करौली पुलिस को डबल मर्डर केस में बड़ी सफलता मिली है, जहाँ उन्होंने करीब 7 साल से फरार चल रहे ₹40 हजार के इनामी बदमाश नागेश उर्फ पिंटू को पश्चिम बंगाल के पानागढ़ क्षेत्र के तेलीपाड़ा गांव से गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था और झुंझुनू, नेपाल, छत्तीसगढ़, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश के विभिन्न मंदिरों में पुजारी का वेश धारण कर छिपकर रह रहा था। यह गिरफ्तारी ऑपरेशन “हंता” के तहत स्पेशल टीम और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में संभव हो पाई। इस पूरी कार्रवाई को भरतपुर रेंज के महानिरीक्षक पुलिस कैलाश चंद बिश्नोई के सुपरविजन और करौली पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी और सूचना संकलन में साइबर सेल के कांस्टेबल जगमोहन, डीएसटी के कांस्टेबल सत्येंद्र, कांस्टेबल आकाश सोलंकी और एस.के. कंवर की अहम भूमिका रही।
करौली पुलिस को डबल मर्डर केस में बड़ी सफलता मिली है, जहाँ उन्होंने करीब 7 साल से फरार चल रहे ₹40 हजार के इनामी बदमाश नागेश उर्फ पिंटू को पश्चिम बंगाल के पानागढ़ क्षेत्र के तेलीपाड़ा गांव से गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था और झुंझुनू, नेपाल, छत्तीसगढ़, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश के विभिन्न मंदिरों में पुजारी का वेश धारण कर छिपकर रह रहा था। यह गिरफ्तारी ऑपरेशन “हंता” के तहत स्पेशल टीम और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में संभव हो पाई। इस पूरी कार्रवाई को भरतपुर रेंज के महानिरीक्षक पुलिस कैलाश चंद बिश्नोई के सुपरविजन और करौली पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी और सूचना संकलन में साइबर सेल के कांस्टेबल जगमोहन, डीएसटी के कांस्टेबल सत्येंद्र, कांस्टेबल आकाश सोलंकी और एस.के. कंवर की अहम भूमिका रही।
- हिंडौन सिटी में करौली रोड पर स्थित जलसेन से खरैटा तक जाने वाला मुख्य मार्ग गंभीर रूप से बदहाल और जर्जर स्थिति में पहुँच गया है। वर्षों से टूटी पड़ी इस सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे, उड़ती धूल और अतिक्रमण के कारण लोगों का आवागमन अत्यंत कठिन हो गया है, जिससे लगभग 28 गाँवों का सीधा संपर्क प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन की घोर अनदेखी और लापरवाही को इस बदहाली का कारण बताया है, जिससे यह मार्ग अब परेशानी और दुर्घटनाओं का बड़ा खतरा बन गया है। सड़क संकरी होने और गड्ढों से भरी होने के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं, और मामूली बारिश में भी सड़क पर जलभराव हो जाता है, जिससे स्थिति और बिगड़ जाती है। इस समस्या का सबसे अधिक खामियाजा स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों और आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता धर्मवीर गौतम ने आरोप लगाया है कि प्रशासन की उदासीनता के कारण इन 28 गाँवों का विकास बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वहीं, प्रतिनिधि मंडल के सदस्य नैमीचंद जाटव ने तो यहाँ तक बताया कि आपातकालीन स्थितियों में मरीजों और प्रसूताओं को अस्पताल तक पहुँचाना एक बड़ी चुनौती बन गई है। इन गंभीर समस्याओं को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने एकजुट होकर एसडीएम कार्यालय पहुँचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाकर सड़क का निर्माण करवाने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो 28 गाँवों के लोग बड़ा आंदोलन और चक्का जाम करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान नेमीचंद तेजगांव, ज्ञान सिंह ठेकेदार, शकुंतला देवी पूर्व पार्षद, धर्मसिंह चौहान, भरत सिंह, मुनेश और दरबसिंह सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।1
