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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिलाध्यक्ष और महापौर से जुड़े एक कथित वायरल ऑडियो क्लिप को लेकर मंत्री राजेश अग्रवाल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि पहली नज़र में यह मामला सही प्रतीत नहीं हो रहा है, और इस पर कोई भी टिप्पणी पूरी जानकारी प्राप्त होने के बाद ही करना उचित होगा।
Suraj Gupta
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिलाध्यक्ष और महापौर से जुड़े एक कथित वायरल ऑडियो क्लिप को लेकर मंत्री राजेश अग्रवाल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि पहली नज़र में यह मामला सही प्रतीत नहीं हो रहा है, और इस पर कोई भी टिप्पणी पूरी जानकारी प्राप्त होने के बाद ही करना उचित होगा।
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- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक सांड ने राह चलते लोगों पर हमला कर दिया है, जिससे इलाके में आतंक का माहौल बन गया। इस हमले में एक बुजुर्ग व्यक्ति को सांड ने उठाकर बुरी तरह पटक दिया। कुल मिलाकर, इस घटना में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए हैं। सांड के इस उत्पात की पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।1
- देवजरी मेन हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जहां एक ट्रक की टक्कर से बाइक सवार का पैर कट गया। इस घटना के बाद खरसिया पुलिस और डायल 112 की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला, और ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया गया है।1
- रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ वन मंडल अंतर्गत ग्राम पोंडी के जंगल से निकलकर आधा दर्जन से अधिक जंगली हाथियों का एक झुंड खेतों की ओर पहुंच गया है। हाथियों की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही, हाथी मित्र दल ने आसपास के ग्रामीणों को तुरंत सतर्क किया है और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है। हाथी मित्र दल के अनुसार, हाथियों का यह दल इस समय गांव के समीप खेतों और जंगल क्षेत्र में विचरण कर रहा है। इसी कारण ग्रामीणों से आग्रह किया गया है कि वे डोरी बीनने, जाम तोड़ने या अन्य वनोपज संग्रहण के लिए जंगल की ओर न जाएं। इसके अतिरिक्त, उन्हें रात के समय अकेले बाहर निकलने से बचने और हाथियों के नजदीक जाने या उन्हें छेड़ने का कोई भी प्रयास न करने की विशेष सलाह दी गई है। वन विभाग और हाथी मित्र दल लगातार हाथियों की गतिविधियों पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं और ग्रामीणों से किसी भी आपात स्थिति या हाथियों से संबंधित सूचना मिलने पर तत्काल वन विभाग अथवा हाथी मित्र दल को सूचित करने का आग्रह किया गया है। हाथी मित्र दल ने सभी ग्रामीणों से अपील की है, "कृपया सुरक्षित रहें, सतर्क रहें। हाथियों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें तथा जंगल क्षेत्र में जाने से बचें। किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।"1
- बलरामपुर में धनंजय ज्वेलर्स चोरी मामले का पुलिस ने विधिवत खुलासा करते हुए, चोरी हुए सोने-चांदी के आभूषणों को दुकान संचालक को वापस सौंप दिया है। यह कार्रवाई कुछ दिनों पहले हुई चोरी के बाद पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर के निर्देश पर कोतवाली पुलिस द्वारा की गई थी, जिसमें आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए थे। बरामद हुए इन आभूषणों की अनुमानित कीमत ₹70 लाख से अधिक बताई जा रही थी। अब पुलिस द्वारा जेवर मालिक को सुपुर्द किए जाने पर सोनार समाज और व्यापारियों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया है।2
- जनता की शिकायतों पर एक विधायक के स्वयं सड़क का निरीक्षण करने पहुंचने से यह स्पष्ट है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।1
- जशपुर जिले के ग्राम पंचायत बालाझार में एक बड़ा जमीन घोटाला सामने आया है, जहाँ एक परिवार ने कथित तौर पर सिर्फ एक एकड़ जमीन बेचने का वादा किया था, लेकिन रजिस्ट्री कागजात में 1.77 एकड़ जमीन दर्ज कर दी गई। इससे पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, क्योंकि उन्हें लगता है कि 0.77 एकड़ जमीन मुफ्त में हथिया ली गई है। इस 'महाघोटाले' को देखकर 'जादूगर' पटवारियों और रजिस्ट्री बाबुओं के 'काला जादू' की बात कही जा रही है, और इसका प्रमाण '10114233650.jpg' में छपी खबर को बताया जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि अनपढ़ होने का फायदा उठाकर दस्तावेजों में हेरफेर किया गया है। इस घटना को 'प्रशासनिक गणित' की विफलता और 'डिजिटल इंडिया' के पारदर्शिता के दावों पर 'तमाचा' बताया गया है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या रजिस्ट्री विभाग में कोई जांच-पड़ताल नहीं होती और क्या पटवारी, तहसीलदार तथा रजिस्ट्री बाबू ऐसे 'जादुई' सौदों के दौरान सिर्फ 'मूकदर्शक' बने रहते हैं, या उनकी भी इसमें कोई 'हिस्सेदारी' है। यह मामला सिर्फ जमीन के हेरफेर तक सीमित नहीं है, बल्कि पीड़ित परिवार ने कुछ अन्य गंभीर आरोप भी लगाए हैं। इन आरोपों में एक नाबालिग बेटी को धमकी देना, अदालत में विचाराधीन मामले के बावजूद घर तोड़ने के लिए जेसीबी का इस्तेमाल करना, और 2 लाख रुपये का चेक बाउंस होना शामिल है, जिसे 'धोखाधड़ी' का खुला मामला बताया गया है। इस पूरे प्रकरण को कुछ लोग 'विवादित' कह सकते हैं, लेकिन जब पूरी प्रशासनिक मशीनरी की सांठगांठ नजर आती है, तो यह एक 'सुनियोजित' साजिश अधिक लगती है। पुलिस ने इस मामले की जांच की है और डायल 112 ने भी हस्तक्षेप किया, लेकिन केवल 'थाने बुलाने' या 'सक्षम न्यायालय' जाने की सलाह एक बेघर और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा रही है। जनता अब मुख्यमंत्री से इस मामले का संज्ञान लेने और उन 'जादूगर' बाबुओं और पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर रही है, जिन्होंने इस 'एनालॉग' घोटाले को अंजाम दिया है। यह सवाल उठाया गया है कि क्या यह मामला भी एक और 'व्यंग्यात्मक' कहानी बनकर रह जाएगा, या यह सुनिश्चित किया जाएगा कि 'अशिक्षा' को 'लूटने का लाइसेंस' न समझा जाए।2