बाइक छुड़ाने के लिए गिरवी रख दी पुश्तैनी जमीन! बरही में गरीब आदिवासी परिवार की बेबसी ने रुलाया, 10 हजार के लिए दांव पर लगी एक एकड़ खेती कटनी। बरही थाना क्षेत्र से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक गरीब आदिवासी परिवार को पुलिस द्वारा जब्त की गई मोटरसाइकिल छुड़ाने के लिए अपनी पुश्तैनी एक एकड़ जमीन तक गिरवी रखनी पड़ गई। यह मामला अब सिर्फ पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गरीबी, कानून और संवेदनशीलता के बीच गहराते संघर्ष की बड़ी तस्वीर बनकर सामने आया है। जानकारी के अनुसार, भजिया गांव निवासी विक्रम कोल बीते 6 मई को अपने रिश्तेदारों को शादी का कार्ड देने पिपरिया कला जा रहा था। इसी दौरान बरही पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। पुलिस ने विक्रम को रोककर जांच की और धारा 185 के तहत नशे में वाहन चलाने का मामला दर्ज करते हुए उसकी बाइक जब्त कर ली। बाइक बनी परिवार की मजबूरी ग्रामीण इलाके में मोटरसाइकिल केवल सफर का साधन नहीं होती, बल्कि खेती, इलाज, मजदूरी और रोजमर्रा की जरूरतों का सबसे बड़ा सहारा होती है। बाइक जब्त होने के बाद विक्रम और उसका परिवार गहरे संकट में आ गया। कोर्ट प्रक्रिया, जुर्माना और अन्य खर्चों के लिए करीब 10 हजार रुपये से अधिक की व्यवस्था करना परिवार के लिए नामुमकिन साबित हुआ। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार ने आखिरकार गांव के ही एक व्यक्ति के पास अपनी एक एकड़ कृषि भूमि गिरवी रख दी। बताया जा रहा है कि जब परिजन जमीन के दस्तावेज और उधार में मिले पैसे लेकर थाने पहुंचे, तो वहां मौजूद लोग भी उनकी हालत देखकर भावुक हो उठे। एक बाइक की कीमत बनी जमीन जिस जमीन से परिवार का घर चलता था, वही जमीन अब बाइक छुड़ाने की कीमत बन गई। गांव में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे गरीब परिवार की मजबूरी और व्यवस्था की कठोरता दोनों से जोड़कर देख रहे हैं। पुलिस बोली— कार्रवाई नियमों के तहत बरही थाने में पदस्थ एसआई विनोद कांत ने बताया कि वाहन चेकिंग के दौरान धारा 185 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई थी। चूंकि मामला दर्ज हो चुका है, इसलिए वाहन की सुपुर्दगी न्यायालय प्रक्रिया के बाद ही संभव है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने केवल अपना निर्धारित कर्तव्य निभाया है। अब उठ रहे बड़े सवाल इस घटना के बाद कई सवाल लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं— • क्या गरीबों के लिए न्याय प्रक्रिया इतनी महंगी हो चुकी है कि उन्हें अपनी जमीन तक गिरवी रखनी पड़े? • क्या कानून के साथ मानवीय संवेदनशीलता की जरूरत नहीं है? • क्या आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए राहत या विधिक सहायता की व्यवस्था होनी चाहिए? व्यवस्था पर उठे सवाल बरही की यह घटना सिर्फ एक बाइक जब्ती की कहानी नहीं, बल्कि उस दर्दनाक सच्चाई की तस्वीर है जहां एक गरीब परिवार को छोटी सी कानूनी प्रक्रिया के लिए अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा सहारा दांव पर लगाना पड़ता है। कानून अपना काम कर रहा था, लेकिन एक गरीब परिवार की जिंदगी बिखरती नजर आ रही थी।
बाइक छुड़ाने के लिए गिरवी रख दी पुश्तैनी जमीन! बरही में गरीब आदिवासी परिवार की बेबसी ने रुलाया, 10 हजार के लिए दांव पर लगी एक एकड़ खेती कटनी। बरही थाना क्षेत्र से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक गरीब आदिवासी परिवार को पुलिस द्वारा जब्त की गई मोटरसाइकिल छुड़ाने के लिए अपनी पुश्तैनी एक एकड़ जमीन तक गिरवी रखनी पड़ गई। यह मामला अब सिर्फ पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गरीबी, कानून और संवेदनशीलता के बीच गहराते संघर्ष की बड़ी तस्वीर बनकर सामने आया है। जानकारी के अनुसार, भजिया गांव निवासी