हाजी अली दरगाह पे ईद के मौके पर उमड़ा जनसैलाब कदम रखने की जगह नहीं, लाखों अकीदतमंदों ने की हाज़िरी मुंबई: (आपकी जंग)हाजी अली दरगाह पर ईद के मुबारक मौके पर मुंबई के मशहूर दरगाह हाजी अली में आस्था का ऐसा समंदर उमड़ा कि कदम रखना भी मुश्किल हो गया। सुबह से ही लाखों की तादाद में लोग दरगाह की ओर बढ़ते रहे। समुद्र के बीच बनी इस पवित्र दरगाह तक जाने वाला रास्ता इंसानों के सैलाब से भर गया। नमाज़ के बाद अकीदतमंदों ने मुल्क में अमन-चैन, तरक्की और भाईचारे की दुआएं मांगी। बच्चे, बुज़ुर्ग, नौजवान—हर उम्र के लोग सफेद कुर्ता-पायजामा और रंग-बिरंगे लिबास में नजर आए। कई लोगों ने परिवार के साथ चादर और फूल पेश कर अपनी मुरादें मांगीं। भीड़ को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासन की कड़ी व्यवस्था रही। जगह-जगह बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजाम किए गए ताकि किसी तरह की अफरा-तफरी न हो। ईद के इस पाक मौके पर हाजी अली दरगाह एक बार फिर गवाह बनी उस मोहब्बत और यकीन की, जो हर साल लाखों दिलों को यहां खींच लाती है। आपकी जंग की अपील: त्योहार खुशियों का पैगाम देता है, लेकिन भीड़ में एहतियात भी जरूरी है। अमन, सब्र और जिम्मेदारी के साथ त्योहार मनाएं।
हाजी अली दरगाह पे ईद के मौके पर उमड़ा जनसैलाब कदम रखने की जगह नहीं, लाखों अकीदतमंदों ने की हाज़िरी मुंबई: (आपकी जंग)हाजी अली दरगाह पर ईद के मुबारक मौके पर मुंबई के मशहूर दरगाह हाजी अली में आस्था का ऐसा समंदर उमड़ा कि कदम रखना भी मुश्किल हो गया। सुबह से ही लाखों की तादाद में लोग दरगाह की ओर बढ़ते रहे। समुद्र के बीच बनी इस पवित्र दरगाह तक जाने वाला रास्ता इंसानों के सैलाब से भर गया। नमाज़ के बाद अकीदतमंदों ने मुल्क में अमन-चैन, तरक्की और भाईचारे की दुआएं मांगी। बच्चे, बुज़ुर्ग, नौजवान—हर उम्र के लोग सफेद कुर्ता-पायजामा और रंग-बिरंगे लिबास में नजर आए। कई लोगों ने परिवार के साथ चादर और फूल पेश कर अपनी मुरादें मांगीं। भीड़ को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासन की कड़ी व्यवस्था रही। जगह-जगह बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजाम किए गए ताकि किसी तरह की अफरा-तफरी न हो। ईद के इस पाक मौके पर हाजी अली दरगाह एक बार फिर गवाह बनी उस मोहब्बत और यकीन की, जो हर साल लाखों दिलों को यहां खींच लाती है। आपकी जंग की अपील: त्योहार खुशियों का पैगाम देता है, लेकिन भीड़ में एहतियात भी जरूरी है। अमन, सब्र और जिम्मेदारी के साथ त्योहार मनाएं।
