प्रतापगढ़ के पट्टी पुलिस क्षेत्राधिकारी को सरसीखाम (थाना कंधई) निवासी राजीव कुमार ने प्रार्थना पत्र देकर विपक्षी लोगों पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। राजीव कुमार के अनुसार, बीते 3 जुलाई की सुबह करीब 6:30 बजे स्थगन आदेश होने के बावजूद विपक्षी उनका खेत जोत रहे थे। जब इस पर रोक लगाने की कोशिश की गई, तो करीब आधा दर्जन लोग लाठी-डंडे लेकर और गाली-गलौज करते हुए उनके घर पर चढ़ आए। विरोध करने पर हमलावरों ने राकेश कुमार, राजीव कुमार, सूर सती और रंजना देवी को दौड़ा-दौड़ाकर लाठी-डंडों से पीटा, जिससे राजीव कुमार का हाथ टूट गया। इस वारदात के बाद पीड़ित पक्ष ने कन्धई थाने में घटना की तहरीर दी थी और पीड़ित का मेडिकल परीक्षण भी हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। पुलिस द्वारा रिपोर्ट न दर्ज किए जाने से परेशान होकर पीड़ितों ने पट्टी पुलिस क्षेत्राधिकारी से शिकायत की है, जिन्होंने मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
प्रतापगढ़ के पट्टी पुलिस क्षेत्राधिकारी को सरसीखाम (थाना कंधई) निवासी राजीव कुमार ने प्रार्थना पत्र देकर विपक्षी लोगों पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। राजीव कुमार के अनुसार, बीते 3 जुलाई की सुबह करीब 6:30 बजे स्थगन आदेश होने के बावजूद विपक्षी उनका खेत जोत रहे थे। जब इस पर रोक लगाने की कोशिश की गई, तो करीब आधा दर्जन लोग लाठी-डंडे लेकर और गाली-गलौज करते हुए उनके घर पर चढ़ आए। विरोध करने पर हमलावरों ने राकेश कुमार, राजीव कुमार, सूर सती और रंजना देवी को दौड़ा-दौड़ाकर लाठी-डंडों से पीटा, जिससे राजीव कुमार का हाथ टूट गया। इस वारदात के बाद पीड़ित पक्ष ने कन्धई थाने में घटना की तहरीर दी थी और पीड़ित का मेडिकल परीक्षण भी हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। पुलिस द्वारा रिपोर्ट न दर्ज किए जाने से परेशान होकर पीड़ितों ने पट्टी पुलिस क्षेत्राधिकारी से शिकायत की है, जिन्होंने मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ शहर स्थित अम्बेडकर चौराहे पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर अपने नेताओं के प्रति समर्थन व्यक्त किया। यह प्रदर्शन कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ आयोजित किया गया था। प्रदर्शन के दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने खजड़ी बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया, नारेबाजी की और सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है, जहाँ विभिन्न दलों के नेता और समर्थक अपने-अपने दृष्टिकोण से प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी दिनों में इस मुद्दे पर सियासी गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।1
- सांसद प्रिया सरोज ने किसी भी जनप्रतिनिधि को बिना स्पष्ट कारण बताए मिलने से रोकने पर प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी जनप्रतिनिधि को किसी से मिलने से रोकना किसी भी तरह से उचित नहीं है। प्रशासनिक रवैये की आलोचना करते हुए सांसद प्रिया सरोज ने कहा कि यदि प्रशासन के पास रोकने का कोई ठोस कारण था, तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को सही मायने में कायम रखने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद आवश्यक है।1
- सुल्तानपुर के देहात कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत भदैया ब्लॉक के कुच मुछ बरगदवा में सूचना मिलने पर प्रतिबंधित वृक्ष की कटान रोकने पहुंचे वन रक्षक ज्ञान सिंह यादव के साथ ठेकेदार शोभनाथ निसाद ने गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी दे डाली। इस मामले में वन विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई भी एक्शन न लिए जाने से वन रक्षक के हौसले स्वयं पस्त हो रहे हैं। ऐसे में यह सवाल खड़ा हो रहा है कि अकेला वन रक्षक खुद को सुरक्षित रखे या प्रकृति की रक्षा करे, क्योंकि जब वन रक्षक ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो वनों की सुरक्षा कैसे संभव होगी। प्रकृति को उजाड़ने वाले लकड़ी ठेकेदारों और जंगल माफिया में कानून का कोई खौफ नहीं रह गया है और वे किसी भी वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार रहते हैं। अधिकारियों की बेरुखी के बीच अकेले वन रक्षक के लिए प्रकृति को संरक्षण देना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।1
