वादे हवा-हवाई, रामगढ़ मुराडा में नारकीय जीवन जीने को मजबूर ग्रामीण: घुटनों तक भरे पानी से गुजर रहे मासूम बच्चे और महिलाएं, प्रशासन बना मूकदर्शक वादे हवा-हवाई, रामगढ़ मुराडा में नारकीय जीवन जीने को मजबूर ग्रामीण: घुटनों तक भरे पानी से गुजर रहे मासूम बच्चे और महिलाएं, प्रशासन बना मूकदर्शक (विशेष संवाददाता — रामकेश, पूर्व सरपंच) रामगढ़ मुराडा। क्षेत्र के मुख्य मार्ग की बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी ने ग्रामीणों का जीना दुश्वार कर दिया है। सड़क पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण जलभराव इस कदर बढ़ चुका है कि राहगीरों को घुटनों तक भरे गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय विधायक रामकेश मीना द्वारा एक महीने के भीतर समस्या का स्थायी समाधान कराने और निर्माण कार्य पूर्ण करने का सार्वजनिक आश्वासन दिया गया था। हालांकि, हकीकत यह है कि समय सीमा बीत जाने के बाद भी धरातल पर एक इंच काम शुरू नहीं हो सका है। विधायक का दावा निकला खोखला, सर्वे तक करने नहीं आए जिम्मेदार विधायक के बड़े-बड़े दावों के बाद ग्रामीणों में राहत की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब उनका सब्र का बांध टूट रहा है। आश्वासन के हफ्तों बीत जाने के बावजूद न तो लोक निर्माण विभाग (PWD) या पंचायत प्रशासन का कोई कर्मचारी मौके पर नाप-जोख (नापी) करने पहुंचा, और न ही किसी प्रशासनिक अधिकारी ने इस भयावह स्थिति का जायजा लिया। प्रशासनिक लापरवाही का सीधा रिपोर्ट कार्ड: नाली निर्माण अधर में: जल निकासी के लिए पक्की नाली का निर्माण तो दूर, जलभराव वाले स्थानों का सर्वे तक शुरू नहीं किया गया। सड़क को ऊंचा उठाने की मांग खारिज: मुख्य सड़क नीची होने के कारण सारा पानी रास्ते में ही जमा हो जाता है, लेकिन सड़क के सुदृढ़ीकरण या ऊंचाई बढ़ाने पर कोई काम नहीं हुआ। बच्चों और महिलाओं पर आफत: सबसे विकट परिस्थिति स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों, छात्राओं और महिलाओं की है। रोजाना बच्चे गंदे पानी से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं, जिससे कई मासूम रास्ते में गिरकर चोटिल हो रहे हैं और उनके कपड़े व किताबें खराब हो रही हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी प्रशासन की इस घोर नाकामी और जनप्रतिनिधि के खोखले वादों के चलते पूरे रामगढ़ मुराडा क्षेत्र में भारी जनाक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण न केवल आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि महामारी फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों और पूर्व सरपंच रामकेश ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेकर नाप-जोख कराकर पक्की नाली व सड़क सुधार का कार्य शुरू नहीं कराया, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन और प्रशासनिक अधिकारियों के घेराव के लिए बाध्य होंगे।
वादे हवा-हवाई, रामगढ़ मुराडा में नारकीय जीवन जीने को मजबूर ग्रामीण: घुटनों तक भरे पानी से गुजर रहे मासूम बच्चे और महिलाएं, प्रशासन बना मूकदर्शक वादे हवा-हवाई, रामगढ़ मुराडा में नारकीय जीवन जीने को मजबूर ग्रामीण: घुटनों तक भरे पानी से गुजर रहे मासूम बच्चे और महिलाएं, प्रशासन बना मूकदर्शक (विशेष संवाददाता — रामकेश, पूर्व सरपंच) रामगढ़ मुराडा। क्षेत्र के मुख्य मार्ग की बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी ने ग्रामीणों का जीना दुश्वार कर दिया है। सड़क पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण जलभराव इस कदर बढ़ चुका है कि राहगीरों को घुटनों तक भरे गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय विधायक रामकेश मीना द्वारा एक महीने के भीतर समस्या का स्थायी समाधान कराने और निर्माण कार्य पूर्ण करने का सार्वजनिक आश्वासन दिया गया था। हालांकि, हकीकत यह है कि समय सीमा बीत जाने के बाद भी धरातल पर एक इंच काम शुरू नहीं हो सका है। विधायक का दावा निकला खोखला, सर्वे तक करने नहीं आए जिम्मेदार विधायक के बड़े-बड़े दावों के बाद ग्रामीणों में राहत की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब उनका सब्र का बांध टूट रहा है। आश्वासन के हफ्तों बीत जाने के बावजूद न तो लोक निर्माण विभाग (PWD) या पंचायत प्रशासन का कोई