सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी रोकने और इसके विनियमन के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत एक नया आदेश जारी किया है। इस आदेश के अनुसार, किसी भी वाहन या व्यक्ति को पेट्रोल पंप पर एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं मिलेगा। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा गुरुवार देर रात जारी अधिसूचना में खुदरा बिक्री केंद्रों (पेट्रोल पंप डीलरों) को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे डीजल की बिक्री केवल वाहनों के टैंक अथवा पेसो (पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन) से अनुमोदित कंटेनर में ही करेंगे। साथ ही, एक दिन में एक ग्राहक/वाहन को 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं बेचा जाएगा। ऐसे ग्राहकों के लिए डीजल की पुन: बिक्री भी प्रतिबंधित होगी। इस नए नियम से लंबी तथा मध्यम दूरी के माल परिवहन वाले ट्रकों पर असर पड़ने की संभावना है। फिलहाल, पेट्रोल की खुदरा बिक्री की कोई सीमा तय नहीं की गई है, लेकिन भविष्य में ऐसा करने की गुंजाइश रखी गई है और डीजल के साथ इसकी भी जमाखोरी रोकने के लिए कार्रवाई का प्रावधान है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और इसमें यह भी कहा गया है कि संस्थागत और प्रत्यक्ष अथवा औद्योगिक तथा व्यावसायिक ग्राहक खुदरा बिक्री केंद्र से पेट्रोल या डीजल नहीं खरीदेंगे या नहीं मंगवायेंगे।
सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी रोकने और इसके विनियमन के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत एक नया आदेश जारी किया है। इस आदेश के अनुसार, किसी भी वाहन या व्यक्ति को पेट्रोल पंप पर एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं मिलेगा। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा गुरुवार देर रात जारी अधिसूचना में खुदरा बिक्री केंद्रों (पेट्रोल पंप डीलरों) को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे डीजल की बिक्री केवल वाहनों के टैंक अथवा पेसो (पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन) से अनुमोदित कंटेनर में ही करेंगे। साथ ही, एक दिन में एक ग्राहक/वाहन को 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं बेचा जाएगा। ऐसे ग्राहकों के लिए डीजल की पुन: बिक्री भी प्रतिबंधित होगी। इस नए नियम से लंबी तथा मध्यम दूरी के माल परिवहन वाले ट्रकों पर असर पड़ने की संभावना है। फिलहाल, पेट्रोल की खुदरा बिक्री की कोई सीमा तय नहीं की गई है, लेकिन भविष्य में ऐसा करने की गुंजाइश रखी गई है और डीजल के साथ इसकी भी जमाखोरी रोकने के लिए कार्रवाई का प्रावधान है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और इसमें यह भी कहा गया है कि संस्थागत और प्रत्यक्ष अथवा औद्योगिक तथा व्यावसायिक ग्राहक खुदरा बिक्री केंद्र से पेट्रोल या डीजल नहीं खरीदेंगे या नहीं मंगवायेंगे।
- पूरे भारत में 'खान सर' के नाम से पहचाने जाने वाले फैजल खान की 'घिनौनी सच्चाई' अब उजागर हो रही है। यह सामने आया है कि उनके माध्यम से एक 'एजुकेशन माफिया' का खेल चल रहा है, जहाँ पैसे देकर नाम कमाया जा रहा है और शिक्षा की आड़ में एक खास एजेंडे के तहत छात्रों का 'ब्रेनवॉश' किया जा रहा है। इसे एक 'भयानक षड्यंत्र' बताया गया है, जिसके प्रति हिंदुओं को आगाह किया गया है कि वे 'कट्टरपंथी विचारधारा' पर भरोसा करके खुद को और अपने परिवार को खतरे में न डालें। यह 'कट्टरपंथी विचारधारा' इसी तरह काम करती है कि पहले वह लोगों के दिलों में जगह बनाती है, और फिर षड्यंत्रकारी तरीके से अपने एजेंट के माध्यम से लोगों के दिमाग में 'जहर' भरती है तथा उनका ब्रेनवॉश करती है। दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से, ऐसे कई मामले सामने आने के बाद भी हिंदू समाज जागरूक नहीं हो रहा है और इस 'कट्टरपंथी विचारधारा' की चपेट में बार-बार आता जा रहा है। इसलिए, 'जागो हिंदू जागो' का आह्वान किया गया है और इस 'कट्टरपंथी विचारधारा' का पूर्ण रूप से आजीवन बहिष्कार करने की अपील की गई है।1
- कटनी नगर के निमिहा में महारानी माँ विंध्यवासिनी अपने दिव्य आसन पर 16 श्रृंगार किए हुए विराजमान हैं। उनकी अलौकिक छवि और दिव्य मुस्कान भक्तों के मन को भक्ति और श्रद्धा से भर रही है।1
