कुशीनगर के कसया तहसील अंतर्गत ग्राम बटेसरा की एक विधवा हरिजन महिला पानमती देवी ने अपनी भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा कर जबरन मकान निर्माण कराए जाने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई है। स्वर्गीय तूफानी प्रसाद की पत्नी पानमती देवी ने बताया कि वह अनुसूचित हरिजन जाति से संबंध रखती हैं। पानमती देवी के अनुसार, उनकी आराजी संख्या 179 क की भूमि पर जितेंद्र उर्फ गुड्डू यादव पुत्र विश्वनाथ यादव, धनंजय यादव पुत्र जितेंद्र यादव और सोनू यादव पुत्र सुधीर यादव नामक व्यक्ति अवैध रूप से मकान बना रहे हैं। महिला का आरोप है कि विरोध करने पर ये लोग गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देते हैं। पीड़िता ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में कई बार कसया तहसील में एसडीएम, तहसीलदार और संबंधित लेखपाल को प्रार्थना पत्र दिए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई न होने के कारण ही वह अब जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची हैं। पीड़ित महिला का यह भी आरोप है कि दबंग किस्म के लोग लगातार निर्माण कार्य करा रहे हैं, जिससे उन्हें अपनी जान-माल का खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से अपनी भूमि की पैमाइश कराकर अवैध निर्माण रुकवाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि जिलाधिकारी पीड़ित हरिजन महिला को किस प्रकार न्याय दिलाते हैं और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
कुशीनगर के कसया तहसील अंतर्गत ग्राम बटेसरा की एक विधवा हरिजन महिला पानमती देवी ने अपनी भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा कर जबरन मकान निर्माण कराए जाने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई है। स्वर्गीय तूफानी प्रसाद की पत्नी पानमती देवी ने बताया कि वह अनुसूचित हरिजन जाति से संबंध रखती हैं। पानमती देवी के अनुसार, उनकी आराजी संख्या 179 क की भूमि पर जितेंद्र उर्फ गुड्डू यादव पुत्र विश्वनाथ यादव, धनंजय यादव पुत्र जितेंद्र यादव और सोनू यादव पुत्र सुधीर यादव नामक व्यक्ति अवैध रूप से मकान बना रहे हैं। महिला का आरोप है कि विरोध करने पर ये लोग गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देते हैं। पीड़िता ने बताया
कि उन्होंने इस संबंध में कई बार कसया तहसील में एसडीएम, तहसीलदार और संबंधित लेखपाल को प्रार्थना पत्र दिए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई न होने के कारण ही वह अब जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची हैं। पीड़ित महिला का यह भी आरोप है कि दबंग किस्म के लोग लगातार निर्माण कार्य करा रहे हैं, जिससे उन्हें अपनी जान-माल का खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से अपनी भूमि की पैमाइश कराकर अवैध निर्माण रुकवाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि जिलाधिकारी पीड़ित हरिजन महिला को किस प्रकार न्याय दिलाते हैं और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
- कुशीनगर जनपद में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, जिसने आमजन की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने आगामी 28 मई तक तापमान के 47 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने की संभावना जताई है। इस जानलेवा गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है, और जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने जनपदवासियों से सतर्क रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का कड़ाई से पालन करने की अपील की है। जिलाधिकारी ने लोगों को दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। उन्होंने शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए लगातार पानी पीने, तथा आवश्यकता पड़ने पर ओआरएस, नींबू पानी या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक का सेवन करने को कहा है। इसके अतिरिक्त, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और धूप में निकलते समय छाता, टोपी या स्कार्फ का इस्तेमाल करने की हिदायत भी दी गई है। प्रशासन ने विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों, मजदूरों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने हीट स्ट्रोक के संभावित लक्षणों, जैसे तेज बुखार, बेहोशी, घबराहट, भ्रम, तेज धड़कन या पसीना बंद होने की स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुँचने की चेतावनी जारी की है। उन्होंने लोगों से शराब, अत्यधिक चाय-कॉफी और भारी भोजन से परहेज करने की अपील की। साथ ही, बच्चों और पालतू जानवरों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ने की सलाह भी दी गई है। आपात स्थिति में नागरिक एम्बुलेंस सेवा 108, टोल फ्री नंबर 1077 या जिला आपातकालीन नियंत्रण कक्ष के नंबर 05564-240590 पर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन ने जनपदवासियों से इस भीषण गर्मी में स्वयं सुरक्षित रहने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की है।1
