मुरैना जिले की माताबसेया थाना पुलिस ने हत्या के एक चर्चित मामले में करीब तीन साल से फरार चल रहे दो स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। जिले में फरार अपराधियों और स्थायी वारंटियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र पाल सिंह डावर और एसडीओपी विजय सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन में की गई। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपी थाना हाजा में दर्ज हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और आर्म्स एक्ट के मामले में वांछित चल रहे थे, जिन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विवेक सिंह तोमर सहित पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस के अनुसार, इस हत्या प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। मुरैना पुलिस का कहना है कि फरार अपराधियों के खिलाफ जिले में यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।
मुरैना जिले की माताबसेया थाना पुलिस ने हत्या के एक चर्चित मामले में करीब तीन साल से फरार चल रहे दो स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। जिले में फरार अपराधियों और स्थायी वारंटियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र पाल सिंह डावर और एसडीओपी विजय सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन में की गई। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपी थाना हाजा में दर्ज हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और आर्म्स एक्ट के मामले में वांछित चल रहे थे, जिन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विवेक सिंह तोमर सहित पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस के अनुसार, इस हत्या प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। मुरैना पुलिस का कहना है कि फरार अपराधियों के खिलाफ जिले में यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।
- मुरैना के पोरसा में वार्ड क्रमांक 6 स्थित उत्सव वाटिका वाली गली में पिछले करीब दो वर्षों से जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। इस मार्ग पर भरे गंदे पानी के कारण यहाँ से प्रतिदिन गुजरने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं, स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी अधिक खराब हो गई है, जिससे क्षेत्र में दुर्घटनाओं और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इस समस्या से तंग आकर वार्डवासियों ने अब एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है और नगर पालिका प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वार्ड क्रमांक 6 के पार्षद, नगर पालिका अध्यक्ष और सीएमओ ने अब तक इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कोई भी प्रभावी कदम नहीं उठाया है। इससे पहले भी इस मुद्दे को समाचार पत्रों, फेसबुक और इंस्टाग्राम के माध्यम से कई बार उठाया जा चुका है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में अब यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि क्या इस वायरल वीडियो के बाद नगर पालिका प्रशासन जागेगा या फिर लोगों को इसी तरह जलभराव की समस्या से जूझना पड़ेगा।2
- मुरैना जिले के पोरसा में उत्सव वाटिका वाली गली की बदहाल सड़क स्थानीय लोगों, राहगीरों और छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं कोचिंग और स्कूल आते-जाते हैं, वहीं बड़ी संख्या में आम नागरिकों का भी आवागमन रहता है। गड्ढों और कीचड़ से भरी इस सड़क के कारण आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बारिश के दौरान यहाँ स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। इस खस्ताहाल व्यवस्था से परेशान होकर स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग और नगर पालिका से मांग की है कि इस मार्ग की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।1
- भिंड जिले में लगातार फैल रही अव्यवस्थाओं के खिलाफ युवा शक्ति संगठन ने अपनी प्रथम बैठक आयोजित की है। इस बैठक में संगठन ने भिंड जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली से लेकर जिला अस्पताल की बदहाली और नेशनल हाईवे 719 की खस्ताहाल स्थिति को लेकर तीखे मुद्दे उठाए हैं। जिले में लगातार सामने आ रही इन प्रशासनिक और बुनियादी अव्यवस्थाओं को लेकर संगठन के सदस्यों में गहरा आक्रोश है। इस बैठक में कामना सिंह, कलेक्टर ऑफिस भिंड से जुड़े विषय पर भी चर्चा की गई।1
- हरियाणा के चरखी दादरी जिले के पैतृक गांव छपार में शहीद हवलदार सोनू को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई है। 16 जुलाई 2026 को आयोजित इस अंतिम संस्कार में गांव के हजारों लोग मौजूद रहे। भारत माता के जयकारों और नम आंखों के बीच वीर सपूत का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, पूर्व सैनिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए और पूरे गांव में शोक का माहौल रहा। श्रद्धांजलि सभा में भिवानी-महेंद्रगढ़ सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह तथा दादरी विधायक सुनील सतपाल सांगवान ने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मिलकर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि देश अपने वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। इस अवसर पर पूर्व सैनिक संगठनों ने भी अमर बलिदानी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। चरखी दादरी पूर्व सैनिक संगठन के प्रधान सोमवीर शर्मा अपनी पूरी टीम के साथ अंतिम संस्कार में पहुंचे और पुष्पचक्र अर्पित कर वीर सपूत को अंतिम सलामी दी। पूर्व सैनिकों ने कहा कि शहीद हवलदार सोनू का सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। इसके साथ ही, अमर शहीद सम्मान सेवा संघ अम्बाह ने भी अमर शहीद हवलदार सोनू को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।4
- मध्य प्रदेश के भिंड जिला अंतर्गत गोरमी क्षेत्र के तेजपुर ग्राम स्थित साइन धाम के महंत श्री कालिदास जी महाराज द्वारा जन कल्याण हेतु एक भव्य और दिव्य रामधुन यात्रा निकाली गई है। यह भव्य रामधुन यात्रा कल्याणपुर, तेजपुर, राउ पुर, टिकरी और रावतपुरा आदि पांच गांवों से होकर गुजरी। दिव्य रामधुन की ध्वनि के साथ निकली इस यात्रा को महंत कालिदास महाराज ने जन कल्याण के उद्देश्य से निकाला है।1
- मुरैना जिले के अंबाह सिविल अस्पताल परिसर में खड़ी एक निजी एम्बुलेंस के अंदर कुछ लोगों द्वारा शराब पीने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना के सामने आने के बाद बीएमओ डॉ. प्रमोद शर्मा ने स्थानीय थाना पुलिस को एक आवेदन सौंपकर मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बीएमओ ने पुलिस से अस्पताल परिसर से सभी निजी एम्बुलेंसों को हटाने की मांग भी की है। उनका कहना है कि अस्पताल परिसर में इस तरह निजी एम्बुलेंस खड़ी रहने से मरीजों की आवाजाही बाधित होती है और साथ ही इस प्रकार की अवांछित गतिविधियों से अस्पताल की गरिमा और छवि भी प्रभावित हो रही है।1