झंझारपुर आरएस थाना क्षेत्र के दीप गांव में चोरों ने एक बंद घर को निशाना बनाते हुए पुलिस गश्त को एक बार फिर चुनौती दी है। दिल्ली में कार्यरत सीआरपीएफ जवान उमेश ठाकुर के घर का ताला तोड़कर चोरों ने लगभग 10 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और कीमती सामानों पर हाथ साफ कर दिया। उमेश ठाकुर अपने पूरे परिवार के साथ दिल्ली में ही रहते हैं। पीड़ित जवान को पड़ोसियों से फोन पर घर में कुछ संदिग्ध गतिविधि होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद वे बुधवार को अपने गांव पहुँचे। घर के मुख्य द्वार पर ताला लगा था, लेकिन अंदर प्रवेश करते ही उन्होंने देखा कि सभी कमरों का सामान बिखरा पड़ा था और आलमारी व तिजोरी के ताले टूटे हुए थे। जाँच करने पर पता चला कि चोरों ने करीब 1.5 तोला सोने की चेन, ढाई तोले वज़न की पाँच अंगूठियां, कान के आभूषण, दुर्गा माँ की सोने की मूर्ति, तीन लॉकेट, दो मंगलसूत्र सहित आठ चाँदी के सिक्के, दो जोड़ी पायल, करधनी, चाँदी की प्लेट और अन्य बर्तन चुरा लिए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है। उमेश ठाकुर का कहना है कि क्षेत्र में चोरों का एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो बंद घरों की रेकी करने के बाद ऐसी घटनाओं को अंजाम देता है। इस घटना से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच चोरी का डर काफी बढ़ गया है, और ग्रामीणों ने क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। थानाध्यक्षा माया कुमारी ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है और मामले की छानबीन के साथ ही चोरों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। उमेश ठाकुर के पुत्र अमन कुमार के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
झंझारपुर आरएस थाना क्षेत्र के दीप गांव में चोरों ने एक बंद घर को निशाना बनाते हुए पुलिस गश्त को एक बार फिर चुनौती दी है। दिल्ली में कार्यरत सीआरपीएफ जवान उमेश ठाकुर के घर का ताला तोड़कर चोरों ने लगभग 10 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और कीमती सामानों पर हाथ साफ कर दिया। उमेश ठाकुर अपने पूरे परिवार के साथ दिल्ली में ही रहते हैं। पीड़ित जवान को पड़ोसियों से फोन पर घर में कुछ संदिग्ध गतिविधि होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद वे बुधवार को अपने गांव पहुँचे। घर के मुख्य द्वार पर ताला लगा था, लेकिन अंदर प्रवेश करते ही उन्होंने देखा कि सभी कमरों का सामान बिखरा पड़ा था और आलमारी व तिजोरी के ताले टूटे हुए थे। जाँच करने पर पता चला कि चोरों ने करीब 1.5 तोला सोने की चेन, ढाई तोले वज़न की पाँच अंगूठियां,
कान के आभूषण, दुर्गा माँ की सोने की मूर्ति, तीन लॉकेट, दो मंगलसूत्र सहित आठ चाँदी के सिक्के, दो जोड़ी पायल, करधनी, चाँदी की प्लेट और अन्य बर्तन चुरा लिए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है। उमेश ठाकुर का कहना है कि क्षेत्र में चोरों का एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो बंद घरों की रेकी करने के बाद ऐसी घटनाओं को अंजाम देता है। इस घटना से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच चोरी का डर काफी बढ़ गया है, और ग्रामीणों ने क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। थानाध्यक्षा माया कुमारी ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है और मामले की छानबीन के साथ ही चोरों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। उमेश ठाकुर के पुत्र अमन कुमार के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
