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पोषक तत्वों से भरपूर है लाल केला, खेती सामान्य केले की तरह ही की जाती है: केवीके माधोपुर ।। बाजार की मांग और पोषक तत्वों को ध्यान में रखते हुए खेती में नवीनतम तकनीकों एवं किस्मों को अपनाकर ही आमदनी बढ़ाई जा सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि यदि किसान सामान्य केले की जगह लाल केला लगाएं तो उन्हें निश्चित रूप से हरे केले की तुलना में अधिक लाभ होगा। अपनी उच्च पोषक क्षमता और बाजार में अधिक कीमत के कारण यह किसानों के लिए बेहद फायदेमंद है। लाल केले में फाइबर, आयरन और विटामिन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके लिए गर्म और आर्द्र मौसम उपयुक्त है तथा तापमान 15° सेल्सियस से 40° सेल्सियस के बीच होना चाहिए। डॉ. सिंह ने बताया कि इसके सफल उत्पादन के लिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी, जिसका पीएच मान 6 से 7.5 के बीच हो, उत्तम मानी जाती है। अगर खेत की तैयारी एवं रोपाई की बात करें तो पौधे लगाने का सबसे उपयुक्त समय जून से जुलाई (वर्षा ऋतु) है, परंतु फरवरी से मार्च के महीने में भी रोपाई की जा सकती है। खेत की अच्छी तरह जुताई करके डेढ़ फीट गहरे एवं डेढ़ फीट चौड़ाई के गड्ढे खोदें। गड्ढों में सड़ी हुई गोबर की खाद या कम्पोस्ट मिलाएं। उन्नत किस्मों में रेड ढाका, रेड स्पैनिश, कोलोराडो, रेड क्यूबन एवं रेड वेलची प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त कुछ स्थानीय किस्में भी उपलब्ध हैं। रोपाई के लिए टिश्यू कल्चर के पौधे या स्वस्थ सकर्स का उपयोग करें। यदि सकर्स का उपयोग करते हैं तो कार्बेन्डाजिम 50% WP का 2 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से घोल बनाकर सकर्स को आधा घंटा डुबोने के उपरांत ही पौधों की रोपाई करनी चाहिए। केले को पानी और पोषक तत्व समय पर मिलने से उत्पादन एवं फलों की गुणवत्ता अच्छी होती हैं इसलिए सिंचाई एवं उर्वरक प्रबंधन बहुत ही जरूरी है इसके लिए गर्मियों में प्रत्येक 4 से 5 दिन पर और सर्दियों में 10 से 12 दिन के अंतराल पर सिंचाई करें। ड्रिप सिंचाई प्रणाली सबसे अच्छी मानी जाती है। समय-समय पर जैविक खाद, नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश की उचित मात्रा वैज्ञानिकों की सलाह से देनी चाहिए। केंद्र के पौधा संरक्षण वैज्ञानिक डॉ. सौरभ दुबे ने बताया कि लाल केले की पैदावार और कमाई अधिक होती है। लाल केले का पौधा सामान्यतः 12 से 15 महीने में फल देने के लिए तैयार हो जाता है। इस किस्म में कीट एवं बीमारियों का प्रकोप बहुत ही कम मात्रा में देखा गया है। बाजार में इसकी मांग अधिक होने के कारण सामान्य केले की तुलना में इसका मुनाफा भी काफी ज्यादा होता है।

8 hrs ago
user_RAVI PANDEY
RAVI PANDEY
Media and information sciences faculty मझौलिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
8 hrs ago

पोषक तत्वों से भरपूर है लाल केला, खेती सामान्य केले की तरह ही की जाती है: केवीके माधोपुर ।। बाजार की मांग और पोषक तत्वों को ध्यान में रखते हुए खेती में नवीनतम तकनीकों एवं किस्मों को अपनाकर ही आमदनी बढ़ाई जा सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि यदि किसान सामान्य केले की जगह लाल केला लगाएं तो उन्हें निश्चित रूप से हरे केले की तुलना में अधिक लाभ होगा। अपनी उच्च पोषक क्षमता और बाजार में अधिक कीमत के कारण यह किसानों के लिए बेहद फायदेमंद है। लाल केले में फाइबर, आयरन और विटामिन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके लिए गर्म और आर्द्र मौसम उपयुक्त है तथा तापमान 15° सेल्सियस से 40° सेल्सियस के बीच होना चाहिए। डॉ. सिंह ने बताया कि इसके सफल उत्पादन के लिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी, जिसका पीएच मान 6 से 7.5 के बीच हो, उत्तम मानी जाती है। अगर खेत की तैयारी एवं रोपाई की बात करें तो पौधे लगाने का सबसे उपयुक्त समय जून से जुलाई (वर्षा ऋतु) है, परंतु फरवरी से मार्च के महीने में भी रोपाई की जा सकती है। खेत की अच्छी तरह जुताई करके डेढ़ फीट गहरे एवं डेढ़ फीट चौड़ाई के गड्ढे खोदें। गड्ढों में सड़ी हुई गोबर की खाद या कम्पोस्ट

