मीणा हाईकोर्ट के मंच से पूर्व मंत्री गोलमा देवी की युवाओं को सीख मीणा हाईकोर्ट के मंच से पूर्व मंत्री गोलमा देवी की युवाओं को सीख "मोबाइल का करें सही इस्तेमाल, IAS-IPS बनकर देश की सेवा करें युवा" जयपुर/दौसा | मीणा हाईकोर्ट परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री श्रीमती गोलमा देवी जी ने युवाओं को संबोधित करते हुए शिक्षा और समय के महत्व पर विशेष जोर दिया। मंच से युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में तकनीक का सही उपयोग ही सफलता की कुंजी है। पूर्व मंत्री ने मोबाइल फोन के संतुलित उपयोग की सलाह देते हुए कहा, "यह मोबाइल जितना उपयोगी है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है। इसका सदुपयोग करें, समय बिल्कुल बर्बाद न करें।" उन्होंने आगे कहा कि युवा शक्ति को चाहिए कि वे एकाग्रता के साथ अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें और कड़ी मेहनत कर IAS, IPS जैसे उच्च पदों पर पहुँचकर समाज व राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताते हुए कहा कि शिक्षा ही सबसे बड़ी ताकत है, जिसके बल पर समाज की किसी भी बुराई और पिछड़ेपन को समाप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय प्रबुद्धजन, समाज के प्रतिनिधि और युवा उपस्थित रहे, जिन्होंने पूर्व मंत्री के विचारों का करतल ध्वनि से स्वागत किया।
मीणा हाईकोर्ट के मंच से पूर्व मंत्री गोलमा देवी की युवाओं को सीख मीणा हाईकोर्ट के मंच से पूर्व मंत्री गोलमा देवी की युवाओं को सीख "मोबाइल का करें सही इस्तेमाल, IAS-IPS बनकर देश की सेवा करें युवा" जयपुर/दौसा | मीणा हाईकोर्ट परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री श्रीमती गोलमा देवी जी ने युवाओं को संबोधित करते हुए शिक्षा और समय के महत्व पर विशेष जोर दिया। मंच से युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में तकनीक का सही उपयोग ही सफलता की कुंजी है। पूर्व मंत्री ने मोबाइल फोन के संतुलित उपयोग की सलाह देते हुए कहा, "यह मोबाइल जितना उपयोगी है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है। इसका सदुपयोग करें, समय बिल्कुल बर्बाद न करें।" उन्होंने आगे कहा कि युवा शक्ति को चाहिए कि वे एकाग्रता के साथ अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें और कड़ी मेहनत कर IAS, IPS जैसे उच्च पदों पर पहुँचकर समाज व राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताते हुए कहा कि शिक्षा ही सबसे बड़ी ताकत है, जिसके बल पर समाज की किसी भी बुराई और पिछड़ेपन को समाप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय प्रबुद्धजन, समाज के प्रतिनिधि और युवा उपस्थित रहे, जिन्होंने पूर्व मंत्री के विचारों का करतल ध्वनि से स्वागत किया।
- कम बारिश से गहराया अकाल का संकट, पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने जताई चिंता कम बारिश से गहराया अकाल का संकट, पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने जताई चिंता सरकार को अकाल राहत कार्यों की पूर्व तैयारी शुरू करने की दी सलाह जोधपुर / जयपुर: प्रदेश में इस वर्ष कम बारिश के कारण अकाल जैसी गंभीर स्थिति निर्मित होने की आशंका बढ़ गई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की अनिश्चितता और कम बारिश को लेकर गहरा दुख एवं चिंता व्यक्त की है। जोधपुर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए गहलोत ने राज्य सरकार को स्थिति बिगड़ने से पहले ही आवश्यक राहत कदम उठाने की नसीहत दी है। 20 जिलों में अकाल जैसे हालात पूर्व मुख्यमंत्री ने आंकड़े सामने रखते हुए कहा कि राज्य के लगभग 18 से 20 जिलों में सामान्य से बेहद कम बारिश हुई है। यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो ग्रामीण इलाकों और किसानों के सामने अकाल का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। "अकाल के संकट से निपटने के लिए सरकार को अभी से सक्रिय होना पड़ेगा। पानी, चारा और रोजगार की अग्रिम व्यवस्था करना बेहद जरूरी है।" > — अशक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री प्रमुख मांगें एवं सुझाव पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार और ज़िला प्रशासनों को निम्नलिखित बिन्दुओं पर तत्काल ध्यान केंद्रित करने को कहा: पेयजल की आपूर्ति: ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पीने के पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। पशुधन एवं चारा प्रबंध: गायों एवं अन्य मवेशियों के लिए पर्याप्त चारा डिपो स्थापित किए जाएं और जल व्यवस्था दुरुस्त की जाए। रोजगार की गारंटी: प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को पलायन से रोकने के लिए रोजगार और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाए। प्रशासनिक तालमेल: ज़िला प्रशासन से लेकर राज्य स्तर तक की टीमों को समय रहते अलर्ट मोड पर लाया जाए। पूर्व कार्यकाल के अनुभव का दिया हवाला अपने पिछले कार्यकालों का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा कि उन्होंने अपने शासनकाल के दौरान चार बड़े अकालों का सामना किया है। उस दौरान बेहतर आपदा प्रबंधन, 'काम के बदले अनाज' योजना और त्वरित राहत कार्यों के कारण राज्य को संकट से उबारा गया था, जिसकी सराहना पूरे देश में हुई थी। उन्होंने चेतावनी दी कि संकट आने का इंतजार करने के बजाय यदि अग्रिम प्रबंधन नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति बेकाबू हो सकती है।1