- झंझारपुर आरएस थाना क्षेत्र के दीप गांव में चोरों ने एक बंद घर को निशाना बनाते हुए पुलिस गश्त को एक बार फिर चुनौती दी है। दिल्ली में कार्यरत सीआरपीएफ जवान उमेश ठाकुर के घर का ताला तोड़कर चोरों ने लगभग 10 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और कीमती सामानों पर हाथ साफ कर दिया। उमेश ठाकुर अपने पूरे परिवार के साथ दिल्ली में ही रहते हैं। पीड़ित जवान को पड़ोसियों से फोन पर घर में कुछ संदिग्ध गतिविधि होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद वे बुधवार को अपने गांव पहुँचे। घर के मुख्य द्वार पर ताला लगा था, लेकिन अंदर प्रवेश करते ही उन्होंने देखा कि सभी कमरों का सामान बिखरा पड़ा था और आलमारी व तिजोरी के ताले टूटे हुए थे। जाँच करने पर पता चला कि चोरों ने करीब 1.5 तोला सोने की चेन, ढाई तोले वज़न की पाँच अंगूठियां, कान के आभूषण, दुर्गा माँ की सोने की मूर्ति, तीन लॉकेट, दो मंगलसूत्र सहित आठ चाँदी के सिक्के, दो जोड़ी पायल, करधनी, चाँदी की प्लेट और अन्य बर्तन चुरा लिए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है। उमेश ठाकुर का कहना है कि क्षेत्र में चोरों का एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो बंद घरों की रेकी करने के बाद ऐसी घटनाओं को अंजाम देता है। इस घटना से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच चोरी का डर काफी बढ़ गया है, और ग्रामीणों ने क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। थानाध्यक्षा माया कुमारी ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है और मामले की छानबीन के साथ ही चोरों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। उमेश ठाकुर के पुत्र अमन कुमार के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।2
- बिहार के मधुबनी जिले के झंझारपुर थाना परिसर में पुलिसकर्मी असुरक्षित और बदहाल सरकारी भवनों में रहने को मजबूर हैं, जो व्यवस्था की विडंबना को उजागर करता है। आम लोगों की सुरक्षा का दायित्व संभालने वाले पुलिसकर्मियों के आवासों की स्थिति अत्यंत दयनीय है, जहाँ सरकारी भवन और पुलिस क्वार्टर अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रहे हैं। परिसर में कई आवासों की दीवारें जगह-जगह से दरक चुकी हैं, खिड़कियाँ उखड़ गई हैं और छतें पूरी तरह से जर्जर हो चुकी हैं। इन भवनों में झाड़ियाँ और जंगल उग आए हैं, जिससे उनकी हालत इतनी खराब हो गई है कि वे किसी भी वक्त गिर सकते हैं। यह गंभीर स्थिति इस सवाल को जन्म देती है कि आखिर अब तक इन भवनों की मरम्मत या जीर्णोद्धार क्यों नहीं कराया गया और क्या किसी बड़े हादसे का इंतज़ार किया जा रहा है? जनता की सुरक्षा में दिन-रात लगे रहने वाले इन पुलिसकर्मियों को भी सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिलना चाहिए। ऐसे में, संबंधित विभाग और सरकार से अपेक्षा है कि वे झंझारपुर थाना परिसर की इस बदहाल स्थिति पर जल्द से जल्द संज्ञान लेंगे और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।1
- धनेश्वर महतो ने एक तीखा बयान जारी करते हुए उन लोगों पर निशाना साधा है जो भरत तिवारी को हीरो के तौर पर पेश कर रहे हैं। महतो ने अपने बयान में स्पष्ट रूप से कहा कि जो लोग भरत तिवारी को नायक बना रहे हैं, वे उसी जाति से संबंध रखते हैं, जिस जाति के कई लोगों ने मिलकर फूलन देवी का बलात्कार किया था।1
- मधुबनी जिले के खजौली थाना क्षेत्र में मानसिक रूप से विक्षिप्त एक युवती के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। घटना के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने मुख्य आरोपी रौशन कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता के परिजनों के आवेदन के अनुसार, कथित तौर पर तीन युवकों ने युवती का अपहरण कर उसे गांव से बाहर एक खाली मकान में ले जाकर बारी-बारी से दुष्कर्म किया। घटना के बाद, पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर एफएसएल (FSL) और तकनीकी टीम की सहायता से जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया।1
- कानपुर रेलवे स्टेशन से एक महिला, जो भावी बताई जा रही है, अचानक लापता हो गई है। उनके अचानक गायब होने से उनके देवर काफी परेशान और चिंतित हैं।1
