झारखंड के चतरा जिले स्थित मयूरहंड प्रखंड में सरकारी जमीन से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि खाता नंबर 32, प्लॉट नंबर 1009 और 11 डिसमिल रकवा वाली सरकारी जमीन को एक निजी व्यक्ति के नाम कर दिया गया है और उसकी रसीद भी काट दी गई है। इस अवैध कब्जे और धांधली के कारण पूरे गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस मामले को लेकर वर्ष 2024 से ही बीडीओ (BDO), एसडीओ (SDO), उपायुक्त (DC) और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) तक गुहार लगाई जा चुकी है और लिखित आवेदन दिए गए हैं। इसके बावजूद अब तक जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसके साथ ही मीडिया की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए हैं कि बिना पैसे के कोई भी संस्थान इस खबर को प्रमुखता से दिखाने के लिए तैयार नहीं हो रहा है। पूरे मामले का मुख्य उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को बदनाम करना नहीं, बल्कि सच्चाई को जनता और प्रशासन के सामने लाना है। मांग की गई है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, सरकारी जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए और अवैध अतिक्रमण पाए जाने पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
झारखंड के चतरा जिले स्थित मयूरहंड प्रखंड में सरकारी जमीन से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि खाता नंबर 32, प्लॉट नंबर 1009 और 11 डिसमिल रकवा वाली सरकारी जमीन को एक निजी व्यक्ति के नाम कर दिया गया है और उसकी रसीद भी काट दी गई है। इस अवैध कब्जे और धांधली के कारण पूरे गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस मामले को लेकर वर्ष 2024 से ही बीडीओ (BDO), एसडीओ (SDO), उपायुक्त (DC) और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) तक गुहार लगाई जा चुकी है और लिखित आवेदन दिए गए हैं। इसके बावजूद अब तक जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसके साथ ही मीडिया की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए हैं कि बिना पैसे के कोई भी संस्थान इस खबर को प्रमुखता से दिखाने के लिए तैयार नहीं हो रहा है। पूरे मामले का मुख्य उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को बदनाम करना नहीं, बल्कि सच्चाई को जनता और प्रशासन के सामने लाना है। मांग की गई है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, सरकारी जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए और अवैध अतिक्रमण पाए जाने पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
- झारखंड के चतरा जिले स्थित मयूरहंड प्रखंड में सरकारी जमीन से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि खाता नंबर 32, प्लॉट नंबर 1009 और 11 डिसमिल रकवा वाली सरकारी जमीन को एक निजी व्यक्ति के नाम कर दिया गया है और उसकी रसीद भी काट दी गई है। इस अवैध कब्जे और धांधली के कारण पूरे गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस मामले को लेकर वर्ष 2024 से ही बीडीओ (BDO), एसडीओ (SDO), उपायुक्त (DC) और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) तक गुहार लगाई जा चुकी है और लिखित आवेदन दिए गए हैं। इसके बावजूद अब तक जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसके साथ ही मीडिया की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए हैं कि बिना पैसे के कोई भी संस्थान इस खबर को प्रमुखता से दिखाने के लिए तैयार नहीं हो रहा है। पूरे मामले का मुख्य उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को बदनाम करना नहीं, बल्कि सच्चाई को जनता और प्रशासन के सामने लाना है। मांग की गई है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, सरकारी जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए और अवैध अतिक्रमण पाए जाने पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।1
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- झारखंड के हजारीबाग स्थित एसटी-एससी छात्रावास में युवा कांग्रेस के तत्वावधान में ‘गूंज’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मो. जाबीर ने की और संचालन जिला सह प्रभारी गुलाम मुंतका ने किया। इस दौरान विधायक दल के उपनेता एवं हजारीबाग लोकसभा प्रभारी राजेश कच्छप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक अंबा प्रसाद, प्रदेश महासचिव सह जिला प्रभारी राजीव रंजन प्रसाद, प्रदेश उपाध्यक्ष भीम कुमार, प्रदेश सचिव रेणु कुमारी, जिला अध्यक्ष जय प्रकाश भाई पटेल तथा नवीन जॉर्ज विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। संबोधन के दौरान मुख्य अतिथि राजेश कच्छप ने युवाओं को देश और लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए उनसे