कुशीनगर के सुकरौली विकासखंड अंतर्गत ग्राम सभा मठ सूरज गिर के पास बहने वाला मझना नाला बारिश के बाद उफान पर आ गया है। नाले का जलस्तर अचानक बढ़ने से आसपास के खेतों में पानी भर गया है, जिससे किसानों की खड़ी धान की फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। इस अचानक आई बाढ़ जैसी स्थिति से स्थानीय किसानों की चिंता बेहद बढ़ गई है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होने की पूरी आशंका सता रही है। स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण मझना नाला अपने किनारों से ऊपर बहने लगा और देखते ही देखते सारा पानी धान के खेतों में फैल गया। किसानों का कहना है कि उन्होंने फसल की रोपाई और खाद-बीज पर हजारों रुपये खर्च किए थे, लेकिन अब उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ग्रामीणों को डर है कि यदि अगले कुछ दिनों तक खेतों से पानी नहीं निकला तो धान की खड़ी फसल पूरी तरह सड़कर खराब हो जाएगी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक चोट पहुंचेगी। किसानों ने इस समस्या को लेकर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि हर वर्ष बरसात के मौसम में मझना नाला उफान पर आता है और यही समस्या खड़ी होती है, लेकिन प्रशासन द्वारा अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। किसानों का मानना है कि यदि समय रहते नाले की सफाई और जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराई जाए, तो इस वार्षिक आपदा से राहत मिल सकती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल निरीक्षण कराकर खेतों से पानी निकालने का प्रबंध किया जाए और फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा व सरकारी सहायता दी जाए।
कुशीनगर के सुकरौली विकासखंड अंतर्गत ग्राम सभा मठ सूरज गिर के पास बहने वाला मझना नाला बारिश के बाद उफान पर आ गया है। नाले का जलस्तर अचानक बढ़ने से आसपास के खेतों में पानी भर गया है, जिससे किसानों की खड़ी धान की फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। इस अचानक आई बाढ़ जैसी स्थिति से स्थानीय किसानों की चिंता बेहद बढ़ गई है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होने की पूरी आशंका सता रही है। स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण मझना नाला अपने किनारों से ऊपर बहने लगा और देखते ही देखते सारा पानी धान के खेतों में फैल गया। किसानों का कहना है कि उन्होंने फसल की रोपाई और खाद-बीज पर हजारों रुपये खर्च किए थे, लेकिन अब उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ग्रामीणों को डर है कि यदि अगले कुछ दिनों तक खेतों से पानी नहीं निकला तो धान की खड़ी फसल पूरी तरह सड़कर खराब हो जाएगी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक चोट पहुंचेगी। किसानों ने इस समस्या को लेकर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि हर वर्ष बरसात के मौसम में मझना नाला उफान पर आता है और यही समस्या खड़ी होती है, लेकिन प्रशासन द्वारा अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। किसानों का मानना है कि यदि समय रहते नाले की सफाई और जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराई जाए, तो इस वार्षिक आपदा से राहत मिल सकती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल निरीक्षण कराकर खेतों से पानी निकालने का प्रबंध किया जाए और फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा व सरकारी सहायता दी जाए।
- कुशीनगर के तमकुहीराज तहसील में राजस्व अभिलेखों में फर्जीवाड़े के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एसडीएम आकांक्षा मिश्रा की गोपनीय जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद विशुनपुरा थाना क्षेत्र के दुदही कस्बा स्थित 'टीपू इन्फॉर्मेशन एवं ऑनलाइन सेंटर' (टूर एंड ट्रेवल्स एजेंसी) पर छापेमारी की गई है। इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ थाना विशुनपुरा में एफआईआर दर्ज कराई गई है। एसडीएम आकांक्षा मिश्रा के अनुसार, अक्टूबर 2025 में ग्राम तुर्कवलिया साहबगंज के राजस्व अभिलेखों में फर्जी प्रविष्टियों का मामला सामने आया था, जिसके बाद रिकॉर्ड को सही कराकर तहसील परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इसके बाद ग्राम धोकरहा और बड़हरा बुजुर्ग में भी फर्जी आदेशों के आधार पर राजस्व अभिलेखों में फेरबदल के मामले उजागर हुए। इसी गोपनीय जांच के सुरागों पर कार्रवाई करते हुए दुदही कस्बे के इस ऑनलाइन सेंटर पर करीब तीन घंटे तक दस्तावेजों की गहन जांच और पूछताछ की गई। जांच के दौरान संदिग्ध पाए जाने पर लैपटॉप और सीपीयू को टीम ने अपने कब्जे में ले लिया है, हालांकि एसडीएम ने इस मामले में मीडिया के कैमरे पर कोई भी बयान देने से साफ इनकार कर दिया। फिलहाल, जिन राजस्व अभिलेखों में फर्जी प्रविष्टियां पाई गई हैं, उन्हें विधिक प्रक्रिया के तहत संशोधित करने की कार्रवाई जारी है और प्रशासन पूरे नेटवर्क की जांच कर रहा है। राजस्व अभिलेखों में फर्जीवाड़े के खिलाफ इसे अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि सरकारी अभिलेखों के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।3