- मधुबनी जिले के बासोपट्टी में BPSC द्वारा चयनित प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इन होनहारों ने अपनी सफलता से इतिहास रच दिया है, जिसकी वजह से उन्हें यह विशेष सम्मान प्रदान किया गया।1
- दरभंगा जिले के हायाघाट विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत होरलपट्टी स्थित गंगासागर तालाब परिसर में एक इको पार्क के निर्माण की योजना है। इस प्रस्तावित परियोजना का स्थल निरीक्षण विभागीय अधिकारियों और पर्यावरण मंत्री ने किया। अधिकारियों ने बताया कि गंगासागर तालाब के पास उपलब्ध सरकारी भूमि पर एक सुंदर पार्क विकसित करने की योजना है, जिसके लिए निरीक्षण के बाद डिज़ाइन तैयार किया जाएगा। इस प्रस्तावित पार्क में बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क, मॉर्निंग वॉक ट्रैक, पेयजल सुविधा, आकर्षक लाइटिंग और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने के लिए इको पार्क की अवधारणा पर कार्य किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी और स्थानीय लोगों को भी बेहतर सार्वजनिक सुविधा मिलेगी। मंत्री ने इसे अपने हायाघाट विधानसभा क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए कहा कि विभाग बेहतर गुणवत्ता के साथ पार्क का निर्माण सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा। परियोजना की लागत का आकलन विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद तय होगा। हाल ही में मंदिर परिसर में हुए वज्रपात के संबंध में पूछे जाने पर मंत्री ने इसे एक प्राकृतिक घटना बताया, लेकिन यह भी कहा कि बाबा जनेश्वर नाथ महादेव की कृपा से मंदिर को कोई नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने इसे आस्था का विषय बताया और कहा कि भविष्य में इस पूरे क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि महरानी लक्ष्मीपुर डेवरी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के संबंध में विभागीय स्तर पर चर्चा जारी है और आवश्यक कार्रवाई जल्द ही की जाएगी।1
- झंझारपुर अनुमंडल के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी राशन पहुंचाने के लिए इन दिनों एक बेहद खतरनाक तरीका अपनाया जा रहा है, जहाँ उफनती कोसी नदी में नाव पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लादकर अनाज भेजा जा रहा है। यह दृश्य हैरान करने वाला और विचलित कर देने वाला है, क्योंकि गरीब परिवारों तक सरकारी राशन पहुंचाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। राज्य खाद्य निगम (एसएफसी) के गोदामों से जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानों तक अनाज ले जाने के लिए परिवहन विभाग और डीलरों को हर महीने अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। सड़क संपर्क टूटने के कारण, अनाज की बोरियों से लदी एक पूरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को एक बड़ी लकड़ी की नाव पर लादकर नदी के इस पार से उस पार ले जाया जाता है। कोसी नदी के तेज बहाव के बीच नाव पर इतना भारी वजन लादना किसी बड़े हादसे को सीधा न्योता देने जैसा है। इस खतरनाक सफर के दौरान नाव पर ट्रैक्टर के साथ-साथ कुछ लोग भी सवार रहते हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बाढ़ और सुदूर भौगोलिक स्थिति के कारण कई इलाकों में पक्की सड़कों या पुलों का घोर अभाव है, जिसके चलते सरकारी खाद्यान्न को समय पर जरूरतमंदों तक पहुंचाना एक मजबूरी है, अन्यथा इन सुदूर ग्रामीण इलाकों में भुखमरी की स्थिति पैदा हो सकती है। इसी वजह से जान का जोखिम होने के बावजूद हर महीने इसी तरह नाव के जरिए अनाज की खेप भेजी जाती है। ग्रामीणों ने इस जानलेवा सफर से निजात पाने के लिए प्रशासन से सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग या स्थायी पुल के निर्माण की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।1