महाकाली मंदिर से गूंजा हर-हर महादेव, सिर पर कलश लेकर निकलीं सैकड़ों महिलाएं डीजे की भक्तिमय धुनों पर निकली भव्य कलशयात्रा, जबरेश्वर नाथ महादेव के जयकारों से गूंजा लालसोट लालसोट। धर्म और आस्था की नगरी लालसोट में मंगलवार को महाकाली मंदिर से निकली विशाल कलशयात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय बना दिया। सिर पर पवित्र कलश धारण किए सैकड़ों महिलाएं डीजे की भक्तिमय धुनों के बीच जयकारे लगाते हुए कलशयात्रा में शामिल हुईं। हर-हर महादेव, जय श्री महाकाल और बोल बम के जयकारों से शहर का वातावरण शिवमय हो गया। महाकाली मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई कलशयात्रा शहर के प्रमुख बाजारों एवं मार्गों से होकर निकली। रास्तेभर श्रद्धालुओं ने कलशयात्रा का स्वागत किया। महिलाओं के सिर पर सजे कलश और धार्मिक धुनों ने श्रद्धा एवं भक्ति का अद्भुत माहौल बना दिया। कलशयात्रा वापस महाकाली मंदिर पहुंची, जहां विराजमान जबरेश्वर नाथ महादेव का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पवित्र जल से जलाभिषेक किया जाएगा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रहा पुलिस प्रशासन विशाल कलशयात्रा को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। थानाधिकारी हरलाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस जाब्ता तैनात रहा तथा यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था संभाली गई। कार्यक्रम में पंडित रामचरण बोहरा, बल्ली गुर्जर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। कलशयात्रा के दौरान पूरा शहर भगवान शिव की भक्ति में डूबा नजर आया। धर्म और आस्था का संदेश देते हुए कलशयात्रा ने श्रद्धालुओं को सनातन संस्कृति एवं शिवभक्ति से जुड़ने का संदेश दिया।
महाकाली मंदिर से गूंजा हर-हर महादेव, सिर पर कलश लेकर निकलीं सैकड़ों महिलाएं डीजे की भक्तिमय धुनों पर निकली भव्य कलशयात्रा, जबरेश्वर नाथ महादेव के जयकारों से गूंजा लालसोट लालसोट। धर्म और आस्था की नगरी लालसोट में मंगलवार को महाकाली मंदिर से निकली विशाल कलशयात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय बना दिया। सिर पर पवित्र कलश धारण किए सैकड़ों महिलाएं डीजे की भक्तिमय धुनों के बीच जयकारे लगाते हुए कलशयात्रा में शामिल हुईं। हर-हर महादेव, जय श्री महाकाल और बोल बम के जयकारों से शहर का
वातावरण शिवमय हो गया। महाकाली मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई कलशयात्रा शहर के प्रमुख बाजारों एवं मार्गों से होकर निकली। रास्तेभर श्रद्धालुओं ने कलशयात्रा का स्वागत किया। महिलाओं के सिर पर सजे कलश और धार्मिक धुनों ने श्रद्धा एवं भक्ति का अद्भुत माहौल बना दिया। कलशयात्रा वापस महाकाली मंदिर पहुंची, जहां विराजमान जबरेश्वर नाथ महादेव का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पवित्र जल से जलाभिषेक किया जाएगा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद
रहा पुलिस प्रशासन विशाल कलशयात्रा को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। थानाधिकारी हरलाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस जाब्ता तैनात रहा तथा यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था संभाली गई। कार्यक्रम में पंडित रामचरण बोहरा, बल्ली गुर्जर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। कलशयात्रा के दौरान पूरा शहर भगवान शिव की भक्ति में डूबा नजर आया। धर्म और आस्था का संदेश देते हुए कलशयात्रा ने श्रद्धालुओं को सनातन संस्कृति एवं शिवभक्ति से जुड़ने का संदेश दिया।
