बस्ती में खाकी और गश्त की खुली पोल: फौजी के बंद घर को चोरों ने बनाया निशाना, 36 हजार का सामान पार और 50 हजार की क्षति अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती की सुरक्षा पर सवाल: पांच महीने से बंद था सीआईएसएफ जवान का घर, चोरों ने सब कुछ समेट लिया और पुलिस हाथ मलती रह गई! बस्ती में खाकी और गश्त की खुली पोल: फौजी के बंद घर को चोरों ने बनाया निशाना, 36 हजार का सामान पार और 50 हजार की क्षति परसरामपुर पुलिस के नाक के नीचे चोरों का तांडव: 5 महीने से बंद सीआईएसएफ जवान के घर से चांदी के सामान समेत लाखों की संपत्ति चट रक्षक के घर पर डाका! बस्ती में फौजी का सूना मकान पाकर बेखौफ हुए चोर, फील्ड यूनिट और सर्विलांस टीम जुटी खुलासे में बस्ती जनपद के परसरामपुर थाना क्षेत्र के गन्नीपुर गांव से एक बेहद चिंताजनक और कानून-व्यवस्था की पोल खोलने वाली खबर सामने आई है। देश की सुरक्षा में तैनात एक सीआईएसएफ (CISF) जवान का पैतृक घर पांच महीने से बंद था, और चोरों ने इस दौरान आराम से ताला तोड़कर न केवल हाथ साफ किया, बल्कि घर को तहस-नहस भी कर दिया। सवाल यह उठता है कि जब एक फौजी का घर ही सुरक्षित नहीं है, तो आम आदमी की सुरक्षा की क्या गारंटी है? गश्त और खुफिया तंत्र पर बड़ा सवालिया निशान घटना बताती है कि चोरों के हौसले कितने बुलंद हैं। पांच महीने से बंद मकान को निशाना बनाना और किसी को कानों-कान खबर तक न होना, स्थानीय पुलिस गश्त और खुफिया तंत्र की नाकामी का जीता-जागता सबूत है। क्या परसरामपुर थाने की पुलिस सिर्फ कागजी कार्रवाई और मुकदमों तक सीमित रह गई है? गांवों में पुलिस की बीट प्रणाली और रात्रि गश्त का क्या हाल है, यह इस घटना से साफ जाहिर होता है। 'रक्षक' के घर पर डाका, शर्मनाक स्थिति किशन कुमार दुबे देश की सीमाओं और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवान हैं। वह परिवार सहित अपनी ड्यूटी पर क्या गए, पीछे से चोरों ने उनके ही घर को सुरक्षित ठिकाना समझकर लूट लिया। चांदी के सिक्के, तश्तरी और अन्य कीमती सामान के साथ-साथ करीब 50 हजार रुपये की अतिरिक्त तोड़फोड़ की क्षति ने यह साबित कर दिया है कि अपराधियों में कानून का खौफ किस हद तक समाप्त हो चुका है। मुकदमे और टीमों से काम नहीं चलेगा, खुलासे की दरकार है पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है, फील्ड यूनिट, एसओजी और सर्विलांस टीम ने साक्ष्य भी जुटा लिए हैं। लेकिन क्या सिर्फ टीमों के गठन और साक्ष्य संकलन से पीड़ित को न्याय मिल जाएगा? जनता को आश्वासन नहीं, परिणाम चाहिए। पांच महीने पहले हुई इस घटना (या जितने भी दिनों पूर्व यह घटी हो) का पर्दाफाश करना और चोरी गए सामान के साथ आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है। यदि जल्द ही इस मामले का खुलासा नहीं हुआ, तो यह खाकी की कार्यप्रणाली पर एक बदनुमा दाग बनकर रह जाएगा। बस्ती पुलिस को अब अपनी सक्रियता दिखानी होगी, ताकि आम जनता और देश के प्रहरियों का कानून से भरोसा न उठे।
बस्ती में खाकी और गश्त की खुली पोल: फौजी के बंद घर को चोरों ने बनाया निशाना, 36 हजार का सामान पार और 50 हजार की क्षति अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती की सुरक्षा पर सवाल: पांच महीने से बंद था सीआईएसएफ जवान का घर, चोरों ने सब कुछ समेट लिया और पुलिस हाथ मलती रह गई! बस्ती में खाकी और गश्त की खुली पोल: फौजी के बंद घर को चोरों ने बनाया निशाना, 36 हजार का सामान पार और 50 हजार की क्षति परसरामपुर पुलिस के नाक के नीचे चोरों का तांडव: 5 महीने से बंद सीआईएसएफ जवान के