मध्य प्रदेश के पांढुर्णा में ब्लॉक और जिला जनपद पंचायत के अंतर्गत कार्यरत ग्राम पंचायत सचिवों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सचिव संगठन के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में सचिवों ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद मीडिया प्रभारी सुभाष काले ने बताया कि सचिवों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की है और सर्वसम्मति से 18 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनाई है, जिन्हें जल्द ही ज्ञापन के माध्यम से शासन के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा। इन मांगों में विशेष रूप से सचिवों के शासन में संविलियन और वेतन विसंगतियों को दूर करने जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं। सरकार के सामने अपनी मांगें रखने के साथ-साथ सचिव संगठन ने अब कानूनी रास्ता अपनाने का भी कड़ा फैसला किया है। इसके तहत प्रदेश के 23 हजार ग्राम पंचायत सचिव व्यक्तिगत रूप से जबलपुर उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे। वर्ष 1995 से अपनी सेवाएं दे रहे ये सचिव अब अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह सजग हो चुके हैं। संगठन ने वेतन विसंगति और सेवा शर्तों में सुधार के अलावा, 70 हजार प्लस वेतन और ग्रेच्युटी जैसे महत्वपूर्ण लाभों की भी पुरजोर मांग उठाई है। सभी सचिवों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए आगामी समय में चरणबद्ध तरीके से अपनी मांगों को मनवाने का संकल्प लिया है।
मध्य प्रदेश के पांढुर्णा में ब्लॉक और जिला जनपद पंचायत के अंतर्गत कार्यरत ग्राम पंचायत सचिवों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सचिव संगठन के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में सचिवों ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद मीडिया प्रभारी सुभाष काले ने बताया कि सचिवों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की है और सर्वसम्मति से 18 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनाई है, जिन्हें जल्द ही ज्ञापन के माध्यम से शासन के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा। इन मांगों में विशेष रूप से सचिवों के शासन में संविलियन और वेतन विसंगतियों को दूर करने जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं। सरकार के सामने अपनी मांगें रखने के साथ-साथ सचिव संगठन ने अब कानूनी रास्ता अपनाने का भी कड़ा फैसला किया है। इसके तहत प्रदेश के 23 हजार ग्राम पंचायत सचिव व्यक्तिगत रूप से जबलपुर उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे। वर्ष 1995 से अपनी सेवाएं दे रहे ये सचिव अब अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह सजग हो चुके हैं। संगठन ने वेतन विसंगति और सेवा शर्तों में सुधार के अलावा, 70 हजार प्लस वेतन और ग्रेच्युटी जैसे महत्वपूर्ण लाभों की भी पुरजोर मांग उठाई है। सभी सचिवों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए आगामी समय में चरणबद्ध तरीके से अपनी मांगों को मनवाने का संकल्प लिया है।
- मध्य प्रदेश के पांढुर्णा में ब्लॉक और जिला जनपद पंचायत के अंतर्गत कार्यरत ग्राम पंचायत सचिवों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सचिव संगठन के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में सचिवों ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद मीडिया प्रभारी सुभाष काले ने बताया कि सचिवों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की है और सर्वसम्मति से 18 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनाई है, जिन्हें जल्द ही ज्ञापन के माध्यम से शासन के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा। इन मांगों में विशेष रूप से सचिवों के शासन में संविलियन और वेतन विसंगतियों को दूर करने जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं। सरकार के सामने अपनी मांगें रखने के साथ-साथ सचिव संगठन ने अब कानूनी रास्ता अपनाने का भी कड़ा फैसला किया है। इसके तहत प्रदेश के 23 हजार ग्राम पंचायत सचिव व्यक्तिगत रूप से जबलपुर उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे। वर्ष 1995 से अपनी सेवाएं दे रहे ये सचिव अब अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह सजग हो चुके हैं। संगठन ने वेतन विसंगति और सेवा शर्तों में सुधार के अलावा, 70 हजार प्लस वेतन और ग्रेच्युटी जैसे महत्वपूर्ण लाभों की भी पुरजोर मांग उठाई है। सभी सचिवों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए आगामी समय में चरणबद्ध तरीके से अपनी मांगों को मनवाने का संकल्प लिया है।1