- कटनी के नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत इंदिरा गांधी वार्ड क्रमांक 4 के मोहन नगर में वर्षों से चली आ रही गंदे पानी की निकासी और नाली निर्माण की समस्या को लेकर क्षेत्रवासियों ने नगर निगम आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने इस समस्या का शीघ्र समाधान किए जाने की मांग की है। क्षेत्रवासियों ने ज्ञापन में बताया कि उन्होंने पूर्व में भी शिकायत, आवेदन और जनसुनवाई के माध्यम से कई बार इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। उनका कहना है कि क्षेत्र की गलियों और सड़कों पर नालियों का पानी जमा रहने से कीचड़ की स्थिति बनी रहती है, जिससे आवागमन में भारी कठिनाई होती है। विशेषकर, महिलाओं, बुजुर्गों और विद्यार्थियों सहित अन्य नागरिकों को प्रतिदिन परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही, आगामी वर्षा ऋतु में जलभराव बढ़ने और मच्छरों एवं संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका भी जताई गई है। ज्ञापन में मोहन नगर क्षेत्र में जमा गंदे पानी की तत्काल निकासी व्यवस्था करने, स्वीकृत नाली निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने, कच्ची सड़कों पर कीचड़ और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने और कार्यों में विलंब के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित करने की मांग की गई है। क्षेत्र के नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षरों वाले इस ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर कटनी और महापौर नगर निगम कटनी को भी भेजी गई है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।4
- बड़वारा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण आंदोलन के लिए जनभागीदारी का आह्वान किया गया है। इस आंदोलन को किसी एक व्यक्ति की लड़ाई न मानकर, बल्कि पूरे बड़वारा क्षेत्र के मान-सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा बताया गया है, और इसकी असली ताकत क्षेत्र के लोगों की उपस्थिति को बताया गया है। इस आह्वान में माताओं, बहनों, युवाओं और बुजुर्गों सहित सभी से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद करने का आग्रह किया गया है। यह निवेदन 'मिशन 💯 शोषितों की आवाज, बड़वारा' द्वारा किया गया है, जो खुद को 'आपकी आवाज, आपका अधिकार' बताता है।1
- एक सीसी सड़क का निर्माण कार्य अत्यंत धीमी गति से चल रहा है, जिसकी गति को 'कछुआ गति' के समान बताया गया है। इस धीमे निर्माण कार्य के कारण राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- कटनी जिले की रीठी तहसील और आसपास के क्षेत्रों में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ तेज आंधी के साथ हल्की बारिश शुरू हो गई, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। आंधी इतनी प्रचंड थी कि कई स्थानों पर पेड़ टूटकर सड़कों और अन्य जगहों पर गिर गए, जिससे व्यापक अवरोध उत्पन्न हुआ। तेज हवाओं के कारण एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। सूत्रों के अनुसार, कई जगहों पर बिजली के खंभों के क्षतिग्रस्त होने और टूटने की भी खबरें सामने आई हैं, जिसके परिणामस्वरूप विद्युत व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। स्थानीय लोगों को आंधी और बारिश के कारण आवागमन में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। फिलहाल, प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। मौसम का मिजाज अभी भी बना हुआ है, जिसके मद्देनजर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक रूप से अपने घरों से बाहर न निकलें।1
- कटनी जिले के बाकल पठार क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट बदली, जहाँ तेज़ आंधी-तूफ़ान के साथ झमाझम बारिश हुई, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। तेज़ हवाओं के चलते कई दुकानों के सामने लगे बैनर और पोस्टर उखड़कर उड़ गए, वहीं कुछ स्थानों पर घरों के टीन के छप्पर भी हवा के दबाव से उड़ गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि तूफ़ान की रफ़्तार इतनी तेज़ थी कि कुछ समय के लिए लोगों में दहशत का माहौल बन गया। इस दौरान सड़क किनारे खड़े वाहन चालक और राहगीर अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नज़र आए। तेज़ हवाओं के बाद शुरू हुई बारिश से एक ओर जहाँ क्षेत्र का मौसम सुहावना हो गया, वहीं दूसरी ओर कई जगहों पर असुविधा की स्थिति भी निर्मित हुई। खबर लिखे जाने तक क्षेत्र में तेज बारिश जारी थी। हालांकि, किसी बड़ी जनहानि की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन आंधी और बारिश से कुछ स्थानों पर नुकसान होने की जानकारी सामने आई है।1