घर से चांदी के सामान समेत लाखों की संपत्ति चट रक्षक के घर पर डाका! बस्ती में फौजी का सूना मकान पाकर बेखौफ हुए चोर, फील्ड यूनिट और सर्विलांस टीम जुटी खुलासे में बस्ती जनपद के परसरामपुर थाना क्षेत्र के गन्नीपुर गांव से एक बेहद चिंताजनक और कानून-व्यवस्था की पोल खोलने वाली खबर सामने आई है। देश की सुरक्षा में तैनात एक सीआईएसएफ (CISF) जवान का पैतृक घर पांच महीने से बंद था, और चोरों ने इस दौरान आराम से ताला तोड़कर न केवल हाथ साफ किया, बल्कि घर को तहस-नहस भी कर दिया। सवाल यह उठता है कि जब एक फौजी का घर ही सुरक्षित नहीं है, तो आम आदमी की सुरक्षा की क्या गारंटी है? गश्त और खुफिया तंत्र पर बड़ा सवालिया निशान घटना बताती है कि चोरों के हौसले कितने बुलंद हैं। पांच महीने से बंद मकान को निशाना बनाना और किसी को कानों-कान खबर तक न होना, स्थानीय पुलिस गश्त और खुफिया तंत्र की नाकामी का जीता-जागता सबूत है। क्या परसरामपुर थाने की पुलिस सिर्फ कागजी कार्रवाई और मुकदमों तक सीमित रह गई है? गांवों में पुलिस की बीट प्रणाली और रात्रि गश्त का क्या हाल है, यह इस घटना से साफ जाहिर होता है। 'रक्षक' के घर पर डाका, शर्मनाक स्थिति किशन कुमार दुबे देश की सीमाओं और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवान हैं। वह परिवार सहित अपनी ड्यूटी पर क्या गए, पीछे से चोरों ने उनके ही घर को सुरक्षित ठिकाना समझकर लूट लिया। चांदी के सिक्के, तश्तरी और अन्य कीमती सामान के साथ-साथ करीब 50 हजार रुपये की अतिरिक्त तोड़फोड़ की क्षति ने यह साबित कर दिया है कि अपराधियों में कानून का खौफ किस हद तक समाप्त हो चुका है। मुकदमे और टीमों से काम नहीं चलेगा, खुलासे की दरकार है पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है, फील्ड यूनिट, एसओजी और सर्विलांस टीम ने साक्ष्य भी जुटा लिए हैं। लेकिन क्या सिर्फ टीमों के गठन और साक्ष्य संकलन से पीड़ित को न्याय मिल जाएगा? जनता को आश्वासन नहीं, परिणाम चाहिए। पांच महीने पहले हुई इस घटना (या जितने भी दिनों पूर्व यह घटी हो) का पर्दाफाश करना और चोरी गए सामान के साथ आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है। यदि जल्द ही इस मामले का खुलासा नहीं हुआ, तो यह खाकी की कार्यप्रणाली पर एक बदनुमा दाग बनकर रह जाएगा। बस्ती पुलिस को अब अपनी सक्रियता दिखानी होगी, ताकि आम जनता और देश के प्रहरियों का कानून से भरोसा न उठे।
- स्टाफ के कहने पर बाहर से दवा नहीं ली तो रोक दिया आपरेशन कहां आर के फार्मा का नाम तो बताया था अयोध्या (मेडिकल कॉलेज दर्शन नगर) *स्टाफ के कहने पर बाहर से दवा नहीं ली तो रोक दिया आपरेशन कहां आर के फार्मा का नाम तो बताया था* -----------------------_----------------- राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शननगर फिर चर्चा में, बाहर से जांच-सामान मंगाने का आरोप* *अयोध्या।* राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शननगर में बाहर से प्राइवेट जांच और ऑपरेशन का सामान मंगाने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित विनोद कुमार अपने पिता का हर्निया ऑपरेशन कराने एक महीने से मेडिकल कॉलेज के चक्कर लगा रहे हैं। आरोप है कि डॉक्टर लंबी तारीख देते थे और हर बार 900 रुपये की प्राइवेट जांच लिख देते थे। गरीब होने के बावजूद किसी तरह जांच कराकर दिखाया। 3 नवंबर को ऑपरेशन तय हुआ। सारी तैयारी पूरी थी, पिता को ओटी में ले जाने की तैयारी चल रही थी, तभी डॉक्टर प्रदीप कुमार सिंह के कथित कंपाउंडर ने सादी पर्ची पर आर.