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सवाईमाधोपुर जिले की बामनवास तहसील के शफीपुरा ग्राम की बाड़े वाली ढाणी में जिला कलेक्टर द्वारा चलाए जा रहे “रास्ता खोलो अभियान” के तहत एक बड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में लगभग 10 वर्षों से अवरुद्ध पड़े रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। यह अभियान तहसीलदार मेघा मीणा के नेतृत्व में राजस्व टीम और ग्राम पंचायत शफीपुरा की मौजूदगी में सम्पन्न हुआ। रास्ता खुलने से गांव के करीब 200 लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक अहम कदम बताया है।
Sudeep Kumar Gaur
सवाईमाधोपुर जिले की बामनवास तहसील के शफीपुरा ग्राम की बाड़े वाली ढाणी में जिला कलेक्टर द्वारा चलाए जा रहे “रास्ता खोलो अभियान” के तहत एक बड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में लगभग 10 वर्षों से अवरुद्ध पड़े रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। यह अभियान तहसीलदार मेघा मीणा के नेतृत्व में राजस्व टीम और ग्राम पंचायत शफीपुरा की मौजूदगी में सम्पन्न हुआ। रास्ता खुलने से गांव के करीब 200 लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक अहम कदम बताया है।
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- गंगापुर सिटी और आसपास के इलाकों में पिछले चार-पांच दिनों से भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पिछले तीन-चार दिनों से अधिकतम तापमान लगातार 44 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है। सुबह सूरज निकलने के साथ ही गर्मी का असर महसूस होने लगता है और सुबह 11 बजे तक सूरज आग उगलने लगता है। दोपहर होते-होते धरती तपने लगती है और लू के तेज थपेड़े लोगों को बेहाल कर रहे हैं। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है, लोग केवल बहुत जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। शाम ढलने के बाद ही बाजारों में कुछ चहल-पहल दिखाई देती है। रात में भी गर्मी से कोई राहत नहीं मिल रही है, जिससे लोग ठीक से सो नहीं पा रहे हैं। इस भीषण गर्मी का सबसे अधिक असर दिहाड़ी मजदूरों, राहगीरों और शादी-विवाह वाले घरों में आने-जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है। कूलर और पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे हैं, जिससे लोग थोड़ी-थोड़ी देर में छांव और ठंडे पानी की तलाश में रहते हैं। बाजारों में पंखे, कूलर और ठंडे पेय पदार्थों की मांग काफी बढ़ गई है। भीषण गर्मी का असर पशु-पक्षियों पर भी साफ दिख रहा है, जहां मवेशी पेड़ों की छांव में जमावड़ा लगाए हुए हैं और पक्षी पानी की तलाश में भटक रहे हैं। बढ़ते तापमान के कारण लोग मौसमी बीमारियों और हीट स्ट्रोक की चपेट में आने लगे हैं। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि लोग दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और हल्के सूती कपड़े पहनें ताकि गर्मी के दुष्प्रभावों से बचा जा सके।1
- राजस्थान पेंशनर्स समाज की उप शाखा लालसोट ने अध्यक्ष सुरेश त्रिवेदी के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के ज़रिए पेंशनर्स ने आरजीएचएस योजना के तहत निशुल्क चिकित्सा सुविधा नियमित रूप से उपलब्ध कराने की प्रमुख मांग उठाई है। पेंशनर्स ने अपनी अन्य समस्याओं के भी शीघ्र समाधान की पुरजोर मांग की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पेंशनर्स मौजूद रहे।2
- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक चलती कार में अचानक आग लग गई। बताया जा रहा है कि कार सवार गुरुग्राम से जयपुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र में खटीक के तिबारे के पास कार से धुआं उठना शुरू हुआ, जो देखते ही देखते भीषण आग में बदल गया। स्थिति को भांपते हुए चालक तुरंत कार से बाहर निकल गया, जिससे उसकी जान बच गई। इसके बाद आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और इतनी प्रचंड थी कि वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। यह घटना एक्सप्रेसवे पर बढ़ती ऐसी घटनाओं के कारणों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करती है।2
