logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

स्वास्थ्य विभाग में अवैध वसूली का गंभीर मामला,लिपिक पर ₹20 हजार घूस मांगने का था आरोप। वीडियो वायरल होने के बावजूद जांच ठंडे बस्ते में,जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर भी नहीं हुई कार्रवाई। बलरामपुर। जनपद के स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है,जिसमें अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारी से एरियर भुगतान के नाम पर अवैध धन-वसूली किए जाने का आरोप है। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सफाई कर्मी श्री सनी कुमार से संबंधित लिपिक श्री सौरभ दुबे द्वारा ₹20,000 (बीस हजार रुपये) की अवैध मांग किए जाने का वीडियो सार्वजनिक हुआ था,जिसके बाद तत्कालीन उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री बृजेश पाठक द्वारा लिपिक को निलंबित करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए गए थे। हालांकि,विभागीय जांच पूर्ण किए बिना ही निलंबन आदेश पारित किए जाने के कारण माननीय न्यायालय द्वारा लिपिक को बहाल करते हुए नियमानुसार जांच कराए जाने का निर्देश दिया गया। इसके बावजूद स्वास्थ्य अपर निदेशक एवं उपनिदेशक,देवीपाटन मंडल (गोण्डा) द्वारा आज तक कोई प्रभावी एवं ठोस जांच नहीं कराई गई,जिससे विभागीय उदासीनता स्पष्ट रूप से सामने आ रही है। यह गंभीर मामला माननीय सांसद गोण्डा एवं निगरानी समिति बलरामपुर के अध्यक्ष श्री कीर्तिवर्धन सिंह जी की अध्यक्षता में आयोजित निगरानी समिति की बैठक में भी उठाया गया था। बैठक में यह स्पष्ट निर्णय लिया गया था कि माननीय न्यायालय द्वारा संबंधित लिपिक को उसी स्थान पर तैनात रखने का कोई आदेश नहीं है,अतः उसका स्थानांतरण किया जाना चाहिए। इसके बावजूद केवल औपचारिक प्रशासनिक स्थानांतरण कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया। प्रकरण यहीं समाप्त नहीं होता। कई महीनों तक संबंधित लिपिक को चार्ज नहीं दिया गया और अत्यधिक पत्राचार के बाद जब चार्ज दिया गया,तब भी जानबूझकर श्री सनी कुमार एवं श्री विजय प्रताप सिंह की सेवा पुस्तिका (सर्विस बुक) नहीं सौंपी गई। यह कृत्य न केवल सेवा नियमों का खुला उल्लंघन है,बल्कि दंडनीय अपराध की श्रेणी में भी आता है। इस मामले को लेकर जनपद के सभी माननीय विधायकगण,जिला अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा निदेशक स्वास्थ्य को जांच कराने हेतु कई पत्र भेजे गए,जिनकी प्राप्ति की पुष्टि स्वयं निदेशक स्वास्थ्य द्वारा की जा चुकी है। बावजूद इसके,आज तक कोई ठोस कार्रवाई न होना विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इससे संबंधित लिपिक का मनोबल बढ़ा हुआ है और उसकी दबंगई लगातार बढ़ती जा रही है। भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी डी.पी.सिंह बैस ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग में अवैध धन-वसूली की प्रवृत्ति व्यापक रूप से फैली हुई है,जिसके चलते विभागीय स्तर पर जानबूझकर कठोर कार्रवाई से बचा जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि सेवा पुस्तिका जानबूझकर न दिए जाने के मामले में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाए,पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित लिपिक एवं उसे संरक्षण देने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने माननीय सांसद एवं निगरानी समिति अध्यक्ष से प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए न्यायोचित कार्रवाई की मांग की है।

15 hrs ago
user_सौरभ कौशल
सौरभ कौशल
Journalist तुलसीपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
15 hrs ago