के. मेडिकल स्टोर से सामान लाने को कहा। अस्पताल में सामान होने की बात पूछने पर वह भड़क गया और बोला- सामान नहीं लाओगे तो ऑपरेशन नहीं होगा। *वीडियो वायरल -* वायरल वीडियो में कंपाउंडर साफ तौर पर मेडिकल स्टोर का नाम ले रहा है, वहीं दुकानदार चैलेंज दे रहा है कि भटक कर आओगे यहीं। पीड़ित ने प्राचार्य को शिकायती पत्र देकर व्हाट्सएप पर भेजा है और सरकारी खर्च पर ऑपरेशन की मांग की है। *सवाल -* स्वास्थ्य मंत्री व्यवस्था दुरुस्त होने का दावा करते हैं, तो मेडिकल कॉलेज में सरकार द्वारा सामान उपलब्ध क्यों नहीं? गरीब मरीज कहां जाएं?1
- *थाना कप्तानगंज पुलिस टीम द्वारा अल्ट्रासाउण्ड मशीन चोरी करने वाले गिरोह के सदस्य के वांछित अभियुक्त को चोरी गये एक अदद लैपटाप, एक अदद कटर मशीन के साथ किया गया गिरफ्तार- पुलिस महानिदेशक उ०प्र० के निर्देश के क्रम में नकबजनी/चोरी की घटनाओं की रोकथाम हेतु चलाये जा रहे विशेष अभियान के तहत कस्बा कप्तानगंज में स्थित सत्या पैथोलाजी के दूकान का ताला तोड़कर अल्ट्रासाउण्ड मशीन एवं अन्य उपकरण के चोरी होने के संबंध में थाना स्थानीय पर दिनांक-23.09.2026 को पंजीकृत मु०अ0सं0-257/2026 धारा-331(4)/305(a)/317(2)/ 112(2) BNS से वांछित अभियुक्त 1. राजेश निषाद पुत्र स्व0 भगौती निषाद साकिन पूरेसिंघा उर्फ पूरेगंगाराम थाना छावनी जनपद बस्ती को दिनांक 03.11.2026 को समय करीब 01:45 बजे कस्बा छावनी से आगे नई बाजार मोड़ से बोरीया मोहानी दुर्गा मन्दिर के पास मोड़ के पास से गिरफ्तार कर उसके कब्जे से अभियुक्त के पास से एक अदद लैपटाप (इस्तेमाली), एक अदद कटर मशीन, एक अदद मोबाइल फोन रेडमी कम्पनी, रुपये 600/- नकद बरामद कर अन्य आवश्यक अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है | *गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण-* 1. राजेश निषाद पुत्र स्व0 भगौती निषाद साकिन पूरे सिंघा उर्फ पूरेगंगाराम थाना छावनी जनपद बस्ती | *गिरफ्तार अभियुक्त राजेश निषाद का आपराधिक इतिहास-* 1. मु0अ0सं0-138/2026 धारा-115(2), 351(2), 352 BNS थाना छावनी जनपद बस्ती | 2. मु0अ0सं0-257/2026 धारा-331(4)/305(a)/317(2)/ 112(2) BNS थाना कप्तानगंज जनपद बस्ती | 3. मु0अ0सं0-238/2026 धारा-331(4), 305(a), 317(4), 111 BNS थाना चौक जनपद लखनऊ (उ०प्र०) | *बरामदगी का विवरण-* 1. एक अदद मोबाइल फोन रेडमी कम्पनी | 2. एक अदद लैपटाप | 3. एक अदद कटर मशीन 4. रुपये 600/- नकद | *गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम-* 1. थानाध्यक्ष कप्तानगंज आलोक कुमार श्रीवास्तव जनपद बस्ती | 2. प्रभारी चौकी महराजगंज उ0नि0 अनिल त्रिपाठी थाना कप्तानगंज जनपद बस्ती | 3. उ0नि0 रविन्द्र यादव थाना कप्तानगंज जनपद बस्ती | 4. हे0का0 गणेश सिंह, हे0का0 प्रदीप सिंह, का0 विकास वर्मा, का0 सचिन वर्मा, का0 जयप्रकाश यादव , म0का0 सुभांगी थाना कप्तानगंज जनपद बस्ती |1
- Available for Sale Locality : Budh Vihar Colony, Takrohi, near Munci Puliya, Lucknow, Uttar Pradesh Area (dimensions) : 650 Expected Price : 3000000 Property Type : Flat / Apartment Property Condition : New Bedrooms (BHK) : 2 BHK Furnishing : Fully Furnished 🏡 2 BHK FULLY FURNISHED FLAT FOR SALE 🏡 ✨ बहुत ही खूबसूरत न्यू फ्लैट उपलब्ध ✨ 📍 लोकेशन: मुंशी पुलिया से मात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर, तकरोही 🏠 फ्लैट की जानकारी: ▪️ 2 BHK न्यू फ्लैट ▪️ एरिया: 650 स्क्वायर फीट ▪️ कवर्ड एरिया ▪️ पूरी तरह फुल फर्निश्ड फ्लैट 🛋️ फ्लैट में मिलने वाली सुविधाएँ: LED TV, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, AC, डबल बेड, सोफा, डाइनिंग टेबल, CCTV कैमरा, पंखा, गैस सिलेंडर, गैस चूल्हा, अलमारी, झूमर, पर्दे, टच मिरर एवं RO वाटर प्यूरीफायर आदि। 💰 फ्लैट की कीमत: मात्र ₹30,00,000 (30 लाख रुपये) 📞 संपर्क करें: 9565068614 ✨ पूरी तरह तैयार फ्लैट, नए घर का शानदार एहसास! ✨1
