40 साल बाद फिर जलभराव से बेहाल नई बाजार-बैरागी पुरवा मार्ग, घरों में घुसा पानी 40 साल बाद फिर जलभराव से बेहाल नई बाजार-बैरागी पुरवा मार्ग, घरों में घुसा पानी लखनऊ सुपरफास्ट ख़बरे ब्यूरो चीफ़ सौरभ कौशल तुलसीपुर। नगर क्षेत्र के नई बाजार-बैरागी पुरवा मार्ग के निकट इन दिनों जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। मॉडर्न पब्लिक स्कूल के आसपास कई लोगों के घरों में पानी भर गया है, जबकि खड़ंजे के करीब एक फीट ऊपर तक पानी बह रहा है। लगातार 24 घंटे बाद भी जलनिकासी नहीं हो सकी है। जलभराव के कारण स्कूली बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चे पानी से होकर स्कूल पहुंचने के लिए जूते-चप्पल हाथ में लेकर रास्ता पार करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार करीब 40 वर्षों बाद इस मार्ग पर इस तरह की जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई है। बताया जा रहा है कि पानी की प्राकृतिक निकासी के रास्ते में लोगों द्वारा अवरोध किए जाने के कारण जलनिकासी प्रभावित हुई है। इससे बारिश का पानी मार्ग और आसपास के घरों में जमा हो रहा है। स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन नगर पंचायत से मामले का संज्ञान लेकर जलनिकासी के अवरुद्ध रास्ते को खुलवाने तथा स्थायी समाधान कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान लोगों और स्कूली बच्चों को इस परेशानी का सामना न करना पड़े।
40 साल बाद फिर जलभराव से बेहाल नई बाजार-बैरागी पुरवा मार्ग, घरों में घुसा पानी 40 साल बाद फिर जलभराव से बेहाल नई बाजार-बैरागी पुरवा मार्ग, घरों में घुसा पानी लखनऊ सुपरफास्ट ख़बरे ब्यूरो चीफ़ सौरभ कौशल तुलसीपुर। नगर क्षेत्र के नई बाजार-बैरागी पुरवा मार्ग के निकट इन दिनों जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। मॉडर्न पब्लिक स्कूल के आसपास कई लोगों के घरों में पानी भर गया है, जबकि खड़ंजे के करीब एक फीट ऊपर तक पानी बह रहा है। लगातार 24 घंटे बाद भी जलनिकासी नहीं हो सकी है। जलभराव के कारण स्कूली बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चे पानी से होकर स्कूल पहुंचने के
लिए जूते-चप्पल हाथ में लेकर रास्ता पार करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार करीब 40 वर्षों बाद इस मार्ग पर इस तरह की जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई है। बताया जा रहा है कि पानी की प्राकृतिक निकासी के रास्ते में लोगों द्वारा अवरोध किए जाने के कारण जलनिकासी प्रभावित हुई है। इससे बारिश का पानी मार्ग और आसपास के घरों में जमा हो रहा है। स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन नगर पंचायत से मामले का संज्ञान लेकर जलनिकासी के अवरुद्ध रास्ते को खुलवाने तथा स्थायी समाधान कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान लोगों और स्कूली बच्चों को इस परेशानी का सामना न करना पड़े।
- उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को मस्जिद कमेटी द्वारा हटाया जा रहा था। इसी दौरान मौके पर मौजूद भीड़ ने इसका विरोध शुरू कर दिया। विरोध के दौरान पुलिस पर पथराव किया गया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।मामले में पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें पांच सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताए जा रहे हैं। सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद का करीब 9 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा हिस्सा हटाया जाना था।मस्जिद का हिस्सा हटाए जाने के दौरान आसपास विरोध कर रहे लोगों को पुलिस ने मौके से खदेड़ दिया। पुलिस द्वारा भीड़ को तितर-बितर करने की पूरी कार्रवाई वीडियो में देखी जा सकती है। शाही मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्से को हटाने के दौरान सोमवार को तनाव बढ़ गया। प्रशासन से सहमति के बाद मस्जिद कमेटी/मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने प्रभावित हिस्सा खुद हटाना शुरू किया था, लेकिन इसी दौरान मौके पर मौजूद दूसरे लोगों ने विरोध और नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस के साथ झड़प और पथराव हुआ। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया #Ujjain उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को मस्जिद कमेटी द्वारा हटाया जा रहा था। इसी दौरान मौके पर मौजूद भीड़ ने इसका विरोध शुरू कर दिया। विरोध के दौरान पुलिस पर पथराव किया गया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।मामले में पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें पांच सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताए जा रहे हैं। सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद का करीब 9 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा हिस्सा हटाया जाना था।मस्जिद का हिस्सा हटाए जाने के दौरान आसपास विरोध कर रहे लोगों को पुलिस ने मौके से खदेड़ दिया। पुलिस द्वारा भीड़ को तितर-बितर करने की पूरी कार्रवाई वीडियो में देखी जा सकती है। शाही मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्से को हटाने के दौरान सोमवार को तनाव बढ़ गया। प्रशासन से सहमति के बाद मस्जिद कमेटी/मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने प्रभावित हिस्सा खुद हटाना शुरू किया था, लेकिन इसी दौरान मौके पर मौजूद दूसरे लोगों ने विरोध और नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस के साथ झड़प और पथराव हुआ। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया #Ujjain1
- अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं से प्रभावित गन्ना फसल के बचाव को जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार की गन्ना किसान भाइयों से अपील। बलरामपुर। जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि विगत दिनों हुई अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं के कारण जनपद में कई स्थानों पर गन्ने की फसल प्रभावित हुई है तथा गन्ना गिरने एवं झुकने की स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने सभी गन्ना किसान भाइयों से अपील की है कि अपनी उपज को सुरक्षित रखने के लिए गिरे एवं झुके हुए गन्ने को सावधानीपूर्वक उठाकर बांधने का कार्य करें। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि प्रभावित गन्ना किसानों की सहायता के लिए गन्ना विकास विभाग एवं चीनी मिलों द्वारा कुल 248 टीमों का गठन किया गया है। इनमें बलरामपुर चीनी मिल की 125 टीमें, तुलसीपुर चीनी मिल की 78 टीमें तथा उतरौला चीनी मिल की 45 टीमें शामिल हैं। ये टीमें क्षेत्र में भ्रमण कर प्रभावित गन्ना किसानों को आवश्यक सहयोग एवं तकनीकी जानकारी प्रदान कर रही हैं। उन्होंने बताया कि गिरे हुए गन्ने को समय से उठाकर बांधने से किसान अपनी उपज को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं। यदि गिरे हुए गन्ने को समय से नहीं उठाया एवं बांधा गया तो उपज में लगभग 10 से 20 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। इसके साथ ही आगामी बुवाई के लिए प्रयोग किए जाने वाले गन्ना बीज की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि गन्ने को उठाने एवं बांधने के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना बनाई गई है। प्रथम चरण में ऐसे खेतों में कार्य किया जाएगा, जहां गन्ने की फसल पूर्ण रूप से गिर गई है। द्वितीय चरण में झुके हुए गन्ने को उठाकर बांधा जाएगा। तृतीय चरण में खेतों में जमा पानी की निकासी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि जिन खेतों में अतिवृष्टि के कारण पानी भरा हुआ है, वहां यथाशीघ्र जल निकासी का प्रयास करें, क्योंकि लंबे समय तक खेत में पानी भरा रहने से गन्ने की फसल एवं जड़ों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। जिला गन्ना अधिकारी ने विशेष रूप से कहा कि गन्ने को उठाते एवं बांधते समय अत्यधिक जोर न लगाएं, जिससे गन्ने की जड़ें उखड़ने न पाएं। जड़ उखड़ने की स्थिति में पौधे के सूखने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए गन्ने को सावधानीपूर्वक उठाकर सहारा देते हुए बांधा जाए। उन्होंने कहा कि गन्ना विकास विभाग एवं चीनी मिलों की टीमें किसानों की सहायता के लिए पूरी तरह तत्पर हैं। किसान विभागीय टीमों से समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक तकनीकी सहयोग प्राप्त करें और समय रहते फसल बचाव के उपाय अपनाएं। अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं से प्रभावित गन्ना फसल के बचाव को जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार की गन्ना किसान भाइयों से अपील। बलरामपुर। जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि विगत दिनों हुई अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं के कारण जनपद में कई स्थानों पर गन्ने की फसल प्रभावित हुई है तथा गन्ना गिरने एवं झुकने की स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने सभी गन्ना किसान भाइयों से अपील की है कि अपनी उपज को सुरक्षित रखने के लिए गिरे एवं झुके हुए गन्ने को सावधानीपूर्वक उठाकर बांधने का कार्य करें। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि प्रभावित गन्ना किसानों की सहायता के लिए गन्ना विकास विभाग एवं चीनी मिलों द्वारा कुल 248 टीमों का गठन किया गया है। इनमें बलरामपुर चीनी मिल की 125 टीमें, तुलसीपुर चीनी मिल की 78 टीमें तथा उतरौला चीनी मिल की 45 टीमें शामिल हैं। ये टीमें क्षेत्र में भ्रमण कर प्रभावित गन्ना किसानों को आवश्यक सहयोग एवं तकनीकी जानकारी प्रदान कर रही हैं। उन्होंने बताया कि गिरे हुए गन्ने को समय से उठाकर बांधने से किसान अपनी उपज को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं। यदि गिरे हुए गन्ने को समय से नहीं उठाया एवं बांधा गया तो उपज में लगभग 10 से 20 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। इसके साथ ही आगामी बुवाई के लिए प्रयोग किए जाने वाले गन्ना बीज की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि गन्ने को उठाने एवं बांधने के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना बनाई गई है। प्रथम चरण में ऐसे खेतों में कार्य किया जाएगा, जहां गन्ने की फसल पूर्ण रूप से गिर गई है। द्वितीय चरण में झुके हुए गन्ने को उठाकर बांधा जाएगा। तृतीय चरण में खेतों में जमा पानी की निकासी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि जिन खेतों में अतिवृष्टि के कारण पानी भरा हुआ है, वहां यथाशीघ्र जल निकासी का प्रयास करें, क्योंकि लंबे समय तक खेत में पानी भरा रहने से गन्ने की फसल एवं जड़ों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। जिला गन्ना अधिकारी ने विशेष रूप से कहा कि गन्ने को उठाते एवं बांधते समय अत्यधिक जोर न लगाएं, जिससे गन्ने की जड़ें उखड़ने न पाएं। जड़ उखड़ने की स्थिति में पौधे के सूखने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए गन्ने को सावधानीपूर्वक उठाकर सहारा देते हुए बांधा जाए। उन्होंने कहा कि गन्ना विकास विभाग एवं चीनी मिलों की टीमें किसानों की सहायता के लिए पूरी तरह तत्पर हैं। किसान विभागीय टीमों से समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक तकनीकी सहयोग प्राप्त करें और समय रहते फसल बचाव के उपाय अपनाएं।1
- #बलरामपुर कलेक्ट्रेट में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन,मतदाता अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा का कांग्रेस ने उठाया मुद्दा #बलरामपुर कलेक्ट्रेट में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन,मतदाता अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा का कांग्रेस ने उठाया मुद्दा1
- ब्रेकिंग न्यूज़ देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़ *वाराणसी की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी ने फांसी लगाकर दे दी जान !* सिंगरौली (मध्यप्रदेश)। निधि के FB पर 9 लाख और इंस्टा पर 7 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे। वह ज्यादातर डांस की वीडियो बनाती थीं। वह मूल रूप से यूपी के वाराणसी की रहने वाली थीं, सुसाइड करने की वजह स्पष्ट नहीं है। खबर वायरल1
- बाढ़ जैसे हालात आज सुबह 8 बजे राप्ती नदी का जलस्तर 128.30 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 127.70 मीटर से 60 सेंटीमीटर ऊपर है। पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश की वजह से कादिराबाद, बिथरिया, भरवठिया बाजार और मछिया समेत कई तटवर्ती गांवों के निचले हिस्सों व खेतों में पानी भर गया है। [1, 2] आवागमन में बाधा: कई ग्रामीण रास्तों पर पानी जमा होने से लोग.1
