रायगढ़ पुलिस ने "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए फ्लोरा मैक्स चिटफंड कंपनी द्वारा की गई 49.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में श्याम सिंह राजपूत और बलराम बंजारा उर्फ बल्लू शामिल हैं, जिन्हें न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला वर्ष 2024 में थाना धरमजयगढ़ में दर्ज किया गया था। कंपनी के संचालकों ने 165 ग्रामीण महिलाओं को स्व-रोजगार, अधिक मुनाफा कमाने और बैंक ऋण दिलाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया। प्रत्येक महिला से 30-30 हजार रुपये का निवेश कराया गया और उनके नाम पर बैंक से ऋण भी दिलवाया गया। हालांकि, कंपनी के संचालकों ने व्यवसाय से होने वाली आय पर कब्जा कर लिया और महिलाओं को प्रतिमाह 2,700 रुपये देने का अपना वादा पूरा नहीं किया, जिसके चलते महिलाएं बैंक ऋण के बोझ तले दब गईं। जांच में सामने आया कि कंपनी के संचालकों और अधिकारियों ने धरमजयगढ़ क्षेत्र के चैनपुर, सिथरा, जबगा और जमाबीरा गांव की कुल 165 महिलाओं से लगभग 49.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। इस मामले में थाना धरमजयगढ़ में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ छत्तीसगढ़ निक्षेपकों का संरक्षण अधिनियम और ईनामी चिट एवं धन परिचालन स्कीम (प्रतिबंध) अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। पुलिस ने बताया कि इस प्रकरण में पहले कंपनी की एजेंट मंजू चौहान सहित कुछ अन्य आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है। वहीं, मुख्य आरोपी अखिलेश सिंह, राजू सिंह और गुड़िया देवी को अन्य संबंधित प्रकरणों में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस तब से ही फरार चल रहे श्याम सिंह राजपूत और बलराम बंजारा की लगातार तलाश कर रही थी। ऑपरेशन क्लीन हंट के दौरान मिली सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने श्याम सिंह राजपूत को जांजगीर-चांपा जिले के हथनेवरा से और बलराम बंजारा उर्फ बल्लू को खरसिया क्षेत्र से सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक अपराधों और फरार आरोपियों के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा और आम जनता की मेहनत की कमाई हड़पने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रायगढ़ पुलिस ने "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए फ्लोरा मैक्स चिटफंड कंपनी द्वारा की गई 49.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में श्याम सिंह राजपूत और बलराम बंजारा उर्फ बल्लू शामिल हैं, जिन्हें न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला वर्ष 2024 में थाना धरमजयगढ़ में दर्ज किया गया था। कंपनी के संचालकों ने 165 ग्रामीण महिलाओं को स्व-रोजगार, अधिक मुनाफा कमाने और बैंक ऋण दिलाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया। प्रत्येक महिला से 30-30 हजार रुपये का निवेश कराया गया और उनके नाम पर बैंक से ऋण भी दिलवाया गया। हालांकि, कंपनी के संचालकों ने व्यवसाय से होने वाली आय पर कब्जा कर लिया और महिलाओं को प्रतिमाह 2,700 रुपये देने का अपना वादा पूरा नहीं किया, जिसके चलते महिलाएं बैंक ऋण के बोझ तले दब गईं। जांच में सामने आया कि कंपनी के संचालकों और अधिकारियों ने धरमजयगढ़ क्षेत्र के चैनपुर, सिथरा, जबगा और जमाबीरा गांव की कुल 165 महिलाओं से लगभग 49.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। इस मामले में थाना धरमजयगढ़ में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ छत्तीसगढ़ निक्षेपकों का संरक्षण अधिनियम और ईनामी चिट एवं धन परिचालन स्कीम (प्रतिबंध) अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। पुलिस ने बताया कि इस प्रकरण में पहले कंपनी की एजेंट मंजू चौहान सहित कुछ अन्य आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है। वहीं, मुख्य आरोपी अखिलेश सिंह, राजू सिंह और गुड़िया देवी को अन्य संबंधित प्रकरणों में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस तब से ही फरार चल रहे श्याम सिंह राजपूत और बलराम बंजारा की लगातार तलाश कर रही थी। ऑपरेशन क्लीन हंट के दौरान मिली सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने श्याम सिंह राजपूत को जांजगीर-चांपा जिले के हथनेवरा से और बलराम बंजारा उर्फ बल्लू को खरसिया क्षेत्र से सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक अपराधों और फरार आरोपियों के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा और आम जनता की मेहनत की कमाई हड़पने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- बिलासपुर में 29 जून से 6 जुलाई तक सहकारी सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न गतिविधियों का संचालन होगा, जिसमें सदस्यता अभियान, संगोष्ठी, ड्रोन तकनीक पर चर्चा और वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।1
- बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में नाली में पेशाब करने जैसी मामूली बात पर हुए खूनी विवाद के मामले में पुलिस ने एक और फरार आरोपी, अमन अहिरवार उर्फ नाचू (24 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 25 अप्रैल 2026 की रात करीब 12 बजे प्रभात चौक, चिंगराजपारा में हुई थी, जिसमें सनत सारथी और चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस के अनुसार, प्रभात चौक निवासी सनत सारथी खाना खाने के बाद मोहल्ले में टहल रहे थे। इसी दौरान नाली में पेशाब करने की बात को लेकर विक्की अहिरवार और उसके साथियों ने पहले गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद हमलावरों ने लाठी, डंडे, मुक्के और चाकू से सनत सारथी पर जानलेवा हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे रेखा सारथी, बेटू विश्वकर्मा, सोनी सिंह ठाकुर और तिलक दास मानिकपुरी भी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित की शिकायत पर सरकंडा थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक (सिविल लाइन) निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें लगभग 15 लोग मुंह ढंककर मारपीट करते दिखाई दिए थे। सघन जांच के बाद, पुलिस ने अब तक कुल 4 आरोपियों, जिनमें शैलेन्द्र रावत उर्फ बांडिया, दीपक निषाद उर्फ बुटु, दुर्गेश अहिरवार उर्फ सीनातान और नवीनतम गिरफ्तार अमन अहिरवार शामिल हैं, के साथ-साथ 7 अपचारी बालकों को भी गिरफ्तार किया है। फरार चल रहे अमन अहिरवार उर्फ नाचू को मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर उसके श्यामनगर, लिंगियाडीह स्थित ठिकाने से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल भेज दिया गया है।1
- बिलासपुर में नगर निगम ने नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई शुरू की है। निगम की टीम जब इस कार्रवाई के लिए पहुँची तो कुछ संचालकों के साथ विवाद की स्थिति भी बनी। इस अभियान के तहत होटल अशोका और कृषि कोचिंग सेंटर को सील कर दिया गया है, और पाँच से अधिक अन्य स्थानों पर भी निरीक्षण जारी है। निगम ने स्पष्ट किया है कि नियम तोड़ने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे शहर में हड़कंप मच गया है।1
- बिलासपुर जिले के बेलतरा विधानसभा क्षेत्र स्थित कोनी में लगभग ₹200 करोड़ की लागत से निर्मित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की अधूरी स्वास्थ्य सेवाओं और संचालन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा गया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वक्ताओं ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 29 अक्टूबर 2024 को इस अस्पताल का लोकार्पण किया जा चुका है और मुख्यमंत्री भी इसका निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल अब तक अपनी पूर्ण क्षमता के साथ संचालित नहीं हो सका है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि क्षेत्र के हजारों गरीब, मजदूर, किसान और आम नागरिकों को इस अस्पताल से हार्ट, किडनी एवं ब्रेन जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार की उम्मीद थी, ताकि उन्हें बड़े शहरों का रुख न करना पड़े। हालांकि, आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध न होने के कारण गंभीर मरीजों को आज भी अन्य अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा, अत्याधुनिक आईसीयू, कैथ लैब, ऑक्सीजन प्लांट, पूर्ण सुविधा वाली एंबुलेंस, विशेषज्ञ चिकित्सक, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों जैसी बुनियादी सुविधाएं अभी तक पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं, जिसके चलते गंभीर मरीजों को सिम्स मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में भेजना पड़ रहा है। यह भी बताया गया कि अस्पताल का नाम स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के नाम पर रखा गया है, और ऐसे में केवल भवन निर्माण और नामकरण पर्याप्त नहीं है, बल्कि अस्पताल को पूरी क्षमता के साथ संचालित करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। वक्ताओं ने अस्पताल के भविष्य को लेकर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की, और पूछा कि क्या भविष्य में इस अस्पताल को किसी निजी संस्था को सौंपने की कोई योजना है। साथ ही सरकार से इस संबंध में स्पष्ट जवाब देकर जनता का विश्वास कायम रखने की मांग की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमुख माँगें रखी गईं, जिनमें अस्पताल को शीघ्र पूर्ण क्षमता के साथ शुरू करना, विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ एवं तकनीकी कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति, ऑक्सीजन प्लांट, कैथ लैब सहित आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराना, 24 घंटे इमरजेंसी सेवा एवं पूर्ण सुविधा वाली एंबुलेंस शुरू करना, गंभीर मरीजों के रेफरल की स्थिति समाप्त करना तथा अस्पताल के संभावित निजीकरण पर सरकार का स्पष्ट पक्ष सामने रखना शामिल है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी व्यक्ति या संस्था के विरोध में नहीं, बल्कि बिलासपुर की जनता के स्वास्थ्य अधिकार और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।3