- करौली शहर के रणगमा ताल स्थित संस्थान कार्यालय प्रजापति छात्रावास पर दक्ष प्रजापति विकास संस्थान की एक बैठक संपन्न हुई। दुर्गालाल प्रजापति की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक का संचालन संयोजक छीतर लाल प्रजापति ने किया। सचिव गंगाराम प्रजापत ने सोमवार दोपहर 3:00 बजे बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रजापति छात्रावास भवन का पुनरुद्धार करना था। इसी क्रम में, छात्रावास के जीर्णोद्धार हेतु सर्वसम्मति से एक छात्रावास विकास समिति का गठन किया गया। इस समिति में माधु लाल प्रजापति को अध्यक्ष, रमेश प्रजापत (महु) को उपाध्यक्ष, रिंकू प्रजापत को सचिव, राजू प्रजापत को प्रचार मंत्री, और दुर्गालाल प्रजापति को निर्माण सलाहकार नियुक्त किया गया। मलुआराम और रामसिंह को समिति सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति को आगामी दो सप्ताह के भीतर छात्रावास में पेयजल, शौचालय, विद्युत फिटिंग और छत की मरम्मत से संबंधित अनुमान (एस्टीमेट) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इस बैठक के दौरान संरक्षक रामेश्वर ठेकेदार, पप्पू उर्फ गणेश हलवाई, मोतीलाल मास्टर, दामोदर, हेमराज हलवाई सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।1
- दौसा जिले के सिकराय ब्लॉक में 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' के तहत घूमना गाँव स्थित माधो सागर बांध और मोरा माता मंदिर पर एक ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विकास अधिकारी देशवीर सिंह और सरपंच संघ अध्यक्ष विपिन मीना की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत मोरा माता मंदिर से निकाली गई एक भव्य कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर पौधारोपण किया गया और पीपल पूजन कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। आयोजन के अंत में, उपस्थित सभी महिला-पुरुषों को जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर विकास अधिकारी देशवीर सिंह ने जल संकट को देखते हुए बारिश के पानी को व्यर्थ न बहने देने की आवश्यकता पर जोर दिया, साथ ही अधिक से अधिक पौधारोपण करके पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की अपील की।4
- धौलपुर जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, सरमथुरा थाना पुलिस ने पिछले दिनों गुम हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को लौटा दिए हैं। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देश पर पूरे जिले में चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत की गई है। सरमथुरा थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह के नेतृत्व में थाना पुलिस ने कुल 29 गुम हुए मोबाइल फोन उनके सही मालिकों को सौंपे। अपने मोबाइल फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे, और उन्होंने पुलिस का धन्यवाद व्यक्त किया।1
- बाड़ी में 'जीवन रक्षा सड़क सुरक्षा' जागरूकता अभियान चलाया गया, जो आईजी भरतपुर रेंज कैलाशचंद विश्नोई और एसपी विकास सांगवान के निर्देश पर संचालित एक विशेष पहल है। बाड़ी थानाप्रभारी देवेंद्र शर्मा और अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद बाड़ी के अध्यक्ष बनवारी सिंह परमार के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान, पूर्व सैनिकों ने दुपहिया और चौपहिया वाहन चालकों से यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की। उन्होंने हेलमेट पहनकर वाहन चला रहे लोगों को फूल भेंटकर प्रोत्साहित किया, वहीं बिना हेलमेट वाले चालकों को सड़क दुर्घटनाओं के गंभीर परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए समझाइश दी। इस महत्वपूर्ण जागरूकता कार्य में यूथ सीएलजी सदस्यों ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया।1
- गंगापुरसिटी के नगर परिषद वार्ड नंबर 5 में काफी दिनों से सीवरेज चैंबरों के ओवरफ्लो होने की गंभीर समस्या बनी हुई है, जिसका अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। मुख्य सड़क पर सीवरेज और चैंबरों से लगातार गंदा पानी और लेटरिंग बह रही है, जिससे रास्ते से निकलने वाले राहगीरों और आसपास के घरों में रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन ओवरफ्लो चैंबरों से भयानक बदबू निकलती है, जिसके कारण लोगों का खाना-पीना तक दूभर हो गया है और विभिन्न प्रकार की बीमारियाँ पनपने का खतरा बढ़ गया है। जागरूक नागरिकों का कहना है कि वे इस स्थिति से अत्यंत परेशान हैं और यह समझ नहीं पा रहे हैं कि अपनी इन समस्याओं के समाधान के लिए आखिर कहाँ जाएँ। उन्होंने प्रशासन से इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने की मांग की है, अन्यथा मजबूर होकर धरने पर बैठने की चेतावनी दी है। उनका आरोप है कि चेंबर ओवरफ्लो होने से आम जनता त्रस्त है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं।1
