बाराबंकी के सुबेहा क्षेत्र (कोलवा/गुमान गांव) में बंजर जमीन पर कब्जे को लेकर हुआ विवाद काफी गंभीर रूप ले चुका है। पीड़ितों के पक्ष में उत्तरी भीम आर्मी इस घटना से जुड़े प्रमुख बिंदु और स्थिति इस प्रकार है: घटना की वजह: शमशेर अली (70 वर्ष) और दूसरे पक्ष के विक्रमाजीत सिंह के बीच घर के सामने स्थित बंजर जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। आरोप है कि दूसरा पक्ष ट्रैक्टर से जमीन जोतकर कब्जा करने की कोशिश कर रहा था। हिंसक झड़प व हत्या: विरोध करने पर दबंगों ने शमशेर अली पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद हुए खूनी संघर्ष और लाठी-डंडों के हमले में महिलाओं समेत करीब 9 से 10 लोग घायल हुए हैं। प्रशासनिक कार्रवाई व स्थिति: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया है। गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर कई आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। प्रशासन लगातार शांति व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को नियंत्रण में रखने का प्रयास कर रहा है। जिला ब्यूरो चीफ रामानंद सागर
बाराबंकी के सुबेहा क्षेत्र (कोलवा/गुमान गांव) में बंजर जमीन पर कब्जे को लेकर हुआ विवाद काफी गंभीर रूप ले चुका है। पीड़ितों के पक्ष में उत्तरी भीम आर्मी इस घटना से जुड़े प्रमुख बिंदु और स्थिति इस प्रकार है: घटना की वजह: शमशेर अली (70 वर्ष) और दूसरे पक्ष के विक्रमाजीत सिंह के बीच घर के सामने स्थित बंजर जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। आरोप है कि दूसरा पक्ष ट्रैक्टर से जमीन जोतकर कब्जा करने की कोशिश कर रहा था। हिंसक झड़प व हत्या: विरोध करने पर दबंगों ने शमशेर अली पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद हुए खूनी संघर्ष और लाठी-डंडों के हमले में महिलाओं समेत करीब 9 से 10 लोग घायल हुए हैं। प्रशासनिक कार्रवाई व स्थिति: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया है। गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर कई आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। प्रशासन लगातार शांति व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को नियंत्रण में रखने का प्रयास कर रहा है। जिला ब्यूरो चीफ रामानंद सागर
- कुशीनगर पहुंची संत रविदास जी की 650वीं जयंती की पावन कलश वंदन यात्रा, जयकारों से गूंजा पडरौना नगर1
- ताला लगाकर दूसरे घर गए, लौटे तो खुला मिला दरवाजा; जेवरात व 12 हजार रुपये चोरी सुकरौली, कुशीनगर। विकासखंड सुकरौली क्षेत्र के ग्राम सभा संखापार माफी के परसिया टोला में चोरों ने बंद घर को निशाना बना लिया। मंजित गौड़ पुत्र काशीनाथ घर में ताला लगाकर चाबी ऊपर टांगने के बाद दूसरे घर चले गए। करीब शाम पांच बजे वापस लौटे तो मुख्य दरवाजा खुला मिला। अंदर जाकर देखा तो अलमारी खुली पड़ी थी और सामान के डिब्बे बिखरे हुए थे। चोरी की आशंका पर उन्होंने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए। मंजित गौड़ ने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पीआरबी टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी ली और आगे की कार्रवाई के लिए थाने में तहरीर देने को कहा। पीड़ित के मुताबिक, घर से चांदी की पायल, अंगूठी, ओम, चांदी की दो चेन, दो जोड़ी कान के झुमके, मंगलसूत्र, नथुनी, चांदी का कंगन और करीब 12 हजार रुपये नकद गायब हैं। इसके अलावा कुछ अन्य सामान भी चोरी होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि मंजित गौड़ घर में