- वादे हवा-हवाई, रामगढ़ मुराडा में नारकीय जीवन जीने को मजबूर ग्रामीण: घुटनों तक भरे पानी से गुजर रहे मासूम बच्चे और महिलाएं, प्रशासन बना मूकदर्शक वादे हवा-हवाई, रामगढ़ मुराडा में नारकीय जीवन जीने को मजबूर ग्रामीण: घुटनों तक भरे पानी से गुजर रहे मासूम बच्चे और महिलाएं, प्रशासन बना मूकदर्शक (विशेष संवाददाता — रामकेश, पूर्व सरपंच) रामगढ़ मुराडा। क्षेत्र के मुख्य मार्ग की बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी ने ग्रामीणों का जीना दुश्वार कर दिया है। सड़क पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण जलभराव इस कदर बढ़ चुका है कि राहगीरों को घुटनों तक भरे गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय विधायक रामकेश मीना द्वारा एक महीने के भीतर समस्या का स्थायी समाधान कराने और निर्माण कार्य पूर्ण करने का सार्वजनिक आश्वासन दिया गया था। हालांकि, हकीकत यह है कि समय सीमा बीत जाने के बाद भी धरातल पर एक इंच काम शुरू नहीं हो सका है। विधायक का दावा निकला खोखला, सर्वे तक करने नहीं आए जिम्मेदार विधायक के बड़े-बड़े दावों के बाद ग्रामीणों में राहत की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब उनका सब्र का बांध टूट रहा है। आश्वासन के हफ्तों बीत जाने के बावजूद न तो लोक निर्माण विभाग (PWD) या पंचायत प्रशासन का कोई कर्मचारी मौके पर नाप-जोख (नापी) करने पहुंचा, और न ही किसी प्रशासनिक अधिकारी ने इस भयावह स्थिति का जायजा लिया। प्रशासनिक लापरवाही का सीधा रिपोर्ट कार्ड: नाली निर्माण अधर में: जल निकासी के लिए पक्की नाली का निर्माण तो दूर, जलभराव वाले स्थानों का सर्वे तक शुरू नहीं किया गया। सड़क को ऊंचा उठाने की मांग खारिज: मुख्य सड़क नीची होने के कारण सारा पानी रास्ते में ही जमा हो जाता है, लेकिन सड़क के सुदृढ़ीकरण या ऊंचाई बढ़ाने पर कोई काम नहीं हुआ। बच्चों और महिलाओं पर आफत: सबसे विकट परिस्थिति स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों, छात्राओं और महिलाओं की है। रोजाना बच्चे गंदे पानी से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं, जिससे कई मासूम रास्ते में गिरकर चोटिल हो रहे हैं और उनके कपड़े व किताबें खराब हो रही हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी प्रशासन की इस घोर नाकामी और जनप्रतिनिधि के खोखले वादों के चलते पूरे रामगढ़ मुराडा क्षेत्र में भारी जनाक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण न केवल आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि महामारी फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों और पूर्व सरपंच रामकेश ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेकर नाप-जोख कराकर पक्की नाली व सड़क सुधार का कार्य शुरू नहीं कराया, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन और प्रशासनिक अधिकारियों के घेराव के लिए बाध्य होंगे।1
- गंगापुर सिटी के जिला चिकित्सालय से रेलवे स्टेशन मुख्य मार्ग बदहाल, गड्ढों और गंदे पानी से राहगीर परेशान गंगापुर सिटी। समाजसेवी वेद मंगल ने जानकारी देते हुए बताया की जिला चिकित्सालय से रेलवे स्टेशन जाने वाले मुख्य मार्ग की हालत इन दिनों बेहद खराब है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे होने के साथ ही नालियों का गंदा पानी मुख्य सड़क पर बह रहा है। इसके चलते राहगीरों, वाहन चालकों और स्कूली छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग से प्रतिदिन उच्च बालिका विद्यालय सहित कई निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राएं आवागमन करते हैं। सड़क पर जमा गंदे पानी और जगह-जगह बने गड्ढों के कारण विद्यार्थियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए भी यह मार्ग हादसे का कारण बन रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गड्ढों में वाहन चालक और पैदल राहगीर कई बार गिरकर चोटिल हो चुके हैं। बारिश के दौरान स्थिति और अधिक विकट हो जाती है, क्योंकि गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि सड़क की तत्काल मरम्मत कर गड्ढों को भरवाया जाए तथा नालियों की सफाई करवाकर गंदे पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए। लोगों का कहना है कि व्यस्त मुख्य मार्ग होने के कारण समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहेगी।1