- मलारना डूंगर उपखंड के रघुवंठी गांव में देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक ओवरलोड तूड़ी के ट्रक ने बिजली के खंभे को टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर से बिजली का खंभा बीच में से टूटकर ओवरलोड ट्रक पर ही जा गिरा। ट्रक में छह लोग सवार थे, जो बाल-बाल बच गए। दुर्घटना के समय खंभे और तारों में बिजली सुचारू थी, लेकिन टक्कर के तुरंत बाद लाइट कट गई, जिससे बड़ा अनर्थ होने से बच गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह घटना देर रात हुई, अन्यथा यदि यह दिन या शाम के समय घटित होती तो दुकानों पर आने-जाने वाले लोगों की भीड़ और हाडोती, सपोटरा, मलारना स्टेशन जाने वाले वाहनों का आवागमन अधिक होने के कारण एक बहुत बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। हादसे के तुरंत बाद गांव के लोगों ने बिजली विभाग के फीडर इंचार्ज शेर सिंह मीणा को सूचना दी। जानकारी मिलने पर शेर सिंह मीणा ने तीन गांवों श्यामोली, रघुवंठी और कोथाली की बिजली आपूर्ति को लगभग तीन से चार घंटे के लिए बंद कर दिया। वे अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी टीम और ब्राह्मणों की मदद से दूसरा खंभा लगाकर बिजली व्यवस्था को सुचारू किया।1
- दौसा में गंगा दशहरे के शुभ अवसर पर सोमवार, 25 मई को गेटोलाव धाम से 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' का जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया। जिला प्रभारी सचिव पीसी किशन की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति आमजन को जागरूक करना था, जिसके लिए कलश यात्रा, पीपल पूजन, पौधारोपण, श्रमदान और जल संरक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, महिलाओं और आम जनता ने बड़ी संख्या में सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम का आगाज एक कलश यात्रा से हुआ, जिसने जल और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक गीत प्रस्तुत किए, वहीं कला जत्था के कलाकारों ने “भाया घर-घर अलख जगा दी, रोको पानी की बर्बादी...” जैसे लोकगीतों के माध्यम से जल संरक्षण के लिए लोगों को प्रेरित किया। प्रभारी सचिव ने उपस्थित सभी लोगों को जल बचाने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया। पीसी किशन सहित अन्य अतिथियों ने गेटोलाव धाम मंदिर में संत दादूदयाल जी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया, जिसके बाद पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण और पीपल पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, जल संचयन और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जल स्रोतों की साफ-सफाई, श्रमदान और स्वच्छता गतिविधियाँ भी की गईं, तथा वन विभाग की ओर से तुलसी के पौधों का वितरण किया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में, जिला प्रभारी सचिव पीसी किशन ने बताया कि दौसा जल उपलब्धता के मामले में एक संवेदनशील जिला है और यहाँ जल संरक्षण व पौधारोपण को जन आंदोलन का रूप देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि वनीकरण को बढ़ावा देकर और पौधारोपण व जल संचयन के जरिए ग्रीन कवर को बढ़ाना होगा, जिसके दूरगामी लाभ प्राप्त होंगे। उन्होंने इसे एक रचनात्मक सरकारी अभियान बताया, जिसकी सफलता जनता की भागीदारी पर निर्भर है, और वर्षा से पूर्व सभी गतिविधियों को पूरा कर अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने कहा कि इस अभियान का लक्ष्य जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने जानकारी दी कि अभियान के पहले दिन जिलेभर में पर्यावरण संरक्षण, वर्षा जल संचयन और स्वच्छता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियाँ सफलतापूर्वक आयोजित की गईं। उन्होंने आमजन से 5 जून तक चलने वाले इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर इसे एक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। पूर्व विधायक शंकरलाल शर्मा और जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला ने भी “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण करने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की। इस कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित, अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार मीणा, जिला परिषद सदस्य नीलम गुर्जर और भूपेंद्र सिंह, गेटोलाव धाम के पुजारी, अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में आम जनता मौजूद रही।1
- दौसा जिले के सिकराय ब्लॉक में 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' के तहत घूमना गाँव स्थित माधो सागर बांध और मोरा माता मंदिर पर एक ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विकास अधिकारी देशवीर सिंह और सरपंच संघ अध्यक्ष विपिन मीना की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत मोरा माता मंदिर से निकाली गई एक भव्य कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर पौधारोपण किया गया और पीपल पूजन कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। आयोजन के अंत में, उपस्थित सभी महिला-पुरुषों को जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर विकास अधिकारी देशवीर सिंह ने जल संकट को देखते हुए बारिश के पानी को व्यर्थ न बहने देने की आवश्यकता पर जोर दिया, साथ ही अधिक से अधिक पौधारोपण करके पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की अपील की।4
