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रविवार, 15 जून को चित्तौड़गढ़ जिले में सामाजिक, धार्मिक और खेल गतिविधियों की सरगर्मियां देखने को मिलीं। इस दौरान, विभिन्न संगठनों द्वारा बैठकें आयोजित की गईं और नई कार्यकारिणियों का गठन किया गया। इसके अतिरिक्त, महाराणा प्रताप जयंती एवं महेश नवमी महोत्सव को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
Hello Chittorgarh News
रविवार, 15 जून को चित्तौड़गढ़ जिले में सामाजिक, धार्मिक और खेल गतिविधियों की सरगर्मियां देखने को मिलीं। इस दौरान, विभिन्न संगठनों द्वारा बैठकें आयोजित की गईं और नई कार्यकारिणियों का गठन किया गया। इसके अतिरिक्त, महाराणा प्रताप जयंती एवं महेश नवमी महोत्सव को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
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- कपासन क्षेत्र के सूखे तालाबों को भरने के उद्देश्य से निर्माणाधीन डीके फीडर योजना को लेकर जीतावास क्षेत्र में उपजे विवाद के शीघ्र समाधान की मांग तेज हो गई है। किसानों की आपत्तियों के चलते निर्माण कार्य हाल ही में रुक गया था और एक प्रकरण भी दर्ज हुआ है, जिससे क्षेत्र में असंतोष और चिंता का माहौल है। इस मामले में, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा नेता रोशनलाल टुकलिया ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़, राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी, कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर, राजसमंद जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा और चित्तौड़गढ़ जिला प्रशासन को पत्र भेजकर हस्तक्षेप करने और सर्वसम्मति से समाधान निकालने का आग्रह किया है। टुकलिया ने बताया कि लगभग ₹25 करोड़ की लागत से बनने वाली यह डीके फीडर योजना जल संरक्षण, भू-जल स्तर सुधार और तालाबों के पुनर्भरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसानों, सिंचाई विभाग और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित कर विवाद का हल निकालना समय की मांग है। इसके लिए, उन्होंने प्रभावित किसानों, सिंचाई विभाग के अधिकारियों और प्रशासनिक प्रतिनिधियों की एक संयुक्त बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया, ताकि किसानों की समस्याओं और मांगों पर सकारात्मक विचार किया जा सके और बरसात से पहले सहमति आधारित समाधान निकल सके, जिससे परियोजना का कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सके। टुकलिया ने यह भी कहा कि जिन किसानों की भूमि या कृषि गतिविधियां इस योजना से प्रभावित हो रही हैं, उन्हें नियमानुसार उचित मुआवजा और राहत प्रदान की जानी चाहिए। उनका मानना है कि इससे किसानों की चिंताएं दूर होंगी और यह जनहितकारी परियोजना निर्धारित समय सीमा में पूरी हो सकेगी। उन्होंने बताया कि योजना पूरी होने पर बनास नदी के अतिरिक्त जल का उपयोग सूखे तालाबों को भरने में होगा, जिससे जल संकट कम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। टुकलिया ने उल्लेख किया कि जीतावास ग्राम पंचायत भी पक्की नहर निर्माण से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग उठा चुकी है। उन्होंने सभी पक्षों से संवाद, समन्वय और आपसी सहमति के आधार पर इस महत्वपूर्ण विकास एवं जनहित योजना को निर्बाध रूप से आगे बढ़ाने का आग्रह किया है।2
- मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार को रामपुरा थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एसडीओपी निकिता सिंह, तहसीलदार मृगेंद्र सिसोदिया, थाना प्रभारी विपिन मसीह, नगर परिषद इंजीनियर स्वप्निल भूरिया, विद्युत विभाग के श्री जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान अधिकारियों ने मोहर्रम पर्व से जुड़ी कानून व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, बिजली और यातायात व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक इंतज़ामों पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों से सुझाव भी मांगे गए, ताकि त्योहार को शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ मनाया जा सके। एसडीओपी निकिता सिंह ने उपस्थित सभी लोगों से प्रशासन का सहयोग करने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि मोहर्रम पर्व के दौरान सभी ज़रूरी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएंगी। पर्व की तैयारियों के अतिरिक्त, बैठक में नगर से जुड़ी अन्य समस्याओं पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। अधिकारियों द्वारा नल-जल योजना के तहत नगर के गड्ढों को भरने, पेयजल व्यवस्था में सुधार लाने, आवारा मवेशियों की समस्या का समाधान करने और विद्युत विभाग से संबंधित मुद्दों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, नगर के बस स्टैंड पर गुजर रही 33 केवी लाइन पर गार्डिंग कराने के विषय पर भी चर्चा की गई। बैठक में आदर्श हिंदू सेवा समिति के पदाधिकारी, अंजुमन इस्लाम जमात के सदस्य, जनप्रतिनिधि और पत्रकार भी उपस्थित थे।4