ताला बंद कर दूसरे मकान पर चले गए थे। इसी दौरान चोरों ने मौका पाकर घर का दरवाजा खोलकर अंदर प्रवेश किया और अलमारी खंगालकर जेवरात व नकदी पर हाथ साफ कर दिया। शाम को घर लौटने पर घटना की जानकारी हुई। घटना के बाद गांव में चोरी को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने पुलिस से मामले की जांच कर चोरी का जल्द खुलासा करने और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है। पुलिस की जांच और पीड़ित की तहरीर के बाद चोरी गए सामान और घटना में शामिल लोगों के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- सत्येंद्र जैन गिरफ्तार! ₹1.52 करोड़ रिश्वत केस में बड़ा एक्शन, AAP पर क्या होगा असर?1
- उरुवा में बांस का बाड़ा हटाने को लेकर विवाद, धक्का-मुक्की में 70 वर्षीय वृद्ध की मौत; पोस्टमार्टम से खुलेगा राज उरुवा में बांस का बाड़ा हटाने को लेकर विवाद, धक्का-मुक्की में 70 वर्षीय वृद्ध की मौत; पोस्टमार्टम से खुलेगा राज उरुवा थाना क्षेत्र के हुसैनपुर उर्फ खट्कापुरा गांव में पारिवारिक विवाद के दौरान 70 वर्षीय वृद्ध राजाराम यादव की मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारण और आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी। #Gorakhpur #Gola #Uruwa #GorakhpurNews #GolaNews #UPNews #UttarPradesh #BreakingNews #LatestNews #CrimeNews #UruwaNews #DainikAdhyay1
- गोरखपुर की पिपराइच विधानसभा में सियासी हलचल तेज,जमीन पर कौन मजबूत? नेताओं के दावों की खुलने लगी पोल..... #पिपराइच #गोरखपुर #पिपराइचविधानसभा #UPPolitics #यूपी_राजनीति #2027चुनाव #UPElection2027 #सियासीहलचल #जनताकीआवाज #GroundReport #PoliticalNews #GorakhpurNews #ABC_Hindustan #ABCHindustan #UPबोलेगा2027तयकरेगा1
- सीएम योगी ने पीआरडी जवानों को गोरखपुर में दी बड़ी सौगात, 600 रुपये होगा ड्यूटी भत्ता गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) जवानों की बड़ी सौगात दी।इन जवानों को सपरिवार प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये मुफ्त इलाज से आच्छादित करने के साथ ही मुख्यमंत्री ने उनके दैनिक ड्यूटी भत्ता में वृद्धि करने की घोषणा की। अपने कार्यकाल में इसके पूर्व तीन बार ड्यूटी भत्ता बढ़ा चुके मुख्यमंत्री योगी ने गोरखपुर में आयोजित पीआरडी जवानों के सम्मेलन में चौथी बार वृद्धि का ऐलान करते हुए कहा कि अब पीआरडी जवानों को 500 रुपये की जगह प्रतिदिन 600 रुपये ड्यूटी भत्ता दिया जाएगा। मंगलवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित पीआरडी जवानों के सम्मेलन में सीएम योगी ने पीआरडी स्वयंसेवकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा कार्ड का वितरण कर‘मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ करने के साथ ही रिमोट का बटन दबाकर लखनऊ में करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बहुमंजिला पीआरडी बैरक का शिलान्यास भी किया।इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने पीआरडी जवानों के लिए नई घोषणा की।सीएम ने कहा कि 1948 में गठित पीआरडी के स्वयंसेवकों को 2019 तक 250 रुपये दैनिक ड्यूटी भत्ता मिलता था। 2019 में उन्होंने इसे बढ़ाकर 375 रुपये और 2022 में बढ़ाकर 395 रुपये किया था। 2025 में भत्ता वृद्धि फिर से की और बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन कर दिया।अब पीआरडी स्वयंसेवकों का भत्ता 500 से रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन करने जा रहे हैं।