नाथद्वारा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने रेलमगरा क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और ट्रिपिंग की समस्या को लेकर सहायक अभियंता, एवीवीएनएल को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें तत्काल समाधान की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में रातभर बिजली आपूर्ति बाधित रहने और बार-बार ट्रिपिंग होने से आमजन तथा किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छापरी, मेडखेड़ा, गवारडी और धनेरिया सहित कई गांवों में तो तीन दिनों से नियमित बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है, जिससे किसानों के सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहे हैं और फसलों के नुकसान की आशंका भी जताई गई है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने जोर देकर कहा है कि हाल ही में बिजली व्यवस्था सुधार के लिए बड़े स्तर पर कार्य किए जाने के दावों के बावजूद, धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। ग्रामीण रातभर अंधेरे में रहने को मजबूर हैं और दिन में भी बिजली बार-बार ट्रिप होती रहती है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने मांग की है कि बिजली व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से सुचारू और निर्बाध बनाया जाए। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा व्यापक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शंकरलाल चौधरी, जिला उपाध्यक्ष शांतिलाल प्रजापत, मंडल अध्यक्ष अम्बालाल गाड़री, लक्ष्मीलाल मेनारिया, एडवोकेट पृथ्वीराज पुरोहित, हीरालाल गाड़री (प्रशासक राजपुरा), इंटक नेता हुक्मीचंद मेनारिया, प्रभुलाल जाट, विष्णु सेवदा, दिनेश सनाढ्य, नारायण गर्ग, ओमप्रकाश व्यास, मदनलाल धोबी, सुरेशचंद खटीक, प्रतापसिंह सिसोदिया, दिनेश सुखवाल, मिट्ठूदास, अल्लानूर मंसूरी, हमीदखां, भेरूलाल जाट, माधुलाल और बद्रीलाल नायक सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
नाथद्वारा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने रेलमगरा क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और ट्रिपिंग की समस्या को लेकर सहायक अभियंता, एवीवीएनएल को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें तत्काल समाधान की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में रातभर बिजली आपूर्ति बाधित रहने और बार-बार ट्रिपिंग होने से आमजन तथा किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा
है। छापरी, मेडखेड़ा, गवारडी और धनेरिया सहित कई गांवों में तो तीन दिनों से नियमित बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है, जिससे किसानों के सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहे हैं और फसलों के नुकसान की आशंका भी जताई गई है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने जोर देकर कहा है कि हाल ही में बिजली व्यवस्था सुधार के लिए बड़े स्तर पर कार्य किए जाने के दावों के बावजूद, धरातल पर स्थिति
इसके बिल्कुल विपरीत है। ग्रामीण रातभर अंधेरे में रहने को मजबूर हैं और दिन में भी बिजली बार-बार ट्रिप होती रहती है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने मांग की है कि बिजली व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से सुचारू और निर्बाध बनाया जाए। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा व्यापक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी
विद्युत विभाग की होगी। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शंकरलाल चौधरी, जिला उपाध्यक्ष शांतिलाल प्रजापत, मंडल अध्यक्ष अम्बालाल गाड़री, लक्ष्मीलाल मेनारिया, एडवोकेट पृथ्वीराज पुरोहित, हीरालाल गाड़री (प्रशासक राजपुरा), इंटक नेता हुक्मीचंद मेनारिया, प्रभुलाल जाट, विष्णु सेवदा, दिनेश सनाढ्य, नारायण गर्ग, ओमप्रकाश व्यास, मदनलाल धोबी, सुरेशचंद खटीक, प्रतापसिंह सिसोदिया, दिनेश सुखवाल, मिट्ठूदास, अल्लानूर मंसूरी, हमीदखां, भेरूलाल जाट, माधुलाल और बद्रीलाल नायक सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- ग्राम पंचायत बनेडिया द्वारा सोमवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बनेडिया में राज्य सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने आमजन की समस्याओं को सुनकर उनका मौके पर ही समाधान किया। इस शिविर में वर्षों से लंबित एक भूमि बंटवारे के विवाद को निस्तारित किया गया, साथ ही एक पात्र बुजुर्ग की वृद्धावस्था पेंशन भी शुरू की गई, जिससे लाभार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। यह शिविर उपखंड