दौसा जिले के सिकराय ब्लॉक में 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' के तहत घूमना गाँव स्थित माधो सागर बांध और मोरा माता मंदिर पर एक ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विकास अधिकारी देशवीर सिंह और सरपंच संघ अध्यक्ष विपिन मीना की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत मोरा माता मंदिर से निकाली गई एक भव्य कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर पौधारोपण किया गया और पीपल पूजन कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। आयोजन के अंत में, उपस्थित सभी महिला-पुरुषों को जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर विकास अधिकारी देशवीर सिंह ने जल संकट को देखते हुए बारिश के पानी को व्यर्थ न बहने देने की आवश्यकता पर जोर दिया, साथ ही अधिक से अधिक पौधारोपण करके पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की अपील की।
दौसा जिले के सिकराय ब्लॉक में 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' के तहत घूमना गाँव स्थित माधो सागर बांध और मोरा माता मंदिर पर एक ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विकास अधिकारी देशवीर सिंह और सरपंच संघ अध्यक्ष विपिन मीना की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत मोरा माता मंदिर से निकाली गई एक भव्य कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर पौधारोपण किया गया और पीपल पूजन कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। आयोजन के अंत में, उपस्थित सभी महिला-पुरुषों को जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर विकास अधिकारी देशवीर सिंह ने जल संकट को देखते हुए बारिश के पानी को व्यर्थ न बहने देने की आवश्यकता पर जोर दिया, साथ ही अधिक से अधिक पौधारोपण करके पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की अपील की।
- दौसा जिले के सिकराय ब्लॉक में 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' के तहत घूमना गाँव स्थित माधो सागर बांध और मोरा माता मंदिर पर एक ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विकास अधिकारी देशवीर सिंह और सरपंच संघ अध्यक्ष विपिन मीना की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत मोरा माता मंदिर से निकाली गई एक भव्य कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर पौधारोपण किया गया और पीपल पूजन कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। आयोजन के अंत में, उपस्थित सभी महिला-पुरुषों को जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर विकास अधिकारी देशवीर सिंह ने जल संकट को देखते हुए बारिश के पानी को व्यर्थ न बहने देने की आवश्यकता पर जोर दिया, साथ ही अधिक से अधिक पौधारोपण करके पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की अपील की।4
- करौली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए डबल मर्डर केस में करीब सात साल से फरार चल रहे ₹40 हजार के इनामी बदमाश नागेश उर्फ पिंटू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को पश्चिम बंगाल के पानागढ़ क्षेत्र के तेलीपाड़ा गांव से पकड़ा गया। पुलिस से बचने के लिए नागेश उर्फ पिंटू पुजारी का वेश धारण कर रहा था और झुंझुनू, नेपाल, छत्तीसगढ़, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के अलग-अलग मंदिरों में छिपकर अपनी फरारी काट रहा था। यह गिरफ्तारी 'ऑपरेशन हंता' के तहत स्पेशल टीम और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई के दौरान संभव हुई। इस पूरे ऑपरेशन का सुपरविजन भरतपुर रेंज के महानिरीक्षक पुलिस कैलाश चंद बिश्नोई ने किया, जबकि करौली पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के नेतृत्व में यह कार्रवाई संपन्न हुई। आरोपी की गिरफ्तारी और सूचना संकलन में साइबर सेल के कांस्टेबल जगमोहन, डीएसटी के कांस्टेबल सत्येंद्र, कांस्टेबल आकाश सोलंकी और एस.के. कंवर ने अहम भूमिका निभाई।1
