प्रतापगढ़ के मांधाता विकासखंड स्थित टिकरी गांव में महज हल्की सी बारिश ने जिला प्रशासन के दावों की हवा निकाल दी है। गांव का प्राथमिक विद्यालय पूरी तरह जलमग्न हो गया है और स्कूल का प्रांगण व बरामदा गंदे पानी से लबालब भर चुका है। इस दुर्दशा की असल वजह प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि गांव के ही रसूखदार और दबंग लोगों की दबंगई है। उन्होंने जल निकासी वाली सरकारी जमीन पर मिट्टी डालकर नाले को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है, जिससे बारिश का सारा पानी बाहर निकलने के बजाय सीधे स्कूल परिसर में जमा हो रहा है। स्कूल के टापू बन जाने से मासूम बच्चे गंदे और बदबूदार पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हैं, जिससे जहरीले कीड़े-मकोड़ों, सांपों और बीमारियों का खतरा लगातार मंडरा रहा है। इस स्थिति में शिक्षक भी पढ़ाने में लाचार नजर आ रहे हैं। सब कुछ जानते हुए भी प्रशासन मौन साधे बैठा है और तहसीलदार, बीडीओ तथा बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रशासनिक उपेक्षा से आक्रोशित ग्रामीणों और अभिभावकों ने मांग की है कि तत्काल अवैध कब्जे को हटाकर जल निकासी का मार्ग बहाल किया जाए, कब्जा करने वाले दबंगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और स्कूल परिसर से तुरंत पानी निकाला जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो यह मामला बड़े जनाक्रोश का रूप ले सकता है।
प्रतापगढ़ के मांधाता विकासखंड स्थित टिकरी गांव में महज हल्की सी बारिश ने जिला प्रशासन के दावों की हवा निकाल दी है। गांव का प्राथमिक विद्यालय पूरी तरह जलमग्न हो गया है और स्कूल का प्रांगण व बरामदा गंदे पानी से लबालब भर चुका है। इस दुर्दशा की असल वजह प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि गांव के ही रसूखदार और दबंग लोगों की दबंगई है। उन्होंने जल निकासी वाली सरकारी जमीन पर मिट्टी डालकर नाले को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है, जिससे बारिश का सारा पानी बाहर निकलने के बजाय सीधे स्कूल परिसर में जमा हो रहा है। स्कूल के टापू बन जाने से मासूम बच्चे गंदे और बदबूदार पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हैं, जिससे जहरीले कीड़े-मकोड़ों, सांपों और बीमारियों का खतरा लगातार मंडरा रहा है। इस स्थिति में शिक्षक भी पढ़ाने में लाचार नजर आ रहे हैं। सब कुछ जानते हुए भी प्रशासन मौन साधे बैठा है और तहसीलदार, बीडीओ तथा बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रशासनिक उपेक्षा से आक्रोशित ग्रामीणों और अभिभावकों ने मांग की है कि तत्काल अवैध कब्जे को हटाकर जल निकासी का मार्ग बहाल किया जाए, कब्जा करने वाले दबंगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और स्कूल परिसर से तुरंत पानी निकाला जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो यह मामला बड़े जनाक्रोश का रूप ले सकता है।
- जौनपुर के मड़ियाहूं तहसील अंतर्गत रामपुर ब्लॉक के परमालपुर गांव में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी चकमार्ग से अवैध कब्जा हटा दिया है। हाईकोर्ट के आदेश पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया, जिसमें पूर्व ग्राम प्रधान द्वारा किए गए अवैध कब्जे पर प्रशासन का बुलडोजर गरजा। इस कार्रवाई के तहत करीब 75 मीटर लंबा सरकारी चकमार्ग पूरी तरह से कब्जामुक्त कराया गया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद प्रशासन ने दो टूक चेतावनी देते हुए साफ कर दिया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में आम आदमी पार्टी ने एक जोरदार प्रदर्शन किया है। इस जोरदार प्रदर्शन के बाद पार्टी की ओर से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया है।1
