भीलवाड़ा में सनसनी: पिता ने बेटे की हत्या कर खुद भी दी जान | सुसाइड से पहले बनाया वीडियो वायरल भीलवाड़ा जिले के बडलियास थाना क्षेत्र के बड़ला गांव से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि राधेश्याम वैष्णव ने अपने 8वीं कक्षा में पढ़ने वाले बेटे वंश वैष्णव की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी पिता ने जहरीला पदार्थ सेवन कर आत्महत्या कर ली। घटना से पहले राधेश्याम द्वारा एक वीडियो बनाया गया था, जिसमें उसने ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पूरे गांव में शोक और सनसनी का माहौल है। 👉 आखिर क्या है इस घटना के पीछे की सच्चाई? 👉 वीडियो में क्या कहा गया? 👉 पुलिस जांच में अब तक क्या सामने आया? पूरी खबर के लिए वीडियो अंत तक देखें।
भीलवाड़ा में सनसनी: पिता ने बेटे की हत्या कर खुद भी दी जान | सुसाइड से पहले बनाया वीडियो वायरल भीलवाड़ा जिले के बडलियास थाना क्षेत्र के बड़ला गांव से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि राधेश्याम वैष्णव ने अपने 8वीं कक्षा में पढ़ने वाले बेटे वंश वैष्णव की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी पिता ने जहरीला पदार्थ सेवन कर आत्महत्या कर ली। घटना से पहले राधेश्याम द्वारा एक वीडियो बनाया गया था, जिसमें उसने ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पूरे गांव में शोक और सनसनी का माहौल है। 👉 आखिर क्या है इस घटना के पीछे की सच्चाई? 👉 वीडियो में क्या कहा गया? 👉 पुलिस जांच में अब तक क्या सामने आया? पूरी खबर के लिए वीडियो अंत तक देखें।
- Post by Narendra kumar Regar1
- भीलवाड़ा जिले के बडलियास थाना क्षेत्र के बड़ला गांव से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि राधेश्याम वैष्णव ने अपने 8वीं कक्षा में पढ़ने वाले बेटे वंश वैष्णव की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी पिता ने जहरीला पदार्थ सेवन कर आत्महत्या कर ली। घटना से पहले राधेश्याम द्वारा एक वीडियो बनाया गया था, जिसमें उसने ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पूरे गांव में शोक और सनसनी का माहौल है। 👉 आखिर क्या है इस घटना के पीछे की सच्चाई? 👉 वीडियो में क्या कहा गया? 👉 पुलिस जांच में अब तक क्या सामने आया? पूरी खबर के लिए वीडियो अंत तक देखें।1
- Post by Blk Blk1
- Post by Jalampura AC morcha adhyaks D.s.1
- शाहपुरा जिला बहाल करो संघर्ष समिति द्वारा मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी शाहपुरा को दिया जायेगा 9 वां स्मरणपत्र शाहपुरा भैरू लाल लक्षकार विगत वर्ष 28 दिसम्बर 2024 को सरकार ने शाहपुरा जिले का दर्जा समाप्त कर दिया था, इसके विरोध में प्रत्येक माह की 28 तारीख को ब्लैक डे मनाया जाता है । शाहपुरा जिला बहाल करो संघर्ष समिति शाहपुरा द्वारा शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा दिलाने की मांग का आंदोलन एक वर्ष 2 माह बीत जाने के बाद भी निरंतर जारी है। संघर्ष समिति महासचिव कमलेश मुंडेतिया ने बताया कि शाहपुरा जिले की बहाली की मांग को लेकर नो वां स्मरण पत्र शाहपुरा जिला बहाल करो संघर्ष समिति अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा सयोंजक रामप्रसाद जाट के नेतृत्व में 28 फरवरी को दोपहर 1:00 बजे महलों के चौक बालाजी की छतरी से वाहन रैली के रूप में शांतिपूर्ण नारेबाजी प्रदर्शन करते हुए उपखंड कार्यालय पहुंचकर उपखंड अधिकारी शाहपुरा को मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम दिया जायेगा और शाहपुरा को जिला बनाने का किया वादा याद दिलाया । 9 माह पूर्व में संघर्ष समिति और मुख्यमंत्री की जयपुर में शाहपुरा विधायक की मौजूदगी में वार्ता हुई और शाहपुरा को वापस जिला बनाने का सकारात्मक आश्वासन मिला था । परन्तु सरकार ने 9 माह बीतने के बाद भी शाहपुरा को वापस जिले का दर्जा नहीं दिया जिससे आमजन में आक्रोश है। संघर्ष समिति जनता से किये वादों के लिए कटिबद्ध है । शाहपुरा जिला बहाल करो संघर्ष समिति पदाधिकारी सहसंयोजक सूर्य प्रकाश ओझा संरक्षक सत्यनारायण पाठक अजय मेहता हाजी उस्मान मोहम्मद छिपा कोषाध्यक्ष उदय लाल बेरवा सहसचिव नूर मोहम्मद रंगरेज शाहपुरा के व्यापारियों एवं नागरिकों से स्वैच्छिक प्रतिष्ठान बंद रखकर रैली में सम्मिलित होकर सहयोग करने की अपील की ।4