- नाथद्वारा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने रेलमगरा क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और ट्रिपिंग की समस्या को लेकर सहायक अभियंता, एवीवीएनएल को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें तत्काल समाधान की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में रातभर बिजली आपूर्ति बाधित रहने और बार-बार ट्रिपिंग होने से आमजन तथा किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छापरी, मेडखेड़ा, गवारडी और धनेरिया सहित कई गांवों में तो तीन दिनों से नियमित बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है, जिससे किसानों के सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहे हैं और फसलों के नुकसान की आशंका भी जताई गई है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने जोर देकर कहा है कि हाल ही में बिजली व्यवस्था सुधार के लिए बड़े स्तर पर कार्य किए जाने के दावों के बावजूद, धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। ग्रामीण रातभर अंधेरे में रहने को मजबूर हैं और दिन में भी बिजली बार-बार ट्रिप होती रहती है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने मांग की है कि बिजली व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से सुचारू और निर्बाध बनाया जाए। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा व्यापक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शंकरलाल चौधरी, जिला उपाध्यक्ष शांतिलाल प्रजापत, मंडल अध्यक्ष अम्बालाल गाड़री, लक्ष्मीलाल मेनारिया, एडवोकेट पृथ्वीराज पुरोहित, हीरालाल गाड़री (प्रशासक राजपुरा), इंटक नेता हुक्मीचंद मेनारिया, प्रभुलाल जाट, विष्णु सेवदा, दिनेश सनाढ्य, नारायण गर्ग, ओमप्रकाश व्यास, मदनलाल धोबी, सुरेशचंद खटीक, प्रतापसिंह सिसोदिया, दिनेश सुखवाल, मिट्ठूदास, अल्लानूर मंसूरी, हमीदखां, भेरूलाल जाट, माधुलाल और बद्रीलाल नायक सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।4
- मंदसौर जनपद पंचायत में एक जन कल्याण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जनपद पंचायत अध्यक्ष बसंत शर्मा ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।1
- धरोल गांव के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जहां एक बाइक सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में जा घुसी। इस दर्दनाक दुर्घटना में बाइक सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया है।1
- एक व्यक्ति ने अपने जीवन में सब कुछ किया और सब कुछ सहा, जहाँ उन्हें केवल बर्बादियों का मेला दिखाई दिया। उन्होंने समाज के तानों को भी चुपचाप झेला और अपने हर दर्द को अकेले ही सीने में पाले रखा। यह सब उन्होंने अपने बच्चों और पत्नी को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने के लिए किया, जिसके चलते उन्हें दुनिया और अपने कार्यस्थल पर लोगों की सैकड़ों गालियाँ सुनने की आदत पड़ गई थी। हालांकि, जब उन्हें स्वयं सहारे की सबसे अधिक आवश्यकता महसूस हुई, तब उन्हें यह कड़वा एहसास हुआ कि वे कितने अकेले हैं, जो 'मर्द समाज' की एक गहरी और दर्दनाक सच्चाई को उजागर करता है।1
- राजस्थान के राजसमंद जिले के रेलमगरा क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या से जनता त्रस्त है। इसी को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी नाथद्वारा ने सोमवार को अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एवीवीएनएल) के सहायक अभियंता को ज्ञापन सौंपकर बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की। कांग्रेस पदाधिकारियों ने ज्ञापन में बताया कि पिछले कई दिनों से ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति चरमराई हुई है, जहाँ रातभर बिजली बंद रहती है और दिन में बार-बार ट्रिपिंग होती है, जिससे आमजन का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। छापरी, मेडखेड़ा, गवारडी, धनेरिया सहित कई गाँवों में तो पिछले तीन दिनों से नियमित विद्युत आपूर्ति नहीं हो रही है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि इस बिजली संकट का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है, क्योंकि पर्याप्त बिजली न मिलने से सिंचाई कार्य बाधित हो रहे हैं और फसलों को नुकसान पहुँचने की आशंका बढ़ गई है। भीषण गर्मी के दौर में लगातार बिजली कटौती से ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है, जिससे जनाक्रोश बढ़ता जा रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत इसके विपरीत है और लोग रातभर अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने विद्युत विभाग से तत्काल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को सुचारू और निर्बाध बनाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो कांग्रेस द्वारा व्यापक धरना-प्रदर्शन एवं जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी। इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शंकरलाल चौधरी, जिला उपाध्यक्ष शांतिलाल प्रजापत, मंडल अध्यक्ष अम्बालाल गाड़री, लक्ष्मीलाल मेनारिया, एडवोकेट पृथ्वीराज पुरोहित, हीरालाल गाड़री, इंटक नेता हुक्मीचंद मेनारिया, प्रभुलाल जाट, विष्णु सेवदा, दिनेश सनाढ्य, नारायण गर्ग, ओमप्रकाश व्यास, मदनलाल धोबी, सुरेशचंद खटीक, प्रतापसिंह सिसोदिया, दिनेश सुखवाल, दिनेश जोशी, मिट्ठूदास, अल्लानूर मंसूरी, हमीदखां, भेरूलाल जाट, माधुलाल, बद्रीलाल नायक सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।4
- संसद और न्यायपालिका से इस बात पर पुनर्विचार करने की अपील की गई है कि यदि विवाह के बाद विश्वासघात के चलते कोई व्यक्ति हत्या या आत्महत्या जैसा कदम उठाता है, तो भारतीय संस्कृति में परिवार और विवाहित जीवन की सुरक्षा के लिए कानून में प्रभावी प्रावधान होने चाहिए। वर्तमान में, अनेक मामलों में अवैध संबंध वैवाहिक विश्वास के टूटने और पारिवारिक विघटन का कारण बन रहे हैं। इन विवादों की गंभीरता कभी-कभी इतनी बढ़ जाती है कि दुखद परिस्थितियाँ सामने आती हैं, जिनमें आत्महत्या, हिंसा या हत्या जैसे अपराध शामिल हैं। इसी के मद्देनजर, यह मांग की जा रही है कि विवाहेतर संबंधों से जुड़े कानूनों की पुनः समीक्षा की जाए और परिवार, बच्चों तथा वैवाहिक विश्वास की रक्षा हेतु एक उचित कानूनी व्यवस्था स्थापित की जाए। यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि पति-पत्नी साथ नहीं रहना चाहते, तो उनके पास कानून के अनुसार शांतिपूर्ण और सम्मानजनक तरीके से अलग होने का विकल्प मौजूद है। किसी भी परिस्थिति में छल, हिंसा या अपराध का रास्ता स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।1