- रुदौली विधायक रामचंद्र यादव के खिलाफ जांच शुरू दोषी साबित हुआ तो हर सजा भुगतने को तैयार हूँ सामाजिक कार्यकर्ता सूर्यभान मिश्रा1
- बीकापुर ब्लाक परिसर में विधायक अभय सिंह द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र और अन्नपूर्णा भवन का फीता काटकर लोकार्पण किया गया। अयोध्या जिले के बीकापुर विकासखंड परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र एवं अन्नपूर्णा भवन के लोकार्पण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोसाईगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक अभय सिंह ने फीता काटकर दोनों भवनों का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर विधायक अभय सिंह ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। वहीं अन्नपूर्णा भवन के निर्माण से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए कार्यक्रम में विकासखंड के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं क्षेत्र के गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।2
- अयोध्या के मेडिकल कॉलेज में मरीज से 5 हजार रुपये मांगने का आरोप अयोध्या के दर्शननगर स्थित राजर्षि दशरथ स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में मरीज के परिजनों ने ऑपरेशन में देरी और बाहर से सामान खरीदने के लिए कहने का लगाया आरोप।मरीज के तीमारदार विनोद कुमार गुप्ता ने प्राचार्य को प्रार्थना पत्र देकर लगाई न्याय की गुहार।आरोप है कि ऑपरेशन के लिए जरूरी सामान बाहर के मेडिकल स्टोर से खरीदने को कहा गया, जहां सामान की कीमत 5 हजार रुपये बताई गई।गरीब परिवार ने खर्च उठाने में असमर्थता जताई।पीड़ित का आरोप, सामान न मिलने से ऑपरेशन की तारीख लगातार बढ़ाई जा रही है और मरीज की हालत बिगड़ रही है।प्राचार्य से मामले की जांच, जल्द ऑपरेशन और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग।1
- अयोध्या मेडिकल कॉलेज में मरीज से अवैध वसूली का आरोप, गरीब परिवार ने प्राचार्य से लगाई न्याय की गुहार अयोध्या मेडिकल कॉलेज में मरीज से अवैध वसूली का आरोप, गरीब परिवार ने प्राचार्य से लगाई न्याय की गुहार आरोप है कि डॉक्टरों ने कई दिनों तक जांच के नाम पर ऑपरेशन को टाल दिया और कुछ जांचें बाहर प्राइवेट लैब से कराने को कहा डॉक्टर ने बताया मेडिकल स्टोर का पता बोले वहीं से सामान लेकर आना अयोध्या। राजर्षि दशरथ स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, दर्शननगर में एक गरीब मरीज के ऑपरेशन में लापरवाही और पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम जोगापुर, जिला बस्ती निवासी विनोद कुमार गुप्ता ने महाविद्यालय के प्राचार्य को प्रार्थना पत्र दिया है। उन्होंने बताया कि उनके ससुर अमृतलाल प्रसाद को पीलिया और शुगर की शिकायत है, जिनका ऑपरेशन होना है। आरोप है कि डॉक्टरों ने कई दिनों तक जांच के नाम पर ऑपरेशन को टाल दिया और कुछ जांचें बाहर प्राइवेट लैब से कराने को कहा।पीड़ित का आरोप है कि ऑपरेशन के लिए जरूरी सामान अस्पताल में होने के बावजूद नहीं दिया गया और बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदने को कहा गया। डॉक्टर ने बताया कि जाकर मेडिकल कॉलेज के सामने से एक मेडिकल स्टोर का नाम बताया बोला वहीं से सामान लेकर आना वहां पर जब मरीज के तीमारदार ऑपरेशन का सामान लेने पहुंचे तो ₹5000 बताया गया मरीज के होश उड़ गए और सामान लेने से इनकार कर दिया। समान न देने पर ऑपरेशन की तारीख लगातार बढ़ाई जा रही है।