- कुशीनगर के पडरौना स्थित किलकारी हॉस्पिटल में एक मासूम बच्चे की मौत के बाद उसके परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मिली जानकारी के अनुसार, सलीमपुर पनियहवा निवासी नंदिनी, जो वर्तमान में अपने मायके मोहनपत्ती शेखपुरा में रह रही थीं, अपने बीमार बच्चे को इलाज के लिए किलकारी हॉस्पिटल लेकर पहुंची थीं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने इलाज के नाम पर उनसे पैसे जमा करवा लिए, लेकिन इलाज के दौरान ही बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि बच्चे की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन उसे कहीं और रेफर करने की बात करने लगा, जिसके बाद वे आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में ही हंगामा शुरू कर दिया। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही सुभाष चौक चौकी इंचार्ज अपनी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे, उन्होंने स्थिति को नियंत्रित किया और परिजनों को शांत कराया। पुलिस ने अब इस मामले में आवश्यक जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।1
- प्रधान द्वारा यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि सफाई व्यवस्था उचित तरीके से होनी चाहिए। इसके साथ ही, कर्मचारियों के दौरों और उनके 'ब्लफ' को भी प्रधान द्वारा पकड़ा जाना चाहिए।1
- उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध बाबा दोना शुक्ल स्थान पर इन दिनों श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ रहा है। दूर-दूर से आए भक्त बाबा के दरबार में माथा टेककर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं। वे अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए बाबा के दर्शन और पूजन करने आते हैं। मंदिर परिसर में सुबह से ही पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का सिलसिला लगातार जारी है। मलमास और अन्य धार्मिक आयोजनों के चलते श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। प्रशासन और स्थानीय समिति द्वारा भक्तों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। भक्तों का यह दृढ़ विश्वास है कि बाबा दोना शुक्ल के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का एक अद्भुत माहौल देखने को मिल रहा है, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना हुआ है।1
- कुशीनगर के पडरौना स्थित रामकोला रोड पर तिलक़ नगर पोखरा जाने वाली सड़क पर काली माता का मंदिर खतरे की जद में है। मंदिर के ठीक बगल में बिजली विभाग द्वारा लगाए गए दो ट्रांसफार्मरों के जर्जर नंगे बिजली के तारों के कारण हर साल बरसात में मंदिर में करंट उतरता है। यह स्थिति लगातार बनी हुई है और अब तक कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे किसी भी वक्त एक अप्रिय घटना घटित होने का गंभीर जोखिम बना हुआ है। लोगों का मानना है कि ये नंगे बिजली के तार कब किसको अपनी चपेट में ले लें, यह अब भगवान भरोसे है। भक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मांग की जा रही है कि इन जर्जर और नंगे तारों को या तो ठीक से सुरक्षित किया जाए या फिर इनके चारों ओर कंटीले तारों से घेराव किया जाए। स्थानीय लोगों के अनुसार, इन नंगे तारों के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।4
- कुशीनगर के हाटा क्षेत्र में 25 मई से 2 जून तक नौतपा का दौर शुरू होने वाला है।1
- कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के भटकल स्थित टट्टीहक्कल नदी में एक हृदय विदारक घटना में एक ही परिवार के 11 सदस्यों की डूबने से मौत हो गई। यह त्रासदी तब हुई जब वे सभी नदी में सीप इकट्ठा कर रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम लगातार इस क्षेत्र में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है ताकि प्रभावितों की मदद की जा सके।1
- बगहा शास्त्री नगर के वार्ड नंबर 14 में सड़कों की दयनीय स्थिति सामने आई है, जहां जलजमाव के कारण सड़क की पहचान करना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों ने इस समस्या को उजागर करते हुए यह सवाल उठाया है कि क्या यह वास्तव में एक सड़क है या फिर एक तालाब में तब्दील हो चुकी है। इस गंभीर मुद्दे पर जनता अपनी आवाज उठा रही है और अधिकारियों से इस 'ग्राउंड रियलिटी' पर ध्यान देने की मांग कर रही है।1
- कुशीनगर जिले के हाटा कोतवाली क्षेत्र में एक 47 वर्षीय व्यक्ति की मेडिकल स्टोर पर इलाज के दौरान मृत्यु हो गई, जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मृतक रामकृपाल यादव, जो खेती-बाड़ी का काम करते थे, उनके परिजनों ने मेडिकल स्टोर संचालक पर गलत इलाज, लापरवाही और मृत्यु के बाद मारपीट कराने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस को लिखित तहरीर दी गई है। परिजनों के अनुसार, शनिवार सुबह लगभग 11 बजे रामकृपाल यादव को दस्त की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें बालेसर चौराहा स्थित विनोद पांडेय मेडिकल स्टोर पर इलाज के लिए ले जाया गया। वहां एक कथित झोलाछाप डॉक्टर ने इंजेक्शन और बोतल चढ़ाकर उनका इलाज शुरू किया। मृतक के पुत्र उमेंद्र यादव ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया है कि उनके पिता की मृत्यु इलाज के दौरान ही हो गई थी, लेकिन मेडिकल स्टोर संचालक ने कथित तौर पर स्थिति को नियंत्रण में बताकर शाम तक इलाज जारी रखा और परिजनों को मरीज को किसी बड़े अस्पताल ले जाने से भी रोका। आरोप है कि जब रामकृपाल यादव की हालत बेहद बिगड़ने लगी और परिजनों ने दबाव बनाया, तब संचालक ने एक एंबुलेंस बुलाकर मरीज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हाटा भेजा। वहां चिकित्सकों ने रामकृपाल यादव को मृत घोषित कर दिया और पुष्टि की कि उनकी मृत्यु काफी पहले हो चुकी थी। इस घटना से आक्रोशित परिजन शव लेकर दोबारा मेडिकल स्टोर पहुंचे, लेकिन तब तक संचालक दुकान बंद कर फरार हो चुका था। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ देर बाद संचालक की ओर से 10 से 15 लोगों को भेजा गया, जिन्होंने उनके साथ मारपीट की और शव के साथ भी अभद्रता की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।1