- दौसा में गंगा दशहरे के शुभ अवसर पर सोमवार, 25 मई को गेटोलाव धाम से 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' का जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया। जिला प्रभारी सचिव पीसी किशन की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति आमजन को जागरूक करना था, जिसके लिए कलश यात्रा, पीपल पूजन, पौधारोपण, श्रमदान और जल संरक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, महिलाओं और आम जनता ने बड़ी संख्या में सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम का आगाज एक कलश यात्रा से हुआ, जिसने जल और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक गीत प्रस्तुत किए, वहीं कला जत्था के कलाकारों ने “भाया घर-घर अलख जगा दी, रोको पानी की बर्बादी...” जैसे लोकगीतों के माध्यम से जल संरक्षण के लिए लोगों को प्रेरित किया। प्रभारी सचिव ने उपस्थित सभी लोगों को जल बचाने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया। पीसी किशन सहित अन्य अतिथियों ने गेटोलाव धाम मंदिर में संत दादूदयाल जी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया, जिसके बाद पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण और पीपल पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, जल संचयन और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जल स्रोतों की साफ-सफाई, श्रमदान और स्वच्छता गतिविधियाँ भी की गईं, तथा वन विभाग की ओर से तुलसी के पौधों का वितरण किया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में, जिला प्रभारी सचिव पीसी किशन ने बताया कि दौसा जल उपलब्धता के मामले में एक संवेदनशील जिला है और यहाँ जल संरक्षण व पौधारोपण को जन आंदोलन का रूप देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि वनीकरण को बढ़ावा देकर और पौधारोपण व जल संचयन के जरिए ग्रीन कवर को बढ़ाना होगा, जिसके दूरगामी लाभ प्राप्त होंगे। उन्होंने इसे एक रचनात्मक सरकारी अभियान बताया, जिसकी सफलता जनता की भागीदारी पर निर्भर है, और वर्षा से पूर्व सभी गतिविधियों को पूरा कर अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने कहा कि इस अभियान का लक्ष्य जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने जानकारी दी कि अभियान के पहले दिन जिलेभर में पर्यावरण संरक्षण, वर्षा जल संचयन और स्वच्छता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियाँ सफलतापूर्वक आयोजित की गईं। उन्होंने आमजन से 5 जून तक चलने वाले इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर इसे एक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। पूर्व विधायक शंकरलाल शर्मा और जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला ने भी “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण करने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की। इस कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित, अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार मीणा, जिला परिषद सदस्य नीलम गुर्जर और भूपेंद्र सिंह, गेटोलाव धाम के पुजारी, अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में आम जनता मौजूद रही।1
- हिंडौन सिटी के मोहन नगर स्थित काका पैलेस में रविवार रात को भारत विकास परिषद शाखा विवेकानंद का दायित्व ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बयाना की निर्दलीय विधायक डॉ रितु बनावत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि प्रांतीय अध्यक्ष हेमंत गर्ग ने समारोह की अध्यक्षता की। देवेंद्र जांगिड विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। विधायक बनावत ने भारत विकास परिषद द्वारा सेवा और संस्कार के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने शाखा विवेकानंद की नवीन कार्यकारिणी में शामिल पदाधिकारी और महिला-पुरुष सदस्यों को उनके दायित्वों की शपथ दिलाई। इस अवसर पर एक भजन संध्या का भी आयोजन किया गया। समारोह में परिषद की विवेकानंद शाखा के अध्यक्ष विजय कुमार गुप्ता, सचिव शैलेश गुप्ता, कोषाध्यक्ष देवकी नंदन खंडेलवाल सहित कार्यकारिणी के अन्य महिला-पुरुष सदस्य मौजूद थे। कार्यक्रम के मंच संचालन की जिम्मेदारी मनीष आर्य ने संभाली।1
- गंगापुर सिटी में सोमवार को जैन समाज ने रीवा के निकट हुए सड़क हादसे में आर्यिका श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका उपशममति माताजी के अकाल समाधिमरण के विरोध में "राष्ट्रीय संत सुरक्षा अभियान" के तहत एक ऐतिहासिक मौन जुलूस निकाला। सैकड़ों समाजबंधुओं ने बिना किसी नारेबाजी या प्रदर्शन के शांतिपूर्ण तरीके से संत सुरक्षा की पुरजोर मांग उठाई। जुलूस से पहले सुबह श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में एक विनयांजलि सभा आयोजित की गई, जहाँ णमोकार मंत्र के सामूहिक पाठ और दो मिनट के मौन के साथ दिवंगत संतों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान नरेंद्र जैन नृपत्या ने संतों की सुरक्षा को एक राष्ट्रीय विषय के रूप में रेखांकित किया। इसके उपरांत, पुरुष सफेद वस्त्रों में और महिलाएं केसरिया साड़ियों में सज्जित