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मिलाएं। उन्नत किस्मों में रेड ढाका, रेड स्पैनिश, कोलोराडो, रेड क्यूबन एवं रेड वेलची प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त कुछ स्थानीय किस्में भी उपलब्ध हैं। रोपाई के लिए टिश्यू कल्चर के पौधे या स्वस्थ सकर्स का उपयोग करें। यदि सकर्स का उपयोग करते हैं तो कार्बेन्डाजिम 50% WP का 2 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से घोल बनाकर सकर्स को आधा घंटा डुबोने के उपरांत ही पौधों की रोपाई करनी चाहिए। केले को पानी और पोषक तत्व समय पर मिलने से उत्पादन एवं फलों की गुणवत्ता अच्छी होती हैं इसलिए सिंचाई एवं उर्वरक प्रबंधन बहुत ही जरूरी है इसके लिए गर्मियों में प्रत्येक 4 से 5 दिन पर और सर्दियों में 10 से 12 दिन के अंतराल पर सिंचाई करें। ड्रिप सिंचाई प्रणाली सबसे अच्छी मानी जाती है। समय-समय पर जैविक खाद, नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश की उचित मात्रा वैज्ञानिकों की सलाह से देनी चाहिए। केंद्र के पौधा संरक्षण वैज्ञानिक डॉ. सौरभ दुबे ने बताया कि लाल केले की पैदावार और कमाई अधिक होती है। लाल केले का पौधा सामान्यतः 12 से 15 महीने में फल देने के लिए तैयार हो जाता है। इस किस्म में कीट एवं बीमारियों का प्रकोप बहुत ही कम मात्रा में देखा गया है। बाजार में इसकी मांग अधिक होने के कारण सामान्य केले की तुलना में इसका मुनाफा भी काफी ज्यादा होता है।

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  • विजिलेंस का बड़ा ट्रैप: 15 हजार रुपये घूस लेते पंचायत सचिव रंगेहाथ गिरफ्तार, आवास पर भी छापेमारी पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां निगरानी विभाग (विजिलेंस) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव शंकर प्रसाद को 15 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, नल-जल योजना के मेंटेनेंस भुगतान के एवज में पंचायत सचिव द्वारा संवेदक परवेज कौशर से 28 हजार रुपये घूस की मांग की गई थी। आरोप है कि रिश्वत नहीं देने पर भुगतान को लगातार लटकाया जा रहा था और संवेदक को विभिन्न तरीकों से परेशान किया जा रहा था। इससे परेशान होकर संवेदक परवेज कौशर ने 27 जुलाई को निगरानी विभाग से शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस की टीम ने पूरे मामले का सत्यापन किया और आरोप सही पाए जाने पर जाल बिछाया। योजना के तहत मलदहिया मदरसा में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान जैसे ही पंचायत सचिव ने घूस की पहली किश्त के रूप में 15 हजार रुपये स्वीकार किए, पहले से मौजूद विजिलेंस टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगेहाथ दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस की टीम ने पंचायत सचिव के आवास पर भी छापेमारी की, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और आवश्यक कागजात जब्त किए गए। इस कार्रवाई के बाद सरकारी महकमे में हलचल तेज हो गई है और पूरे इलाके में मामले की चर्चा बनी हुई है। मामले की पुष्टि करते हुए विजिलेंस के डीएसपी ने बताया कि नल-जल योजना के संवेदक से घूस लेने के दौरान पंचायत सचिव को 15 हजार रुपये के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
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    विजिलेंस का बड़ा ट्रैप: 15 हजार रुपये घूस लेते पंचायत सचिव रंगेहाथ गिरफ्तार, आवास पर भी छापेमारी
पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां निगरानी विभाग (विजिलेंस) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव शंकर प्रसाद को 15 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, नल-जल योजना के मेंटेनेंस भुगतान के एवज में पंचायत सचिव द्वारा संवेदक परवेज कौशर से 28 हजार रुपये घूस की मांग की गई थी। आरोप है कि रिश्वत नहीं देने पर भुगतान को लगातार लटकाया जा रहा था और संवेदक को विभिन्न तरीकों से परेशान किया जा रहा था।
इससे परेशान होकर संवेदक परवेज कौशर ने 27 जुलाई को निगरानी विभाग से शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस की टीम ने पूरे मामले का सत्यापन किया और आरोप सही पाए जाने पर जाल बिछाया। योजना के तहत मलदहिया मदरसा में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान जैसे ही पंचायत सचिव ने घूस की पहली किश्त के रूप में 15 हजार रुपये स्वीकार किए, पहले से मौजूद विजिलेंस टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगेहाथ दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस की टीम ने पंचायत सचिव के आवास पर भी छापेमारी की, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और आवश्यक कागजात जब्त किए गए। इस कार्रवाई के बाद सरकारी महकमे में हलचल तेज हो गई है और पूरे इलाके में मामले की चर्चा बनी हुई है।
मामले की पुष्टि करते हुए विजिलेंस के डीएसपी ने बताया कि नल-जल योजना के संवेदक से घूस लेने के दौरान पंचायत सचिव को 15 हजार रुपये के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    49 min ago
  • Ishan Kishan sir cricket nahi khelte vah RBI Bank mein kam bhi karte Hain manager ke roop main
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    Ishan Kishan sir cricket nahi khelte vah RBI Bank mein kam bhi karte Hain manager ke roop main
    user_DIPAK D Hub CRICKETER
    DIPAK D Hub CRICKETER
    Cricket club बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    7 hrs ago
  • पोषक तत्वों से भरपूर है लाल केला, खेती सामान्य केले की तरह ही की जाती है: केवीके माधोपुर ।। बाजार की मांग और पोषक तत्वों को ध्यान में रखते हुए खेती में नवीनतम तकनीकों एवं किस्मों को अपनाकर ही आमदनी बढ़ाई जा सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि यदि किसान सामान्य केले की जगह लाल केला लगाएं तो उन्हें निश्चित रूप से हरे केले की तुलना में अधिक लाभ होगा। अपनी उच्च पोषक क्षमता और बाजार में अधिक कीमत के कारण यह किसानों के लिए बेहद फायदेमंद है। लाल केले में फाइबर, आयरन और विटामिन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके लिए गर्म और आर्द्र मौसम उपयुक्त है तथा तापमान 15° सेल्सियस से 40° सेल्सियस के बीच होना चाहिए। डॉ. सिंह ने बताया कि इसके सफल उत्पादन के लिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी, जिसका पीएच मान 6 से 7.5 के बीच हो, उत्तम मानी जाती है। अगर खेत की तैयारी एवं रोपाई की बात करें तो पौधे लगाने का सबसे उपयुक्त समय जून से जुलाई (वर्षा ऋतु) है, परंतु फरवरी से मार्च के महीने में भी रोपाई की जा सकती है। खेत की अच्छी तरह जुताई करके डेढ़ फीट गहरे एवं डेढ़ फीट चौड़ाई के गड्ढे खोदें। गड्ढों में सड़ी हुई गोबर की खाद या कम्पोस्ट मिलाएं। उन्नत किस्मों में रेड ढाका, रेड स्पैनिश, कोलोराडो, रेड क्यूबन एवं रेड वेलची प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त कुछ स्थानीय किस्में भी उपलब्ध हैं। रोपाई के लिए टिश्यू कल्चर के पौधे या स्वस्थ सकर्स का उपयोग करें। यदि सकर्स का उपयोग करते हैं तो कार्बेन्डाजिम 50% WP का 2 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से घोल बनाकर सकर्स को आधा घंटा डुबोने के उपरांत ही पौधों की रोपाई करनी चाहिए। केले को पानी और पोषक तत्व समय पर मिलने से उत्पादन एवं फलों की गुणवत्ता अच्छी होती हैं इसलिए सिंचाई एवं उर्वरक प्रबंधन बहुत ही जरूरी है इसके लिए गर्मियों