स्वास्थ्य विभाग में अवैध वसूली का गंभीर मामला,लिपिक पर ₹20 हजार घूस मांगने का था आरोप। वीडियो वायरल होने के बावजूद जांच ठंडे बस्ते में,जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर भी नहीं हुई कार्रवाई। बलरामपुर। जनपद के स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है,जिसमें अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारी से एरियर भुगतान के नाम पर अवैध धन-वसूली किए जाने का आरोप है। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सफाई कर्मी श्री सनी कुमार से संबंधित लिपिक श्री सौरभ दुबे द्वारा ₹20,000 (बीस हजार रुपये) की अवैध मांग किए जाने का वीडियो सार्वजनिक हुआ था,जिसके बाद तत्कालीन उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री बृजेश पाठक द्वारा लिपिक को निलंबित करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए गए थे। हालांकि,विभागीय जांच पूर्ण किए बिना ही निलंबन आदेश पारित किए जाने के कारण माननीय न्यायालय द्वारा लिपिक को बहाल करते हुए नियमानुसार जांच कराए जाने का निर्देश दिया गया। इसके बावजूद स्वास्थ्य अपर निदेशक एवं उपनिदेशक,देवीपाटन मंडल (गोण्डा) द्वारा आज तक कोई प्रभावी एवं ठोस जांच नहीं कराई गई,जिससे विभागीय उदासीनता स्पष्ट रूप से सामने आ रही है। यह गंभीर मामला माननीय सांसद गोण्डा एवं निगरानी समिति बलरामपुर के अध्यक्ष श्री कीर्तिवर्धन सिंह जी की अध्यक्षता में आयोजित निगरानी समिति की बैठक में भी उठाया गया था। बैठक में यह स्पष्ट निर्णय लिया गया था कि माननीय न्यायालय द्वारा संबंधित लिपिक को उसी स्थान पर तैनात रखने का कोई आदेश नहीं है,अतः उसका स्थानांतरण किया जाना चाहिए। इसके बावजूद केवल औपचारिक प्रशासनिक स्थानांतरण कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया। प्रकरण यहीं समाप्त नहीं होता। कई महीनों तक संबंधित लिपिक को चार्ज नहीं दिया गया और अत्यधिक पत्राचार के बाद जब चार्ज दिया गया,तब भी जानबूझकर श्री सनी कुमार एवं श्री विजय प्रताप सिंह की सेवा पुस्तिका (सर्विस बुक) नहीं सौंपी गई। यह कृत्य न केवल सेवा नियमों का खुला उल्लंघन है,बल्कि दंडनीय अपराध की श्रेणी में भी आता है। इस मामले को लेकर जनपद के सभी माननीय विधायकगण,जिला अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा निदेशक स्वास्थ्य को जांच कराने हेतु कई पत्र भेजे गए,जिनकी प्राप्ति की पुष्टि स्वयं निदेशक स्वास्थ्य द्वारा की जा चुकी है। बावजूद इसके,आज तक कोई ठोस कार्रवाई न होना विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इससे संबंधित लिपिक का मनोबल बढ़ा हुआ है और उसकी दबंगई लगातार बढ़ती जा रही है। भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी डी.पी.सिंह बैस ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग में अवैध धन-वसूली की प्रवृत्ति व्यापक रूप से फैली हुई है,जिसके चलते विभागीय स्तर पर जानबूझकर कठोर कार्रवाई से बचा जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि सेवा पुस्तिका जानबूझकर न दिए जाने के मामले में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाए,पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित लिपिक एवं उसे संरक्षण देने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने माननीय सांसद एवं निगरानी समिति अध्यक्ष से प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए न्यायोचित कार्रवाई की मांग की है।

  • user_सौरभ कौशल
    सौरभ कौशल
    तुलसीपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश
    🙏
    12 hrs ago