- सवाई माधोपुर जिले की गंगापुर सिटी में 24 मई 2025 को प्रातः 10:00 बजे गुलकंदी देवी आदर्श विद्या मंदिर प्रांगण में 'पर्यावरण संरक्षण राष्ट्र संरक्षण' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह 'पर्यावरण संरक्षण गतिविधि' शांति पाठ के साथ शुरू हुई, जिसका प्रमुख उद्देश्य "आओ मिलकर संकल्प लें, पर्यावरण बचाएं- भविष्य संवारें" था। इस कार्यक्रम में जयपुर प्रांत के प्रांत पर्यावरण संयोजक श्री अशोक कुमार जी मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ प्रांत गौ सेवा प्रमुख श्री बहादुर सिंह जी गुर्जर, राजेश जी खंडेलवाल, जिला गौ सेवा प्रमुख ऋषि जी सोनी, पर्यावरण संयोजक विभाग सवाई माधोपुर के श्री भगवान सिंह जी, नगर पर्यावरण संयोजक गंगापुर सिटी और जिला पर्यावरण संयोजक सवाई माधोपुर के श्री राजकुमार जी उपाध्याय भी विशेष आमंत्रित थे। मानव सेवा संस्थान के सम्मानित पदाधिकारी, जिनमें अध्यक्ष श्री दिनेश जी करणपुर, सचिव डॉक्टर राहुल गुप्ता, सहसचिव मोहित जी जैन और कोषाध्यक्ष विनोद जी आपणों मार्ट शामिल थे, भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। पूर्व सभापति श्रीमती संगीता बोहरा, जिला समन्वयक महिला संयोजिका श्रीमती अंजना रावत जी और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्य अतिथि श्री अशोक जी शर्मा ने मानव सेवा संस्थान के पदाधिकारियों को एक परिंडा देकर उन्हें पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से राष्ट्र संरक्षण से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में दी गई बातों पर गंभीरता से विचार विमर्श करने और अन्य लोगों को भी इस नेक कार्य के लिए प्रेरित करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का समापन कल्याण मंत्र के उच्चारण के साथ हुआ, जिसमें 'जय श्री राधे जय श्री कृष्णा जय गौ माता जय गोपाल श्री हरि इच्छा बलवान' के भक्तिपूर्ण संदेश के साथ पर्यावरण और राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव व्यक्त किया गया।1
- गंगापुर सिटी में सभी पेट्रोलियम कंपनियों ने शनिवार से पेट्रोल और डीजल की नई दरें लागू कर दी हैं, जिसके बाद पेट्रोल ₹110.61 प्रति लीटर और डीजल ₹95.73 प्रति लीटर पर पहुँच गया है। नवीनतम बढ़ोतरी में पेट्रोल पर 93 पैसे और डीजल पर 92 पैसे का इजाफा हुआ है। इससे पहले भी पेट्रोल पर 94 पैसे और डीजल पर 91 पैसे की वृद्धि हुई थी, जबकि 15 मई को पेट्रोल में ₹3.24 और डीजल में ₹3.01 प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की गई थी। राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के सदस्य और डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर दीपक नरूका ने बताया कि इन नई दरों के लागू होने से सादा पेट्रोल ₹110.61 और डीजल ₹95.73 प्रति लीटर हो गया है। 15 मई से पहले गंगापुर सिटी में पेट्रोल ₹108.74 और डीजल ₹90.89 प्रति लीटर बिक रहा था। वहीं, एक्स्ट्रा पेट्रोल की कीमत भी ₹114.80 प्रति लीटर से बढ़कर ₹119.92 प्रति लीटर हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को इस मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण बताया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि के साथ-साथ मध्य पूर्व में जारी तनाव को भी पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों की एक बड़ी वजह माना जा रहा है। नई दरों के लागू होने के बाद वाहन चालकों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ गई है। आशंका है कि आने वाले दिनों में माल ढुलाई का खर्च बढ़ सकता है, जिसका सीधा असर बाजार की कीमतों पर भी दिखाई देगा। विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि वर्तमान स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की दरों में और बढ़ोतरी हो सकती है।1
- उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ नेशनल हाईवे पर बकरियों से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। कोखराज थाना क्षेत्र के टेढ़ी मोड़ के पास हुए इस हादसे के बाद, घायलों की मदद करने के बजाय, मौके पर मौजूद लोग बकरियां उठाकर ले जाते हुए दिखे और उन्हें लूटने की होड़ मच गई। बकरियों की इस लूट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने हाईवे से पलटे हुए ट्रक को हटवाने का काम भी शुरू कर दिया है और पूरे मामले की जाँच की जा रही है। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हादसों के वक्त इंसानियत पीछे छूटती जा रही है।1