जयपुर के हरमाड़ा थाना क्षेत्र में लोहा मंडी के पास दोपहर करीब 3 बजे एक तेज रफ्तार कार ने सड़क पार कर रहे बाइक सवार दंपती को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में तरुपति विहार निवासी पुष्पेंद्र सिंह और उनकी पत्नी वंदना कंवर बाइक सहित लगभग 20 फीट दूर उछलकर गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही हरमाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों घायल दंपती को अस्पताल में भर्ती करवाया। थानाधिकारी (SHO) उदयभान के अनुसार, टक्कर मारने के बाद कार चालक अपनी गाड़ी को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है और अब फरार ड्राइवर की तलाश में जुट गई है। यह घटना एक बार फिर उजागर करती है कि सड़क पर तेज रफ्तार और लापरवाही कितनी जानलेवा साबित हो सकती है। इस पर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ओवर स्पीडिंग को रोकने के लिए क्या सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
जयपुर के हरमाड़ा थाना क्षेत्र में लोहा मंडी के पास दोपहर करीब 3 बजे एक तेज रफ्तार कार ने सड़क पार कर रहे बाइक सवार दंपती को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में तरुपति विहार निवासी पुष्पेंद्र सिंह और उनकी पत्नी वंदना कंवर बाइक सहित लगभग 20 फीट दूर उछलकर गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही हरमाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों घायल दंपती को अस्पताल में भर्ती करवाया। थानाधिकारी (SHO) उदयभान के अनुसार, टक्कर मारने के बाद कार चालक अपनी गाड़ी को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है और अब फरार ड्राइवर की तलाश में जुट गई है। यह घटना एक बार फिर उजागर करती है कि सड़क पर तेज रफ्तार और लापरवाही कितनी जानलेवा साबित हो सकती है। इस पर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ओवर स्पीडिंग को रोकने के लिए क्या सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
- जयपुर के हरमाड़ा थाना क्षेत्र में लोहा मंडी के पास दोपहर करीब 3 बजे एक तेज रफ्तार कार ने सड़क पार कर रहे बाइक सवार दंपती को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में तरुपति विहार निवासी पुष्पेंद्र सिंह और उनकी पत्नी वंदना कंवर बाइक सहित लगभग 20 फीट दूर उछलकर गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही हरमाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों घायल दंपती को अस्पताल में भर्ती करवाया। थानाधिकारी (SHO) उदयभान के अनुसार, टक्कर मारने के बाद कार चालक अपनी गाड़ी को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है और अब फरार ड्राइवर की तलाश में जुट गई है। यह घटना एक बार फिर उजागर करती है कि सड़क पर तेज रफ्तार और लापरवाही कितनी जानलेवा साबित हो सकती है। इस पर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ओवर स्पीडिंग को रोकने के लिए क्या सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।1
- गंगा दशमी के शुभ अवसर पर लालसोट के कपिल आश्रम चांदसेन में सोमवार को एक संगीतमय सुंदरकांड पाठ और कन्या भोज कार्यक्रम श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और धर्म लाभ अर्जित किया। पंडित नरसी शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के तहत पहले संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया और इसके उपरांत कन्या भोज भी कराया गया।3
- लालसोट नगर परिषद क्षेत्र में स्थित गरीबों के गिरधारी महाराज मंदिर में गंगा दशमी के पावन अवसर पर रविवार को श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह मंगला आरती से लेकर देर रात्रि तक, पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। मंदिर में दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राधे-कृष्ण का दीदार कर सुख-समृद्धि एवं अपने परिवार की खुशहाली की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर "जय श्री राधे", "हरे कृष्ण" और "गरीबों के गिरधारी महाराज की जय" जैसे जयकारों से गुंजायमान हो उठा। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने भजन-कीर्तन में बढ़-चढ़कर भाग लिया। श्रद्धालुओं ने गंगा दशमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस दिन भगवान की भक्ति और सेवा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, फूल बंगला झांकी और प्रसादी वितरण जैसे धार्मिक आयोजनों की भी व्यवस्था की गई थी, जिसके चलते भक्तों की लंबी कतारें देर तक लगी रहीं। कई श्रद्धालु दूर-दराज के क्षेत्रों से भी मंदिर पहुंचकर इस भक्ति रस में सराबोर नजर आए। मंदिर से जुड़े भक्तों ने जानकारी दी कि अधिक मास और गंगा दशमी जैसे पावन पर्वों पर गरीबों के गिरधारी महाराज मंदिर श्रद्धा और आस्था का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है, जहाँ प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इस धार्मिक आयोजन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया, ऐसा प्रतीत हुआ मानो लालसोट की धरती स्वयं भक्ति के रंग में रंग गई हो।1
