दौसा में गंगा दशहरे के शुभ अवसर पर सोमवार, 25 मई को गेटोलाव धाम से 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' का जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया। जिला प्रभारी सचिव पीसी किशन की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति आमजन को जागरूक करना था, जिसके लिए कलश यात्रा, पीपल पूजन, पौधारोपण, श्रमदान और जल संरक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, महिलाओं और आम जनता ने बड़ी संख्या में सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम का आगाज एक कलश यात्रा से हुआ, जिसने जल और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक गीत प्रस्तुत किए, वहीं कला जत्था के कलाकारों ने “भाया घर-घर अलख जगा दी, रोको पानी की बर्बादी...” जैसे लोकगीतों के माध्यम से जल संरक्षण के लिए लोगों को प्रेरित किया। प्रभारी सचिव ने उपस्थित सभी लोगों को जल बचाने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया। पीसी किशन सहित अन्य अतिथियों ने गेटोलाव धाम मंदिर में संत दादूदयाल जी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया, जिसके बाद पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण और पीपल पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, जल संचयन और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जल स्रोतों की साफ-सफाई, श्रमदान और स्वच्छता गतिविधियाँ भी की गईं, तथा वन विभाग की ओर से तुलसी के पौधों का वितरण किया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में, जिला प्रभारी सचिव पीसी किशन ने बताया कि दौसा जल उपलब्धता के मामले में एक संवेदनशील जिला है और यहाँ जल संरक्षण व पौधारोपण को जन आंदोलन का रूप देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि वनीकरण को बढ़ावा देकर और पौधारोपण व जल संचयन के जरिए ग्रीन कवर को बढ़ाना होगा, जिसके दूरगामी लाभ प्राप्त होंगे। उन्होंने इसे एक रचनात्मक सरकारी अभियान बताया, जिसकी सफलता जनता की भागीदारी पर निर्भर है, और वर्षा से पूर्व सभी गतिविधियों को पूरा कर अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने कहा कि इस अभियान का लक्ष्य जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने जानकारी दी कि अभियान के पहले दिन जिलेभर में पर्यावरण संरक्षण, वर्षा जल संचयन और स्वच्छता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियाँ सफलतापूर्वक आयोजित की गईं। उन्होंने आमजन से 5 जून तक चलने वाले इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर इसे एक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। पूर्व विधायक शंकरलाल शर्मा और जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला ने भी “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण करने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की। इस कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित, अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार मीणा, जिला परिषद सदस्य नीलम गुर्जर और भूपेंद्र सिंह, गेटोलाव धाम के पुजारी, अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में आम जनता मौजूद रही।
दौसा में गंगा दशहरे के शुभ अवसर पर सोमवार, 25 मई को गेटोलाव धाम से 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' का जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया। जिला प्रभारी सचिव पीसी किशन की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति आमजन को जागरूक करना था, जिसके लिए कलश यात्रा, पीपल पूजन, पौधारोपण, श्रमदान और जल संरक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, महिलाओं और आम जनता ने बड़ी संख्या में सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम का आगाज एक कलश यात्रा से हुआ, जिसने जल और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक गीत प्रस्तुत किए, वहीं कला जत्था के कलाकारों ने “भाया घर-घर अलख जगा दी, रोको पानी की बर्बादी...” जैसे लोकगीतों के माध्यम से जल संरक्षण के लिए लोगों को प्रेरित किया। प्रभारी सचिव ने उपस्थित सभी लोगों को जल बचाने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया। पीसी किशन सहित अन्य अतिथियों ने गेटोलाव धाम मंदिर में संत दादूदयाल जी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया, जिसके बाद पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण और पीपल पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, जल संचयन और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जल स्रोतों की साफ-सफाई, श्रमदान और स्वच्छता गतिविधियाँ भी की गईं, तथा वन विभाग की ओर से तुलसी के पौधों का वितरण किया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में, जिला प्रभारी सचिव पीसी किशन ने बताया कि दौसा जल उपलब्धता के मामले में एक संवेदनशील जिला है और यहाँ जल संरक्षण व पौधारोपण को जन आंदोलन का रूप देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि वनीकरण को बढ़ावा देकर और पौधारोपण व जल संचयन के जरिए ग्रीन कवर को बढ़ाना होगा, जिसके दूरगामी लाभ प्राप्त होंगे। उन्होंने इसे एक रचनात्मक सरकारी अभियान बताया, जिसकी सफलता जनता की भागीदारी पर निर्भर है, और वर्षा से पूर्व सभी गतिविधियों को पूरा कर अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने कहा कि इस अभियान का लक्ष्य जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने जानकारी दी कि अभियान के पहले दिन जिलेभर में पर्यावरण संरक्षण, वर्षा जल संचयन और स्वच्छता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियाँ सफलतापूर्वक आयोजित की गईं। उन्होंने आमजन से 5 जून तक चलने वाले इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर इसे एक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। पूर्व विधायक शंकरलाल शर्मा और जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला ने भी “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण करने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की। इस कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित, अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार मीणा, जिला परिषद सदस्य नीलम गुर्जर और भूपेंद्र सिंह, गेटोलाव धाम के पुजारी, अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में आम जनता मौजूद रही।
- इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी ने एक वीडियो साझा किया है।1
- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक चलती कार में अचानक आग लग गई। बताया जा रहा है कि कार सवार गुरुग्राम से जयपुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र में खटीक के तिबारे के पास कार से धुआं उठना शुरू हुआ, जो देखते ही देखते भीषण आग में बदल गया। स्थिति को भांपते हुए चालक तुरंत कार से बाहर निकल गया, जिससे उसकी जान बच गई। इसके बाद आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और इतनी प्रचंड थी कि वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। यह घटना एक्सप्रेसवे पर बढ़ती ऐसी घटनाओं के कारणों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करती है।2
- राजस्थान पेंशनर्स समाज की उप शाखा लालसोट ने अध्यक्ष सुरेश त्रिवेदी के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के ज़रिए पेंशनर्स ने आरजीएचएस योजना के तहत निशुल्क चिकित्सा सुविधा नियमित रूप से उपलब्ध कराने की प्रमुख मांग उठाई है। पेंशनर्स ने अपनी अन्य समस्याओं के भी शीघ्र समाधान की पुरजोर मांग की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पेंशनर्स मौजूद रहे।2
- बाड़ श्यामपुर का बांध पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है, जहाँ पिछली बरसात में ही उसके अंदर से पत्थर निकल गए थे। यह गंभीर स्थिति अब और चिंताजनक हो गई है, क्योंकि बारिश का समय वापस आ रहा है। अगर इस समय पर बांध का निर्माण या मरम्मत नहीं करवाई गई, तो इसके टूटने से 10 से 15 गांवों में भीषण बाढ़ आने का खतरा है, जिससे बहुत बड़ा नुकसान हो जाएगा। इसी के मद्देनजर, अधिकारियों से इसकी मरम्मत जल्द से जल्द करवाने का आग्रह किया गया है। चेतावनी दी गई है कि यदि इस मामले पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया और बांध टूट गया, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्तियों की होगी।1
- सवाईमाधोपुर जिले की बामनवास तहसील के शफीपुरा ग्राम की बाड़े वाली ढाणी में जिला कलेक्टर द्वारा चलाए जा रहे “रास्ता खोलो अभियान” के तहत एक बड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में लगभग 10 वर्षों से अवरुद्ध पड़े रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। यह अभियान तहसीलदार मेघा मीणा के नेतृत्व में राजस्व टीम और ग्राम पंचायत शफीपुरा की मौजूदगी में सम्पन्न हुआ। रास्ता खुलने से गांव के करीब 200 लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक अहम कदम बताया है।4
- जयपुर के हरमाड़ा थाना इलाके में लोहा मंडी के पास रविवार दोपहर करीब 3 बजे एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार पति-पत्नी को टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में दोनों पति-पत्नी उछलकर लगभग 20 फीट दूर जा गिरे, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। बाइक सवार की पहचान तरुपति विहार निवासी पुष्पेंद्र सिंह और उनकी पत्नी वंदना कंवर के रूप में की गई है।1
- बस्सी में विकास के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई को कथित तौर पर 'लावारिस खजाना' मानकर भ्रष्टाचार की फसल काटी जा रही है। बिना किसी तकनीकी निगरानी के करोड़ों रुपये बेतरतीब ढंग से उलीचकर बस्सी को लूटा जा रहा है। भ्रष्टाचार से जुड़े सवालों पर जब इन 'सरकारी छत्रपालों' को बुलाया जाता है, तो उनमें फोन उठाने या मौके पर जाकर लोगों का सामना करने की हिम्मत नहीं है। बस्सी की जनता सीधे पूछ रही है कि भ्रष्टाचार के इन सवालों से भागने वाले अधिकारी भगौड़े हैं या बेशर्म?1
- उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ नेशनल हाईवे पर बकरियों से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। कोखराज थाना क्षेत्र के टेढ़ी मोड़ के पास हुए इस हादसे के बाद, घायलों की मदद करने के बजाय, मौके पर मौजूद लोग बकरियां उठाकर ले जाते हुए दिखे और उन्हें लूटने की होड़ मच गई। बकरियों की इस लूट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने हाईवे से पलटे हुए ट्रक को हटवाने का काम भी शुरू कर दिया है और पूरे मामले की जाँच की जा रही है। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हादसों के वक्त इंसानियत पीछे छूटती जा रही है।1
- पानी के गंभीर संकट को लेकर कांग्रेस ने जल भवन का घेराव किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध प्रदर्शित करते हुए घड़े फोड़े और अपनी नाराजगी व्यक्त की।1