- हिंडौन सिटी के काका पैलेस में रविवार रात को भारत विकास परिषद की विवेकानंद शाखा का दायित्व ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह की मुख्य अतिथि बयाना की निर्दलीय विधायक डॉ. रितु बनावत रहीं। कार्यक्रम के दौरान एक भजन संध्या का भी आयोजन किया गया। विधायक बनावत ने शाखा की नवीन कार्यकारिणी को उनके दायित्व ग्रहण करवाए। इस अवसर पर शहर के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।3
- राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड जिला मुख्यालय, करौली के तत्वावधान में शहर में 'बंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' चलाया गया। इस अभियान के तहत, करौली शहर में विभिन्न स्थानों पर रैलियां निकालकर आम जनता को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। सीओ स्काउट अनिल कुमार गुप्ता ने सोमवार दोपहर 3 बजे जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान राज्य सरकार के निर्देशानुसार गंगा दशहरे के अवसर पर आयोजित किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि 'ग्रीष्मकालीन अभिरुचि एवं कौशल विकास शिविर' के तहत भी कई कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसके अंतर्गत शहर में जगह-जगह रैलियां निकालकर आमजन को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया। इस जागरूकता अभियान के दौरान शिविर संयोजक साक्षी शर्मा, कमलेश शर्मा, पेंटिंग प्रशिक्षक आशु शर्मा और मेहंदी प्रशिक्षक प्रियंका भारद्वाज सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।1
- गंगापुर सिटी में सोमवार को जैन समाज ने रीवा के निकट हुए सड़क हादसे में आर्यिका श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका उपशममति माताजी के अकाल समाधिमरण के विरोध में "राष्ट्रीय संत सुरक्षा अभियान" के तहत एक ऐतिहासिक मौन जुलूस निकाला। सैकड़ों समाजबंधुओं ने बिना किसी नारेबाजी या प्रदर्शन के शांतिपूर्ण तरीके से संत सुरक्षा की पुरजोर मांग उठाई। जुलूस से पहले सुबह श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में एक विनयांजलि सभा आयोजित की गई, जहाँ णमोकार मंत्र के सामूहिक पाठ और दो मिनट के मौन के साथ दिवंगत संतों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान नरेंद्र जैन नृपत्या ने संतों की सुरक्षा को एक राष्ट्रीय विषय के रूप में रेखांकित किया। इसके उपरांत, पुरुष सफेद वस्त्रों में और महिलाएं केसरिया साड़ियों में सज्जित होकर मंदिर से मिनी सचिवालय तक मौन जुलूस में शामिल हुए। यह जुलूस जैन स्थानक, बालाजी चौक, खारी बाजार, देवी स्टोर चौराहा और सब्जी मंडी होते हुए मिनी सचिवालय पहुँचा, जहाँ समाजबंधुओं के हाथों में संत सुरक्षा संबंधी संदेश लिखे डिस्प्ले बोर्ड थे। मिनी सचिवालय पहुँचकर, दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष प्रवीण जैन गंगवाल और श्वेतांबर जैन समाज अध्यक्ष रितेश पल्लीवाल सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में रीवा हादसे की एसआईटी जांच, राजमार्गों पर "संत सुरक्षा लेन" का निर्माण, विहार मार्गों पर पुलिस पेट्रोलिंग और "संत सुरक्षा कोड" लागू करने सहित कुल छह प्रमुख मांगें प्रस्तुत की गईं। इस अवसर पर तहसीलदार मुकेश शर्मा, कोतवाली थाना प्रभारी करण सिंह राठौड़ समेत डॉक्टर पीसी सेठी, निर्मल जैन, अरिहंत जैन, राजेश गंगवाल, सुभाष जैन पांड्या, देवेंद्र जैन पांड्या, महेश जैन, डॉ. मनोज जैन, मोनिका जैन सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु और महिलाएं मौजूद रहीं।1