होकर मंदिर से मिनी सचिवालय तक मौन जुलूस में शामिल हुए। यह जुलूस जैन स्थानक, बालाजी चौक, खारी बाजार, देवी स्टोर चौराहा और सब्जी मंडी होते हुए मिनी सचिवालय पहुँचा, जहाँ समाजबंधुओं के हाथों में संत सुरक्षा संबंधी संदेश लिखे डिस्प्ले बोर्ड थे। मिनी सचिवालय पहुँचकर, दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष प्रवीण जैन गंगवाल और श्वेतांबर जैन समाज अध्यक्ष रितेश पल्लीवाल सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में रीवा हादसे की एसआईटी जांच, राजमार्गों पर "संत सुरक्षा लेन" का निर्माण, विहार मार्गों पर पुलिस पेट्रोलिंग और "संत सुरक्षा कोड" लागू करने सहित कुल छह प्रमुख मांगें प्रस्तुत की गईं। इस अवसर पर तहसीलदार मुकेश शर्मा, कोतवाली थाना प्रभारी करण सिंह राठौड़ समेत डॉक्टर पीसी सेठी, निर्मल जैन, अरिहंत जैन, राजेश गंगवाल, सुभाष जैन पांड्या, देवेंद्र जैन पांड्या, महेश जैन, डॉ. मनोज जैन, मोनिका जैन सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु और महिलाएं मौजूद रहीं।1
- सवाईमाधोपुर जिले की बामनवास तहसील के शफीपुरा ग्राम की बाड़े वाली ढाणी में जिला कलेक्टर द्वारा चलाए जा रहे “रास्ता खोलो अभियान” के तहत एक बड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में लगभग 10 वर्षों से अवरुद्ध पड़े रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। यह अभियान तहसीलदार मेघा मीणा के नेतृत्व में राजस्व टीम और ग्राम पंचायत शफीपुरा की मौजूदगी में सम्पन्न हुआ। रास्ता खुलने से गांव के करीब 200 लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक अहम कदम बताया है।4
- जयपुर के हरमाड़ा थाना क्षेत्र में लोहा मंडी के पास दोपहर करीब 3 बजे एक तेज रफ्तार कार ने सड़क पार कर रहे बाइक सवार दंपती को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में तरुपति विहार निवासी पुष्पेंद्र सिंह और उनकी पत्नी वंदना कंवर बाइक सहित लगभग 20 फीट दूर उछलकर गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही हरमाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों घायल दंपती को अस्पताल में भर्ती करवाया। थानाधिकारी (SHO) उदयभान के अनुसार, टक्कर मारने के बाद कार चालक अपनी गाड़ी को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है और अब फरार ड्राइवर की तलाश में जुट गई है। यह घटना एक बार फिर उजागर करती है कि सड़क पर तेज रफ्तार और लापरवाही कितनी जानलेवा साबित हो सकती है। इस पर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ओवर स्पीडिंग को रोकने के लिए क्या सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।1
- हिंडौन सिटी में करौली रोड पर स्थित जलसेन से खरैटा तक जाने वाला मुख्य मार्ग गंभीर रूप से बदहाल और जर्जर स्थिति में पहुँच गया है। वर्षों से टूटी पड़ी इस सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे, उड़ती धूल और अतिक्रमण के कारण लोगों का आवागमन अत्यंत कठिन हो गया है, जिससे लगभग 28 गाँवों का सीधा संपर्क प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन की घोर अनदेखी और लापरवाही को इस बदहाली का कारण बताया है, जिससे यह मार्ग अब परेशानी और दुर्घटनाओं का बड़ा खतरा बन गया है। सड़क संकरी होने और गड्ढों से भरी होने के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं, और मामूली बारिश में भी सड़क पर जलभराव हो जाता है, जिससे स्थिति और बिगड़ जाती है। इस समस्या का सबसे अधिक खामियाजा स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों और आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता धर्मवीर गौतम ने आरोप लगाया है कि प्रशासन की उदासीनता के कारण इन 28 गाँवों का विकास बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वहीं, प्रतिनिधि मंडल के सदस्य नैमीचंद जाटव ने तो यहाँ तक बताया कि आपातकालीन स्थितियों में मरीजों और प्रसूताओं को अस्पताल तक पहुँचाना एक बड़ी चुनौती बन गई है। इन गंभीर समस्याओं को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने एकजुट होकर एसडीएम कार्यालय पहुँचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाकर सड़क का निर्माण करवाने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो 28 गाँवों के लोग बड़ा आंदोलन और चक्का जाम करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान नेमीचंद तेजगांव, ज्ञान सिंह ठेकेदार, शकुंतला देवी पूर्व पार्षद, धर्मसिंह चौहान, भरत सिंह, मुनेश और दरबसिंह सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।1