यह वीडियो पूरी तरह से सर्वाइवल स्टाइल में लकड़ी के लॉग केबिन के निर्माण की पूरी यात्रा को शुरू से अंत तक दिखाता है। इसमें केवल प्राकृतिक सामग्री और साधारण औजारों का उपयोग करके चरण-दर-चरण निर्माण को दर्शाया गया है। वीडियो में लॉग केबिन को एक खूबसूरत लकड़ी के सर्वाइवल हाउस में बदलते हुए दिखाया गया है, जो प्रकृति प्रेमियों, DIY बिल्डरों और ऑफ-ग्रिड जीवन का सपना देखने वालों के लिए एकदम सही है। अधिक लॉग केबिन निर्माण, सर्वाइवल कौशल और प्राकृतिक लकड़ी के घर परियोजनाओं के लिए सदस्यता लेने का भी आग्रह किया गया है। एक महत्वपूर्ण सुरक्षा नोट/अस्वीकरण यह भी है कि यह वीडियो केवल मनोरंजन के उद्देश्य से बनाया गया है। इसमें सभी दृश्य, पात्र और घटनाएँ काल्पनिक हैं, और बच्चों को इनसे डरना या इनकी नकल नहीं करनी चाहिए। कुछ दृश्य AI की मदद से बनाए गए हैं, इसलिए दर्शकों को विवेक का प्रयोग करने की सलाह दी गई है।
यह वीडियो पूरी तरह से सर्वाइवल स्टाइल में लकड़ी के लॉग केबिन के निर्माण की पूरी यात्रा को शुरू से अंत तक दिखाता है। इसमें केवल प्राकृतिक सामग्री और साधारण औजारों का उपयोग करके चरण-दर-चरण निर्माण को दर्शाया गया है। वीडियो में लॉग केबिन को एक खूबसूरत लकड़ी के सर्वाइवल हाउस में बदलते हुए दिखाया गया है, जो प्रकृति प्रेमियों, DIY बिल्डरों और ऑफ-ग्रिड जीवन का सपना देखने वालों के लिए एकदम सही है। अधिक लॉग केबिन निर्माण, सर्वाइवल कौशल और प्राकृतिक लकड़ी के घर परियोजनाओं के लिए सदस्यता लेने का भी आग्रह किया गया है। एक महत्वपूर्ण सुरक्षा नोट/अस्वीकरण यह भी है कि यह वीडियो केवल मनोरंजन के उद्देश्य से बनाया गया है। इसमें सभी दृश्य, पात्र और घटनाएँ काल्पनिक हैं, और बच्चों को इनसे डरना या इनकी नकल नहीं करनी चाहिए। कुछ दृश्य AI की मदद से बनाए गए हैं, इसलिए दर्शकों को विवेक का प्रयोग करने की सलाह दी गई है।
- यह वीडियो पूरी तरह से सर्वाइवल स्टाइल में लकड़ी के लॉग केबिन के निर्माण की पूरी यात्रा को शुरू से अंत तक दिखाता है। इसमें केवल प्राकृतिक सामग्री और साधारण औजारों का उपयोग करके चरण-दर-चरण निर्माण को दर्शाया गया है। वीडियो में लॉग केबिन को एक खूबसूरत लकड़ी के सर्वाइवल हाउस में बदलते हुए दिखाया गया है, जो प्रकृति प्रेमियों, DIY बिल्डरों और ऑफ-ग्रिड जीवन का सपना देखने वालों के लिए एकदम सही है। अधिक लॉग केबिन निर्माण, सर्वाइवल कौशल और प्राकृतिक लकड़ी के घर परियोजनाओं के लिए सदस्यता लेने का भी आग्रह किया गया है। एक महत्वपूर्ण सुरक्षा नोट/अस्वीकरण यह भी है कि यह वीडियो केवल मनोरंजन के उद्देश्य से बनाया गया है। इसमें सभी दृश्य, पात्र और घटनाएँ काल्पनिक हैं, और बच्चों को इनसे डरना या इनकी नकल नहीं करनी चाहिए। कुछ दृश्य AI की मदद से बनाए गए हैं, इसलिए दर्शकों को विवेक का प्रयोग करने की सलाह दी गई है।1
- औरंगाबाद जिले के हसपुरा प्रखंड क्षेत्र स्थित डुमरा टोले अकल बिगहा में स्थानीय निवासी चतुर्गुण यादव की 33वीं पुण्यतिथि मनाई गई।1
- फार्मर आईडी पंजीकरण कार्य में धीमी प्रगति को लेकर एसडीओ कृष्ण कांत उपाध्याय ने सख्त रवैया अपनाया है। समीक्षा के दौरान खराब प्रदर्शन पाए जाने के बाद सभी कृषि कर्मियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। सोमवार शाम करीब 4:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार, पीरो, चरपोखरी और तरारी के कुल 20 कृषि कर्मियों से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। जब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, तब तक उनका 25 मई का वेतन भी रोक दिया गया है। एसडीओ ने साफ चेतावनी दी है कि इस महत्वपूर्ण अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- Post by Mantu Paswan1
- औरंगाबाद जिले के गोहपोखरा से एक भावुक अपील की गई है, जिसमें लोगों से 'सफी' के लिए समर्थन मांगा गया है। इस अपील में विनम्रतापूर्वक सभी से सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया गया है।1
- काराकाट प्रखंड के अमौना पैक्स में चल रहे कृषि साख सहयोग समिति के चुनाव में अब मुकाबला आमने-सामने होने का आसार दिख रहा है। मुखिया प्रतिनिधि चिंटू सिंह ने अध्यक्ष पद के लिए विशाल सिंह की दावेदारी को मजबूत करते हुए उनके पक्ष में एक बड़ी बात कही है।2
- रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम में सम्राट अशोक फाउंडेशन के चेयरमैन निरंजन कुशवाहा उर्फ पप्पू ने घोषणा की है कि महात्मा फुले मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में अगले दो वर्षों के भीतर 8 नए कोर्स शुरू किए जाएंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि संस्थान को बिहार का सबसे बड़ा मेडिकल कॉलेज बनाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। संस्थान के स्थापना दिवस समारोह के दौरान, उन्होंने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बिहार को आत्मनिर्भर बनाना संस्था का प्रमुख उद्देश्य है। आधुनिक सुविधाओं, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से यह संस्थान युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगा, जिससे छात्रों को बेहतर मेडिकल शिक्षा के लिए अब दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। कॉलेज में आधुनिक लैब, अनुभवी शिक्षकों और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इस कार्यक्रम में कॉलेज परिवार के सदस्य, स्थानीय गणमान्य लोग, शिक्षक और छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समारोह के दौरान संस्थान के विकास और बिहार में शिक्षा के विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। निरंजन कुशवाहा ने पुनः दोहराया कि बिहार का सबसे बड़ा मेडिकल कॉलेज बनाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है।3
- औरंगाबाद जिले के हसपुरा निवासी साहित्यकार एवं लेखक शंभु शरण सत्यार्थी को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित लक्ष्मीबाई पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें हसपुरा में दिया गया, जिससे स्थानीय स्तर पर साहित्य और लेखन क्षेत्र में उनकी पहचान बढ़ी है।1