*सावधान-अंतरराष्ट्रीय IVR कॉल से डिजिटल अरेस्ट का नया खतरा; राजस्थान पुलिस ने जारी की एडवाइजरी* जयपुर, 06 मार्च। राजस्थान में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और मनोवैज्ञानिक तरीका अपनाया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक वीके सिंह के निर्देशानुसार साइबर अपराध प्रकोष्ठ द्वारा प्रदेश में साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और आमजन को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने एक खतरनाक ट्रेंड का खुलासा किया है, जिसमें अपराधी इंटरनेशनल IVR (Interactive Voice Response) कॉल के माध्यम से लोगों को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठग रहे हैं। *ठगी का हाई-टेक तरीका* एसपी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी सबसे पहले विदेशी नंबरों से एक ऑटोमेटेड IVR कॉल करते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति फोन उठाता है, उसे रिकॉर्डेड आवाज सुनाई देती है जो खुद को पुलिस, भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI), फेडेक्स (FedEx) या दूरसंचार विभाग (DoT) का अधिकारी बताती है। अपराधी पीड़ित को मनोवैज्ञानिक रूप से इतना डरा देते हैं कि उसे लगता है कि वह वास्तव में किसी बड़ी कानूनी मुसीबत में फंस गया है। कॉल के दौरान पीड़ित को झूठी सूचना दी जाती है कि उसका मोबाइल नंबर या उसके नाम से आया कोई पार्सल किसी अवैध गतिविधि या गंभीर अपराध में शामिल पाया गया है। अपराधी धमकी देते हैं कि उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी या उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस भारी दबाव के बीच अपराधी पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट का नाटक करते हैं और केस रफा-दफा करने के बदले बैंक विवरण, ओटीपी मांगते हैं या सीधे पैसे ट्रांसफर करवा लेते हैं। *इन अंतरराष्ट्रीय नंबरों से रहें सतर्क* अपराधी अपनी पहचान छुपाने के लिए सैटेलाइट और विदेशी नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं। जांच में पाया गया है कि इनमारसैट (+870) सैटेलाइट नंबरों का सबसे ज्यादा दुरुपयोग हो रहा है। इसके अलावा निम्नलिखित देशों के कोड वाले नंबरों से आने वाली कॉल बेहद संदिग्ध हो सकती हैं: ● पड़ोसी देश: पाकिस्तान (+92), बांग्लादेश (+880), नेपाल (+977), अफगानिस्तान (+93)। ● एशियाई देश: दक्षिण कोरिया (+82), ईरान (+98), कंबोडिया (+855), सऊदी अरब (+966), संयुक्त अरब अमीरात (+971), लाओस (+858), पूर्वी तिमोर (+670)। ● अन्य देश: यूनाइटेड किंगडम (+44), ऑस्ट्रेलिया (+61), पोलैंड (+48), बोस्निया (+387), वनुआतु (+678), आइवरी कोस्ट (+225), बोत्सवाना (+267), तंजानिया (+255), न्यू कैलेडोनिया (+687)। * सैटेलाइट नेटवर्क: ग्लोबल सैटेलाइट (+881) और थुरया (+882)। *ट्राई की स्पष्ट चेतावनी* दूरसंचार विभाग और ट्राई ने स्पष्ट किया है कि वे कभी भी किसी व्यक्ति के खिलाफ व्यक्तिगत जांच नहीं करते हैं। TRAI न तो किसी से आधार कार्ड या बैंक डिटेल्स मांगता है और न ही किसी को डिजिटल माध्यम से गिरफ्तार करने की धमकी देता है। ऐसे कॉल पूरी तरह फर्जी और धोखाधड़ी के उद्देश्य से किए जाते हैं। *सुरक्षा के उपाय और शिकायत प्रक्रिया* राजस्थान पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे अनजान अंतरराष्ट्रीय नंबरों से आने वाली कॉल को लेकर सतर्क रहें। यदि कोई संदिग्ध कॉल आती है, तो उसे तुरंत काट दें और इसकी रिपोर्ट संचार साथी पोर्टल या ऐप पर करें। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा न करें। यदि आप किसी ऐसी धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा आप निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 / 9257510100 पर भी सूचना दे सकते हैं। ऑनलाइन ------------