- नई नाथ धाम मंदिर में सावन माह का भरा लक्की मेला लाखों श्रद्धालुओ ने किए दर्शन मनोकामना मांगी रिपोर्टर योगेश कुमार गुप्ता। बांसखोह कस्बा स्थित नई नाथ धाम मंदिर में सावन माह के मेले को लेकर सोमवार को रामनिवास बाग से आए कलाकारों द्वारा निःशुल्क भोले बाबा के मंदिर में फूल बंगले से आकर्षक झांकी सजाई इस दौरान मंदिर में पुजारी मंगलनाथ द्वारा विधि विधान से पूजा अर्चना करके आरती करके सभी को प्रसाद वितरित किए इस मौके पर मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था व यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से किया इस मौके पर बस्सी पुलिस प्रशासन के थानाधिकारी सत्यपाल यादव व कानोता थाना के मनोज कुमार, बांसखोह चौकी इंचार्ज मुकेश कुमार व जयपुर से आए व तूंगा, जटवाड़ा के समस्त पुलिस कर्मी मौजूद थे इस मौके पर सभी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद थे सोमवार को भी काफी दूर-दराज से आए कावड़ यात्री व पदयात्राएं व हजारों श्रद्धालुओं ने भोले बाबा के दरबार में माला प्रसाद भांग बुहारी बैंगन दूध जल आदि चढ़ाकर अपने परिवार की सुख शांति की मनोकामना मांगी इसी के साथ ही सोमवार रात को सभी समाज की धर्मशाला में व सभी मंदिरों में आए हुए कलाकारों द्वारा रंगारंग भजनों का कार्यक्रम व सांस्कृतिक प्रस्तुति दी नई इस मौके पर जगह-जगह समाज सेवी कार्यकर्ताओं के द्वारा श्रद्धालुओं के लिए राम जानकी मंदिर के पास विशाल भंडारा व गणेश मोड़ पर विशाल भंडारा व शिकंजी शरबत फल पानी आदि की व्यवस्था की गई नई नाथ सेवा ट्रस्ट अध्यक्ष रामनारायण मीणा का कहना है कि मेले की व्यवस्था को लेकर सभी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद हैं और पुलिस प्रशासन द्वारा भी काफी सुरक्षा व्यवस्था की गई जिससे श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो गणेश मोड़ पर ही वाहनों की पार्किंग व्यवस्था व लाइट की व्यवस्था की गई है नई नाथ धाम मंदिर को चारों तरफ डेकोरेशन की तरह सजाया गया ओर चारों तरफ श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कैमरे लगाए गए बाहर चारों तरफ मेले की तरह दुकानें सजाई गई इस दौरान दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ लगी रही। इस मौके पर कोली समाज धर्मशाला नई नाथ में मेले के दौरान रविन्द्र मंच से आए हुए कलाकारों द्वारा रंगारंग भजनों का कार्यक्रम किया गया इस दौरान कोली समाज धर्मशाला में मीडियाकर्मी योगेश कुमार गुप्ता वसमझाए ईवी कार्यकर्ता रमेश चंद्र सैनी, व काफी1
- सवाई माधोपुर रेलवे यार्ड में फिर दिखे दो पैंथर शावक, कर्मचारियों में दहशत सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर रेलवे यार्ड में सोमवार सुबह एक बार फिर दो पैंथर शावक नजर आने से रेलवे कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। कर्मचारियों के अनुसार, यार्ड क्षेत्र में पिछले कुछ समय से लगातार जंगली जानवरों की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। रेलवे कर्मचारियों ने बताया कि यार्ड में पैंथर के अलावा एक टाइगर भी कई बार नजर आ चुका है। कर्मचारियों का दावा है कि क्षेत्र में तीन-चार खूंखार जंगली जानवरों