कर्मचारी मौके पर नाप-जोख (नापी) करने पहुंचा, और न ही किसी प्रशासनिक अधिकारी ने इस भयावह स्थिति का जायजा लिया। प्रशासनिक लापरवाही का सीधा रिपोर्ट कार्ड: नाली निर्माण अधर में: जल निकासी के लिए पक्की नाली का निर्माण तो दूर, जलभराव वाले स्थानों का सर्वे तक शुरू नहीं किया गया। सड़क को ऊंचा उठाने की मांग खारिज: मुख्य सड़क नीची होने के कारण सारा पानी रास्ते में ही जमा हो जाता है, लेकिन सड़क के सुदृढ़ीकरण या ऊंचाई बढ़ाने पर कोई काम नहीं हुआ। बच्चों और महिलाओं पर आफत: सबसे विकट परिस्थिति स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों, छात्राओं और महिलाओं की है। रोजाना बच्चे गंदे पानी से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं, जिससे कई मासूम रास्ते में गिरकर चोटिल हो रहे हैं और उनके कपड़े व किताबें खराब हो रही हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी प्रशासन की इस घोर नाकामी और जनप्रतिनिधि के खोखले वादों के चलते पूरे रामगढ़ मुराडा क्षेत्र में भारी जनाक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण न केवल आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि महामारी फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों और पूर्व सरपंच रामकेश ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेकर नाप-जोख कराकर पक्की नाली व सड़क सुधार का कार्य शुरू नहीं कराया, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन और प्रशासनिक अधिकारियों के घेराव के लिए बाध्य होंगे।
- महा-धमाका: राजस्थान राजनीति में आया महा-भूकंप! 'बागी' नेताओं की 'घर वापसी' से विपक्षी खेमे में पसरा सन्नाटा # 🔴 महा-धमाका: राजस्थान राजनीति में आया महा-भूकंप! 'बागी' नेताओं की 'घर वापसी' से विपक्षी खेमे में पसरा सन्नाटा! **जयपुर (विशेष संवाददाता)।** राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में उस समय भूचाल आ गया, जब कांग्रेस के दो दिग्गज और कद्दावर चेहरों ने फिर से पार्टी का दामन थामने का ऐलान कर दिया! पीसीसी वॉर रूम (PCC War Room) का तापमान अचानक से चरम पर पहुंच गया, जब पूर्व विधायक **खिलाड़ी लाल बैरवा** और **रामचरण सराधना** दलबल के साथ सीधे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष **गोविंद सिंह डोटासरा** के द्वार पर जा पहुंचे! ### 💥 'बीजेपी में नहीं लगा मन, रगों में दौड़ता है सिर्फ 'कांग्रेसी खून'!' विधानसभा चुनावों के दौरान बीजेपी का 'कमल' थामकर सबको चौंकाने वाले पूर्व विधायक खिलाड़ी बैरवा ने वापस आते ही बड़ा बयान दे डाला। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा: > *"भाजपा में हमारा मन ही नहीं लगा! मात्र 35 दिनों में ही समझ आ गया कि सही रास्ता क्या है। हम तो जन्मजात कांग्रेसी हैं और कांग्रेस ही हमारी रगों में खून बनकर दौड़ती है!"* > बैरवा के इस तीखे बयान से भाजपा खेमे में हड़कंप मच गया है, वहीं कांग्रेस वॉर रूम के बाहर समर्थकों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। ### 🔥 बाड़मेर में महा-शक्ति प्रदर्शन! मेवाराम जैन के समर्थकों ने हिलाया प्रदेश! सिर्फ बैरवा ही नहीं, बाड़मेर कांग्रेस के 'पावर गेम' के सबसे बड़े खिलाड़ी और पूर्व विधायक **मेवाराम जैन** भी भारी-भरकम समर्थकों की फौज के साथ जयपुर पहुंचे। ढोल-नगाड़ों और नारेबाजी के बीच मेवाराम जैन के समर्थकों ने वॉर रूम के बाहर जो शक्ति प्रदर्शन किया, उससे पूरे प्रदेश की राजनीति का रुख बदलता दिख रहा है! बाड़मेर कांग्रेस में मची अंतरकलह और गुटबाजी के बीच मेवाराम जैन का यह कदम प्रतिद्वंद्वियों के लिए किसी 'सर्जिकल स्ट्राइक' से कम नहीं माना जा रहा। ### ⚡ आगे क्या होगा? क्या पूर्व बागी नेताओं की इस अचानक 'घर वापसी' से राजस्थान कांग्रेस का खोया हुआ किला फिर से फतह हो पाएगा? या फिर पार्टी के पुराने वफादार नेताओं के बीच अंदर ही अंदर सुलग रही चिंगारी अब महा-ज्वाला का रूप लेगी? राजनीति की इस शतरंज पर अगली चाल किसकी होगी, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं!1