- दौसा में गंगा दशहरे के शुभ अवसर पर सोमवार, 25 मई को गेटोलाव धाम से 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' का जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया। जिला प्रभारी सचिव पीसी किशन की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति आमजन को जागरूक करना था, जिसके लिए कलश यात्रा, पीपल पूजन, पौधारोपण, श्रमदान और जल संरक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, महिलाओं और आम जनता ने बड़ी संख्या में सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम का आगाज एक कलश यात्रा से हुआ, जिसने जल और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक गीत प्रस्तुत किए, वहीं कला जत्था के कलाकारों ने “भाया घर-घर अलख जगा दी, रोको पानी की बर्बादी...” जैसे लोकगीतों के माध्यम से जल संरक्षण के लिए लोगों को प्रेरित किया। प्रभारी सचिव ने उपस्थित सभी लोगों को जल बचाने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया। पीसी किशन सहित अन्य अतिथियों ने गेटोलाव धाम मंदिर में संत दादूदयाल जी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया, जिसके बाद पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण और पीपल पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, जल संचयन और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जल स्रोतों की साफ-सफाई, श्रमदान और स्वच्छता गतिविधियाँ भी की गईं, तथा वन विभाग की ओर से तुलसी के पौधों का वितरण किया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में, जिला प्रभारी सचिव पीसी किशन ने बताया कि दौसा जल उपलब्धता के मामले में एक संवेदनशील जिला है और यहाँ जल संरक्षण व पौधारोपण को जन आंदोलन का रूप देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि वनीकरण को बढ़ावा देकर और पौधारोपण व जल संचयन के जरिए ग्रीन कवर को बढ़ाना होगा, जिसके दूरगामी लाभ प्राप्त होंगे। उन्होंने इसे एक रचनात्मक सरकारी अभियान बताया, जिसकी सफलता जनता की भागीदारी पर निर्भर है, और वर्षा से पूर्व सभी गतिविधियों को पूरा कर अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने कहा कि इस अभियान का लक्ष्य जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने जानकारी दी कि अभियान के पहले दिन जिलेभर में पर्यावरण संरक्षण, वर्षा जल संचयन और स्वच्छता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियाँ सफलतापूर्वक आयोजित की गईं। उन्होंने आमजन से 5 जून तक चलने वाले इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर इसे एक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। पूर्व विधायक शंकरलाल शर्मा और जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला ने भी “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण करने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की। इस कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित, अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार मीणा, जिला परिषद सदस्य नीलम गुर्जर और भूपेंद्र सिंह, गेटोलाव धाम के पुजारी, अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में आम जनता मौजूद रही।1
- सवाईमाधोपुर जिले की बामनवास तहसील के शफीपुरा ग्राम की बाड़े वाली ढाणी में जिला कलेक्टर द्वारा चलाए जा रहे “रास्ता खोलो अभियान” के तहत एक बड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में लगभग 10 वर्षों से अवरुद्ध पड़े रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। यह अभियान तहसीलदार मेघा मीणा के नेतृत्व में राजस्व टीम और ग्राम पंचायत शफीपुरा की मौजूदगी में सम्पन्न हुआ। रास्ता खुलने से गांव के करीब 200 लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक अहम कदम बताया है।4
- बाड़ श्यामपुर का बांध पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है, जहाँ पिछली बरसात में ही उसके अंदर से पत्थर निकल गए थे। यह गंभीर स्थिति अब और चिंताजनक हो गई है, क्योंकि बारिश का समय वापस आ रहा है। अगर इस समय पर बांध का निर्माण या मरम्मत नहीं करवाई गई, तो इसके टूटने से 10 से 15 गांवों में भीषण बाढ़ आने का खतरा है, जिससे बहुत बड़ा नुकसान हो जाएगा। इसी के मद्देनजर, अधिकारियों से इसकी मरम्मत जल्द से जल्द करवाने का आग्रह किया गया है। चेतावनी दी गई है कि यदि इस मामले पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया और बांध टूट गया, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्तियों की होगी।1
- मंत्री दिलावर को रोडवेज बस में यात्रा करते हुए देखा गया। लोगों ने इस सफर के संबंध में जानकारी दी।1
- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक चलती कार में अचानक आग लग गई। बताया जा रहा है कि कार सवार गुरुग्राम से जयपुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र में खटीक के तिबारे के पास कार से धुआं उठना शुरू हुआ, जो देखते ही देखते भीषण आग में बदल गया। स्थिति को भांपते हुए चालक तुरंत कार से बाहर निकल गया, जिससे उसकी जान बच गई। इसके बाद आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और इतनी प्रचंड थी कि वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। यह घटना एक्सप्रेसवे पर बढ़ती ऐसी घटनाओं के कारणों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करती है।2