*सावधान-अंतरराष्ट्रीय IVR कॉल से डिजिटल अरेस्ट का नया खतरा; राजस्थान पुलिस ने जारी की एडवाइजरी* जयपुर, 06 मार्च। राजस्थान में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और मनोवैज्ञानिक तरीका अपनाया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक वीके सिंह के निर्देशानुसार साइबर अपराध प्रकोष्ठ द्वारा प्रदेश में साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और आमजन को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने एक खतरनाक ट्रेंड का खुलासा किया है, जिसमें अपराधी इंटरनेशनल IVR (Interactive Voice Response) कॉल के माध्यम से लोगों को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठग रहे हैं। *ठगी का हाई-टेक तरीका* एसपी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी सबसे पहले विदेशी नंबरों से एक ऑटोमेटेड IVR कॉल करते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति फोन उठाता है, उसे रिकॉर्डेड आवाज सुनाई देती है जो खुद को पुलिस, भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI), फेडेक्स (FedEx) या दूरसंचार विभाग (DoT) का अधिकारी बताती है। अपराधी पीड़ित को मनोवैज्ञानिक रूप से इतना डरा देते हैं कि उसे लगता है कि वह वास्तव में किसी बड़ी कानूनी मुसीबत में फंस गया है। कॉल के दौरान पीड़ित को झूठी सूचना दी जाती है कि उसका मोबाइल नंबर या उसके नाम से आया कोई पार्सल किसी अवैध गतिविधि या गंभीर अपराध में शामिल पाया गया है। अपराधी धमकी देते हैं कि उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी या उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस भारी दबाव के बीच अपराधी पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट का नाटक करते हैं और केस रफा-दफा करने के बदले बैंक विवरण, ओटीपी मांगते हैं या सीधे पैसे ट्रांसफर करवा लेते हैं। *इन अंतरराष्ट्रीय नंबरों से रहें सतर्क* अपराधी अपनी पहचान छुपाने के लिए सैटेलाइट और विदेशी नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं। जांच में पाया गया है कि इनमारसैट (+870) सैटेलाइट नंबरों का सबसे ज्यादा दुरुपयोग हो रहा है। इसके अलावा निम्नलिखित देशों के कोड वाले नंबरों से आने वाली कॉल बेहद संदिग्ध हो सकती हैं: ● पड़ोसी देश: पाकिस्तान (+92), बांग्लादेश (+880), नेपाल (+977), अफगानिस्तान (+93)। ● एशियाई देश: दक्षिण कोरिया (+82), ईरान (+98), कंबोडिया (+855), सऊदी अरब (+966), संयुक्त अरब अमीरात (+971), लाओस (+858), पूर्वी तिमोर (+670)। ● अन्य देश: यूनाइटेड किंगडम (+44), ऑस्ट्रेलिया (+61), पोलैंड (+48), बोस्निया (+387), वनुआतु (+678), आइवरी कोस्ट (+225), बोत्सवाना (+267), तंजानिया (+255), न्यू कैलेडोनिया (+687)। * सैटेलाइट नेटवर्क: ग्लोबल सैटेलाइट (+881) और थुरया (+882)। *ट्राई की स्पष्ट चेतावनी* दूरसंचार विभाग और ट्राई ने स्पष्ट किया है कि वे कभी भी किसी व्यक्ति के खिलाफ व्यक्तिगत जांच नहीं करते हैं। TRAI न तो किसी से आधार कार्ड या बैंक डिटेल्स मांगता है और न ही किसी को डिजिटल माध्यम से गिरफ्तार करने की धमकी देता है। ऐसे कॉल पूरी तरह फर्जी और धोखाधड़ी के उद्देश्य से किए जाते हैं। *सुरक्षा के उपाय और शिकायत प्रक्रिया* राजस्थान पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे अनजान अंतरराष्ट्रीय नंबरों से आने वाली कॉल को लेकर सतर्क रहें। यदि कोई संदिग्ध कॉल आती है, तो उसे तुरंत काट दें और इसकी रिपोर्ट संचार साथी पोर्टल या ऐप पर करें। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा न करें। यदि आप किसी ऐसी धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा आप निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 / 9257510100 पर भी सूचना दे सकते हैं। ऑनलाइन ------------
- Post by अब्राहम थामस कोवुर1
- उदयपुर जिले के मावली उपखंड क्षेत्र के फतेहनगर थाना अंतर्गत लदाना के पास स्थित खाटू श्यामजी के मंदिर में चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। अज्ञात चोरों ने मंदिर के दानपात्र को निशाना बनाते हुए करीब 8 से 10 लाख रुपये की नगदी पर हाथ साफ कर दिया।1
- भारत आईईए और ओपेक के साथ LPG गैस की वैकल्पिक सप्लाई पर बातचीत कर रहा है.. जानिये क्यों ?1