में प्रत्येक 4 से 5 दिन पर और सर्दियों में 10 से 12 दिन के अंतराल पर सिंचाई करें। ड्रिप सिंचाई प्रणाली सबसे अच्छी मानी जाती है। समय-समय पर जैविक खाद, नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश की उचित मात्रा वैज्ञानिकों की सलाह से देनी चाहिए। केंद्र के पौधा संरक्षण वैज्ञानिक डॉ. सौरभ दुबे ने बताया कि लाल केले की पैदावार और कमाई अधिक होती है। लाल केले का पौधा सामान्यतः 12 से 15 महीने में फल देने के लिए तैयार हो जाता है। इस किस्म में कीट एवं बीमारियों का प्रकोप बहुत ही कम मात्रा में देखा गया है। बाजार में इसकी मांग अधिक होने के कारण सामान्य केले की तुलना में इसका मुनाफा भी काफी ज्यादा होता है।
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    पोषक तत्वों से भरपूर है लाल केला, खेती सामान्य केले की तरह ही की जाती है: केवीके माधोपुर ।।
बाजार की मांग और पोषक तत्वों को ध्यान में रखते हुए खेती में नवीनतम तकनीकों एवं किस्मों को अपनाकर ही आमदनी बढ़ाई जा सकती है।  
कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि यदि किसान सामान्य केले की जगह लाल केला लगाएं तो उन्हें निश्चित रूप से हरे केले की तुलना में अधिक लाभ होगा। अपनी उच्च पोषक क्षमता और बाजार में अधिक कीमत के कारण यह किसानों के लिए बेहद फायदेमंद है। लाल केले में फाइबर, आयरन और विटामिन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
इसके लिए गर्म और आर्द्र मौसम उपयुक्त है तथा तापमान 15° सेल्सियस से 40° सेल्सियस के बीच होना चाहिए। डॉ. सिंह ने बताया कि इसके सफल उत्पादन के लिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी, जिसका पीएच मान 6 से 7.5 के बीच हो, उत्तम मानी जाती है।
अगर खेत की तैयारी एवं रोपाई की बात करें तो पौधे लगाने का सबसे उपयुक्त समय जून से जुलाई (वर्षा ऋतु) है, परंतु फरवरी से मार्च के महीने में भी रोपाई की जा सकती है। खेत की अच्छी तरह जुताई करके डेढ़ फीट गहरे एवं डेढ़ फीट चौड़ाई के गड्ढे खोदें। गड्ढों में सड़ी हुई गोबर की खाद या कम्पोस्ट मिलाएं।  
उन्नत किस्मों में रेड ढाका, रेड स्पैनिश, कोलोराडो, रेड क्यूबन एवं रेड वेलची प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त कुछ स्थानीय किस्में भी उपलब्ध हैं।  
रोपाई के लिए टिश्यू कल्चर के पौधे या स्वस्थ सकर्स का उपयोग करें। यदि सकर्स का उपयोग करते हैं तो कार्बेन्डाजिम 50% WP का 2 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से घोल बनाकर सकर्स को आधा घंटा डुबोने के उपरांत ही पौधों की रोपाई करनी चाहिए।
केले को पानी और पोषक तत्व समय पर मिलने से उत्पादन एवं फलों की गुणवत्ता अच्छी होती हैं इसलिए सिंचाई एवं उर्वरक प्रबंधन बहुत ही जरूरी है इसके लिए गर्मियों में प्रत्येक 4 से 5 दिन पर और सर्दियों में 10 से 12 दिन के अंतराल पर सिंचाई करें। ड्रिप सिंचाई प्रणाली सबसे अच्छी मानी जाती है। समय-समय पर जैविक खाद, नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश की उचित मात्रा वैज्ञानिकों की सलाह से देनी चाहिए।
केंद्र के पौधा संरक्षण वैज्ञानिक डॉ. सौरभ दुबे ने बताया कि लाल केले की पैदावार और कमाई अधिक होती है। लाल केले का पौधा सामान्यतः 12 से 15 महीने में फल देने के लिए तैयार हो जाता है। इस किस्म में कीट एवं बीमारियों का प्रकोप बहुत ही कम मात्रा में देखा गया है। बाजार में इसकी मांग अधिक होने के कारण सामान्य केले की तुलना में इसका मुनाफा भी काफी ज्यादा होता है।
    user_RAVI PANDEY
    RAVI PANDEY
    Media and information sciences faculty मझौलिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    8 hrs ago
