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मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की एक खास रिपोर्ट में यह सवाल उठाया गया है कि भारत में कितने हिंदू मंदिर हैं। रिपोर्ट दर्शकों को इस सवाल का जवाब एक वीडियो के माध्यम से जानने के लिए आमंत्रित करती है।

2 hrs ago
user_Mangal Dev Rathore
Mangal Dev Rathore
मंदसौर नगर, मंदसौर, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की एक खास रिपोर्ट में यह सवाल उठाया गया है कि भारत में कितने हिंदू मंदिर हैं। रिपोर्ट दर्शकों को इस सवाल का जवाब एक वीडियो के माध्यम से जानने के लिए आमंत्रित करती है।

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  • मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की एक खास रिपोर्ट में यह सवाल उठाया गया है कि भारत में कितने हिंदू मंदिर हैं। रिपोर्ट दर्शकों को इस सवाल का जवाब एक वीडियो के माध्यम से जानने के लिए आमंत्रित करती है।
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    मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की एक खास रिपोर्ट में यह सवाल उठाया गया है कि भारत में कितने हिंदू मंदिर हैं। रिपोर्ट दर्शकों को इस सवाल का जवाब एक वीडियो के माध्यम से जानने के लिए आमंत्रित करती है।
    user_Mangal Dev Rathore
    Mangal Dev Rathore
    मंदसौर नगर, मंदसौर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • दलौदा के आसपास के गाँवों में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में विशेष रूप से करजू गरोडा के आसपास के गाँवों में अच्छी से लेकर भारी बारिश हो रही है।
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    दलौदा के आसपास के गाँवों में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में विशेष रूप से करजू गरोडा के आसपास के गाँवों में अच्छी से लेकर भारी बारिश हो रही है।
    user_Ishwarlal patidar
    Ishwarlal patidar
    Local News Reporter दलोदा, मंदसौर, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • दर्शक अब शुरू ऐप पर प्रभात प्रतापगढ़ न्यूज देख सकते हैं। इस न्यूज के संपादक परमेश्वर रेदास हैं।
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    दर्शक अब शुरू ऐप पर प्रभात प्रतापगढ़ न्यूज देख सकते हैं। इस न्यूज के संपादक परमेश्वर रेदास हैं।
    user_Parmeshvar redash
    Parmeshvar redash
    Photographer Pratapgarh, Rajasthan•
    5 hrs ago
  • पहली बरसात में ही कन्थार-नानणा रोड की स्थिति इतनी बदतर हो गई कि वह पूरी तरह से तालाब में तब्दील हो गई। सड़क की इस दुर्दशा से आक्रोशित ग्रामीणों ने अपना विरोध जताते हुए वोट का बहिष्कार करने का ऐलान किया है।
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    पहली बरसात में ही कन्थार-नानणा रोड की स्थिति इतनी बदतर हो गई कि वह पूरी तरह से तालाब में तब्दील हो गई। सड़क की इस दुर्दशा से आक्रोशित ग्रामीणों ने अपना विरोध जताते हुए वोट का बहिष्कार करने का ऐलान किया है।
    user_रिपोर्टर मकसूदअहमद राईन
    रिपोर्टर मकसूदअहमद राईन
    Local News Reporter प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • मनासा के ग्राम भाटखेड़ी में शेषावतार मंदिर के सामने जमुनिया रावजी रोड पर देर रात घर के बाहर खड़ा एक महिंद्रा 575 ट्रैक्टर बुआई मशीन सहित अज्ञात चोरों ने चुरा लिया। किसान गोविंद पिता राधेश्याम पाटीदार ने रोज़ की तरह अपना ट्रैक्टर घर के बाहर खड़ा किया था, लेकिन सुबह जब वह बाहर निकले तो ट्रैक्टर अपनी जगह से गायब मिला। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। काफी तलाश के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस को सूचना दी गई। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि रोजाना नयापुरा और जमुनिया रावजी रोड पर गांव के युवा गश्त लगाते हैं, लेकिन पिछली रात गश्त नहीं लगी थी, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने मौका पाकर इस घटना को अंजाम दिया। सूचना मिलते ही सोमवार अल सुबह मनासा डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जाँच शुरू की। पुलिस को एक सीसीटीवी कैमरे का फुटेज भी मिला है, जिसमें रात करीब 1 बजकर 15 मिनट पर दो अज्ञात व्यक्ति ट्रैक्टर के पास आते हैं, उसे स्टार्ट करते हैं और कच्चे रास्ते की तरफ से अल्हेड रोड पर निकल जाते हैं। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, पीड़ित किसान ने अपने ट्रैक्टर का पता बताने वाले को 50 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
