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कटनी नगर के निमिहा में महारानी माँ विंध्यवासिनी अपने दिव्य आसन पर 16 श्रृंगार किए हुए विराजमान हैं। उनकी अलौकिक छवि और दिव्य मुस्कान भक्तों के मन को भक्ति और श्रद्धा से भर रही है।
राशि निषाद
कटनी नगर के निमिहा में महारानी माँ विंध्यवासिनी अपने दिव्य आसन पर 16 श्रृंगार किए हुए विराजमान हैं। उनकी अलौकिक छवि और दिव्य मुस्कान भक्तों के मन को भक्ति और श्रद्धा से भर रही है।
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- एक बेहद खौफनाक घटना सामने आई है जहाँ एक ब्यूटी सैलून की मालकिन यास्मीन खान ने युवा ईसाई और हिंदू महिलाओं को लुभाने के लिए उन्हें "मुफ्त" कोर्स का लालच दिया। जब ये युवतियां वहां पहुंचीं, तो यास्मीन ने उनके ड्रिंक्स में नशीली दवा मिला दी, जिसके बाद वे बेहोश हो गईं। युवतियों के बेहोश होते ही, यास्मीन ने अपने शौहर मोहम्मद खान को बुलाया, जिसने उनके साथ रेप किया, जबकि यास्मीन खुद दरवाजे पर पहरा देती रही। उन्होंने इन गलत हरकतों को रिकॉर्ड किया ताकि युवतियों को ब्लैकमेल किया जा सके और उन्हें और अधिक मुस्लिम पुरुषों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जा सके। जब उससे पूछताछ की गई तो यास्मीन ने इन घृणित अपराधों को यह कहकर सही ठहराया कि "गैर-मुस्लिम लड़कियों" के साथ रेप में मदद करने से उसे "जन्नत" मिलेगी। इस पूरी घटना को "चुस्लाम" बताया गया है।1
- कटनी जिले के बिलहरी चौकी क्षेत्र में कथित रूप से संचालित जुआ और सट्टा कारोबार का पर्दाफाश करने वाले पत्रकारों ने अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा है। पत्रकारों ने मांग की है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच हो और उन लोगों पर कार्रवाई की जाए जिन्होंने इस खुलासे के बाद उन्हें निशाना बनाते हुए झूठी शिकायतें दर्ज कराई हैं। ज्ञापन में आरोप है कि अवैध कारोबार का खुलासा होने के बाद पत्रकारों के खिलाफ झूठी शिकायतें दी जा रही हैं। ज्ञापन में बताया गया है कि बिलहरी चौकी के पास हरदौल घाट तालाब किनारे स्थित एक खेत में कथित तौर पर लंबे समय से जुआ और सट्टे का संचालन हो रहा था, जिसमें ई-रिक्शा का भी इस्तेमाल होता था। सूचना मिलने पर 12 जून को तीन पत्रकार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेने के बाद पुलिस को सूचित किया। पत्रकारों का दावा है कि पुलिस के आने की भनक लगते ही मौके पर मौजूद लोगों ने रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज छिपाने का प्रयास किया। बाद में पुलिस के पहुंचने पर खेत से कुछ सामग्री बरामद होने की बात ज्ञापन में कही गई है, जिसके बाद यह खबर प्रकाशित की गई थी। खबर प्रकाशित होने के बाद, ज्ञापन के अनुसार, कुछ लोगों ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर पत्रकारों पर डराकर पैसे लेने का आरोप लगाया है। पत्रकारों ने इस आरोप को पूरी तरह से झूठा और दबाव बनाने की कोशिश बताया है। उन्होंने मांग की है कि यदि शिकायतें झूठी पाई जाती हैं तो संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। पत्रकारों ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर भी सवाल खड़े करती हैं। गौरतलब है कि इस मामले में लगाए गए आरोप पत्रकारों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के दावों पर आधारित हैं। वास्तविक स्थिति संबंधित पक्षों और पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।1
- कटनी जिले के बिलहरी चौकी क्षेत्र में जुआ और सट्टा कारोबार का कथित रूप से खुलासा करने वाले पत्रकार अब न्याय की गुहार लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे हैं। पत्रकारों ने ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि अवैध गतिविधियों को उजागर करने के बाद उन्हें झूठी शिकायतों के ज़रिए फंसाने और उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। ज्ञापन के अनुसार, पत्रकारों को बिलहरी चौकी के पास हरदौल घाट तालाब किनारे स्थित एक खेत में लंबे समय से जुआ और सट्टे का कारोबार चलने की जानकारी मिली थी। बताया गया कि 12 जून को तीन पत्रकार मौके पर पहुंचे और स्थिति जानने के बाद पुलिस को सूचना दी। पत्रकारों का दावा है कि पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही मौके पर मौजूद लोगों ने कथित तौर पर हिसाब-किताब से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य सामग्री हटाने या छिपाने का प्रयास किया। पुलिस के पहुंचने पर खेत से कुछ सामग्री भी बरामद होने की बात ज्ञापन में कही गई है, जिसके बाद पूरे मामले को लेकर समाचार प्रकाशित किया गया। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि खबर छपने के बाद कुछ लोगों ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर उन पर डराकर पैसे लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्रकारों ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा, निराधार और दबाव बनाने की साजिश बताया है। उनका कहना है कि समाजहित में अवैध गतिविधियों का खुलासा करने पर सच्चाई सामने लाने वालों को ही निशाना बनाया जाता है। उन्होंने इसे स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए चिंता का विषय बताते हुए चेतावनी दी कि यदि झूठे मामलों में फंसाने की कोशिशें जारी रहीं, तो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की निष्पक्षता प्रभावित होगी। ज्ञापन के माध्यम से पत्रकारों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि शिकायतें झूठी पाई जाती हैं तो संबंधित लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई हो। साथ ही, पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है। उन्होंने जोर देकर कहा, "सच दिखाने वालों को डराने की नहीं, संरक्षण देने की जरूरत है। लोकतंत्र में स्वतंत्र पत्रकारिता ही समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य करती है।"1