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • स्वास्थ्य विभाग में अवैध वसूली का गंभीर मामला,लिपिक पर ₹20 हजार घूस मांगने का था आरोप। वीडियो वायरल होने के बावजूद जांच ठंडे बस्ते में,जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर भी नहीं हुई कार्रवाई। बलरामपुर। जनपद के स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है,जिसमें अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारी से एरियर भुगतान के नाम पर अवैध धन-वसूली किए जाने का आरोप है। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सफाई कर्मी श्री सनी कुमार से संबंधित लिपिक श्री सौरभ दुबे द्वारा ₹20,000 (बीस हजार रुपये) की अवैध मांग किए जाने का वीडियो सार्वजनिक हुआ था,जिसके बाद तत्कालीन उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री बृजेश पाठक द्वारा लिपिक को निलंबित करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए गए थे। हालांकि,विभागीय जांच पूर्ण किए बिना ही निलंबन आदेश पारित किए जाने के कारण माननीय न्यायालय द्वारा लिपिक को बहाल करते हुए नियमानुसार जांच कराए जाने का निर्देश दिया गया। इसके बावजूद स्वास्थ्य अपर निदेशक एवं उपनिदेशक,देवीपाटन मंडल (गोण्डा) द्वारा आज तक कोई प्रभावी एवं ठोस जांच नहीं कराई गई,जिससे विभागीय उदासीनता स्पष्ट रूप से सामने आ रही है। यह गंभीर मामला माननीय सांसद गोण्डा एवं निगरानी समिति बलरामपुर के अध्यक्ष श्री कीर्तिवर्धन सिंह जी की अध्यक्षता में आयोजित निगरानी समिति की बैठक में भी उठाया गया था। बैठक में यह स्पष्ट निर्णय लिया गया था कि माननीय न्यायालय द्वारा संबंधित लिपिक को उसी स्थान पर तैनात रखने का कोई आदेश नहीं है,अतः उसका स्थानांतरण किया जाना चाहिए। इसके बावजूद केवल औपचारिक प्रशासनिक स्थानांतरण कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया। प्रकरण यहीं समाप्त नहीं होता। कई महीनों तक संबंधित लिपिक को चार्ज नहीं दिया गया और अत्यधिक पत्राचार के बाद जब चार्ज दिया गया,तब भी जानबूझकर श्री सनी कुमार एवं श्री विजय प्रताप सिंह की सेवा पुस्तिका (सर्विस बुक) नहीं सौंपी गई। यह कृत्य न केवल सेवा नियमों का खुला उल्लंघन है,बल्कि दंडनीय अपराध की श्रेणी में भी आता है। इस मामले को लेकर जनपद के सभी माननीय विधायकगण,जिला अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा निदेशक स्वास्थ्य को जांच कराने हेतु कई पत्र भेजे गए,जिनकी प्राप्ति की पुष्टि स्वयं निदेशक स्वास्थ्य द्वारा की जा चुकी है। बावजूद इसके,आज तक कोई ठोस कार्रवाई न होना विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इससे संबंधित लिपिक का मनोबल बढ़ा हुआ है और उसकी दबंगई लगातार बढ़ती जा रही है। भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी डी.पी.सिंह बैस ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग में अवैध धन-वसूली की प्रवृत्ति व्यापक रूप से फैली हुई है,जिसके चलते विभागीय स्तर पर जानबूझकर कठोर कार्रवाई से बचा जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि सेवा पुस्तिका जानबूझकर न दिए जाने के मामले में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाए,पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित लिपिक एवं उसे संरक्षण देने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने माननीय सांसद एवं निगरानी समिति अध्यक्ष से प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए न्यायोचित कार्रवाई की मांग की है।
    1
    स्वास्थ्य विभाग में अवैध वसूली का गंभीर मामला,लिपिक पर ₹20 हजार घूस मांगने का था आरोप।                             
वीडियो वायरल होने के बावजूद जांच ठंडे बस्ते में,जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर भी नहीं हुई कार्रवाई।                         
बलरामपुर।