- सलूम्बर। जिले के समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से संचालित पंच गौरव कार्यक्रम के अंतर्गत विस्तृत कार्ययोजना की समीक्षा के लिए सोमवार को जिला कलेक्टर कक्ष में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में पंच गौरव कार्यक्रम के तहत जिले में प्रस्तावित विकास कार्यों की प्रगति, उनकी कार्यान्वयन रणनीति तथा विभागवार जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। नोडल प्रभारी एवं उपनिदेशक आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग शेल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष के बजट के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर दिए गए हैं। बैठक के दौरान जिला कलेक्टर ने राजीविका के अंतर्गत प्रस्तावित पलाश प्रोसेसिंग यूनिट का कार्य शुरू नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को इसे शीघ्र प्रारंभ कराने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कलेक्टर मीणा ने जयसमंद झील क्षेत्र के विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि झील क्षेत्र में सड़क आवागमन को सुगम बनाया जाए तथा यात्रियों के लिए पेयजल, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। इसके साथ ही पर्यटकों की सुविधा के लिए कैफेटेरिया विकसित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वर्षभर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए, जिनमें जनजागरूकता अभियान, प्रदर्शनी एवं अन्य गतिविधियां शामिल हों, ताकि आमजन को पंच गौरव कार्यक्रम के उद्देश्यों और योजनाओं की जानकारी मिल सके। बैठक में पलाश की नर्सरी विकसित करने तथा पलाश वाटिका स्थापित करने के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पंच गौरव कार्यक्रम के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्विति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य जिले के समग्र विकास को गति देना तथा आमजन को विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। बैठक के अंत में जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंच गौरव कार्यक्रम के तहत जिले की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि योजनाओं का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में पंच गौरव कार्यक्रम से जुड़े विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।1
- उदयपुर। जिले के सायरा थाना क्षेत्र में जंगली भालुओं का आतंक बढ़ता जा रहा है। रविवार सुबह एक और किसान पर भालुओं ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार घटना करदा क्षेत्र के नोतल की भागल गांव में रविवार सुबह करीब 5 बजे हुई। किसान पेमाराम गमेती अपने खेत पर फसल की रखवाली करने जा रहे थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे तीन जंगली भालुओं ने अचानक उन पर हमला कर दिया। भालुओं ने पेमाराम के सिर, चेहरे और पैरों को बुरी तरह नोच डाला और उन्हें जमीन पर गिराकर कई जगह गहरे घाव कर दिए। उनकी चीख-पुकार सुनकर पास में मौजूद भेरूलाल सुधार मौके पर पहुंचे और शोर मचाकर अन्य ग्रामीणों को बुलाया। ग्रामीणों की भीड़ देखकर तीनों भालू जंगल की ओर भाग गए। घायल किसान को तुरंत गोगुंदा अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर एमबी हॉस्पिटल उदयपुर रेफर कर दिया गया। क्षेत्र में गन्ने की फसल अधिक होने के कारण भालू खेतों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। तीन दिनों में दूसरी बार हुए हमले के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और वन विभाग से भालुओं को पकड़ने की मांग की जा रही है।1
- उदयपुर जिले के सायरा थाना पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर एक ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला थाना क्षेत्र के केला की सेरी निवासी सामताराम गमेती की हत्या से जुड़ा है, जिसका शव 6 मार्च को पालीदाणा के पास सड़क किनारे मिला था।1
- Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान4
- उदयपुर जिले के वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र के खरसान गांव में पिछले चार–पांच दिनों से खेतों की तरफ पेंथर का मूवमेंट दिखाई देने से ग्रामीणों में चिंता का माहौल बना हुआ है। गांव के किसान रामेश्वर लाल जालावत ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके खेतों की तरफ पिछले कुछ दिनों से लगातार एक छोटे चीते के बच्चे को घूमते हुए देखा जारहा है। उन्होंने बताया कि खेतों में रोजाना किसानों और पशुपालकों का आना–जाना लगा रहता है, ऐसे में जंगली जानवर के मूवमेंट से लोगों में भय की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों के साथ साथ बड़ा जानवर भी हो सकता है।1