  • सावन में पखनाहा–पिपरा घाट पहुंचे भाजपा नेता नीरज कुमार, कांवड़ियों की सेवा व सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा बेतिया। सावन माह के पावन अवसर पर भाजपा अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री नीरज कुमार उर्फ बबलू ने बैरिया प्रखंड के पखनाहा–पिपरा घाट पहुंचकर श्रद्धालु शिवभक्तों एवं कांवड़ियों के लिए की गई सेवा, सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था, सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। कांवड़िया सेवा समिति तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं के समन्वय से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। नीरज कुमार ने भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना करते हुए कहा कि सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण हों तथा उनके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का वास हो। निरीक्षण के दौरान 20 सूत्री अध्यक्ष अवध किशोर सिंह, प्रभु साह, चंद्रमा सिंह, दिग्विजय सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सावन में पखनाहा–पिपरा घाट पहुंचे भाजपा नेता नीरज कुमार, कांवड़ियों की सेवा व सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा बेतिया। सावन माह के पावन अवसर पर भाजपा अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री नीरज कुमार उर्फ बबलू ने बैरिया प्रखंड के पखनाहा–पिपरा घाट पहुंचकर श्रद्धालु शिवभक्तों एवं कांवड़ियों के लिए की गई सेवा, सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था, सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। कांवड़िया सेवा समिति तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं के समन्वय से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। नीरज कुमार ने भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना करते हुए कहा कि सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण हों तथा उनके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का वास हो। निरीक्षण के दौरान 20 सूत्री अध्यक्ष अवध किशोर सिंह, प्रभु साह, चंद्रमा सिंह, दिग्विजय सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
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    सावन में पखनाहा–पिपरा घाट पहुंचे भाजपा नेता नीरज कुमार, कांवड़ियों की सेवा व सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
बेतिया। सावन माह के पावन अवसर पर भाजपा अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री नीरज कुमार उर्फ बबलू ने बैरिया प्रखंड के पखनाहा–पिपरा घाट पहुंचकर श्रद्धालु शिवभक्तों एवं कांवड़ियों के लिए की गई सेवा, सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था, सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। कांवड़िया सेवा समिति तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं के समन्वय से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
नीरज कुमार ने भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना करते हुए कहा कि सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण हों तथा उनके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का वास हो।
निरीक्षण के दौरान 20 सूत्री अध्यक्ष अवध किशोर सिंह, प्रभु साह, चंद्रमा सिंह, दिग्विजय सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
सावन में पखनाहा–पिपरा घाट पहुंचे भाजपा नेता नीरज कुमार, कांवड़ियों की सेवा व सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
बेतिया। सावन माह के पावन अवसर पर भाजपा अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री नीरज कुमार उर्फ बबलू ने बैरिया प्रखंड के पखनाहा–पिपरा घाट पहुंचकर श्रद्धालु शिवभक्तों एवं कांवड़ियों के लिए की गई सेवा, सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था, सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। कांवड़िया सेवा समिति तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं के समन्वय से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