- उत्तर प्रदेश के देवरिया में इनर व्हील क्लब ऑफ देवरिया के पदभार ग्रहण समारोह का आयोजन अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस समारोह में क्लब की नव-निर्वाचित अध्यक्ष अंजना मिश्रा एवं उनकी नई कार्यकारिणी ने विधिवत अपना दायित्व ग्रहण किया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने नई टीम को शुभकामनाएं देते हुए समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण के क्षेत्र में प्रभावी ढंग से कार्य करने की अपेक्षा व्यक्त की। समारोह के दौरान निवर्तमान अध्यक्ष चाँदनी कौर के सफल, समर्पित एवं उल्लेखनीय कार्यकाल की सराहना की गई। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि चाँदनी कौर के नेतृत्व में क्लब ने सेवा, सामाजिक जागरूकता, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का सफल संचालन किया, जिससे संगठन की सामाजिक पहचान और अधिक मजबूत हुई। इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन मधु कमानी तथा जोनल हेड सरोज अग्रवाल भी मौजूद रहीं, जिन्होंने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए संगठन की सेवा परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। नव-निर्वाचित अध्यक्ष अंजना मिश्रा और उनकी नई टीम के प्रति यह विश्वास व्यक्त किया गया कि नई कार्यकारिणी सेवा भावना, समर्पण और सकारात्मक सोच के साथ क्लब की गतिविधियों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। कार्यक्रम में आने वाले समय में भी शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, बालिका शिक्षा, महिला जागरूकता और जरूरतमंदों की सहायता से जुड़े कार्यक्रमों को और गति देने का संकल्प दोहराया गया। कार्यक्रम का समापन नई टीम के सफल, प्रेरणादायी एवं जनसेवा से परिपूर्ण कार्यकाल की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।1
- देवरिया के रामपुर कारखाना (मुण्डेरा लाला, पोखरभिण्डा) में लगभग 500 एकड़ धान की फसल को जलजमाव से नष्ट होने से बचाने के लिए किसानों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। गोविंदपुर के पश्चिम में स्थित इस फसल को बचाने के लिए किसानों ने 15 जुलाई 2026 से जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और अन्य विभागों के सक्षम अधिकारियों को किसान दिवस के समय अवगत कराया था। इसके बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर आक्रोशित होकर किसानों ने नोनिया टोला व मुण्डेरा लाला पर धरना शुरू कर दिया। इस धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व उत्तर प्रदेश किसान सभा के जिलाध्यक्ष कमला यादव, प्रदेश सचिव आनंद प्रकाश चौरसिया, जिला उपाध्यक्ष रामजी चौहान और जल बचाओ के राष्ट्रीय नेता उर्फ 'जल देवता' विजय जुआठा ने किया। आंदोलन में गोविंदपुर, मुण्डेरा लाल और मुण्डेरा लाल के नोनिया टोला के किसान ऋषिकेश चौरसिया, मुसाहिद, वकील अंसारी, लाल बहादुर, मेराज, अफताब, अशोक पटेल, संदीप, सत्येंद्र यादव, राजू, राजाराम प्रसाद, कालीचरण सिंह, तेजू यादव सहित कई अन्य लोग शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान पी डब्लू ओ के सक्षम अधिकारी द्वारा फोन पर 21 जुलाई 2026 तक उचित माप का ह्यूमन पाइप लगाकर पानी निकलवाने का आश्वासन मिलने के बाद मंगलवार तक के लिए इस धरना-प्रदर्शन को समाप्त कर दिया गया।1
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के खड्डा क्षेत्र में इस सड़क पर इंटरलॉकिंग का कार्य कराए जाने की बात सामने आई है।1