जनपद के स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है,जिसमें अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारी से एरियर भुगतान के नाम पर अवैध धन-वसूली किए जाने का आरोप है। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सफाई कर्मी श्री सनी कुमार से संबंधित लिपिक श्री सौरभ दुबे द्वारा ₹20,000 (बीस हजार रुपये) की अवैध मांग किए जाने का वीडियो सार्वजनिक हुआ था,जिसके बाद तत्कालीन उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री बृजेश पाठक द्वारा लिपिक को निलंबित करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए गए थे।
हालांकि,विभागीय जांच पूर्ण किए बिना ही निलंबन आदेश पारित किए जाने के कारण माननीय न्यायालय द्वारा लिपिक को बहाल करते हुए नियमानुसार जांच कराए जाने का निर्देश दिया गया। इसके बावजूद स्वास्थ्य अपर निदेशक एवं उपनिदेशक,देवीपाटन मंडल (गोण्डा) द्वारा आज तक कोई प्रभावी एवं ठोस जांच नहीं कराई गई,जिससे विभागीय उदासीनता स्पष्ट रूप से सामने आ रही है।
यह गंभीर मामला माननीय सांसद गोण्डा एवं निगरानी समिति बलरामपुर के अध्यक्ष श्री कीर्तिवर्धन सिंह जी की अध्यक्षता में आयोजित निगरानी समिति की बैठक में भी उठाया गया था। बैठक में यह स्पष्ट निर्णय लिया गया था कि माननीय न्यायालय द्वारा संबंधित लिपिक को उसी स्थान पर तैनात रखने का कोई आदेश नहीं है,अतः उसका स्थानांतरण किया जाना चाहिए। इसके बावजूद केवल औपचारिक प्रशासनिक स्थानांतरण कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया।
प्रकरण यहीं समाप्त नहीं होता। कई महीनों तक संबंधित लिपिक को चार्ज नहीं दिया गया और अत्यधिक पत्राचार के बाद जब चार्ज दिया गया,तब भी जानबूझकर श्री सनी कुमार एवं श्री विजय प्रताप सिंह की सेवा पुस्तिका (सर्विस बुक) नहीं सौंपी गई। यह कृत्य न केवल सेवा नियमों का खुला उल्लंघन है,बल्कि दंडनीय अपराध की श्रेणी में भी आता है।
इस मामले को लेकर जनपद के सभी माननीय विधायकगण,जिला अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा निदेशक स्वास्थ्य को जांच कराने हेतु कई पत्र भेजे गए,जिनकी प्राप्ति की पुष्टि स्वयं निदेशक स्वास्थ्य द्वारा की जा चुकी है। बावजूद इसके,आज तक कोई ठोस कार्रवाई न होना विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इससे संबंधित लिपिक का मनोबल बढ़ा हुआ है और उसकी दबंगई लगातार बढ़ती जा रही है।
भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी डी.पी.सिंह बैस ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग में अवैध धन-वसूली की प्रवृत्ति व्यापक रूप से फैली हुई है,जिसके चलते विभागीय स्तर पर जानबूझकर कठोर कार्रवाई से बचा जा रहा है।
उन्होंने मांग की है कि सेवा पुस्तिका जानबूझकर न दिए जाने के मामले में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाए,पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित लिपिक एवं उसे संरक्षण देने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने माननीय सांसद एवं निगरानी समिति अध्यक्ष से प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए न्यायोचित कार्रवाई की मांग की है।
    user_सौरभ कौशल
    सौरभ कौशल
    Journalist तुलसीपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • Post by Rana P
    1
    Post by Rana P
    user_Rana P
    Rana P
    गोंडा, गोंडा, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • वाह रे उत्साह! आपको बताते चलें कि 26जनवरी 1950 क़ो भारत का संविधान लागू हुआ था, लेकिन गोंडा जनपद के झंझरी ब्लॉक की ग्राम सभा सोनी हरलाल में बच्चों ने 26 जनवरी अमर रहे का नारा लगा. बच्चे तो बच्चे बड़े भी नारा लगाते नज़र आये. जब बड़े बच्चों क़ो इस तरह का ज्ञान देंगे तो बालकों की बात ही क्या?
    1
    वाह रे उत्साह!