सामाजिक सरोकारों से जुड़ने और कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। वहीं राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद ने युवा शक्ति को संगठन की पूंजी बताते हुए शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की और संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने की घटना का जोरदार विरोध किया तथा इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन करार दिया। कार्यक्रम के समापन के बाद युवा कांग्रेस के नेतृत्व में एसटी-एससी छात्रावास से गांधी मैदान तक मशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें शामिल कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना आक्रोश जताया और संविधान व युवाओं की आवाज के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।1
- हजारीबाग नगर निगम शहर के शहीद स्मारकों और महापुरुषों की प्रतिमाओं को आकर्षक विद्युत प्रकाश व्यवस्था से सजाने की दिशा में पहल कर रहा है। महापौर अरविंद कुमार राणा के अनुरोध पर जैगुआर ग्रुप की टीम ने मंगलवार को हजारीबाग पहुंचकर विभिन्न स्थलों का तकनीकी निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने शहीद स्मारक, विवेकानंद चौक, सिद्धू-कान्हू चौक, सरदार पटेल चौक तथा नीलांबर-पीतांबर चौक का जायजा लेकर आधुनिक प्रकाश व्यवस्था की तैयारियों का आकलन किया। महापौर ने बताया कि लगभग एक माह पूर्व जैगुआर ग्रुप को पत्र लिखकर बेहतर लाइटिंग की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया गया था और अब निरीक्षण के बाद कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है। नगर निगम का लक्ष्य 26 जुलाई कारगिल विजय दिवस तक इन सभी स्थलों को आकर्षक रोशनी से जगमग करना है, ताकि वीर शहीदों और महापुरुषों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का संदेश दिया जा सके। महापौर के अनुसार, हजारीबाग की पहचान केवल विकास कार्यों से नहीं, बल्कि अपने शहीदों और महान विभूतियों के सम्मान से भी है। इसके अलावा, शहर के पार्कों की बेहतर देखरेख और मरम्मत के लिए भी पहल शुरू की गई है। महापौर अरविंद कुमार राणा ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को पार्कों के रखरखाव, मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण का निर्देश दिया है ताकि नागरिकों को स्वच्छ और बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। नगर निगम ने स्पष्ट किया कि शहर के सार्वजनिक स्थलों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण का अभियान आगे भी जारी रहेगा।1
- झारखंड के हजारीबाग जिले में केरेडारी प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय बसरिया के छात्र-छात्राएं गंभीर खतरे के साए में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। कोल माइंस परियोजना से जुड़ी बीजीआर (BGR) कंपनी द्वारा की जा रही हेवी ब्लास्टिंग का सीधा असर स्कूल भवन पर पड़ रहा है। लगातार हो रहे तेज धमाकों के कारण स्कूल की दीवारों और छत में दरारें आ गई हैं, जिससे हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। धमाकों के दौरान स्कूल में दहशत का माहौल बन जाता है। बच्चों ने बताया कि ब्लास्टिंग होते ही बैंच और स्कूल की दीवारें हिलने लगती हैं, जिससे डरकर उन्हें कमरों से बाहर भागना पड़ता है और उनकी पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित होती है। इस मामले में स्कूल के प्रधानाध्यापक विजय कुमार ने बताया कि ब्लास्टिंग की समस्या को लेकर एनटीपीसी (NTPC) और बीजीआर को पहले भी आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन इस विषय में अब तक कोई पहल नहीं की गई है। अभिभावकों और ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते ब्लास्टिंग पर नियंत्रण नहीं किया गया और स्कूल भवन की मरम्मत नहीं हुई, तो बच्चों की जान जोखिम में पड़ सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित कंपनी से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की गुहार लगाई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।2
- चतरा के मयूरहंड प्रखंड में एक भ्रष्ट अधिकारी द्वारा सरकारी जमीन को किसी निजी आदमी के नाम कर दिए जाने का मामला सामने आया है। इस कृत्य को लेकर अधिकारी पर सीधे तौर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा रहे हैं। मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लिखित आवेदन दिए जाने के बाद भी मामले में प्रशासनिक चुप्पी और कोई कदम न उठाए जाने से भारी नाराजगी है।1
- 14वीं JPSC को लेकर सियासी बवाल और तेज हो गया है। विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड तोड़ दिए और सीधे JPSC गेट तक पहुंच गए। इस घटनाक्रम के साथ ही मामले की CBI जांच कराने की मांग जोर पकड़ने लगी है।1