उन्होंने कहा पीआरडी जवानों के लिए 75 वर्ष में भत्ता राशि 250 रुपये तक ही थी जबकि विगत 8 वर्ष में ही यह 250 से बढ़कर 600 रुपये होने जा रहा है।यह वृद्धि सौ प्रतिशत से भी अधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित कराने के लिए पुलिस और प्रशासन के सहयोग में पीआरडी के स्वयंसेवक अपनी भूमिका समर्पण भाव से निभाते हैं।पर,इसके बावजूद 2017 के पहले तक उन्हें ड्यूटी नहीं मिलती थी। जबकि आज उनके महत्व को समझा गया तो ड्यूटी के लिए जवान कम पड़ जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि आपदा हो,महाकुंभ, दीपोत्सव, रंगोत्सव,ट्रैफिक संचालन में सहयोग,चुनाव ड्यूटी हो या अन्य किसी भी कार्य में प्रशासन-पुलिस का सहयोग, पीआरडी जवानों ने अनुशासन, समर्पण और सेवाभाव से कार्य किया। बाइट-अजातशत्रु उपनिदेशक प्रांतीय रक्षक दल उत्तर प्रदेश1
- नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद द्वारा आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत 45 विधानसभा सीटों के लिए प्रभारियों की पहली सूची जारी की गई है। इस घोषणा और टिकट बंटवारे की सामाजिक रूपरेखा से जुड़ी मुख्य बातें: सामाजिक प्रतिनिधित्व: आजाद समाज पार्टी की इस पहली 45 सदस्यीय सूची में मुख्य रूप से दलित, पिछड़ा वर्ग (OBC) और मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों को जिम्मेदारी दी गई है (जिसमें 18 दलित, 10 मुस्लिम और 17 अन्य पिछड़ी जातियों के प्रतिनिधि शामिल हैं)। सवर्णों (ब्राह्मण/ठाकुर) का प्रतिनिधित्व: इस पहली सूची में ब्राह्मण या ठाकुर समाज के प्रत्याशी/प्रभारी शामिल नहीं हैं, जिसके कारण राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया में यह चर्चा शुरू हुई कि पार्टी ने 'बहुजन/बहुसंख्यक राजनीति' को प्राथमिकता देते हुए सवर्णों को इस सूची से बाहर रखा है। पार्टी का रुख: आजाद समाज पार्टी के नेतृत्व और प्रवक्ताओं का कहना है कि उनकी पार्टी "जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी" के सिद्धांत पर काम करती है। हालांकि, पार्टी ने आधिकारिक तौर पर किसी भी जाति विशेष पर प्रतिबंध लगाने जैसे दावे को खारिज किया है और इसे आगामी सूचियों में सभी वर्गों का संतुलन बनाने की बात कही है। यह 45 प्रभारियों की सूची यूपी में ASP के अपने स्वतंत्र जनाधार और "बहुजन-मुस्लिम-पिछड़ा" समीकरण को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।1
- बाराबंकी के सुबेहा क्षेत्र (कोलवा/गुमान गांव) में बंजर जमीन पर कब्जे को लेकर हुआ विवाद काफी गंभीर रूप ले चुका है। पीड़ितों के पक्ष में उत्तरी भीम आर्मी इस घटना से जुड़े प्रमुख बिंदु और स्थिति इस प्रकार है: घटना की वजह: शमशेर अली (70 वर्ष) और दूसरे पक्ष के विक्रमाजीत सिंह के बीच घर के सामने स्थित बंजर जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। आरोप है कि दूसरा पक्ष ट्रैक्टर से जमीन जोतकर कब्जा करने की कोशिश कर रहा था। हिंसक झड़प व हत्या: विरोध करने पर दबंगों ने शमशेर अली पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद हुए खूनी संघर्ष और लाठी-डंडों के हमले में महिलाओं समेत करीब 9 से 10 लोग घायल हुए हैं। प्रशासनिक कार्रवाई व स्थिति: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया है। गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर कई आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। प्रशासन लगातार शांति व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को नियंत्रण में रखने का प्रयास कर रहा है। जिला ब्यूरो चीफ रामानंद सागर1