- कटनी नगर से व्यक्त किए गए एक भक्तिपूर्ण संदेश में, माँ शेरावाली को जीवन का सच्चा और एकमात्र सहारा बताया गया है। भक्त ने अपनी अटूट आस्था जताते हुए कहा कि जीवन की हर कठिन राह पर माँ की कृपा और आशीर्वाद ही उन्हें शक्ति प्रदान करते हैं। जब भी मन दुखी होता है, माँ शेरावाली का स्मरण नई उम्मीद और विश्वास से भर देता है। संदेश में आगे कहा गया है कि माँ की ममता, करुणा और दिव्य शक्ति के कारण ही जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। यह निवेदन किया गया है कि हे जगदंबा, वे अपने भक्तों पर सदा कृपा बनाए रखें और उन्हें सही मार्ग दिखाती रहें। अंत में, भक्त ने माँ शेरावाली के चरणों में अपना संपूर्ण विश्वास और संसार समर्पित करते हुए उनसे हर पल हाथ थामे रखने की प्रार्थना की है। यह दोहराया गया है कि माँ ही उनकी शक्ति, उनका विश्वास और उनका सबसे बड़ा सहारा हैं।1
- देर रात हुई अपनी ट्रेन यात्रा के पश्चात पूज्य सरकार बाबा बागेश्वर दिल्ली पहुंचे। दिल्ली के हज़रत निजामुद्दीन स्टेशन पर उनके भक्तों ने उनका भव्य स्वागत किया।1
- मैहर जिले की आदर्श कॉलोनी वार्ड क्रमांक-14 में शासकीय राशि से बनी सीसी रोड को लेकर विवाद गंभीर रूप ले रहा है। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि 16 जून 2026 की शाम करीब 6 बजे बबलू पांडे, ऋषि पांडे और पराग द्विवेदी जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंचे और सरकारी सड़क को अपना बताते हुए तोड़ने का प्रयास किया। जब कॉलोनीवासियों, जिनमें शिकायतकर्ता प्रवीण कुमार तिवारी भी शामिल थे, ने इसका विरोध किया, तो कथित तौर पर महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, अश्लील गाली-गलौज की गई और जान से मारने तक की धमकियां दी गईं। इस मामले में मैहर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कॉलोनीवासियों ने बताया है कि यह लगभग 20 फीट चौड़ा मार्ग पिछले 10 से 12 वर्षों से सार्वजनिक उपयोग में है और नगर पालिका परिषद मैहर द्वारा इस पर सीसी रोड का निर्माण कराया गया था। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि सड़क निर्माण के दौरान भी बबलू पांडे और ऋषि पांडे ने निर्माण कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया और ठेकेदार पर दबाव बनाया था। रहवासियों का दावा है कि सड़क को जेसीबी से उखाड़ने की चेतावनी पहले भी दी जा रही थी, जिसकी जानकारी प्रशासन को भी दी गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के समय कई महिलाएं मौके पर मौजूद थीं और पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया गया है। उनका विश्वास है कि यदि वीडियो और अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच होती है तो वास्तविकता सामने आ सकती है। इस घटना के बाद कई रहवासियों ने अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि उन्हें सार्वजनिक रूप से कथित धमकियां मिली हैं। कॉलोनीवासियों ने प्रशासन से शिकायतकर्ताओं और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296(ए) और 351(3) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच, नगर पालिका के अभिलेखों और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या सरकारी धन से बनी सड़क को नुकसान पहुंचाने, महिलाओं से अभद्रता करने और सार्वजनिक आवागमन बाधित करने के आरोपों पर प्रशासन सख्त रुख अपनाएगा।4
- भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) जिला उमरिया ने सुश्री मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में उमरिया के गांधी चौक पर भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) का पुतला फूँककर प्रदर्शन किया। इस दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी गहरी नाराज़गी व्यक्त की और इसकी निष्पक्षता तथा पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान, NSUI ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और विपक्षी दलों के नेताओं तथा प्रत्याशियों के साथ असमान व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को प्रभावित करने का भी आरोप लगाया, जिससे केंद्र और विभिन्न स्तरों पर सत्ता पक्ष के प्रभाव में इन संस्थाओं की भूमिका पर प्रश्नचिह्न लग गया है। NSUI ने मांग की कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए ताकि जनता का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था में बना रहे, विशेषकर मध्यप्रदेश के राज्यसभा चुनाव में सुश्री मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्तीकरण के विवादित फैसले की पारदर्शी समीक्षा की मांग की गई। NSUI जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने से मजबूत नहीं होता, बल्कि निष्पक्ष चुनाव और सभी दलों को समान अवसर मिलने से मजबूत होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि जनता के मन में चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो उनका पारदर्शी जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि NSUI का यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर है, और छात्र तथा युवा लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज़ उठाते रहेंगे। इस कार्यक्रम में मो. असलम शेर के साथ कृष्ण कांत तिवारी, रोहनी श्याम, आकाश प्रजापति, अनुज वर्मा, अनुराग तिवारी, खुशी मोगरे, अजय विश्वकर्मा, अर्पिता तिवारी, आंचल चौधरी, सागर यादव, अमित बर्मन, अजय, संदीप, आकाश, विकाश प्रजापति सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। मो. असलम शेर ने अंत में भाजपा सरकार से लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग को बंद करने का आह्वान किया।1
- Post by Balkishan Namdev1