- वन क्षेत्र में जेसीबी से खुदाई, गश्ती दल ने की कार्रवाई डिकोली गांव में वन भूमि को खुर्द-बुर्द करने की सूचना पर दबिश, जेसीबी जब्त सपोटरा। वन क्षेत्र में अवैध रूप से खुदाई कर वन भूमि को खुर्द-बुर्द करने की सूचना पर वन विभाग के गश्ती दल ने कार्रवाई की। उपवन संरक्षक ओमप्रकाश जांगिड के निर्देशन में क्षेत्रीय वन अधिकारी घनश्याम मीणा के नेतृत्व में टीम ने सपोटरा क्षेत्र के डिकोली गांव में दबिश दी। वन विभाग के अनुसार मौके पर वन क्षेत्र में जेसीबी से खुदाई का कार्य किया जा रहा था। टीम ने कार्रवाई करते हुए जेसीबी को जब्त कर लिया। जब्त जेसीबी को दुर्गाशाह वन पौधशाला कार्यालय परिसर में खड़ा करवाया गया। मामले में वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के दौरान वनरक्षक विक्रम जाट, नीरज कुमार, पुष्पेन्द्र सिंह सहित वन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे। अवैध खनन पर कार्रवाई जारी रहेगी क्षेत्रीय वन अधिकारी घनश्याम मीणा ने बताया कि वन क्षेत्र में अवैध खनन, खुदाई एवं पेड़ों की अवैध कटाई को लेकर विभाग की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- गंगापुर सिटी में बारिश से बदला मौसम का मिजाज, लोगों को गर्मी से मिली राहत गंगापुर सिटी में बारिश होने से मौसम सुहावना हो गया। बारिश के बाद तापमान में राहत महसूस हुई और लोगों को उमस व गर्मी से कुछ राहत मिली। वहीं, बारिश से किसानों के चेहरों पर भी खुशी नजर आई।1
- Weather update हिंडौन सिटी 2 दिन तेज धूप और उमस भरी गर्मी से मिली निजात तेज हवाओं के साथ तेज बारिश का दौर से शुरू1
- सवाई माधोपुर रेलवे यार्ड में फिर दिखे दो पैंथर शावक, कर्मचारियों में दहशत सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर रेलवे यार्ड में सोमवार सुबह एक बार फिर दो पैंथर शावक नजर आने से रेलवे कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। कर्मचारियों के अनुसार, यार्ड क्षेत्र में पिछले कुछ समय से लगातार जंगली जानवरों की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। रेलवे कर्मचारियों ने बताया कि यार्ड में पैंथर के अलावा एक टाइगर भी कई बार नजर आ चुका है। कर्मचारियों का दावा है कि क्षेत्र में तीन-चार खूंखार जंगली जानवरों की मौजूदगी बनी हुई है। ऐसे में रेलवे यार्ड में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कर्मचारियों का कहना है कि रेलवे यार्ड में बड़ी संख्या में कर्मचारी नियमित रूप से काम करते हैं। जंगली जानवरों की लगातार आवाजाही के बावजूद यदि समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो किसी दिन गंभीर हादसा हो सकता है। कर्मचारियों ने कोटा मंडल रेल प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग को तत्काल सूचना देने और यार्ड क्षेत्र में मौजूद जंगली जानवरों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई कराने की मांग की है। कर्मचारियों ने कहा कि वन विभाग और रेलवे प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा क्षेत्र का निरीक्षण कर जंगली जानवरों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए।1
- बामनवास में 244 मेधावी छात्राओं का सम्मान, शिक्षा और संस्कार का दिया संदेश बामनवास। श्री रतनलाल मीठालाल फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को पूर्व सांसद एवं विधायक स्व. मीठालाल मीना की पुण्यतिथि पर सेवा दिवस के रूप में मेधावी छात्रा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं व 12वीं में 80 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त करने वाली प्रदेश की 244 छात्राओं को प्रशस्ति पत्र, स्कूल बैग, शैक्षणिक सामग्री एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। प्रत्येक कक्षा की चार-चार टॉपर्स को नकद छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में बालिका शिक्षा, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सामाजिक समरसता, नैतिक संस्कार और राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया गया। इस दौरान सामूहिक पौधरोपण भी किया गया।4