अधिकारी बिंदुबाला राजावत, विकास अधिकारी मामराज मीणा, तहसीलदार कालूसिंह और प्रशासक योगेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें पंचायतीराज, चिकित्सा, पशुपालन, कृषि, महिला एवं बाल विकास, राजस्व, शिक्षा, सहकारिता, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, आयुष, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, परिवहन, श्रम जैसे कई विभागों ने भाग लिया। अधिकारियों ने एक ही छत के नीचे जनसमस्याओं का समाधान किया और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की। इसके अलावा, शिविर में पट्टा वितरण, पेंशन प्रकरणों का निस्तारण और खाद्य सुरक्षा योजना के लिए आवेदन भी स्वीकार किए गए। शिविर के दौरान, बनेडिया निवासी त्रिलोक गाड़री ने वर्षों से लंबित भूमि बंटवारे के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। शिविर प्रभारी ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद राजस्व ग्राम बनेडिया की आराजी संख्या 1836, 1837 और 1838 से संबंधित सहखातेदारों खमाणी, त्रिलोक, भेरूलाल, सीताबाई, हीरालाल सहित अन्य की सहमति से विभाजन प्रस्ताव तैयार किया गया। इस प्रस्ताव को तहसीलदार रेलमगरा के समक्ष प्रस्तुत किया गया, और सभी खातेदारों को उनके हिस्से एवं कब्जे के अनुसार भूमि का बंटवारा कर दिया गया। इस वर्षों पुराने मामले के सुलझने पर सभी खातेदारों ने अपनी खुशी जाहिर की। इसी शिविर में ढीली निवासी लक्ष्मणलाल गाड़री, जो वृद्धावस्था पेंशन के लिए पात्र थे, उनकी पेंशन भी स्वीकृत कर दी गई। ग्राम पंचायत के सहयोग से उनका आवेदन तैयार किया गया और ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की गई। शिविर में ही उनकी वृद्धावस्था पेंशन प्रारंभ करते हुए पीपीओ संख्या 16479341 जारी की गई। पीपीओ हाथोंहाथ प्राप्त होने पर लक्ष्मणलाल ने अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए अपनी प्रसन्नता जताई।4
- राजसमंद जिले की श्रीनाथजी पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एस्कॉर्ट सर्विसेज के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले छह शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को भी हिरासत में लिया गया है। यह गिरोह 'लोकंटो डॉट कॉम' और 'कॉलिंग एस्कॉर्ट सर्विसेज' नामक वेबसाइटों का उपयोग कर लोगों को लड़कियां उपलब्ध कराने का झांसा देकर ठगी करता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी इन वेबसाइटों पर अपने नंबर रजिस्टर करते थे। जब कोई ग्राहक कॉल करता, तो उसे विभिन्न तस्वीरें भेजकर सर्विस, रूम बुकिंग और सिक्योरिटी के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी। ठगी करने के बाद आरोपी पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर देते थे, और पीड़ित अक्सर सामाजिक बदनामी के डर से शिकायत दर्ज नहीं करवाता था। पुलिस ने अभियुक्तों के पास से 17 मोबाइल फोन, 17 एटीएम कार्ड, 36 सिम कार्ड, 2 चेकबुक, एक टाटा पंच कार और 21,500 रुपये नकद जब्त किए हैं। श्रीनाथजी थानाधिकारी विक्रम सिंह ने बताया कि उन्हें सिद्दी विनायक कॉम्प्लेक्स के एक फ्लैट में साइबर संबंधी संदिग्ध गतिविधियों की मुखबिर सूचना मिली थी, जिसके आधार पर टीम ने दबिश दी। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त आसपुर डूंगरपुर के रहने वाले हैं। मामले में साइबर थाना पुलिस प्रभारी आरपीएस दुर्गाप्रसाद दाधीच द्वारा अग्रिम अनुसंधान जारी है, वहीं थानाधिकारी विक्रम सिंह और उनका थाना स्टाफ आरोपियों से पूछताछ कर रहा है।4
- रविवार, 15 जून को चित्तौड़गढ़ जिले में सामाजिक, धार्मिक और खेल गतिविधियों की सरगर्मियां देखने को मिलीं। इस दौरान, विभिन्न संगठनों द्वारा बैठकें आयोजित की गईं और नई कार्यकारिणियों का गठन किया गया। इसके अतिरिक्त, महाराणा प्रताप जयंती एवं महेश नवमी महोत्सव को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।1
- राजस्थान के चित्तौड़ जिले की बेगूं तहसील के उत्थन कलां गांव में ग्रामीण एक प्रस्तावित फैक्ट्री के लिए अपनी पुस्तैनी जमीन के अधिग्रहण और पेड़ों की कटाई का कड़ा विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार के आदेश पर लगाई जा रही यह फैक्ट्री लगभग 9 गांवों को प्रभावित करेगी, जिससे उनकी खेती की जमीन छिन जाएगी और भविष्य में भारी पर्यावरण प्रदूषण होगा। वे इस बात को लेकर चिंतित हैं कि जमीन जाने के बाद किसान खेती कहाँ और कैसे करेंगे, तथा पर्यावरण प्रदूषण की जिम्मेदारी किसकी होगी। इस मामले को लेकर जन सुनवाई के लिए आए एक डीएसपी अधिकारी से गांव वालों ने बात की और अपना गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपनी पुस्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं जाने देंगे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि डीएसपी अधिकारी उनकी पूरी बातें सुने बिना ही वहां से चले गए, जिससे गांव वालों का गुस्सा और भड़क गया। ग्रामीणों ने अपनी जमीन और पर्यावरण को बचाने के लिए दृढ़ संकल्प दिखाया है, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपनी पुस्तैनी जमीन नहीं जाने देंगे, ना ही इतने सारे पेड़ कटने देंगे, और ना ही फैक्ट्री को अपने क्षेत्र में पड़ने देंगे। उन्होंने लोगों से इस पोस्ट को आगे शेयर कर उनकी मदद करने की अपील की है।2