आपको बताते चलें कि 26जनवरी 1950 क़ो भारत का संविधान लागू हुआ था, लेकिन गोंडा जनपद के झंझरी ब्लॉक की ग्राम सभा सोनी हरलाल में बच्चों ने 26 जनवरी अमर रहे का नारा लगा. बच्चे तो बच्चे बड़े भी नारा लगाते नज़र आये. जब बड़े बच्चों क़ो इस तरह का ज्ञान देंगे तो बालकों की बात ही क्या?
    user_Brijesh Kumar Singh
    Brijesh Kumar Singh
    Reporter गोंडा, गोंडा, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • Post by ━━╬٨ـﮩﮩ❤٨ـﮩﮩـ╬━❤️❥❥═══ 🅚🅡🅘🅢🅗🅝🅐 🅚🅤🅜🅐🅡══
    1
    Post by ━━╬٨ـﮩﮩ❤٨ـﮩﮩـ╬━❤️❥❥═══ 🅚🅡🅘🅢🅗🅝🅐 🅚🅤🅜🅐🅡══
    user_━━╬٨ـﮩﮩ❤٨ـﮩﮩـ╬━❤️❥❥═══ 🅚🅡🅘🅢🅗🅝🅐 🅚🅤🅜🅐🅡══
    ━━╬٨ـﮩﮩ❤٨ـﮩﮩـ╬━❤️❥❥═══ 🅚🅡🅘🅢🅗🅝🅐 🅚🅤🅜🅐🅡══
    Voice of people कर्नलगंज, गोंडा, उत्तर प्रदेश•
    58 min ago
  • भारत वर्ष में 26 जन 26 को गणतंत्र दिवस के 77वा के शुभअवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
    1
    भारत वर्ष में 26 जन 26 को गणतंत्र दिवस के 77वा के शुभअवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
    user_Aaj Subah Times
    Aaj Subah Times
    Journalist Ayodhya, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • महाराष्ट्र के औरंगाबाद से अपने घर बहराइच आ रहा था युवक रेलवे ट्रैक पर मिला अफरोज का शव आज किया जायेगा रसूलपुर गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक।
    1
    महाराष्ट्र के औरंगाबाद से अपने घर बहराइच आ रहा था युवक रेलवे ट्रैक पर मिला अफरोज का शव आज किया जायेगा रसूलपुर गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक।
    user_T-series_Gonda
    T-series_Gonda
    कर्नलगंज, गोंडा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by Rana P
    1
    Post by Rana P
    user_Rana P
    Rana P
    गोंडा, गोंडा, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • भारत वर्ष में 26 जन 26 को गणतंत्र दिवस के 77वा के शुभअवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
    1
    भारत वर्ष में 26 जन 26 को गणतंत्र दिवस के 77वा के शुभअवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
    user_Aaj Subah Times
    Aaj Subah Times
    Journalist Ayodhya, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • यूजीसी बिल के खिलाफ बहराइच में सवर्ण समाज के लोगों ने किया प्रदर्शन प्रशासन को सौंपा ज्ञापन मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय स्थित धरना स्थल पहुंचे परशुराम सेना, क्षत्रिय महासभा, जानसत्ता दल और सवर्ण समाज के बैनर तले भारी संख्या में पहुंचे लोगों ने यूजीसी बिल के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। इस दौरान तीन सूत्रीय मांग पत्र राष्ट्रपति को संबोधित जिला प्रशासन को सौंपा गया है।
    4
    यूजीसी बिल के खिलाफ बहराइच में सवर्ण समाज के लोगों ने किया प्रदर्शन प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय स्थित धरना स्थल पहुंचे परशुराम सेना, क्षत्रिय महासभा, जानसत्ता दल और सवर्ण समाज के बैनर तले भारी संख्या में पहुंचे लोगों ने यूजीसी बिल के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। इस दौरान तीन सूत्रीय मांग पत्र राष्ट्रपति को संबोधित जिला प्रशासन को सौंपा गया है।
    user_Arshad Quddus Reporter
    Arshad Quddus Reporter
    Reporter बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.