बुलंदशहर के खुर्जा में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर राजपूत समाज और विभिन्न संगठनों द्वारा भव्य आयोजन, माल्यार्पण, और शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। महाराणा प्रताप जयंती के शुभ अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें राजपूत सभा के सदस्यों ने महाराणा प्रताप के जीवन और संघर्ष को याद किया। इस मौके पर शहर में भव्य राजपूत समाज के लोग नाचते-झूमते नजर आए और महाराणा प्रताप चौक पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। महाराणा प्रताप की 486वीं (जन्म वर्ष 1540 के आधार पर) जयंती मनाई गई। जयंती के अवसर पर लोगों ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को याद किया और उनके स्वाभिमान और वीरता से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया। महाराणा प्रताप जयंती का उत्सव न केवल एक त्यौहार है, बल्कि यह महान योद्धा को श्रद्धांजलि देने और उनकी वीरतापूर्ण गाथाओं का सम्मान करने का एक अवसर है।
बुलंदशहर के खुर्जा में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर राजपूत समाज और विभिन्न संगठनों द्वारा भव्य आयोजन, माल्यार्पण, और शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। महाराणा प्रताप जयंती के शुभ अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें राजपूत सभा के सदस्यों ने महाराणा प्रताप के जीवन और संघर्ष को याद किया। इस मौके पर शहर में भव्य राजपूत समाज के लोग नाचते-झूमते नजर आए और महाराणा प्रताप चौक पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। महाराणा प्रताप की 486वीं (जन्म वर्ष 1540 के आधार पर) जयंती मनाई गई। जयंती के अवसर पर लोगों ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को याद किया और उनके स्वाभिमान और वीरता से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया। महाराणा प्रताप जयंती का उत्सव न केवल एक त्यौहार है, बल्कि यह महान योद्धा को श्रद्धांजलि देने और उनकी वीरतापूर्ण गाथाओं का सम्मान करने का एक अवसर है।
- munda khada road kala kha peer ka pas hai4
- बैक ग्राउंड म्यूजिक गोली चलवावेगी, हाथ में लाइसेंसी हथियार लहराते हुए युवक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर हो रहा वायरल खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ा रहा युवक। गौतम अरनिया ब्लॉक प्रमुख के नाम से फेसबुक से पोस्ट की गई है वीडियो। शादी समारोह में हाथ में लाइसेंसी हथियार लेकर डांस कर रहा है युवक। वायरल वीडियो में दिख रहा युवक अरनिया ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र सिंह के बेहद करीबी बताया जा रहा।1
- खुर्जा के मंदिर रोड स्थित एक पार्क में संदिग्ध परिस्थितियों में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मृतक की पहचान व मौत के कारणों की जांच में जुटी है। घटना के बाद से पूरे इलाके में डर और चर्चा का माहौल बना हुआ है।1
- बुलंदशहर के डिबाई कोतवाली क्षेत्र के असदपुर घेड़ गांव में 88 वर्षीय बुजुर्ग ने ब्लेड से गला काटकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार, बेटी के दामाद की कुछ दिन पहले हुई मौत से डिप्रेशन में आकर उन्होंने यह कदम उठाया। पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच कर मामले की जांच कर रही है।1
- यूपी के बुलंदशहर में आग का तांडव पीपाला गांव में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की चपेट में आकर करीब 3 हजार गन्ने की पुआल जलकर राख होने की आशंका जताई जा रही है। आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दीं, जिससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास थाना पुलिस के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। घटना औरंगाबाद थाना क्षेत्र के पीपाला गांव की बताई जा रही है।3
- यूपी के बुलंदशहर में आग का तांडव पीपाला गांव में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की चपेट में आकर करीब 3 हजार गन्ने की पुआल जलकर राख होने की आशंका जताई जा रही है। आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दीं, जिससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास थाना पुलिस के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। घटना औरंगाबाद थाना क्षेत्र के पीपाला गांव की बताई जा रही है।1
- बुलंदशहर पुलिस ने अप्रैल महीने में 123 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये है। CEIR पोर्टल और विशेष अभियान के जरिए पुलिस ने यह सफलता हासिल की। सभी बरामद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए हैं, जिस पर लोगों ने पुलिस का आभार जताया।1
- बुलंदशहर के खुर्जा में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर राजपूत समाज और विभिन्न संगठनों द्वारा भव्य आयोजन, माल्यार्पण, और शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। महाराणा प्रताप जयंती के शुभ अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें राजपूत सभा के सदस्यों ने महाराणा प्रताप के जीवन और संघर्ष को याद किया। इस मौके पर शहर में भव्य राजपूत समाज के लोग नाचते-झूमते नजर आए और महाराणा प्रताप चौक पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। महाराणा प्रताप की 486वीं (जन्म वर्ष 1540 के आधार पर) जयंती मनाई गई। जयंती के अवसर पर लोगों ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को याद किया और उनके स्वाभिमान और वीरता से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया। महाराणा प्रताप जयंती का उत्सव न केवल एक त्यौहार है, बल्कि यह महान योद्धा को श्रद्धांजलि देने और उनकी वीरतापूर्ण गाथाओं का सम्मान करने का एक अवसर है।1