पीड़ित ने बताया कि वह गरीब परिवार से है और निजी खर्च वहन करने में असमर्थ है। मरीज की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ रही है। पीड़ित ने प्राचार्य महोदय से मामले की जांच कराकर जल्द ऑपरेशन कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।4
- बस्ती में खाकी और गश्त की खुली पोल: फौजी के बंद घर को चोरों ने बनाया निशाना, 36 हजार का सामान पार और 50 हजार की क्षति अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती की सुरक्षा पर सवाल: पांच महीने से बंद था सीआईएसएफ जवान का घर, चोरों ने सब कुछ समेट लिया और पुलिस हाथ मलती रह गई! बस्ती में खाकी और गश्त की खुली पोल: फौजी के बंद घर को चोरों ने बनाया निशाना, 36 हजार का सामान पार और 50 हजार की क्षति परसरामपुर पुलिस के नाक के नीचे चोरों का तांडव: 5 महीने से बंद सीआईएसएफ जवान के घर से चांदी के सामान समेत लाखों की संपत्ति चट रक्षक के घर पर डाका! बस्ती में फौजी का सूना मकान पाकर बेखौफ हुए चोर, फील्ड यूनिट और सर्विलांस टीम जुटी खुलासे में बस्ती जनपद के परसरामपुर थाना क्षेत्र के गन्नीपुर गांव से एक बेहद चिंताजनक और कानून-व्यवस्था की पोल खोलने वाली खबर सामने आई है। देश की सुरक्षा में तैनात एक सीआईएसएफ (CISF) जवान का पैतृक घर पांच महीने से बंद था, और चोरों ने इस दौरान आराम से ताला तोड़कर न केवल हाथ साफ किया, बल्कि घर को तहस-नहस भी कर दिया। सवाल यह उठता है कि जब एक फौजी का घर ही सुरक्षित नहीं है, तो आम आदमी की सुरक्षा की क्या गारंटी है? गश्त और खुफिया तंत्र पर बड़ा सवालिया निशान घटना बताती है कि चोरों के हौसले कितने बुलंद हैं। पांच महीने से बंद मकान को निशाना बनाना और किसी को कानों-कान खबर तक न होना, स्थानीय पुलिस गश्त और खुफिया तंत्र की नाकामी का जीता-जागता सबूत है। क्या परसरामपुर थाने की पुलिस सिर्फ कागजी कार्रवाई और मुकदमों तक सीमित रह गई है? गांवों में पुलिस की बीट प्रणाली और रात्रि गश्त का क्या हाल है, यह इस घटना से साफ जाहिर होता है। 'रक्षक' के घर पर डाका, शर्मनाक स्थिति किशन कुमार दुबे देश की सीमाओं और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवान हैं। वह परिवार सहित अपनी ड्यूटी पर क्या गए, पीछे से चोरों ने उनके ही घर को सुरक्षित ठिकाना समझकर लूट लिया। चांदी के सिक्के, तश्तरी और अन्य कीमती सामान के साथ-साथ करीब 50 हजार रुपये की अतिरिक्त तोड़फोड़ की क्षति ने यह साबित कर दिया है कि अपराधियों में कानून का खौफ किस हद तक समाप्त हो चुका है। मुकदमे और टीमों से काम नहीं चलेगा, खुलासे की दरकार है पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है, फील्ड यूनिट, एसओजी और सर्विलांस टीम ने साक्ष्य भी जुटा लिए हैं। लेकिन क्या सिर्फ टीमों के गठन और साक्ष्य संकलन से पीड़ित को न्याय मिल जाएगा? जनता को आश्वासन नहीं, परिणाम चाहिए। पांच महीने पहले हुई इस घटना (या जितने भी दिनों पूर्व यह घटी हो) का पर्दाफाश करना और चोरी गए सामान के साथ आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है। यदि जल्द ही इस मामले का खुलासा नहीं हुआ, तो यह खाकी की कार्यप्रणाली पर एक बदनुमा दाग बनकर रह जाएगा। बस्ती पुलिस को अब अपनी सक्रियता दिखानी होगी, ताकि आम जनता और देश के प्रहरियों का कानून से भरोसा न उठे।1