- राजस्थान के राजसमंद जिले के रेलमगरा क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या से जनता त्रस्त है। इसी को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी नाथद्वारा ने सोमवार को अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एवीवीएनएल) के सहायक अभियंता को ज्ञापन सौंपकर बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की। कांग्रेस पदाधिकारियों ने ज्ञापन में बताया कि पिछले कई दिनों से ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति चरमराई हुई है, जहाँ रातभर बिजली बंद रहती है और दिन में बार-बार ट्रिपिंग होती है, जिससे आमजन का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। छापरी, मेडखेड़ा, गवारडी, धनेरिया सहित कई गाँवों में तो पिछले तीन दिनों से नियमित विद्युत आपूर्ति नहीं हो रही है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि इस बिजली संकट का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है, क्योंकि पर्याप्त बिजली न मिलने से सिंचाई कार्य बाधित हो रहे हैं और फसलों को नुकसान पहुँचने की आशंका बढ़ गई है। भीषण गर्मी के दौर में लगातार बिजली कटौती से ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है, जिससे जनाक्रोश बढ़ता जा रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत इसके विपरीत है और लोग रातभर अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने विद्युत विभाग से तत्काल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को सुचारू और निर्बाध बनाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो कांग्रेस द्वारा व्यापक धरना-प्रदर्शन एवं जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी। इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शंकरलाल चौधरी, जिला उपाध्यक्ष शांतिलाल प्रजापत, मंडल अध्यक्ष अम्बालाल गाड़री, लक्ष्मीलाल मेनारिया, एडवोकेट पृथ्वीराज पुरोहित, हीरालाल गाड़री, इंटक नेता हुक्मीचंद मेनारिया, प्रभुलाल जाट, विष्णु सेवदा, दिनेश सनाढ्य, नारायण गर्ग, ओमप्रकाश व्यास, मदनलाल धोबी, सुरेशचंद खटीक, प्रतापसिंह सिसोदिया, दिनेश सुखवाल, दिनेश जोशी, मिट्ठूदास, अल्लानूर मंसूरी, हमीदखां, भेरूलाल जाट, माधुलाल, बद्रीलाल नायक सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।4
- धरोल गांव के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जहां एक बाइक सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में जा घुसी। इस दर्दनाक दुर्घटना में बाइक सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया है।1
- चित्तौड़गढ़ में एक बड़ी कार्रवाई की गई, जहाँ सुबह 4 बजे चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर बुलडोजर चलाकर एक अवैध दो मंजिला होटल को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया।1
- संसद और न्यायपालिका से इस बात पर पुनर्विचार करने की अपील की गई है कि यदि विवाह के बाद विश्वासघात के चलते कोई व्यक्ति हत्या या आत्महत्या जैसा कदम उठाता है, तो भारतीय संस्कृति में परिवार और विवाहित जीवन की सुरक्षा के लिए कानून में प्रभावी प्रावधान होने चाहिए। वर्तमान में, अनेक मामलों में अवैध संबंध वैवाहिक विश्वास के टूटने और पारिवारिक विघटन का कारण बन रहे हैं। इन विवादों की गंभीरता कभी-कभी इतनी बढ़ जाती है कि दुखद परिस्थितियाँ सामने आती हैं, जिनमें आत्महत्या, हिंसा या हत्या जैसे अपराध शामिल हैं। इसी के मद्देनजर, यह मांग की जा रही है कि विवाहेतर संबंधों से जुड़े कानूनों की पुनः समीक्षा की जाए और परिवार, बच्चों तथा वैवाहिक विश्वास की रक्षा हेतु एक उचित कानूनी व्यवस्था स्थापित की जाए। यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि पति-पत्नी साथ नहीं रहना चाहते, तो उनके पास कानून के अनुसार शांतिपूर्ण और सम्मानजनक तरीके से अलग होने का विकल्प मौजूद है। किसी भी परिस्थिति में छल, हिंसा या अपराध का रास्ता स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।1