- मुंबई: (आपकी जंग)हाजी अली दरगाह पर ईद के मुबारक मौके पर मुंबई के मशहूर दरगाह हाजी अली में आस्था का ऐसा समंदर उमड़ा कि कदम रखना भी मुश्किल हो गया। सुबह से ही लाखों की तादाद में लोग दरगाह की ओर बढ़ते रहे। समुद्र के बीच बनी इस पवित्र दरगाह तक जाने वाला रास्ता इंसानों के सैलाब से भर गया। नमाज़ के बाद अकीदतमंदों ने मुल्क में अमन-चैन, तरक्की और भाईचारे की दुआएं मांगी। बच्चे, बुज़ुर्ग, नौजवान—हर उम्र के लोग सफेद कुर्ता-पायजामा और रंग-बिरंगे लिबास में नजर आए। कई लोगों ने परिवार के साथ चादर और फूल पेश कर अपनी मुरादें मांगीं। भीड़ को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासन की कड़ी व्यवस्था रही। जगह-जगह बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजाम किए गए ताकि किसी तरह की अफरा-तफरी न हो। ईद के इस पाक मौके पर हाजी अली दरगाह एक बार फिर गवाह बनी उस मोहब्बत और यकीन की, जो हर साल लाखों दिलों को यहां खींच लाती है। आपकी जंग की अपील: त्योहार खुशियों का पैगाम देता है, लेकिन भीड़ में एहतियात भी जरूरी है। अमन, सब्र और जिम्मेदारी के साथ त्योहार मनाएं।1
- জানা যায় বাগডোগরা নকশালবাড়ি এশিয়ান হাইওয়ের ২ সরকে বাগডোগরা কেস্টপুর এলাকায় একটি বাইক ও একটি স্কুটির মুখোমুখি সংঘর্ষে চারজন যাত্রী আহত হন এবং তাদের মধ্য থেকে দুজন রক্তাক্ত অবস্থায় মাটিতে লুটিয়ে পড়ে। স্থানীয়রা দুর্ঘটনা দেখতে পেয়ে ঘটনাস্থলে ছুটে গিয়ে আহতদের উদ্ধার করে বাগডোগরা গ্রামীণ হাসপাতালে নিয়ে যাওয়া হলে দুজনের অবস্থা আশঙ্কাজনা হওয়ায় তাদের উত্তরবঙ্গ মেডিকেল কলেজ ও হাসপাতালে পাঠানো হয়। অপর দুজনকে প্রাথমিক চিকিৎসার পর ছেড়ে দেওয়া হয়, ঘটনার খবর পেয়ে ঘটনাস্থলে বাগডোগরা ট্রাফিক পুলিশ পৌঁছে গাড়ি ও ইস্কুটি দুটিকেই আটক করে থানায় নিয়ে আসা হয় ।অনুমান করা হচ্ছে অতিরিক্ত গতিতে থাকার কারণেই এই দুর্ঘটনা।1
- Post by Panitanki Times1
- নির্বাচনী প্রচারে নেমে ফের ভোটারের ক্ষোভের মুখে পড়লো পদ্ম প্রার্থী! নকশালবাড়ি বাজারের পর এবার হাতিঘিষায় প্রচারে এসে ভোটারের ক্ষোভের মুখে পড়লো মাটিগাড়া-নকশালবাড়ি পদ্ম প্রার্থী আনন্দময় বর্মন। সোমবার মহাসিং জোতে পুজো দিয়ে প্রচারে নামেন বিজেপি প্রার্থী। এরপর অটল বাজার ও হাতিঘিষা বাজারে প্রচার চালান। প্রচারে বিজেপির লিফলেট বিলির সময় উন্নয়ন করছেন না আপনি, রেল গেটের জন্য আপনাকে জানানো পর সহযোগিতা করেনি। মঙ্গলসিং গ্ৰামে যেতে হলে রেললাইন থাকায় ২কিলোমিটার পথ ঘুরে যেতে হয় বলে বিজেপি প্রার্থীকে ক্ষোভ দেখান ওই ভোটার। তবে, এধরনের বিরোধী দলের কর্মী সমর্থকদের মানসিকতা। তারা বিক্ষোভ দেখান মত বিজেপি প্রার্থীর। এতে কোনো বিতর্ক নেই মন্তব্য প্রার্থীর।1
- জলপাইগুড়ির রাজগঞ্জ ব্লকের শিকারপুর অঞ্চলের বিবেকানন্দ কলোনিতে কালভার্ট নির্মাণকে ঘিরে বড়সড় দুর্নীতির অভিযোগ উঠল। যেখানে সঞ্জয় রায়ের বাড়ির সামনে স্ল্যাব কালভার্ট তৈরির কথা ছিল, সেখানে নিয়ম ভেঙে কাজ সরিয়ে নিয়ে যাওয়া হয়েছে তপন সুরের বাড়ির সামনে। অভিযোগ, পরিকল্পনা অনুযায়ী মজবুত স্ল্যাব কালভার্টের বদলে অত্যন্ত নিম্নমানের ছোট হিউম পাইপ বসিয়ে দায় সেরেছে ঠিকাদার। স্থানীয়দের মতে, এই কাজের প্রকৃত খরচ ২০ থেকে ৩০ হাজার টাকার বেশি নয়। অথচ সরকারি নথিতে খরচ দেখানো হয়েছে ২ লক্ষ ৫৭ হাজার ৩১৯ টাকা—যা সরাসরি আর্থিক অনিয়ম ও দুর্নীতির ইঙ্গিত দিচ্ছে।এই ঘটনায় ক্ষোভে ফেটে পড়েন এলাকাবাসী। কাজ করতে আসা রাজমিস্ত্রিকে ঘিরে বিক্ষোভ দেখিয়ে কার্যত আটকে রাখেন তারা।1