- बैतूल के कोसमी रेलवे फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर एक युवक का क्षत-विक्षत शव मिलने से सनसनी फैल गई है। यह दिलदहला देने वाली घटना रात में घर से निकलने के बाद हुई, जिसके बाद सुबह युवक की बाइक रेलवे ट्रैक के पास खड़ी मिली और उससे कुछ ही दूरी पर उसका क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी और कोतवाली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक की पहचान अनंत बोरखडे के रूप में की है और मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। जांच के दौरान पुलिस को मृतक के सोशल मीडिया अकाउंट पर कुछ समय पहले की गई दो पोस्ट मिली हैं, जिसमें कथित रूप से लिखा था, "ओके गुड बाय दोस्तों, अगले जन्म मिलेंगे"। पुलिस के अनुसार, परिजनों ने बताया कि मृतक शराब पीने का आदी था और पूर्व में भी वह सोशल मीडिया पर आत्महत्या से जुड़ी पोस्ट साझा कर चुका था। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू पर बारीकी से जांच कर रही है और अनुमान लगाया जा रहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।1
- बैतूल के मुलताई में सूर्यपुत्री मां ताप्ती जन्मोत्सव के पावन अवसर पर जिला कलेक्टर सौरभ कुमार सोनवाने पहुंचे। उन्होंने यहां प्रसिद्ध मां ताप्ती मंदिर में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया और जिलेवासियों व श्रद्धालुओं को इस पावन जन्मोत्सव की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर कलेक्टर सोनवाने ने कहा कि मां ताप्ती जन्मोत्सव आस्था, श्रद्धा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कामना की कि मां ताप्ती का आशीर्वाद सभी श्रद्धालुओं पर बना रहे तथा पूरे जिले में सुख, समृद्धि और खुशहाली का संचार हो।1
- मध्य प्रदेश के मुलताई में सूर्य पुत्री माँ ताप्ती जी का जन्मोत्सव मनाने के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने ताप्ती कुंड में डुबकी लगाकर स्नान किया। माँ ताप्ती के जन्मोत्सव पर शहर में एक भव्य और ऐतिहासिक शोभायात्रा निकाली गई। इस भव्य शोभायात्रा में प्रदेश भर से आए श्रद्धालु शामिल हुए और उन्होंने माँ ताप्ती की पूजा-अर्चना की।2
- छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ नगर में रविवार को जय भीम सामाजिक संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक सामुदायिक भवन में संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य बिछुआ नगर में डॉ. भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति स्थापित करने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर विचार-विमर्श करना था। इसके साथ ही बैठक के दौरान संगठन के विभिन्न पदों पर नियुक्तियां भी की गईं। बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहब की मूर्ति स्थापना से समाज में जागरूकता बढ़ेगी और आने वाली पीढ़ी को उनके विचारों से प्रेरणा मिलेगी। इसके साथ ही संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाने और जरूरतमंदों की मदद करने का संकल्प लिया। बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से जिला प्रमुख शिवम पहाड़े, बिछुआ ब्लॉक महामंत्री दिनेश कोंचे, ब्लॉक अध्यक्ष शंकर चिलाटे और जिला सह सचिव हर्ष सातनकर सहित संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।2
- छिंदवाड़ा के पांढुर्णा में 'संविधान जागरूकता अभियान' के सदस्यों ने देश के राष्ट्रपति के नाम एक महत्वपूर्ण ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के माध्यम से प्रेषित किया है। इस ज्ञापन के जरिए अभियान के सदस्यों ने शिक्षाविद सोनम वांगचुक के लोकतांत्रिक आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया है और उनके साथ हुए व्यवहार पर गहरी पीड़ा और आक्रोश व्यक्त किया है। सदस्यों का कहना है कि सोनम वांगचुक ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित कर दिया है। उनके साथ जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान पुलिस बल द्वारा की गई कार्रवाई न केवल उनके मौलिक अधिकारों का हनन है, बल्कि यह उन लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी प्रहार है जिस पर हमारे देश की नींव टिकी है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 का हवाला देते हुए सदस्यों ने कहा कि यह प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण विरोध और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान करता है। उन्होंने मांग की है कि जब देश का प्रबुद्ध नागरिक सरकार से शिक्षा प्रणाली में सुधार और जनहित की मांग करता है, तो उसे दमनकारी कार्रवाई के बजाय संवाद की मेज पर बुलाया जाना चाहिए। ज्ञापन में सरकार से मांग की गई है कि वह शिक्षा सुधार और पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय प्राथमिकता माने और सोनम वांगचुक के साथ उच्च-स्तरीय बातचीत शुरू करे। साथ ही शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग और दमन की नीति को तत्काल बंद किया जाए। अभियान ने मांग की है कि प्रशासन संविधान के दायरे में रहकर काम करे, किसी भी तरह की असहमति को देशद्रोह न माना जाए और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सभी संबंधित लोगों के साथ मिलकर एक साफ और पारदर्शी कार्ययोजना बनाई जाए। इस अवसर पर जनपद उपाध्यक्ष भीमराव वालके, जनपद सभापति कीर्ति पठाड़े, ताहिर पटेल, राहुल पठाड़े, देवांग पठाड़े, किशोर घोटे, पूर्णिमा गोड़े, चंदा देशभुतार, भूषण पठाड़े और नितिन देवड़ा आदि उपस्थित रहे।1
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिला कांग्रेस में संगठन सृजन कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। इस विवाद को लेकर निलय डागा और सुखदेव पांसे गुट के चार-चार लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1