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जौनपुर के मड़ियाहूं तहसील अंतर्गत रामपुर ब्लॉक के परमालपुर गांव में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी चकमार्ग से अवैध कब्जा हटा दिया है। हाईकोर्ट के आदेश पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया, जिसमें पूर्व ग्राम प्रधान द्वारा किए गए अवैध कब्जे पर प्रशासन का बुलडोजर गरजा। इस कार्रवाई के तहत करीब 75 मीटर लंबा सरकारी चकमार्ग पूरी तरह से कब्जामुक्त कराया गया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद प्रशासन ने दो टूक चेतावनी देते हुए साफ कर दिया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Nagendra Mali
जौनपुर के मड़ियाहूं तहसील अंतर्गत रामपुर ब्लॉक के परमालपुर गांव में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी चकमार्ग से अवैध कब्जा हटा दिया है। हाईकोर्ट के आदेश पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया, जिसमें पूर्व ग्राम प्रधान द्वारा किए गए अवैध कब्जे पर प्रशासन का बुलडोजर गरजा। इस कार्रवाई के तहत करीब 75 मीटर लंबा सरकारी चकमार्ग पूरी तरह से कब्जामुक्त कराया गया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद प्रशासन ने दो टूक चेतावनी देते हुए साफ कर दिया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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- जौनपुर के मड़ियाहूं तहसील अंतर्गत रामपुर ब्लॉक के परमालपुर गांव में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी चकमार्ग से अवैध कब्जा हटा दिया है। हाईकोर्ट के आदेश पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया, जिसमें पूर्व ग्राम प्रधान द्वारा किए गए अवैध कब्जे पर प्रशासन का बुलडोजर गरजा। इस कार्रवाई के तहत करीब 75 मीटर लंबा सरकारी चकमार्ग पूरी तरह से कब्जामुक्त कराया गया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद प्रशासन ने दो टूक चेतावनी देते हुए साफ कर दिया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- प्रतापगढ़ के मांधाता विकासखंड स्थित टिकरी गांव में हल्की सी बारिश ने शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। गांव के ही कुछ दबंगों द्वारा जल निकासी वाली सरकारी जमीन पर मिट्टी डालकर नाले को पूरी तरह बंद कर दिए जाने के कारण प्राथमिक विद्यालय पूरी तरह जलमग्न हो गया है। नाली अवरुद्ध होने से बारिश का सारा गंदा पानी बाहर निकलने के बजाय सीधे स्कूल के प्रांगण और बरामदे में लबालब भर गया है। विद्यालय के टापू में तब्दील हो जाने से मासूम बच्चे बदबूदार पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हैं, जिससे जहरीले कीड़े-मकोड़ों, सांपों और बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। प्रदेश सरकार के 'निपुण भारत' और 'पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया' के दावों के बीच शिक्षक भी बेबस नजर आ रहे हैं। सब कुछ जानते हुए भी तहसीलदार, बीडीओ और बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) की ओर से कोई कदम न उठाए जाने पर प्रशासनिक मिलीभगत या लाचारी के सवाल उठ रहे हैं। इस दुर्दशा से आक्रोशित गांव के ग्रामीणों और अभिभावकों ने मांग की है कि सरकारी जमीन से तत्काल अवैध कब्जा हटाकर जल निकासी बहाल की जाए, कब्जा करने वाले दबंगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो और स्कूल परिसर में भरे पानी को तुरंत निकाला जाए। चेतावनी दी गई है कि समय रहते समाधान न होने पर यह गंभीर समस्या बड़े जनाक्रोश का रूप ले सकती है।1
- प्रतापगढ़ के पट्टी पुलिस क्षेत्राधिकारी को सरसीखाम (थाना कंधई) निवासी राजीव कुमार ने प्रार्थना पत्र देकर विपक्षी लोगों पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। राजीव कुमार के अनुसार, बीते 3 जुलाई की सुबह करीब 6:30 बजे स्थगन आदेश होने के बावजूद विपक्षी उनका खेत जोत रहे थे। जब इस पर रोक लगाने की कोशिश की गई, तो करीब आधा दर्जन लोग लाठी-डंडे लेकर और गाली-गलौज करते हुए उनके घर पर चढ़ आए। विरोध करने पर हमलावरों ने राकेश कुमार, राजीव कुमार, सूर सती और रंजना देवी को दौड़ा-दौड़ाकर लाठी-डंडों से पीटा, जिससे राजीव कुमार का हाथ टूट गया। इस वारदात के बाद पीड़ित पक्ष ने कन्धई थाने में घटना की तहरीर दी थी और पीड़ित का मेडिकल परीक्षण भी हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। पुलिस द्वारा रिपोर्ट न दर्ज किए जाने से परेशान होकर पीड़ितों ने पट्टी पुलिस क्षेत्राधिकारी से शिकायत की है, जिन्होंने मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।1
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- गरीबी को पीछे छोड़ प्रतिभा के बल पर सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की छात्रा पूनम ने NEET परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। एक दिहाड़ी मजदूर की बेटी पूनम ने डॉक्टर बनने के अपने सपने की ओर कदम बढ़ाते हुए मेहनत, शिक्षा और लगन की नई मिसाल पेश की है। माननीय मुख्यमंत्री जी की शिक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को साकार करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पूनम की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाया जाएगा। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और योग्य शिक्षकों की उपलब्धता के जरिए झारखंड का शिक्षा मॉडल आज पूरे देश के लिए एक मिसाल पेश कर रहा है।1