नीरज कुमार ने भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना करते हुए कहा कि सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण हों तथा उनके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का वास हो।
निरीक्षण के दौरान 20 सूत्री अध्यक्ष अवध किशोर सिंह, प्रभु साह, चंद्रमा सिंह, दिग्विजय सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
    user_A9Bharat News
    A9Bharat News
    Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    14 hrs ago
  • सुगौली क्षेत्र से एनएच किनारे से हटेगा पूरा अतिक्रमण। अधिकारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जाम के कारण होने वाली एक्सीडेंट से बचने के लिए अतिक्रमण हटाना जरूरी।
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    सुगौली क्षेत्र से एनएच किनारे से हटेगा पूरा अतिक्रमण। अधिकारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जाम के कारण होने वाली एक्सीडेंट से बचने के लिए अतिक्रमण हटाना जरूरी।
    user_Shambhu sharan
    Shambhu sharan
    सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    20 hrs ago
  • बांसवारी से भारी मात्रा में शराब जब्त। पुलिस ने बांसवारी में जांच किया। जहां दो बोरे में अलग अलग कंपनियों के शराब को छुपाकर रखा गया था। नौतन: स्थानीय पुलिस ने थाना क्षेत्र के बैकुंठवा वार्ड नंबर पंद्रह में अवस्थित एक बांसवारी से 61.245 लीटर विदेशी शराब को जब्त किया है। थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार पासवान ने बताया कि गुप्त सूचना मिली की बांस के बांसवारी में भारी मात्रा में शराब छुपाकर रखा गया है। धंधेबाज कही डिलेवरी करने के फिराक में है। सुचना के आलोक में कारवाई करते हुए पुलिस बैकुंठवा पहुंची।जहां पुलिस को देख धंधेबाज पहले ही फरार हो गया। पुलिस ने बांसवारी में जांच किया। जहां दो बोरे में अलग अलग कंपनियों के शराब को छुपाकर रखा गया था। बोरे की तलाशी के दौरान ऑफिस चॉइस के 24.120 लीटर,रॉयल स्टैग के 18.750 लीटर,तथा रॉयल स्टैग 180 एम एल में 18.375 लीटर कुल विदेशी शराब की मात्रा 61.245 लीटर जब्त किया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि धंधेबाज की पहचान कर ली गई है। पुलिस कांड अंकित कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
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    बांसवारी से भारी मात्रा में शराब जब्त।
पुलिस ने बांसवारी में जांच किया। जहां दो बोरे में अलग अलग कंपनियों के शराब को छुपाकर रखा गया था।
नौतन: स्थानीय पुलिस ने थाना क्षेत्र के बैकुंठवा वार्ड नंबर पंद्रह में अवस्थित एक बांसवारी से 61.245 लीटर विदेशी शराब को जब्त किया है। थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार पासवान ने बताया कि गुप्त सूचना मिली की बांस के  बांसवारी में भारी मात्रा में शराब छुपाकर रखा गया है। धंधेबाज कही डिलेवरी करने के फिराक में है। सुचना के आलोक में कारवाई करते हुए पुलिस बैकुंठवा पहुंची।जहां पुलिस को देख धंधेबाज पहले ही फरार हो गया। पुलिस ने बांसवारी में जांच किया। जहां दो बोरे में अलग अलग कंपनियों के शराब को छुपाकर रखा गया था। बोरे की तलाशी के दौरान ऑफिस चॉइस के 24.120 लीटर,रॉयल स्टैग के 18.750 लीटर,तथा रॉयल स्टैग 180 एम एल में 18.375 लीटर कुल विदेशी शराब की मात्रा 61.245 लीटर जब्त किया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि धंधेबाज की पहचान कर ली गई है। पुलिस कांड अंकित कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
    user_Akash Kumar
    Akash Kumar
    TV News Anchor नौतन, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    17 hrs ago
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