- Post by Alert Nation News1
- बेगूं में महिला कांग्रेस ने फूंका हरदीप पुरी का पुतला । बेगूं । केंद्रीय मंत्री का नाम एपस्टीन फाइल में आने के बाद बेगूं में महिला कांग्रेस ने इसे लेकर विरोध दर्ज किया हैं। एपस्टीन फाइल मामले में राष्ट्रीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा व प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष सारिका सिंह के आदेशानुसार महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को बेगूं नगर के पुराने बस स्टैंड पर महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष यशोदा नरेंद्र पुरोहित के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का पुतला दहन किया । कांग्रेस ने केंद्र सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है. मामले को लेकर चित्तौड़गढ़ महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष यशोदा नरेंद्र पुरोहित ने कहा है कि एपस्टिन फाइल में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का नाम लगातार आने के बाद भी अब तक केंद्र सरकार उन पर कोई कार्रवाई नहीं कर पाई है । इस मामले ने भारत की छवि पूरे देश में खराब हुई है. इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कांग्रेस हर स्तर पर ऐसे गलत कामों का विरोध करते रहेगी। पूरा मामला महिला के सम्मान के साथ जुड़ा हुआ है ,वहीं देश के सम्मान की भी बात है. कांग्रेसियों ने बीजेपी नेताओं के नाम गिनाते हुए कहा कि एपस्टीन फाइल्स में एक दो नहीं सैकड़ों बार बीजेपी और उनके नेताओं का नाम आना शर्मनाक है. इस मामले को लेकर के देश की छवि वैश्विक स्तर पर खराब हुई है। श्रीमती पुरोहित व महिला काँग्रेस कार्यकर्ताओ ने मांग की है कि जिस प्रकार विदेशो के लोगो का नाम आया है वह लोग भी इस्तीफा दे रहे है अतः नैतिकता के नाते केंद्रीय मंत्री हरदीप पूरी को भी इस्तीफा देना चाहिए। पुतला दहन व प्रदर्शन के समय पूर्व पार्षद रामकन्या देवी गुरुजी, सुशीला देवी रेगर गायत्री सोनी, सीमा ऐरवाल, दुर्गा राव, गीता गुर्जर, पिंकी रेगर, दुर्गा जटिया, रुकमा भील, निरमा रेगर, बाली बाई भील, भोली भील, मीना रेगर, मंजु देवी सोलंकी, प्रज्ञा शर्मा, ललिता राव, शबाना , अनुश्री उपाध्याय,अंतिम तंबोली, स्नेहा जैन, सीमा सोनी, निकिता प्रजापत, रेखा भट्ट, आरती चौरे, खुशबू टेलर, सीमा रेगर, निलु रेगर आदि सेकड़ों महिलाए उपस्थित थी।1
- पुर आरटीओ सर्कल तीन नंबर चौराहे के पास पंचमुखी हनुमान मंदिर के पीछे स्थित सगस जी महाराज श्री श्री शंकर सिंह जी राठौर के मंदिर परिसर में महिला मंडल द्वारा धूमधाम से फागो उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए पुजारी रतनलाल शर्मा ने बताया कि फागुन माह के उपलक्ष्य में आयोजित इस उत्सव में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मंदिर परिसर में भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा। भजनों की गूंज के साथ फागुन के पारंपरिक गीतों पर महिलाओं ने सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। इस अवसर पर महिलाओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर फाग उत्सव की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला।3