की मौजूदगी बनी हुई है। ऐसे में रेलवे यार्ड में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कर्मचारियों का कहना है कि रेलवे यार्ड में बड़ी संख्या में कर्मचारी नियमित रूप से काम करते हैं। जंगली जानवरों की लगातार आवाजाही के बावजूद यदि समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो किसी दिन गंभीर हादसा हो सकता है। कर्मचारियों ने कोटा मंडल रेल प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग को तत्काल सूचना देने और यार्ड क्षेत्र में मौजूद जंगली जानवरों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई कराने की मांग की है। कर्मचारियों ने कहा कि वन विभाग और रेलवे प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा क्षेत्र का निरीक्षण कर जंगली जानवरों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए।1
- वन क्षेत्र में जेसीबी से खुदाई, गश्ती दल ने की कार्रवाई डिकोली गांव में वन भूमि को खुर्द-बुर्द करने की सूचना पर दबिश, जेसीबी जब्त सपोटरा। वन क्षेत्र में अवैध रूप से खुदाई कर वन भूमि को खुर्द-बुर्द करने की सूचना पर वन विभाग के गश्ती दल ने कार्रवाई की। उपवन संरक्षक ओमप्रकाश जांगिड के निर्देशन में क्षेत्रीय वन अधिकारी घनश्याम मीणा के नेतृत्व में टीम ने सपोटरा क्षेत्र के डिकोली गांव में दबिश दी। वन विभाग के अनुसार मौके पर वन क्षेत्र में जेसीबी से खुदाई का कार्य किया जा रहा था। टीम ने कार्रवाई करते हुए जेसीबी को जब्त कर लिया। जब्त जेसीबी को दुर्गाशाह वन पौधशाला कार्यालय परिसर में खड़ा करवाया गया। मामले में वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के दौरान वनरक्षक विक्रम जाट, नीरज कुमार, पुष्पेन्द्र सिंह सहित वन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे। अवैध खनन पर कार्रवाई जारी रहेगी क्षेत्रीय वन अधिकारी घनश्याम मीणा ने बताया कि वन क्षेत्र में अवैध खनन, खुदाई एवं पेड़ों की अवैध कटाई को लेकर विभाग की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- सिकराय विधायक ने निकाल क्षेत्र में तिरंगा यात्रा कार्यकर्ता रहे साथ सिकराय उपखंड क्षेत्र में आज विधायक विक्रम के द्वारा तिरंगा यात्रा निकाली गई इस दौरान तिरंगा यात्रा का जगह जगह स्वागत किया गया और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी इस दौरान मौजूद रहे।3
- *12 अगस्त को विभिन्न ग्राम पंचायतों में लगेंगे ग्रामीण सेवा शिविर* *12 अगस्त को विभिन्न ग्राम पंचायतों में लगेंगे ग्रामीण सेवा शिविर* दौसा, 11 अगस्त। राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में 12 अगस्त को ग्रामीण सेवा शिविर अभियान के फॉलो-अप शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों में आमजन की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के साथ-साथ विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी पात्र व्यक्तियों को उपलब्ध कराया जाएगा। अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा ने बताया कि बुधवार को बांदीकुई की झूपडीन, बसवा की बडियाल खुर्द, सिकराय की चांदेरा, महवा की मनोहरपुर, मंडावर की रींदली, लालसोट की किशोरपुरा, रामगढ़ पचवारा की रालावास तथा सैंथल की काबलेश्वर ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। *13 अगस्त को इन पंचायतों में आयोजित होंगे शिविर* इसी प्रकार गुरुवार को दौसा की गोठड़ा, बांदीकुई की कीरतपुरा, बसवा की कोलाना, सिकराय की कालाखो, महवा की हुडला, मंडावर की लोटवाड़ा, लालसोट की सूरतपुरा, रामगढ़ पचवारा की कोलीवाड़ा, लवाण की कंवरपुरा तथा सैंथल की चौरड़ी ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। *14 अगस्त को यहां आयोजित होंगे शिविर* इसी क्रम में शुक्रवार को दौसा की जीरोता खुर्द, बांदीकुई की नारायणपुरा, सिकराय की पाटन व देवरी, महवा की बालाहेड़ी, मंडावर की बनावड़, लालसोट की बगड़ी, नांगल राजावतान की आलूदा तथा रामगढ़ पचवारा की बिदरखा ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। ----------------1