- कुशीनगर में यूरिया खाद की तस्करी और कालाबाजारी थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी कड़ी में मोतीचक ब्लॉक के मथौली स्थित साधन सहकारी समिति से टेंपो में लादकर कालाबाजारी के लिए ले जाई जा रही 20 बोरी यूरिया खाद को जिला कृषि अधिकारी ने पकड़ा है। इस मामले में जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार सिंह की जांच में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। रिकॉर्ड के अनुसार आज केवल 9 बोरी यूरिया बेची गई थी, लेकिन मौके से 20 बोरी खाद बरामद की गई। इसके अलावा, समिति की सचिव द्वारा जिन किसानों के नाम बताए गए थे, वे सरकारी अभिलेखों में दर्ज ही नहीं थे। सचिव द्वारा यूरिया खाद की इस खुली हेराफेरी को देखते हुए जिला कृषि अधिकारी ने इस पर सख्त कार्रवाई की है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद तक आयोजित संसद मार्च के समर्थन में समाजवादी पार्टी के युवा फ्रंटल संगठनों ने उत्तर प्रदेश के देवरिया में प्रदर्शन किया। समाजवादी युवजन सभा, लोहिया वाहिनी, यूथ ब्रिगेड और छात्र सभा के कार्यकर्ता हाथों में बैनर और स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर सुभाष चौक पर इकट्ठा हुए। कार्यकर्ताओं ने शिक्षा की बर्बादी को रोकने, परीक्षाओं की शुचिता बहाल करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सुभाष चौक से जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। कलेक्ट्रेट पहुंचकर युवाओं के इस काफिले ने प्रशासन को अपनी चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष रणवीर यादव ने भाजपा पर शिक्षा और शिक्षण संस्थानों को बर्बाद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में अब तक 150 पेपर लीक हो चुके हैं और बेतहाशा बढ़ती बेरोजगारी से नौजवान त्रस्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार, बेइमानी और लूट चरम पर है और देश-प्रदेश के बेरोजगार नौजवान बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं। रणवीर यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के पास रोजगार की कोई योजना नहीं है और पढ़ा-लिखा नौजवान बेरोजगारी के कारण आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है। यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष खुर्शीद आलम ने कहा कि भाजपा सरकार में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है और खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है। वहीं, छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मनोज यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा भर्ती और नौकरी को खत्म करने की साजिश कर रही है और बेरोजगारों को नौकरी के बदले लाठियों की सौगात मिल रही है। इस प्रदर्शन में हृदय नारायण जायसवाल, रामप्रकाश चौधरी, हरिओम लाला, शिवानंद, संजीव, गिरीश जायसवाल, सुनैना कुशवाहा और लारेब सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश के देवरिया में समाजवादी पार्टी के युवा संगठनों ने दिल्ली में आयोजित संसद मार्च के समर्थन में सोमवार को एक पैदल मार्च निकाला। समाजवादी युवजन सभा, छात्र सभा, लोहिया वाहिनी और मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने सुभाष चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च कर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मार्च में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों और युवाओं पर बल प्रयोग करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मूल्यों से पूरी तरह भटक चुकी है। दमन और भय के जरिए जनता की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों, जनता के सम्मान और छात्र-युवा वर्ग के अधिकारों की रक्षा के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के समापन पर कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रशासन के माध्यम से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने की मांग की।1
- उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी और पेपर लीक के गंभीर मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी के युवाओं ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया है। युवाओं ने इन मुद्दों पर एकजुट होकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया और कड़ा विरोध दर्ज कराया।1
- उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित, सुगम और नियमित बस सेवा के संचालन के लिए मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना की शुरुआत कर दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को बेहतर परिवहन सुविधा से जोड़ना है। इसके जरिए ग्रामीण नागरिकों को अपने ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालयों तक आने-जाने में होने वाली किसी भी प्रकार की परेशानी से मुक्ति मिलेगी और उनका सफर आसान हो सकेगा। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा, जिससे विद्यार्थियों, किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार व सरकारी सेवाओं तक पहुँचने में बड़ी सहूलियत होगी। साथ ही, इससे ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस बेहतर परिवहन व्यवस्था से गांव और शहर के बीच की दूरी कम होगी और ग्रामीण विकास को एक नई गति मिलेगी, जो प्रदेश में समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।1