरा का हिस्सा है, जो कर्बला में इमाम हुसैन की शहादत की याद दिलाता है। पोस्ट में 9 मोहर्रम का भी उल्लेख है। इस जुलूस को 2026/1447 के साथ-साथ 2025/1445 जैसे वर्षों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है, जो इसकी निरंतरता और महत्व को दर्शाता है। यह अज़ादारी न केवल नानपारा और बहराइच तक सीमित है, बल्कि लखनऊ सहित पूरे भारत में मनाई जाती है।1
- बहराइच के खैरीघाट थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों में शुक्रवार शाम करीब सात बजे मोहर्रम का मातमी जुलूस अत्यंत शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया, जिन्होंने परंपरागत तरीके से ताजियों के साथ मातमी जुलूस निकालते हुए "या हुसैन" की सदाओं के बीच कर्बला के शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। यह जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, जहां लोगों ने अनुशासन और आपसी भाईचारे का उत्कृष्ट परिचय दिया। पूरे क्षेत्र में शांति और सौहार्द का वातावरण बना रहा और सभी कार्यक्रम परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार सफलतापूर्वक संपन्न हुए। मोहर्रम के मद्देनजर, खैरीघाट पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी सतर्कता बरती। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस बल जुलूस के मार्गों पर लगातार तैनात रहा और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई। पुलिस अधिकारियों ने जुलूस के आयोजकों और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जिससे कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के सकुशल संपन्न हो सका। प्रशासन ने इस शांतिपूर्ण आयोजन में सहयोग करने के लिए क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी आपसी भाईचारा एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।4
- भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, बहराइच में 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। एसएसबी ने संदिग्ध मानव तस्करी के चंगुल से एक नेपाली नाबालिग बालिका को सुरक्षित बचाया है, जबकि एक संदिग्ध नेपाली युवक को हिरासत में लेकर आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए नेपाल पुलिस को सौंप दिया गया है। यह कार्रवाई कमांडेंट श्री गिरीश चन्द्र पाण्डेय के नेतृत्व और निगरानी में की गई, जिसका उद्देश्य मानव तस्करी, महिला एवं बाल शोषण और अन्य सीमा पार अपराधों को रोकना है। एसएसबी के अनुसार, 25 जून 2026 को सुबह करीब 10:50 बजे रुपईडीहा स्थित बीआईटी चेक पोस्ट पर नियमित जांच के दौरान, जवानों ने नेपाल जा रहे एक नेपाली युवक और एक किशोरी को रोककर पूछताछ की। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने खुद को भाई-बहन बताया, लेकिन उनके बयानों में विरोधाभास मिलने पर जवानों को संदेह हुआ। इसके बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और स्वयंसेवी संस्था देहात इंडिया की मौजूदगी में दोनों की अलग-अलग काउंसलिंग और गहन पूछताछ की गई। जांच के दौरान किशोरी द्वारा दी गई जानकारी असत्य पाई गई, और उसकी कथित बहन ने उसे पहचानने से इनकार कर दिया, साथ ही उसकी माता का संपर्क उपलब्ध कराया। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में रह रही किशोरी की माता ने बताया कि बालिका पहले से विवाहित है और उसे एक युवक अपने साथ ले गया था। जांच में युवक की पहचान रौतहट (नेपाल) निवासी विवेक कुमार साह के रूप में हुई, जो नेपाल के एक गारमेंट कारखाने में काम करता है और किशोरी को अपने साथ नेपाल ले जा रहा था। दोनों के बीच भाई-बहन होने का दावा पूरी तरह झूठा और भ्रामक पाया गया। किशोरी की संभावित नाबालिग उम्र और यात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए मामला मानव तस्करी अथवा शोषण से जुड़ा प्रतीत हुआ, जिसके बाद आवश्यक कानूनी एवं संरक्षण संबंधी औपचारिकताएं पूरी की गईं। बालिका को उसकी सुरक्षा एवं देखभाल के लिए नेपाल स्थित शान्तिपूर्ण स्थापना गृह को एएचटीयू एवं देहात इंडिया की उपस्थिति में सुपुर्द किया गया, जबकि संदिग्ध युवक विवेक कुमार साह को अग्रिम जांच एवं आवश्यक विधिक कार्रवाई के लिए नेपाल पुलिस के हवाले कर दिया गया है। कमांडेंट श्री गिरीश चन्द्र पाण्डेय ने इस सफलता पर जोर देते हुए कहा कि 42वीं वाहिनी एसएसबी भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी, महिला एवं बाल शोषण तथा अन्य सीमा पार अपराधों की रोकथाम के लिए पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि सीमा सुरक्षा के साथ-साथ मानव जीवन की रक्षा और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई एसएसबी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।4
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है, जहां "नरेगा बना मनीरेगा" का नारा गूँज रहा है। आरोप है कि ब्लॉक स्तर पर कागजों में नाला बना दिया गया, लेकिन मौके पर सिर्फ घास मिली, जिससे लाखों रुपये के भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। ग्रामीणों ने इस अनियमितता की शिकायत की, जिसके बाद एपीओ पवन पांडे और संजीव त्यागी पर फर्जी रिपोर्ट लगाने का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने पहले बीडीओ और डीसी मनरेगा को भी पत्र दिया था। बाद में, जब एसडीएम को पत्र दिया गया और लेखपाल मौके पर पहुंचे, तो उन्हें कथित नाला नहीं मिला। इस मामले में ब्लॉक स्तर पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिसमें ग्राम प्रधान और अधिकारियों पर मिलीभगत से लाखों रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप है। जनता सवाल उठा रही है कि आखिर इतना भ्रष्टाचार क्यों हो रहा है। ग्रामीणों ने कमिश्नर से भी शिकायत की है, और अब यह मामला हाई कोर्ट तक पहुंच गया है, जिससे जिला प्रशासन से संज्ञान लेने की उम्मीद की जा रही है।1
- नानपारा में 10 मुहर्रम के अवसर पर अकीदतमंदों ने हज़रत इमाम हुसैन (रज़ि.) और कर्बला के शहीदों को नम आँखों से याद किया। पूरे क्षेत्र में गमगीन माहौल के बीच ताजिया जुलूस निकाले गए, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। अंत में, पारंपरिक रस्मों के साथ ताजियों को कर्बला में सुपुर्द-ए-ख़ाक (दफ़न) किया गया। इस दौरान अमन, भाईचारे और इंसानियत का संदेश भी दिया गया, साथ ही प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे।2
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के नानपारा में, हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के 72 शहीदों की याद में मोहर्रम का पर्व अकीदत और परंपराओं के अनुसार शांतिपूर्वक मनाया गया। इस पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस क्षेत्राधिकारी पहुप सिंह, अतिरिक्त व्यवस्था में आए ज़ैदी, और प्रभारी निरीक्षक राजनाथ सिंह अपनी टीम के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे। इसके साथ ही, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, और लेखपाल मनीष कुमार ने भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। मोहर्रम के अवसर पर, शिया समुदाय के लोगों ने इमामबाड़े में हजरत इमाम हुसैन की याद में जलती हुई आग पर चलकर मातम किया, जिससे लोगों की आँखें नम हो गईं। किला मोहल्ले से लेकर इमामबाड़ा सज्जादिया तक जुलूस निकाला गया, जिसमें 'या हुसैन' की सदाएं बुलंद