- *रामगढ़ मुराडा में जलदाय विभाग की महा-लापरवाही: खेतों में बिखरी पाइपलाइन, 2 जुलाई का वादा निकला खोखला!** *रामगढ़ मुराडा में जलदाय विभाग की महा-लापरवाही: खेतों में बिखरी पाइपलाइन, 2 जुलाई का वादा निकला खोखला!** **विशेष रिपोर्ट | रामगढ़ मुराडा** रामगढ़ मुराडा गाँव में जलदाय विभाग और ठेकेदारों की गंभीर लापरवाही सामने आई है। खेतों में पानी की आपूर्ति के लिए बिछाई गई पाइपलाइन भ्रष्टाचार और घटिया काम की बलि चढ़ चुकी है। * **ज़मीन के ऊपर उखड़ी पाइपलाइन:** विभाग द्वारा पाइपों को मात्र 1 से डेढ़ फीट की मामूली गहराई पर गाड़ा गया था। किसानों द्वारा खेतों में जुताई करते समय ट्रैक्टर के हल से टकराकर पूरी लाइन ज़मीन से बाहर आ गई और जगह-जगह से क्षतिग्रस्त (लीक) होकर सड़ रही है। * **अधिकारियों की वादाखिलाफी:** ग्रामीणों को 2 जुलाई तक पाइपलाइन ठीक कर जलापूर्ति बहाल करने का समय दिया गया था। लेकिन 11 अगस्त बीत जाने के बाद भी नलों में पानी की एक बूंद तक नहीं आई है और न ही कोई अधिकारी मौके पर निरीक्षण करने पहुँचा। * **प्रशासनिक उदासीनता से आक्रोश:** बार-बार सूचना देने के बावजूद सुनवाई न होने से रामगढ़ मुराडा के ग्रामीणों और किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। जलदाय विभाग की इस सुस्ती के कारण पूरे क्षेत्र में पेयजल संकट मंडरा रहा है और सरकारी बजट का खुलेआम नुकसान हो रहा है।1
- कोटा हादसे की सूचना मिलते ही दौड़ी राहत टीम, मॉक ड्रिल में परखी तैयारियां शामपुरा–मांडलगढ़ खंड में मालगाड़ी के पटरी से उतरने की स्थिति बनाकर राहत, चिकित्सा और बचाव व्यवस्था का किया परीक्षण आवाज बैधडक सवाई माधोपुरचीफ राधामोहन अग्रवाल कोटा। कोटा मंडल में आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा के निर्देशन में सोमवार को कोटा-चित्तौड़गढ़ खंड के शामपुरा–मांडलगढ़ स्टेशनों के मध्य मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान एक मालगाड़ी के लोको के एक अग्रिम पहिए के पटरी से उतरने तथा लोको पायलट और सहायक लोको पायलट के घायल होने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान सुबह 06:52 बजे सूचना मिलते ही संबंधित विभागों को तत्काल सूचित किया गया। इसके बाद दुर्घटना राहत एवं चिकित्सा संसाधनों को सक्रिय करते हुए एम्बुलेंस, चिकित्सा दल, दुर्घटना राहत ट्रेन तथा अन्य राहत उपकरणों को रवाना किया गया। साथ ही पुलिस, राजकीय रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन को भी सूचना दी गई। मॉक ड्रिल में शामपुरा–मांडलगढ़ के बीच ओएचई की विद्युत आपूर्ति बंद कर राहत कार्यों के लिए आवश्यक व्यवस्था की गई। नियंत्रण कार्यालय और घटनास्थल पर विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे तथा आपात स्थिति में आपसी समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया की प्रक्रिया को परखा गया। वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी श्री पुरुषोत्तम मीणा द्वारा सुबह 08:02 बजे मॉक ड्रिल घोषित की गई। इस दौरान रेल परिचालन पर संभावित प्रभाव और गाड़ियों के नियमन की प्रक्रिया का भी परीक्षण किया गया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपात स्थिति में राहत एवं बचाव दल की त्वरित कार्रवाई, चिकित्सा सहायता की उपलब्धता तथा विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय को सुनिश्चित करना रहा।1