हापुड़ जिले के ग्राम दादरी में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही देखने को मिली है। यहाँ रात को लगभग 8 बजे एक ट्रांसफॉर्मर में आग लग जाने के कारण कई मोहल्लों की बत्ती गुल हो गई, जिससे ग्रामीण गर्मी में परेशान हो उठे। ग्रामीणों द्वारा बिजली घर फोन किए जाने के बाद रात लगभग 10 बजे लाइनमैन ट्रांसफॉर्मर को ठीक तो कर गया, लेकिन इसके बावजूद कई घरों में बिजली नहीं आई। ग्रामीणों ने लाइनमैन से कई बार बोला कि लाइट अभी ठीक नहीं हुई है, लेकिन वह लापरवाही दिखाते हुए वहां से चला गया। इसके बाद रात 12 बजे एक खंभे के तारों में अचानक फाल्ट हो गया, जिससे तारों में आग लग गई और वे टूटकर नीचे सड़क पर गिर गए। गनीमत यह रही कि उस दौरान सड़क पर कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा खतरा होने से टल गया। हालांकि, सड़क पर गिरे इन तारों में करंट चालू था और बिजली घर में कोई फोन नहीं उठा रहा था। बहुत देर बाद जब बिजली घर में फोन उठाया गया, तब जाकर लाइट कटवाई गई, जिससे मोहल्ले में डर का माहौल बना रहा। इस घटना की जानकारी पूर्व नगर महासचिव हापुड़ (टीम सेवा ही सब से बड़ा कर्म है) अनुज कश्यप ने दी है।
हापुड़ जिले के ग्राम दादरी में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही देखने को मिली है। यहाँ रात को लगभग 8 बजे एक ट्रांसफॉर्मर में आग लग जाने के कारण कई मोहल्लों की बत्ती गुल हो गई, जिससे ग्रामीण गर्मी में परेशान हो उठे। ग्रामीणों द्वारा बिजली घर फोन किए जाने के बाद रात लगभग 10 बजे लाइनमैन ट्रांसफॉर्मर को ठीक तो कर गया, लेकिन इसके बावजूद कई घरों में बिजली नहीं आई। ग्रामीणों ने लाइनमैन से कई बार बोला कि लाइट अभी ठीक नहीं हुई है, लेकिन वह लापरवाही दिखाते हुए वहां से चला गया। इसके बाद रात 12 बजे एक खंभे के तारों में अचानक फाल्ट हो गया, जिससे तारों में आग लग गई और वे टूटकर नीचे सड़क पर गिर गए। गनीमत यह रही कि उस दौरान सड़क पर कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा खतरा होने से टल गया। हालांकि, सड़क पर गिरे इन तारों में करंट चालू था और बिजली घर में कोई फोन नहीं उठा रहा था। बहुत देर बाद जब बिजली घर में फोन उठाया गया, तब जाकर लाइट कटवाई गई, जिससे मोहल्ले में डर का माहौल बना रहा। इस घटना की जानकारी पूर्व नगर महासचिव हापुड़ (टीम सेवा ही सब से बड़ा कर्म है) अनुज कश्यप ने दी है।
- हापुड़ के थाना पिलखुआ कोतवाली क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में तीन नाबालिग किशोरियों के एक साथ लापता होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में प्राप्त तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। लापता किशोरियों की खोजबीन के लिए पुलिस ने दो टीमों का गठन किया है और ये टीमें तलाश के लिए रवाना हो चुकी हैं। किशोरियों का सुराग लगाने के लिए पुलिस द्वारा आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला जा रहा है।1
- हापुड़ के बाबूगढ़ क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश और आकाशीय बिजली के कारण दो विद्युत ट्रांसफॉर्मर खराब हो गए, जिससे पिछले दो दिनों से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली गुल होने के कारण स्थानीय लोगों को गर्मी और अपने दैनिक कार्यों को पूरा करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। विद्युत विभाग के अनुसार, तकनीकी खराबी के चलते एक 250 केवीए और दूसरा 400 केवीए क्षमता का ट्रांसफॉर्मर बंद हो गया था। अवर अभियंता प्रमोद कुमार ने बताया कि लगातार वर्षा होने से ट्रांसफॉर्मरों में नमी पहुंच गई थी, जिससे यह फॉल्ट हुआ। इनमें से एक खराब ट्रांसफॉर्मर वार्ड नंबर-3 क्षेत्र में और दूसरा सिमरौली स्थित मारुति शोरूम के पास स्थापित था। समस्या की सूचना मिलते ही विद्युत विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों खराब ट्रांसफॉर्मरों को हटाकर नए ट्रांसफॉर्मर स्थापित कर दिए हैं। फिलहाल बिजली आपूर्ति को पूरी तरह सुचारू करने का काम जारी है और विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि उपभोक्ताओं को और अधिक परेशान न होना पड़े। नए ट्रांसफॉर्मर लगाए जाने के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।4