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    मनासा के ग्राम भाटखेड़ी में शेषावतार मंदिर के सामने जमुनिया रावजी रोड पर देर रात घर के बाहर खड़ा एक महिंद्रा 575 ट्रैक्टर बुआई मशीन सहित अज्ञात चोरों ने चुरा लिया। किसान गोविंद पिता राधेश्याम पाटीदार ने रोज़ की तरह अपना ट्रैक्टर घर के बाहर खड़ा किया था, लेकिन सुबह जब वह बाहर निकले तो ट्रैक्टर अपनी जगह से गायब मिला। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

काफी तलाश के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस को सूचना दी गई। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि रोजाना नयापुरा और जमुनिया रावजी रोड पर गांव के युवा गश्त लगाते हैं, लेकिन पिछली रात गश्त नहीं लगी थी, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने मौका पाकर इस घटना को अंजाम दिया। सूचना मिलते ही सोमवार अल सुबह मनासा डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जाँच शुरू की। पुलिस को एक सीसीटीवी कैमरे का फुटेज भी मिला है, जिसमें रात करीब 1 बजकर 15 मिनट पर दो अज्ञात व्यक्ति ट्रैक्टर के पास आते हैं, उसे स्टार्ट करते हैं और कच्चे रास्ते की तरफ से अल्हेड रोड पर निकल जाते हैं।

पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, पीड़ित किसान ने अपने ट्रैक्टर का पता बताने वाले को 50 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
    user_MANISH PRAJAPATI
    MANISH PRAJAPATI
    Me Press Reporter मनासा, नीमच, मध्य प्रदेश•
    25 min ago
  • अरावली की लोकदेवी माँ जोगणियाँ को समर्पित एक उपन्यास का बीसवाँ भाग अब पाठकों के लिए उपलब्ध है। यह विशेष खंड लोकदेवी माँ जोगणियाँ की कथा को आगे बढ़ाता है।
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    अरावली की लोकदेवी माँ जोगणियाँ को समर्पित एक उपन्यास का बीसवाँ भाग अब पाठकों के लिए उपलब्ध है। यह विशेष खंड लोकदेवी माँ जोगणियाँ की कथा को आगे बढ़ाता है।
    user_Shyam pokra
    Shyam pokra
    Hindi sahitya writer. Manasa, Neemuch•
    10 hrs ago
  • मध्यप्रदेश में पुलिस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से नीमच पुलिस ने एक बड़ी और अभिनव पहल की है। इस नई व्यवस्था के तहत, अब पुलिस थानों और कार्यालयों में आने वाले फरियादी अपने मोबाइल फोन से QR कोड स्कैन करके पुलिसकर्मियों के व्यवहार, उनकी कार्यप्रणाली और शिकायतों के निराकरण को लेकर सीधे अपनी प्रतिक्रिया दे सकेंगे। यह पहल आने वाले समय में पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बन सकती है। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सुशासन विजन के तहत, पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने जिले में 'पुलिस जन-फीडबैक QR कोड सिस्टम' नामक यह प्रणाली लॉन्च की है। इस खास व्यवस्था में, जनता द्वारा दिया गया फीडबैक सीधे पुलिस प्रशासन तक पहुंचेगा, जिसकी निगरानी एसपी कार्यालय द्वारा की जाएगी। शिकायतें मिलने पर संबंधित व्यक्ति से संपर्क कर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह हाईटेक पहल जहां पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करेगी, वहीं बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों का मनोबल भी बढ़ाएगी। इस तरह QR कोड के माध्यम से जनता सीधे पुलिस का 'रिपोर्ट कार्ड' बता पाएगी।
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    मध्यप्रदेश में पुलिस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से नीमच पुलिस ने एक बड़ी और अभिनव पहल की है। इस नई व्यवस्था के तहत, अब पुलिस थानों और कार्यालयों में आने वाले फरियादी अपने मोबाइल फोन से QR कोड स्कैन करके पुलिसकर्मियों के व्यवहार, उनकी कार्यप्रणाली और शिकायतों के निराकरण को लेकर सीधे अपनी प्रतिक्रिया दे सकेंगे। यह पहल आने वाले समय में पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बन सकती है।

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सुशासन विजन के तहत, पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने जिले में 'पुलिस जन-फीडबैक QR कोड सिस्टम' नामक यह प्रणाली लॉन्च की है। इस खास व्यवस्था में, जनता द्वारा दिया गया फीडबैक सीधे पुलिस प्रशासन तक पहुंचेगा, जिसकी निगरानी एसपी कार्यालय द्वारा की जाएगी। शिकायतें मिलने पर संबंधित व्यक्ति से संपर्क कर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