- सवाई माधोपुर जिले की बौली तहसील मैं साइबर ठगी पर मित्रपुरा पुलिस का बड़ा प्रहार फर्जी बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने वाला आरोपी गिरफ्तार1
- सूरौठ कस्बे में कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक आयोजित, आगामी पंचायत व निकाय चुनावों की रणनीति पर हुआ मंथन सूरौठ राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार शनिवार को सूरौठ स्टेशन रोड स्थित अग्रसेन वाटिका धर्मशाला में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सूरौठ द्वारा संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी पंचायत एवं निकाय चुनावों की तैयारियों, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने तथा कांग्रेस की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। शनिवार दोपहर 3:00 बजे आयोजित बैठक में कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने चुनावी रणनीति पर विचार-विमर्श करते हुए संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों और जनसंपर्क अभियान को तेज करने पर जोर दिया।बैठक में पूर्व जिला अध्यक्ष शिवराज मीणा, टोडाभीम विधायक घनश्याम मेहर, हिंडौन विधायक अनीता जाटव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव रिंकू जाटव सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- यह कचरा हमेशा पड़ा रहता है रास्ते में निकलने वाले को दिक्कत होता है कृपया करके इसको साफ करें1
- सूरौठ पैलेस में भव्यता के साथ संपन्न हुआ अध्यापिका आशा देवी राजौरा का सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह..... हिंडौन सिटी। बयाना रोड स्थित सूरौठ पैलेस में अध्यापिका आशा देवी राजौरा के सेवानिवृत्त होने के अवसर पर शनिवार को एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में अपना अमूल्य योगदान देने के बाद सेवानिवृत्त हुईं आशा देवी राजौरा के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम में परिजनों, रिश्तेदारों, शिक्षकों, शिक्षाविदों तथा क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को किया याद: समारोह के दौरान उपस्थित शिक्षकों एवं शिक्षाविदों ने आशा देवी राजौरा के शिक्षण कार्यकाल की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि एक शिक्षक के रूप में उनका जीवन प्रेरणादायी रहा है। उन्होंने न केवल विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी, बल्कि उनमें उच्च नैतिक मूल्यों का सिंचन भी किया। एक शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, उनके द्वारा दिए गए संस्कार और ज्ञान की रोशनी हमेशा समाज को दिशा दिखाती रहती है। समारोह में उपस्थित शिक्षाविद,परिजन और गणमान्य लोगों ने किया अभिनंदन : समारोह में मौजूद रिश्तेदारों एवं गणमान्य नागरिकों ने आशा देवी राजौरा को शॉल, स्मृति चिह्न और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। इस दौरान माहौल काफी भावुक और गौरवमयी रहा। सामूहिक भोज का आयोजन: कार्यक्रम के समापन के अवसर पर एक सामूहिक भोज का आयोजन किया गया, जिसमें आए हुए सभी अतिथियों, सहयोगियों और परिजनों ने एक साथ सहभोज कर खुशियाँ साझा कीं। अंत में आशा देवी राजौरा व उनके परिवार ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।2
- लालपुरा में संत निरंकारी सत्संग आयोजित, ब्रह्मज्ञान का दिया संदेश लालसोट। संत निरंकारी मिशन की लालसोट शाखा द्वारा लालपुरा पंचायत में सत्संग का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता महात्मा रतन लाल सैनी ने कहा कि ब्रह्मज्ञान केवल सद्गुरु की कृपा से ही प्राप्त होता है। सत्संग में भजन-कीर्तन एवं आध्यात्मिक विचार प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम का संचालन चौथमल सैन ने किया। संगत के लिए लंगर एवं आवागमन की व्यवस्था भी की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- स्कूल प्रबंधन पर छात्र को प्रताड़ित करने का आरोप, जहर खाने के बाद अस्पताल में भर्ती गंगापुर सिटी। क्षेत्र के एक निजी विद्यालय के छात्र को कथित रूप से मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना देने का मामला सामने आया है। परिजनों ने विद्यालय के संस्था प्रमुख पर गंभीर आरोप लगाते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की है। परिजनों के अनुसार आकाश मीना, पुत्र भीमसिंह मीना, जय गुरुकुल सीनियर सेकेंडरी विद्यालय, तलावड़ा का छात्र है। आरोप है कि छात्र गलती से मोबाइल फोन स्कूल लेकर चला गया था। मोबाइल मिलने के बाद संस्था प्रमुख ने छात्र को कथित रूप से शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया तथा धमकाकर उसकी टीसी (स्थानांतरण प्रमाण-पत्र) भी काट दी। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद छात्र तीन दिनों तक गहरे मानसिक तनाव में रहा। उसने किसी से ठीक से बात नहीं की और न ही भोजन किया। इसके बाद तनाव में आकर उसने कथित रूप से कोई विषाक्त पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत गंगापुर सिटी स्थित रिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार जारी है। परिजनों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में किसी अन्य छात्र के साथ ऐसी घटना न हो।1