- बिलासपुर जिले के बिल्हा थाना क्षेत्र के एक ग्राम पंचायत से 14 वर्ष 9 माह की एक नाबालिग छात्रा अपने घर से स्कूल जाने के लिए निकली थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटी और लापता हो गई। छात्रा के 39 वर्षीय पिता ने शनिवार सुबह 11:55 बजे बिल्हा थाने में पहुंचकर अपनी बड़ी बेटी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस को यह जानकारी शनिवार दोपहर 1:15 बजे मिली। पीड़ित पिता ने बताया कि उनकी बेटी, जिसका जन्म 02/09/2011 को हुआ था और जो गांव के स्कूल में दसवीं कक्षा में पढ़ती है, 22 जून 2026 की सुबह करीब 9 बजे 'स्कूल जा रही हूं' कहकर घर से निकली थी। जब वह वापस नहीं आई, तो परिजनों ने स्कूल में पता किया, जहां ज्ञात हुआ कि वह स्कूल पहुंची ही नहीं थी। परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों में उसकी तलाश की, लेकिन उसका आज दिनांक तक कोई सुराग नहीं मिला। पिता के अनुसार, उनकी नाबालिग बेटी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। प्रार्थी की शिकायत पर बिल्हा पुलिस ने अपराध धारा 137(2) भान्यासं. के तहत मामला दर्ज कर लिया है और इस पूरे प्रकरण की विवेचना जारी है।1
- कोरबा जिले के प्रकाश इंडस्ट्रीज में एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहाँ ऊंचाई से गिरने के कारण एक श्रमिक की मौत हो गई।1
- रायपुर में थाना पुरानी बस्ती पुलिस ने इंस्टाग्राम के माध्यम से अश्लील फोटो पोस्ट करने और उन्हें वायरल करने की धमकी देने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी ने उनकी पुत्री की इंस्टाग्राम आईडी के जरिए संपर्क साधकर निजी तस्वीरें प्राप्त की थीं। इसके बाद, आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अश्लील तस्वीरें पोस्ट कर उन्हें वायरल करने की धमकी दी। इस शिकायत के आधार पर, थाना पुरानी बस्ती में अपराध क्रमांक 295/2026 के तहत मामला दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की गई। घटना की जानकारी डीसीपी पश्चिम श्री संदीप पटेल, एडिशनल डीसीपी पश्चिम श्री राहुल देव शर्मा और एसीपी पुरानी बस्ती देवांश सिंह राठौर को दी गई थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन और पर्यवेक्षण में, आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश प्राप्त हुए। विवेचना के दौरान, तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए गए, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी सोहेब सिद्दीकी, पिता शफीक सिद्दीकी, उम्र 21 वर्ष, निवासी वाल्मीकि अंबेडकर आवास, कबीर नगर, रायपुर की संलिप्तता पाई गई और उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान, घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन को भी जब्त कर लिया गया। आरोपी के विरुद्ध बीएनएस, पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई है, और प्रकरण में आगे की कार्यवाही जारी है। रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सुरक्षित उपयोग करें तथा किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धमकी, अश्लील सामग्री या साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क करें।1
- रायगढ़ पुलिस ने "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए फ्लोरा मैक्स चिटफंड कंपनी द्वारा की गई 49.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में श्याम सिंह राजपूत और बलराम बंजारा उर्फ बल्लू शामिल हैं, जिन्हें न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला वर्ष 2024 में थाना धरमजयगढ़ में दर्ज किया गया था। कंपनी के संचालकों ने 165 ग्रामीण महिलाओं को स्व-रोजगार, अधिक मुनाफा कमाने और बैंक ऋण दिलाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया। प्रत्येक महिला से 30-30 हजार रुपये का निवेश कराया गया और उनके नाम पर बैंक से ऋण भी दिलवाया गया। हालांकि, कंपनी के संचालकों ने व्यवसाय से होने वाली आय पर कब्जा कर लिया और महिलाओं को प्रतिमाह 2,700 रुपये देने का अपना वादा पूरा नहीं किया, जिसके चलते महिलाएं बैंक ऋण के बोझ तले दब गईं। जांच में सामने आया कि कंपनी के संचालकों और अधिकारियों ने धरमजयगढ़ क्षेत्र के चैनपुर, सिथरा, जबगा और जमाबीरा गांव की कुल 165 महिलाओं से लगभग 49.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। इस मामले में थाना धरमजयगढ़ में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ छत्तीसगढ़ निक्षेपकों का संरक्षण अधिनियम और ईनामी चिट एवं धन परिचालन स्कीम (प्रतिबंध) अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। पुलिस ने बताया कि इस प्रकरण में पहले कंपनी की एजेंट मंजू चौहान सहित कुछ अन्य आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है। वहीं, मुख्य आरोपी अखिलेश सिंह, राजू सिंह और गुड़िया देवी को अन्य संबंधित प्रकरणों में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस तब से ही फरार चल रहे श्याम सिंह राजपूत और बलराम बंजारा की लगातार तलाश कर रही थी। ऑपरेशन क्लीन हंट के दौरान मिली सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने श्याम सिंह राजपूत को जांजगीर-चांपा जिले के हथनेवरा से और बलराम बंजारा उर्फ बल्लू को खरसिया क्षेत्र से सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक अपराधों और फरार आरोपियों के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा और आम जनता की मेहनत की कमाई हड़पने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1