यह हाईटेक पहल जहां पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करेगी, वहीं बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों का मनोबल भी बढ़ाएगी। इस तरह QR कोड के माध्यम से जनता सीधे पुलिस का 'रिपोर्ट कार्ड' बता पाएगी।
    user_मुकेश शर्मा पत्रकार नीमच
    मुकेश शर्मा पत्रकार नीमच
    Carpenter Neemuch Nagar, Madhya Pradesh•
    13 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 27 जून को कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 को राज्य सरकार 'युवा वर्ष' के रूप में मनाएगी, जबकि 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (जीआईएस) का आयोजन जनवरी में भोपाल में किया जाएगा। ये घोषणाएं अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस-2026 के अवसर पर भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित 'सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश समिट' में की गईं, जहां मध्यप्रदेश के सफल उद्यमियों की विकास गाथा पर एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 760 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की और 137 स्टार्टअप्स को 1.5 करोड़ की सहायता राशि दी। 'मध्यप्रदेश निवेश प्रोत्साहन योजना' के तहत वृहद उद्योगों को 1,274 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई, साथ ही उद्योग स्थापना के लिए भूमि आवंटन पत्र और लोन स्वीकृति पत्र भी दिए गए। देवास, पांढुर्ना, टीकमगढ़ और उज्जैन को एमएसएमई भवन की सौगात मिली, वहीं मंदसौर के मुल्तानपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 288 भू-खंड, मंडला में 165, जबलपुर में 61, बैतूल में 50, कटनी के नवीन औद्योगिक क्षेत्र में 68, नीमच के सरगना औद्योगिक क्षेत्र में 127 और खरगोन के डाबरिया औद्योगिक क्षेत्र में 103 भू-खंड आवंटित किए गए। स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए प्ले एंड प्लग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और एमएसएमई विभाग के बीच एमओयू भी हस्ताक्षरित किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 4 लाख 41 हजार से अधिक एमएसएमई यूनिट्स का संचालन माताओं-बहनों द्वारा किया जा रहा है और वर्ष 2024 से 2026 के बीच एमएसएमई में नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व 59 प्रतिशत बढ़ा है। राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास हेतु 16 क्लस्टर निर्मित किए हैं और 14 नए क्लस्टरों पर कार्य जारी है। प्रदेश को ओडीओपी में उल्लेखनीय सफलता मिली है और वर्ष 2025-26 में 20 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हुए हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वर्ष 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें कृषि क्षेत्र को आधुनिक तरीके से नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा, किसानों को शून्य ब्याज दर पर लोन दिया जाएगा और उन्हें लोन चुकाने के लिए 12 महीने की अवधि मिलेगी, जिसमें 31 मार्च की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। राज्य सरकार वर्ष 2024 को 'गरीब कल्याण वर्ष' और वर्ष 2025 को 'उद्योग एवं रोजगार वर्ष' के रूप में मना चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 200 से अधिक सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। मध्य प्रदेश सबसे युवा प्रदेश है और विदेशी निवेश भी तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें अब तक 9,300 करोड़ का निवेश धरातल पर आया है। कनाडा की मैकमैन कंपनी आगर मालवा में, यूके की दो बड़ी कंपनियां पीथमपुर में, और जापान, चीन, आयरलैंड तथा दक्षिण कोरियाई कंपनियां प्रदेश में निवेश कर रही हैं। राज्य सरकार ने 25 साल पुरानी मांग को पूरा करते हुए कपास पर मंडी शुल्क आधा करके किसानों को सौगात दी है। इसी प्रकार अरहर (तुअर) दाल से जुड़ी परेशानी पर भी सरकार काम कर रही है। प्रत्येक जिले के राजस्व का एक मॉडल तैयार किया जाएगा ताकि स्थानीय अनुकूलता के आधार पर व्यापार-व्यवसाय को प्रोत्साहन मिले। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री चेतन्य काश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने उद्योग विकास में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं, जिसका प्रमाण एमएसएमई विभाग का बजट 1100 करोड़ से बढ़कर 2100 करोड़ होना है। पिछले एक साल में लगभग 1200 भूखंड उद्योग स्थापित करने के लिए आवंटित किए गए हैं और आगामी डेढ़ साल में 3000 और भूखंड आवंटित किए जाएंगे। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश के निर्यात का 49 प्रतिशत एमएसएमई सेक्टर से आता है और राज्य में जीआईएस के दौरान मिले निवेश प्रस्तावों में से 9 लाख करोड़ का निवेश जमीन पर दिखने लगा है। एमएसएमई उत्पादों के निर्यात में मध्यप्रदेश ने एक वर्ष में 4 स्थानों की छलांग लगाई है और अब देश में 11वें नंबर पर है। प्रदेश ने भारत सरकार द्वारा तय 23 सुधारों को शत प्रतिशत लागू कर देश में टॉप अचीवर का दर्जा प्राप्त किया है। जनविश्वास बिल पारित किया गया, 900 से अधिक गैर-जरूरी कानूनों को शिथिल किया गया और 100 से अधिक कानूनों में सजा के प्रावधान को पेनाल्टी में बदला गया। पिछले एक साल में 8500 कंपनियों को बैंक लोन स्वीकृति मिली है। प्रमुख सचिव एमएसएमई राघवेंद्र कुमार ने बताया कि पिछले ढाई साल में एमएसएमई और उद्योग विभाग के अंतर्गत 11,500 करोड़ से अधिक राशि निवेश प्रोत्साहन सहायता के रूप में दी गई है। अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर 235 करोड़ रुपए की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से 750 से अधिक इकाइयों को वितरित की गई है। दिसंबर 2023 में स्टार्टअप्स की संख्या लगभग 4800 थी, जो अब 7500 से अधिक हो गई है, जिनमें से 50 प्रतिशत से अधिक का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। समिट में उद्यमियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। डॉ. पीयूष कुमार सिंह ने मध्यप्रदेश को उद्योग स्थापित करने और आगे बढ़ाने वाला राज्य बताते हुए सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों और पारदर्शिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी राज्य में 200 करोड़ का निवेश कर चुकी है और एक दुर्लभ बीमारी की दवा बना रही है। आर्यवृत अभियांत्रिकी के प्रोपराइटर राजेश मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रत्येक विभाग में निवेश प्रोत्साहन सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की है और एमएसएमई सेक्टर में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सरकार ने 31 मई 2026 तक की सभी देनदारियां क्लियर कर दी हैं।
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    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 27 जून को कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 को राज्य सरकार 'युवा वर्ष' के रूप में मनाएगी, जबकि 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (जीआईएस) का आयोजन जनवरी में भोपाल में किया जाएगा। ये घोषणाएं अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस-2026 के अवसर पर भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित 'सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश समिट' में की गईं, जहां मध्यप्रदेश के सफल उद्यमियों की विकास गाथा पर एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 760 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की और 137 स्टार्टअप्स को 1.5 करोड़ की सहायता राशि दी। 'मध्यप्रदेश निवेश प्रोत्साहन योजना' के तहत वृहद उद्योगों को 1,274 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई, साथ ही उद्योग स्थापना के लिए भूमि आवंटन पत्र और लोन स्वीकृति पत्र भी दिए गए। देवास, पांढुर्ना, टीकमगढ़ और उज्जैन को एमएसएमई भवन की सौगात मिली, वहीं मंदसौर के मुल्तानपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 288 भू-खंड, मंडला में 165, जबलपुर में 61, बैतूल में 50, कटनी के नवीन औद्योगिक क्षेत्र में 68, नीमच के सरगना औद्योगिक क्षेत्र में 127 और खरगोन के डाबरिया औद्योगिक क्षेत्र में 103 भू-खंड आवंटित किए गए। स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए प्ले एंड प्लग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और एमएसएमई विभाग के बीच एमओयू भी हस्ताक्षरित किए गए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 4 लाख 41 हजार से अधिक एमएसएमई यूनिट्स का संचालन माताओं-बहनों द्वारा किया जा रहा है और वर्ष 2024 से 2026 के बीच एमएसएमई में नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व 59 प्रतिशत बढ़ा है। राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास हेतु 16 