- महाकाली मंदिर से गूंजा हर-हर महादेव, सिर पर कलश लेकर निकलीं सैकड़ों महिलाएं डीजे की भक्तिमय धुनों पर निकली भव्य कलशयात्रा, जबरेश्वर नाथ महादेव के जयकारों से गूंजा लालसोट लालसोट। धर्म और आस्था की नगरी लालसोट में मंगलवार को महाकाली मंदिर से निकली विशाल कलशयात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय बना दिया। सिर पर पवित्र कलश धारण किए सैकड़ों महिलाएं डीजे की भक्तिमय धुनों के बीच जयकारे लगाते हुए कलशयात्रा में शामिल हुईं। हर-हर महादेव, जय श्री महाकाल और बोल बम के जयकारों से शहर का वातावरण शिवमय हो गया। महाकाली मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई कलशयात्रा शहर के प्रमुख बाजारों एवं मार्गों से होकर निकली। रास्तेभर श्रद्धालुओं ने कलशयात्रा का स्वागत किया। महिलाओं के सिर पर सजे कलश और धार्मिक धुनों ने श्रद्धा एवं भक्ति का अद्भुत माहौल बना दिया। कलशयात्रा वापस महाकाली मंदिर पहुंची, जहां विराजमान जबरेश्वर नाथ महादेव का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पवित्र जल से जलाभिषेक किया जाएगा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रहा पुलिस प्रशासन विशाल कलशयात्रा को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। थानाधिकारी हरलाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस जाब्ता तैनात रहा तथा यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था संभाली गई। कार्यक्रम में पंडित रामचरण बोहरा, बल्ली गुर्जर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। कलशयात्रा के दौरान पूरा शहर भगवान शिव की भक्ति में डूबा नजर आया। धर्म और आस्था का संदेश देते हुए कलशयात्रा ने श्रद्धालुओं को सनातन संस्कृति एवं शिवभक्ति से जुड़ने का संदेश दिया।3
- वादे हवा-हवाई, रामगढ़ मुराडा में नारकीय जीवन जीने को मजबूर ग्रामीण: घुटनों तक भरे पानी से गुजर रहे मासूम बच्चे और महिलाएं, प्रशासन बना मूकदर्शक वादे हवा-हवाई, रामगढ़ मुराडा में नारकीय जीवन जीने को मजबूर ग्रामीण: घुटनों तक भरे पानी से गुजर रहे मासूम बच्चे और महिलाएं, प्रशासन बना मूकदर्शक (विशेष संवाददाता — रामकेश, पूर्व सरपंच) रामगढ़ मुराडा। क्षेत्र के मुख्य मार्ग की बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी ने ग्रामीणों का जीना दुश्वार कर दिया है। सड़क पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण जलभराव इस कदर बढ़ चुका है कि राहगीरों को घुटनों तक भरे गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय विधायक रामकेश मीना द्वारा एक महीने के भीतर समस्या का स्थायी समाधान कराने और निर्माण कार्य पूर्ण करने का सार्वजनिक आश्वासन दिया गया था। हालांकि, हकीकत यह है कि समय सीमा बीत जाने के बाद भी धरातल पर एक इंच काम शुरू नहीं हो सका है। विधायक का दावा निकला खोखला, सर्वे तक करने नहीं आए जिम्मेदार विधायक के बड़े-बड़े दावों के बाद ग्रामीणों में राहत की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब उनका सब्र का बांध टूट रहा है। आश्वासन के हफ्तों बीत जाने के बावजूद न तो लोक निर्माण विभाग (PWD) या पंचायत प्रशासन का कोई कर्मचारी मौके पर नाप-जोख (नापी) करने पहुंचा, और न ही किसी प्रशासनिक अधिकारी ने इस भयावह स्थिति का जायजा लिया। प्रशासनिक लापरवाही का सीधा रिपोर्ट कार्ड: नाली निर्माण अधर में: जल निकासी के लिए पक्की नाली का निर्माण तो दूर, जलभराव वाले स्थानों का सर्वे तक शुरू नहीं किया गया। सड़क को ऊंचा उठाने की मांग खारिज: मुख्य सड़क नीची होने के कारण सारा पानी रास्ते में ही जमा हो जाता है, लेकिन सड़क के सुदृढ़ीकरण या ऊंचाई बढ़ाने पर कोई काम नहीं हुआ। बच्चों और महिलाओं पर आफत: सबसे विकट परिस्थिति स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों, छात्राओं और महिलाओं की है। रोजाना बच्चे गंदे पानी से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं, जिससे कई मासूम रास्ते में गिरकर चोटिल हो रहे हैं और उनके कपड़े व किताबें खराब हो रही हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी प्रशासन की इस घोर नाकामी और जनप्रतिनिधि के खोखले वादों के चलते पूरे रामगढ़ मुराडा क्षेत्र में भारी जनाक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण न केवल आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि महामारी फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों और पूर्व सरपंच रामकेश ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेकर नाप-जोख कराकर पक्की नाली व सड़क सुधार का कार्य शुरू नहीं कराया, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन और प्रशासनिक अधिकारियों के घेराव के लिए बाध्य होंगे।1