करते हुए सीना-जनी की गई और कर्बला की जंग के शहीदों को याद किया गया। अकीदतमंदों ने मोहर्रम की 9 और 10 तारीख को रोजे रखे, और बेगम वाली मस्जिद में मौलाना मोइनुद्दीन कादरी ने यौमे आशूरा की नमाज अदा कराई। चीकवा मोहल्ले में अलेक्सा मस्जिद का रोजा भी बनाया गया। परंपरा के अनुसार, मोहर्रम कमेटी नानपारा के अध्यक्ष नदीम चौधरी, भोला कुरैशी, शफीक कुरैशी, सैयद अब्दुल वली और उनकी टीम ने इमामगंज चौराहे पर ध्वनि विस्तारक यंत्र स्थापित कर पूरे आयोजन का संचालन किया। इमामगंज चौराहे पर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से आए ताजियादारों ने अपने-अपने ताजियों का मिलान किया, जिसके बाद सभी अपने कर्बला पहुँचे। मोहर्रम कमेटी के पदाधिकारियों ने पुलिस क्षेत्रअधिकारी पहुप सिंह, प्रभारी निरीक्षक राजनाथ सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल वहीद, और अन्य सहयोगियों को साफा पहनाकर सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में सभासद और भाजपा के वरिष्ठ नेता ओमप्रकाश गुप्ता, प्रकाश वीर गुप्ता, विनय प्रकाश, अजय गुप्ता, तीरथ राम साहू, पत्रकार सत्य प्रकाश गुप्ता, नागेंद्र सिंह, अपराध निरोधक समिति के केशव कुमार मौर्य, कुशवाहा, उद्योग व्यापार मंडल नानपारा के अध्यक्ष सोहेल अहमद, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष नसीबुन्निशा, नानपारा जिला बनाओ समिति के केशव पांडे, शकील अंसारी, संत बहादुर वर्मा, सुरेश शाह, सरफराज सिद्दीकी, अब्दुल कादिर, अजय मित्तल, इरशाद सोनू, विवेक श्रीवास्तव, सैयद कलीम अब्बास, मुस्तफा अली खान, हलीम अंसारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।4
- बहराइच में इंडो-नेपाल बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल (SSB) ने मानव तस्करी की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। SSB कमांडेंट गिरीश पांडे के नेतृत्व में चलाए गए एक बड़े अभियान के तहत एक मानव तस्कर को गिरफ्तार किया गया है, जिसके कब्जे से एक नेपाली नाबालिग लड़की को सुरक्षित मुक्त कराया गया। यह बड़ी सफलता SSB और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की संयुक्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप मिली है। पूछताछ के दौरान, तस्कर के सभी दावे झूठे साबित हुए, जिससे मानव तस्करी की पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ। इंडो-नेपाल बॉर्डर पर जांच एजेंसियों की सतर्कता के कारण यह नेटवर्क ध्वस्त हो सका। पीड़ित नाबालिग को सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया है। वहीं, आरोपी मानव तस्कर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी होने के बाद उसे नेपाल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। सीमा पर मानव तस्करों के खिलाफ SSB का ऑपरेशन लगातार जारी है, जिससे तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है।1
- बहराइच जिले के नानपारा में 10वीं मोहर्रम का जुलूस और ताजिया मिलान का आयोजन लाइव प्रसारित किया जा रहा है। यह आयोजन शिया समुदाय द्वारा इमाम हुसैन की शहादत के गम में मनाए जाने वाले 'मातम' और 'आग के मातम' का प्रतीक है, जहाँ गहन शोक प्रकट किया जा रहा है। मोहर्रम, जिसमें विशेष रूप से अशरा और आशूरा शामिल हैं, कर्बला के शहीदों, विशेषकर इमाम हुसैन, के बलिदान को याद करने और उनके प्रति 'अजादारी' (शोक) प्रकट करने का महीना है। यह लाइव प्रसारण नानपारा में शिया समुदाय द्वारा मनाए जा रहे इस गहन 'मातम' को सीधे दर्शकों तक पहुंचा रहा है, जिसमें 9वीं मोहर्रम के संदर्भ के साथ-साथ विभिन्न मोहर्रम वर्षों जैसे 1445, 1447, 2025 और 2026 का उल्लेख भी निहित है।1