- सुलतानपुर में 22 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी छात्र-छात्राओं पर हुए बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज, आँसू गैस के प्रयोग और अभद्रता के विरोध में जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया। मोस्ट प्रदेश निर्णायक कमेटी के बाबू रज्जन प्रसाद के नेतृत्व में एसडीएम सदर गरिमा सोनकिया को यह ज्ञापन सौंपा गया। यह कदम प्रतियोगी छात्रों के समर्थन में उतरे अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी तथा सरकार की बर्बरता के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करने के लिए उठाया गया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नागरिकों द्वारा चुनी गई मोदी सरकार के बर्बर कृत्य से जनता का विश्वास उठ चुका है, इसलिए इस सरकार को तत्काल बर्खास्त किया जाए। इसके साथ ही पेपर लीक के सदमे से जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा देने, लाठीचार्ज में घायल विद्यार्थियों के मुफ्त इलाज और समुचित मुआवजे की मांग की गई है। ज्ञापन में लाठीचार्ज के विरोध में धरने पर बैठे अखिलेश यादव तथा गिरफ्तार किए गए अन्य विपक्षी नेताओं की सुरक्षा बढ़ाने और संविधान के अनुसार काम करने में सक्षम व समर्पित सरकार के गठन की मांग रखी गई है। ज्ञापन देने के दौरान मोस्ट के प्रदेश प्रमुख ज़ीशान अहमद, जनरल सेक्रेटरी राम उजागिर यादव, जिला संयोजक राकेश निषाद, महिला विंग की जिला प्रमुख नंदनी बौद्ध, जिला सचिव आरती बौद्ध, मंजू निषाद, पूनम बौद्ध, स्वर्णलता बौद्ध, मीडिया प्रभारी धर्मेन्द्र निषाद, प्रेम निषाद (राइडर), कैप्टन मोस्ट रक्षक दल रोहित निषाद, इंद्रजीत निषाद, कृष्ण कुमार, सुग्रीव निषाद, दीपक निषाद, धर्मेन्द्र निषाद, विनोद कुमार, रमाकांत यादव और अजय सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।4
- लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने VVIP गेस्ट हाउस के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की कथित टिप्पणी और प्रधानमंत्री आवास को लेकर दिए गए उनके बयान के विरोध में आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक पदों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए भाजपा की ओर से तीखा पलटवार किया गया।1
- सुल्तानपुर पुलिस ने चार अलग-अलग थाना क्षेत्रों से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बुधवार शाम 4 बजे जेल भेज दिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से तीन पर दुष्कर्म और एक पर किशोरी के अपहरण का आरोप दर्ज है। मामले के विवरण के अनुसार, बंधुआकला थाना क्षेत्र के एक गांव में 16 वर्षीय किशोरी से मारपीट और दुष्कर्म करने के आरोपी राहुल (पुत्र मुसई) को थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने टिकरिया से लगड़ी मोड़ की तरफ नहर पटरी से गिरफ्तार किया। वहीं, कुड़वार थाना क्षेत्र के मिठनेपुर निवासी राम जियावन (41, पुत्र राम लखन) को राजापुर चौराहा कुड़वार से पकड़ा गया, जिसके खिलाफ 30 जून को दर्ज अपहरण के मामले में विवेचना के दौरान पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराएं बढ़ाई गई थीं। इसके अलावा, कादीपुर थाना क्षेत्र के मलिकपुर नोनरा निवासी प्रवेश धुरिया (26, पुत्र बलराम धुरिया) को 17 जुलाई को बलात्कार करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में प्रभारी निरीक्षक नारदमुनि सिंह ने पलियादेवापुर से गिरफ्तार किया। चौथी कार्रवाई के तहत, 15 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में पंजाब के भटिंडा निवासी करण (19, पुत्र राजू चौधरी) को धनपतगंज थाना क्षेत्र के टीकर अंडरपास से उपनिरीक्षक अजय कुमार शुक्ला ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।4
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में नहर में बीते 3 दिनों से फंसी एक गर्भवती गंगा डॉल्फिन का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है। इस बचाव अभियान में वन विभाग और गोरखपुर पुलिस की टीम शामिल रही। राप्ती नदी क्षेत्र की नहर में 3 दिन तक फंसी रहने के बाद इस गंगा नदी डॉल्फिन को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सुरक्षित बचा लिया गया है।1
- सुल्तानपुर में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने NEET परीक्षा में हुई कथित धांधली और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया। बुधवार शाम 5 बजे सपा कार्यकर्ताओं ने बस स्टॉप पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अर्थी निकाली। जब तक प्रशासन मौके पर पहुंचकर उन्हें रोकता, कार्यकर्ताओं ने अर्थी को आग के हवाले कर दिया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सपा के जिला सचिव मोहम्मद अब्बास ने सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा में लगातार हो रही धांधली से छात्र बेहद परेशान हैं और जंतर-मंतर पर उन पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में ही यह पुतला दहन किया गया है। अब्बास ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर सादे कपड़ों और बिना नेम प्लेट के पहुंचे लोग पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता थे और यह भाजपा की पूरी तरह से रची गई साजिश थी। जब अब्बास से पूछा गया कि क्या धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से धांधली रुक जाएगी, तो उन्होंने कहा कि यह सरकार सुधरने वाली नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक 2027 में सत्ता परिवर्तन नहीं होगा, तब तक छात्रों और युवाओं को न्याय नहीं मिल सकता। अब्बास ने कहा कि उनकी पार्टी छात्रों और युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।1