- गिलौला सीएचसी बना तालाब, एक फीट पानी से होकर अस्पताल पहुंच रहे मरीज गिलौला। श्रावस्ती जिले के गिलौला क्षेत्र में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गिलौला का परिसर तालाब में तब्दील हो गया है। अस्पताल के चारों तरफ करीब एक फीट तक पानी जमा होने से मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इलाज के लिए दूर-दराज से अस्पताल पहुंचने वाले लोगों को इसी पानी से होकर अस्पताल के अंदर जाना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर है कि मरीजों के पैरों में लगा गंदा पानी अस्पताल के अंदर तक पहुंच रहा है। इससे अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि लंबे समय तक जलभराव रहने से गंदगी और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। सबसे ज्यादा परेशानी उन गर्भवती महिलाओं को हो रही है, जिन्हें प्रसव या जांच के लिए अस्पताल पहुंचना पड़ता है। उन्हें भी पानी से होकर अस्पताल के अंदर जाना पड़ रहा है। बारिश के कारण अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गिलौला सीएचसी क्षेत्र का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, जहां आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग इलाज कराने पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल परिसर में इस तरह का जलभराव मरीजों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। टूटी बाउंड्री वॉल से अस्पताल में घुसता है पानी सीएचसी अधीक्षक अवनीश कुमार तिवारी ने बताया कि अस्पताल परिसर में जलभराव की समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर मामले से अवगत कराया गया है। अधिकारियों की ओर से आश्वासन दिया गया है कि जैसे ही अस्पताल परिसर में जमा पानी कम होगा, वहां की टूटी हुई बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जाएगा, ताकि भविष्य में बारिश का पानी अस्पताल परिसर में प्रवेश न कर सके। फिलहाल लगातार बारिश के बीच अस्पताल परिसर में जलभराव मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। अब लोगों की नजर प्रशासन की ओर है कि जलनिकासी और टूटी बाउंड्री वॉल की समस्या का समाधान कब तक कराया जाता है।1
- बाइक और चार पहिया वाहन की आमने-सामने भिड़ंत, तीन लोग गंभीर रूप से घायल #उतरौला-#बलरामपुर मार्ग पर हादसा, घायलों को जिला अस्पताल किया गया रेफर #उतरौला-बलरामपुर मार्ग पर सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार पति-पत्नी की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में मातम छा गया। जानकारी के अनुसार, उतरौला-बलरामपुर मार्ग पर अक्सी बढ़हरा गांव के निकट नवाब भट्ठे के सामने बाइक और चार पहिया वाहन की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार पांचू राम पुत्र राम सुमिरन (लगभग 61 वर्ष), निवासी ग्राम पचौथा और उनकी पत्नी बड़का (लगभग 58 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गईं। उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। हादसे में बासूपुर चायडीह निवासी प्यारे लाल पुत्र राम लखन (लगभग 63 वर्ष), उनकी पुत्री कल्पना (लगभग 27 वर्ष), निवासी चायडीह तथा बजाज मिल निवासी कामिल पुत्र नईम (लगभग 17 वर्ष) भी गंभीर रूप से घायल हुए। घायलों की हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सड़क हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों और घायलों के परिजन मौके पर पहुंच गए। पति-पत्नी की मौत की खबर सुनते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। वहीं ग्राम पचौथा में भी शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने हादसे पर गहरा दुख जताया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित पुलिस मौके पर पहुंची और हादसे की जानकारी जुटाई। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। हादसे के बाद मार्ग पर कुछ समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। नोट: हादसे की पूरी परिस्थितियों, वाहनों के प्रकार और टक्कर के कारण की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस एवं प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। बाइक और चार पहिया वाहन की आमने-सामने भिड़ंत, तीन लोग गंभीर रूप से घायल #उतरौला-#बलरामपुर मार्ग पर हादसा, घायलों को जिला अस्पताल किया गया रेफर #उतरौला-बलरामपुर मार्ग पर सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार पति-पत्नी की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में मातम छा गया। जानकारी के अनुसार, उतरौला-बलरामपुर मार्ग पर अक्सी बढ़हरा गांव के निकट नवाब भट्ठे के सामने बाइक और चार पहिया वाहन की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार पांचू राम पुत्र राम सुमिरन (लगभग 61 वर्ष), निवासी ग्राम पचौथा और उनकी पत्नी बड़का (लगभग 58 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गईं। उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। हादसे में बासूपुर चायडीह निवासी प्यारे लाल पुत्र राम लखन (लगभग 63 वर्ष), उनकी पुत्री कल्पना (लगभग 27 वर्ष), निवासी चायडीह तथा बजाज मिल निवासी कामिल पुत्र नईम (लगभग 17 वर्ष) भी गंभीर रूप से घायल हुए। घायलों की हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सड़क हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों और घायलों के परिजन मौके पर पहुंच गए। पति-पत्नी की मौत की खबर सुनते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। वहीं ग्राम पचौथा में भी शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने हादसे पर गहरा दुख जताया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित पुलिस मौके पर पहुंची और हादसे की जानकारी जुटाई। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। हादसे के बाद मार्ग पर कुछ समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। नोट: हादसे की पूरी परिस्थितियों, वाहनों के प्रकार और टक्कर के कारण की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस एवं प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- *चुनाव में अखिलेश करेंगे बड़ा धमाका:* राजभर चचा ने यादवों को बांट दिया; क्राइम के कप्तान क्रिमिनल्स को गिफ्ट करेंगे ड्रग्स *चुनाव में अखिलेश करेंगे बड़ा धमाका:* राजभर चचा ने यादवों को बांट दिया; क्राइम के कप्तान क्रिमिनल्स को गिफ्ट करेंगे ड्रग्स1
- श्रावस्ती में बाल विवाह, बालश्रम और मानव तस्करी के विरुद्ध चला जागरूकता अभियान सोनबरसा बाजार और चिल्हरिया मोड़ पर चौपाल लगाकर लोगों को किया जागरूक, पंपलेट वितरित श्रावस्ती। जनपद में बाल विवाह, बालश्रम, बाल भिक्षावृत्ति एवं मानव तस्करी की रोकथाम को लेकर पुलिस द्वारा विशेष जागरूकता एवं चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के आदेश एवं अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकेश सिंह के निर्देशन में सोमवार को थाना एएचटी पुलिस टीम ने सिरसिया क्षेत्र के सोनबरसा बाजार और चिल्हरिया मोड़ सहित विभिन्न स्थानों पर अभियान संचालित किया। अभियान के दौरान पुलिस टीम ने चौपाल लगाकर आमजन को बाल विवाह, बालश्रम, बाल भिक्षावृत्ति एवं मानव तस्करी से जुड़े सामाजिक और कानूनी दुष्परिणामों की जानकारी दी। साथ ही विभिन्न प्रतिष्ठानों एवं सार्वजनिक स्थानों पर चेकिंग कर बालश्रम की रोकथाम के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस टीम ने लोगों को जागरूक करने के लिए पंपलेट वितरित किए तथा किसी भी आपात स्थिति में सहायता प्राप्त करने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112, साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं एंबुलेंस सेवा 108 की जानकारी दी। अभियान में थाना एएचटी के प्रभारी निरीक्षक लाल साहब सिंह, उपनिरीक्षक सतीश कुमार, महिला आरक्षी कंचन देवी, महिला आरक्षी अर्चना पांडेय एवं सरकारी वाहन चालक आरक्षी अमोल कुमार के साथ ग्रामीण बौद्ध सेवा संस्थान के समाजसेवी प्रेम बाबू गिरी मौजूद रहे। पुलिस के अनुसार जागरूकता एवं चेकिंग अभियान के दौरान समस्त कार्रवाई शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न हुई। श्रावस्ती से गिरधारी गुप्ता की रिपोर्ट।4