- Ankur Nandan Official on Reels1
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ (अर्जुन नगर) में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक शिक्षिका को सीलपैक पानी की बोतल पर भरोसा करना बेहद भारी पड़ गया। शिक्षिका ने दुकान से पानी की एक सीलपैक बोतल खरीदी थी, लेकिन जैसे ही उन्होंने बोतल खोलकर पहला घूंट लिया, उनका मुंह और गला बुरी तरह झुलस गया। वास्तव में उस बोतल में पानी की जगह खतरनाक एसिड भरा हुआ था। इस भयानक हादसे के बाद शिक्षिका की हालत बिगड़ गई और उन्हें तुरंत मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद मेरठ और हापुड़ में हड़कंप मच गया है। पानी की इस सीलपैक बोतल ने एक तरह से मौत की दस्तक दी है, जिससे अब उस ब्रांडेड कंपनी और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि इतनी बड़ी और जानलेवा लापरवाही आखिर कैसे हुई और क्या ब्रांडेड पानी की बोतलें भी अब सुरक्षित नहीं रह गई हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपनी प्यास बुझाने से पहले पूरी सावधानी बरतें और सीलपैक बोतलों पर आंख बंद करके भरोसा न करें। इस घटना को लेकर लोगों को जागरूक और सुरक्षित करने के उद्देश्य से जानकारी को ज्यादा से ज्यादा साझा करने की बात कही जा रही है। 'Channel N TV LIVEWEBNEWS मेरठ मित्र' पर ऐंकर नवेद खान के साथ आई इस पूरी रिपोर्ट ने सीलपैक बोतलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर संदेह पैदा कर दिए हैं।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार हापुड़ के थाना बाबूगढ़ में शनिवार को थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एसडीएम सदर इला प्रकाश, सीओ सिटी अनीता चौहान और थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार ने उपस्थित रहकर आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना। अधिकारियों ने लोगों की शिकायतों के त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण के लिए मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भूमि विवादों, राजस्व से जुड़े मामलों और पुलिस से संबंधित शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से समाधान करना है। समाधान दिवस के दौरान कुल 6 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 4 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। बाकी बचे लंबित मामलों की निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों को मौके पर भेजा गया है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इस थाना समाधान दिवस का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।3
- हापुड़ जिले के ग्राम दादरी में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही देखने को मिली है। यहाँ रात को लगभग 8 बजे एक ट्रांसफॉर्मर में आग लग जाने के कारण कई मोहल्लों की बत्ती गुल हो गई, जिससे ग्रामीण गर्मी में परेशान हो उठे। ग्रामीणों द्वारा बिजली घर फोन किए जाने के बाद रात लगभग 10 बजे लाइनमैन ट्रांसफॉर्मर को ठीक तो कर गया, लेकिन इसके बावजूद कई घरों में बिजली नहीं आई। ग्रामीणों ने लाइनमैन से कई बार बोला कि लाइट अभी ठीक नहीं हुई है, लेकिन वह लापरवाही दिखाते हुए वहां से चला गया। इसके बाद रात 12 बजे एक खंभे के तारों में अचानक फाल्ट हो गया, जिससे तारों में आग लग गई और वे टूटकर नीचे सड़क पर गिर गए। गनीमत यह रही कि उस दौरान सड़क पर कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा खतरा होने से टल गया। हालांकि, सड़क पर गिरे इन तारों में करंट चालू था और बिजली घर में कोई फोन नहीं उठा रहा था। बहुत देर बाद जब बिजली घर में फोन उठाया गया, तब जाकर लाइट कटवाई गई, जिससे मोहल्ले में डर का माहौल बना रहा। इस घटना की जानकारी पूर्व नगर महासचिव हापुड़ (टीम सेवा ही सब से बड़ा कर्म है) अनुज कश्यप ने दी है।1