- মঙ্গলবার বিকেলে ডুয়ার্সের মাটিয়ালি ব্লকের চালসা সংলগ্ন মঙ্গলবাড়ী বস্তির সেন্ট লাকি ক্যাথলিক চার্চ জ্যোতি আশ্রমে আসবেন তৃণমূল সুপ্রিমো মমতা ব্যানার্জি। কথা বলবেন ডুয়ার্সের বিভিন্ন এলাকার ফাদার, পাস্টার ও সিস্টারদের সাথে। মঙ্গলবার দিনভর তৃণমূল সুপ্রিমোর ওই কর্মসূচিকে কেন্দ্র করে জোরকদমের প্রস্তুতি চলছে। জানা যায়, মঙ্গলবার বিকেলে টিয়াবনের হেলিপ্যাডে নেমে সেখান থেকে সড়কপথে ওই আশ্রমে যাবেন মমতা ব্যানার্জি। কর্মসূচি শেষে তিনি চলে যাবেন চালসা - মেটেলি রাজ্য সড়কের পাশে থাকা বিলাসবহুল হোটেলে। মঙ্গলবার সেখানেই রাত্রি যাপন করবেন তিনি। যেকারনে টিয়াবনের হেলিপ্যাড থেকে জাতীয় সড়ক যাওয়ার রাস্তার যুদ্ধকালীন পরিস্থিতিতে সংস্কারের কাজ চলে। পাশাপাশি জ্যোতি আশ্রমের চার্চেও এদিন সকাল থেকেই সাফ সাফাইয়ের কাজ করেন চার্চের সদস্যরা।3
- পেটে গামছা বেঁধে কাজ করছেন কয়েকশো চা শ্রমিক। আগামীকাল তৃণমূল নেত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের উত্তরবঙ্গ সফর, তার এই সফর ঘিরেই এখন নতুন করে আশায় বুক বাঁধছেন জলপাইগুড়ির কিলকোট চা বাগানের শ্রমিকেরা। দীর্ঘ দিন ধরে বকেয়া মজুরি, নেই পর্যাপ্ত খাবার—তবুও বাগান আগলে রেখেছেন তারাই।1
- आपकी जंग कल्याण कल दिनांक 22 मार्च 2026 को कल्याण रेलवे स्टेशन पर एक हैरान कर देने वाला नज़ारा देखने को मिला। एक युवक सरेआम लोकल ट्रेन के बिजली के खंभे पर चढ़कर बैठ गया। प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों की सांसें थम गईं, लेकिन युवक बेखौफ अंदाज़ में अपनी जान को दांव पर लगाता रहा। यह घटना न सिर्फ उसकी जिंदगी के लिए खतरा थी, बल्कि रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है। आखिर कैसे कोई युवक इतनी आसानी से रेलवे लाइन के खंभे तक पहुंच गया? क्या स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ कागज़ों तक सीमित है? प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आसपास मौजूद लोग वीडियो बनाते रहे लेकिन किसी ने उसे नीचे उतारने की ठोस कोशिश नहीं की। अगर जरा सी भी चूक होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। “आपकी जंग” सवाल उठाती है — क्या ऐसे लापरवाह लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी? क्या रेलवे प्रशासन अब भी जागेगा या किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार है? जान है तो जहान है — स्टंट नहीं, समझदारी दिखाएं!1