- जंतर मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस एक्टिव हो गई है। मंगलवार रात 1 बजे सुलतानपुर जिला प्रशासन और पुलिस ने जनपद वासियों से शांति, सौहार्द और सुरक्षा बनाए रखने की अपील की है। अपील में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी को अपनी कोई बात या मांग रखनी है, तो उसे केवल शांतिपूर्ण और वैधानिक माध्यम से उचित अनुमति प्राप्त करके ही प्रस्तुत किया जाए। प्रशासन ने लोगों से व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर समाज में वैमनस्य फैलाने वाली, भड़काऊ, भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट, शेयर या प्रसारित न करने को कहा है। इसके साथ ही लोगों से अफवाहों पर विश्वास न करने, उन्हें आगे न बढ़ाने और कानून का पालन करते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस का सहयोग करने का अनुरोध किया गया है। जनपद सुलतानपुर में धारा-163 (BNSS), जो पूर्व में धारा-144 Cr PC थी, 31 जुलाई तक प्रभावी है। इस धारा का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी अपील के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर बृजनारायण सिंह ने भी बयान जारी किया है।1
- जौनपुर जिले की मछलीशहर तहसील स्थित मुगरा बादशाहपुर के आमाव गाँव में ग्राम प्रधान द्वारा नाली का निर्माण तो कराया गया है, लेकिन उस पर ढक्कन नहीं लगाया गया है। बिना ढक्कन की इस नाली के कारण आए दिन कोई न कोई व्यक्ति इसमें गिर जाता है। गाँव के छोटे-छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी अक्सर दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। इसके अलावा नाली की नियमित सफ़ाई न होने से उसमें बदबू और गंदगी बनी रहती है, जिससे क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप अत्यधिक बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इस संबंध में कई बार शिकायत करने के बाद भी ग्राम प्रधान द्वारा समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया है। लोगों ने नाली पर ढक्कन लगवाने और नियमित सफ़ाई की व्यवस्था कराने की माँग की है, ताकि भविष्य में हादसों को रोका जा सके।2
- सुल्तानपुर के लम्भुआ स्थित फरीदीपुर स्कूल कैंपस में आयोजित कार्यक्रम में 477 जोड़ों को आशीर्वाद देने के लिए विधायक राजेश गौतम काफी विलंब से पहुंचे। वहां पहुंचने के बाद उन्होंने कुछ जोड़ों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए। विधायक ने कार्यक्रम में देरी से आने का कारण स्पष्ट करते हुए बताया कि वे लखनऊ से सीधे फरीदीपुर स्कूल कैंपस में ही आ रहे हैं। इस विलंब के लिए उन्होंने वहां उपस्थित आम जनता से क्षमा भी मांगी।2
- सुलतानपुर में आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से डीएम इन्द्रजीत सिंह और पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने सीताकुण्ड घाट तथा प्रमुख मंदिरों का स्थलीय निरीक्षण किया। थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के अंतर्गत किए गए इस निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कांवड़ यात्रियों की आवाजाही और सुरक्षा से जुड़ी तैयारियों का मुआयना किया। स्थल पर जायजे के दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, बैरिकेडिंग, श्रद्धालुओं की आवाजाही, पार्किंग और भीड़ नियंत्रण जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं को परखा। इस अवसर पर मौजूद संबंधित अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, जिनमें कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने, संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के निर्देश शामिल हैं।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया है। देश के मौजूदा हालातों को लेकर तीखा आक्रोश जताते हुए कहा गया है कि ऐसे हालात तो अंग्रेजों के समय भी नहीं थे और आज देश में पूरी तरह से तानाशाही स्थापित हो चुकी है। इस घटना को तानाशाह के क्रूर कारनामे बताते हुए शिक्षक श्यामलाल निषाद ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा है कि प्रतियोगी छात्र-छात्राओं पर पड़ रही प्रत्येक लाठी बीजेपी के ताबूत में कील साबित होगी।1