गन्ने की मिठास खींच रही भालुओं को खेतों तक, सायरा में तीन दिन में दूसरी बार किसान पर हमला उदयपुर। जिले के सायरा थाना क्षेत्र में जंगली भालुओं का आतंक बढ़ता जा रहा है। रविवार सुबह एक और किसान पर भालुओं ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार घटना करदा क्षेत्र के नोतल की भागल गांव में रविवार सुबह करीब 5 बजे हुई। किसान पेमाराम गमेती अपने खेत पर फसल की रखवाली करने जा रहे थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे तीन जंगली भालुओं ने अचानक उन पर हमला कर दिया। भालुओं ने पेमाराम के सिर, चेहरे और पैरों को बुरी तरह नोच डाला और उन्हें जमीन पर गिराकर कई जगह गहरे घाव कर दिए। उनकी चीख-पुकार सुनकर पास में मौजूद भेरूलाल सुधार मौके पर पहुंचे और शोर मचाकर अन्य ग्रामीणों को बुलाया। ग्रामीणों की भीड़ देखकर तीनों भालू जंगल की ओर भाग गए। घायल किसान को तुरंत गोगुंदा अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर एमबी हॉस्पिटल उदयपुर रेफर कर दिया गया। क्षेत्र में गन्ने की फसल अधिक होने के कारण भालू खेतों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। तीन दिनों में दूसरी बार हुए हमले के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और वन विभाग से भालुओं को पकड़ने की मांग की जा रही है।
गन्ने की मिठास खींच रही भालुओं को खेतों तक, सायरा में तीन दिन में दूसरी बार किसान पर हमला उदयपुर। जिले के सायरा थाना क्षेत्र में जंगली भालुओं का आतंक बढ़ता जा रहा है। रविवार सुबह एक और किसान पर भालुओं ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार घटना करदा क्षेत्र के नोतल की भागल गांव में रविवार सुबह करीब 5 बजे हुई। किसान पेमाराम गमेती अपने खेत पर फसल की रखवाली करने जा रहे थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे तीन जंगली भालुओं ने अचानक उन पर हमला कर दिया। भालुओं ने पेमाराम के सिर, चेहरे और पैरों को बुरी तरह नोच डाला और उन्हें जमीन पर गिराकर कई जगह गहरे घाव कर दिए। उनकी चीख-पुकार सुनकर पास में मौजूद भेरूलाल सुधार मौके पर पहुंचे और शोर मचाकर अन्य ग्रामीणों को बुलाया। ग्रामीणों की भीड़ देखकर तीनों भालू जंगल की ओर भाग गए। घायल किसान को तुरंत गोगुंदा अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर एमबी हॉस्पिटल उदयपुर रेफर कर दिया गया। क्षेत्र में गन्ने की फसल अधिक होने के कारण भालू खेतों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। तीन दिनों में दूसरी बार हुए हमले के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और वन विभाग से भालुओं को पकड़ने की मांग की जा रही है।
- उदयपुर। जिले के सायरा थाना क्षेत्र में जंगली भालुओं का आतंक बढ़ता जा रहा है। रविवार सुबह एक और किसान पर भालुओं ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार घटना करदा क्षेत्र के नोतल की भागल गांव में रविवार सुबह करीब 5 बजे हुई। किसान पेमाराम गमेती अपने खेत पर फसल की रखवाली करने जा रहे थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे तीन जंगली भालुओं ने अचानक उन पर हमला कर दिया। भालुओं ने पेमाराम के सिर, चेहरे और पैरों को बुरी तरह नोच डाला और उन्हें जमीन पर गिराकर कई जगह गहरे घाव कर दिए। उनकी चीख-पुकार सुनकर पास में मौजूद भेरूलाल सुधार मौके पर पहुंचे और शोर मचाकर अन्य ग्रामीणों को बुलाया। ग्रामीणों की भीड़ देखकर तीनों भालू जंगल की ओर भाग गए। घायल किसान को तुरंत गोगुंदा अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर एमबी हॉस्पिटल उदयपुर रेफर कर दिया गया। क्षेत्र में गन्ने की फसल अधिक होने के कारण भालू खेतों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। तीन दिनों में दूसरी बार हुए हमले के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और वन विभाग से भालुओं को पकड़ने की मांग की जा रही है।1
- Post by देवीलाल गरासिया2
- Post by अब्राहम थामस कोवुर1
- उदयपुर जिले के सायरा थाना पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर एक ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला थाना क्षेत्र के केला की सेरी निवासी सामताराम गमेती की हत्या से जुड़ा है, जिसका शव 6 मार्च को पालीदाणा के पास सड़क किनारे मिला था।1
- उदयपुर जिले के मावली उपखंड क्षेत्र के फतेहनगर थाना अंतर्गत लदाना के पास स्थित खाटू श्यामजी के मंदिर में चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। अज्ञात चोरों ने मंदिर के दानपात्र को निशाना बनाते हुए करीब 8 से 10 लाख रुपये की नगदी पर हाथ साफ कर दिया।1
- Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान2
- *8 महीनों से भवन ध्वस्त, खुले में पढ़ने को मजबूर 250 विद्यार्थी* ग्राम पंचायत मादडा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मादडा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जर्जर अवस्था के कारण सरकार के आदेश पर विद्यालय भवन को 8 महीने पहले ध्वस्त कर दिया गया था, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। डोम या टेंट जैसी वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है, जिससे करीब 250 विद्यार्थी खुले में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। यह विद्यालय कक्षा 12 तक संचालित है। स्टाफ की स्थिति भी कमजोर है—19 पद स्वीकृत होने के बावजूद केवल 7 शिक्षक कार्यरत हैं और सेकंड ग्रेड का एक भी शिक्षक उपलब्ध नहीं है। अभिभावकों ने शीघ्र भवन निर्माण और शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है।1
- Post by देवीलाल गरासिया1