क्लस्टर निर्मित किए हैं और 14 नए क्लस्टरों पर कार्य जारी है। प्रदेश को ओडीओपी में उल्लेखनीय सफलता मिली है और वर्ष 2025-26 में 20 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हुए हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वर्ष 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें कृषि क्षेत्र को आधुनिक तरीके से नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा, किसानों को शून्य ब्याज दर पर लोन दिया जाएगा और उन्हें लोन चुकाने के लिए 12 महीने की अवधि मिलेगी, जिसमें 31 मार्च की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। राज्य सरकार वर्ष 2024 को 'गरीब कल्याण वर्ष' और वर्ष 2025 को 'उद्योग एवं रोजगार वर्ष' के रूप में मना चुकी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 200 से अधिक सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। मध्य प्रदेश सबसे युवा प्रदेश है और विदेशी निवेश भी तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें अब तक 9,300 करोड़ का निवेश धरातल पर आया है। कनाडा की मैकमैन कंपनी आगर मालवा में, यूके की दो बड़ी कंपनियां पीथमपुर में, और जापान, चीन, आयरलैंड तथा दक्षिण कोरियाई कंपनियां प्रदेश में निवेश कर रही हैं। राज्य सरकार ने 25 साल पुरानी मांग को पूरा करते हुए कपास पर मंडी शुल्क आधा करके किसानों को सौगात दी है। इसी प्रकार अरहर (तुअर) दाल से जुड़ी परेशानी पर भी सरकार काम कर रही है। प्रत्येक जिले के राजस्व का एक मॉडल तैयार किया जाएगा ताकि स्थानीय अनुकूलता के आधार पर व्यापार-व्यवसाय को प्रोत्साहन मिले।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री चेतन्य काश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने उद्योग विकास में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं, जिसका प्रमाण एमएसएमई विभाग का बजट 1100 करोड़ से बढ़कर 2100 करोड़ होना है। पिछले एक साल में लगभग 1200 भूखंड उद्योग स्थापित करने के लिए आवंटित किए गए हैं और आगामी डेढ़ साल में 3000 और भूखंड आवंटित किए जाएंगे। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश के निर्यात का 49 प्रतिशत एमएसएमई सेक्टर से आता है और राज्य में जीआईएस के दौरान मिले निवेश प्रस्तावों में से 9 लाख करोड़ का निवेश जमीन पर दिखने लगा है। एमएसएमई उत्पादों के निर्यात में मध्यप्रदेश ने एक वर्ष में 4 स्थानों की छलांग लगाई है और अब देश में 11वें नंबर पर है। प्रदेश ने भारत सरकार द्वारा तय 23 सुधारों को शत प्रतिशत लागू कर देश में टॉप अचीवर का दर्जा प्राप्त किया है। जनविश्वास बिल पारित किया गया, 900 से अधिक गैर-जरूरी कानूनों को शिथिल किया गया और 100 से अधिक कानूनों में सजा के प्रावधान को पेनाल्टी में बदला गया। पिछले एक साल में 8500 कंपनियों को बैंक लोन स्वीकृति मिली है। प्रमुख सचिव एमएसएमई राघवेंद्र कुमार ने बताया कि पिछले ढाई साल में एमएसएमई और उद्योग विभाग के अंतर्गत 11,500 करोड़ से अधिक राशि निवेश प्रोत्साहन सहायता के रूप में दी गई है। अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर 235 करोड़ रुपए की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से 750 से अधिक इकाइयों को वितरित की गई है। दिसंबर 2023 में स्टार्टअप्स की संख्या लगभग 4800 थी, जो अब 7500 से अधिक हो गई है, जिनमें से 50 प्रतिशत से अधिक का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं।

समिट में उद्यमियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। डॉ. पीयूष कुमार सिंह ने मध्यप्रदेश को उद्योग स्थापित करने और आगे बढ़ाने वाला राज्य बताते हुए सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों और पारदर्शिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी राज्य में 200 करोड़ का निवेश कर चुकी है और एक दुर्लभ बीमारी की दवा बना रही है। आर्यवृत अभियांत्रिकी के प्रोपराइटर राजेश मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रत्येक विभाग में निवेश प्रोत्साहन सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की है और एमएसएमई सेक्टर में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सरकार ने 31 मई 2026 तक की सभी देनदारियां क्लियर कर दी हैं।
    user_Mangal Dev Rathore
    Mangal Dev Rathore
    मंदसौर नगर, मंदसौर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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