विक्रम कोल बीते 6 मई को अपने रिश्तेदारों को शादी का कार्ड देने पिपरिया कला जा रहा था। इसी दौरान बरही पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। पुलिस ने विक्रम को रोककर जांच की और धारा 185 के तहत नशे में वाहन चलाने का मामला दर्ज करते हुए उसकी बाइक जब्त कर ली। बाइक बनी परिवार की मजबूरी ग्रामीण इलाके में मोटरसाइकिल केवल सफर का साधन नहीं होती, बल्कि खेती, इलाज, मजदूरी और रोजमर्रा की जरूरतों का सबसे बड़ा सहारा होती है। बाइक जब्त होने के बाद विक्रम और उसका परिवार गहरे संकट में आ गया। कोर्ट प्रक्रिया, जुर्माना और अन्य खर्चों के लिए करीब 10 हजार रुपये से अधिक की व्यवस्था करना परिवार के लिए नामुमकिन साबित हुआ। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार ने आखिरकार गांव के ही एक व्यक्ति के पास अपनी एक एकड़ कृषि भूमि गिरवी रख दी। बताया जा रहा है कि जब परिजन जमीन के दस्तावेज और उधार में मिले पैसे लेकर थाने पहुंचे, तो वहां मौजूद लोग भी उनकी हालत देखकर भावुक हो उठे। एक बाइक की कीमत बनी जमीन जिस जमीन से परिवार का घर चलता था, वही जमीन अब बाइक छुड़ाने की कीमत बन गई। गांव में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे गरीब परिवार की मजबूरी और व्यवस्था की कठोरता दोनों से जोड़कर देख रहे हैं। पुलिस बोली— कार्रवाई नियमों के तहत बरही थाने में पदस्थ एसआई विनोद कांत ने बताया कि वाहन चेकिंग के दौरान धारा 185 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई थी। चूंकि मामला दर्ज हो चुका है, इसलिए वाहन की सुपुर्दगी न्यायालय प्रक्रिया के बाद ही संभव है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने केवल अपना निर्धारित कर्तव्य निभाया है। अब उठ रहे बड़े सवाल इस घटना के बाद कई सवाल लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं— • क्या गरीबों के लिए न्याय प्रक्रिया इतनी महंगी हो चुकी है कि उन्हें अपनी जमीन तक गिरवी रखनी पड़े? • क्या कानून के साथ मानवीय संवेदनशीलता की जरूरत नहीं है? • क्या आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए राहत या विधिक सहायता की व्यवस्था होनी चाहिए? व्यवस्था पर उठे सवाल बरही की यह घटना सिर्फ एक बाइक जब्ती की कहानी नहीं, बल्कि उस दर्दनाक सच्चाई की तस्वीर है जहां एक गरीब परिवार को छोटी सी कानूनी प्रक्रिया के लिए अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा सहारा दांव पर लगाना पड़ता है। कानून अपना काम कर रहा था, लेकिन एक गरीब परिवार की जिंदगी बिखरती नजर आ रही थी।
- कटनी जिले केग्राम पंचायत पीपरोध ग्रामीणों को मिला न्याय एवं राहत1
- कटनी नगर// आये दिन चांडक चौक पर लग रहा है भारी जाम --- कटनी नगर में चांडक चौक पर लगा भारी जाम, भीषण गर्मी में जनता परेशान कटनी नगर के व्यस्ततम क्षेत्रों में शामिल चांडक चौक इन दिनों भारी यातायात जाम की समस्या से जूझ रहा है। आये दिन लगने वाले जाम के कारण आम नागरिकों, व्यापारियों एवं राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच घंटों तक वाहनों की लंबी कतारों में फंसे लोग परेशान दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि चांडक चौक शहर का प्रमुख मार्ग होने के कारण यहां सुबह से लेकर देर शाम तक वाहनों का अत्यधिक दबाव बना रहता है। सड़क किनारे अवैध पार्किंग, ठेला-गुमटी एवं यातायात व्यवस्था की कमी के चलते स्थिति और भी खराब हो जाती है। जाम के कारण स्कूली बच्चे, मरीजों को लेकर जा रहे वाहन तथा नौकरीपेशा लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। व्यापारियों ने बताया कि लगातार लग रहे जाम से बाजार की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। कई बार एम्बुलेंस तक जाम में फंस जाती है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। भीषण गर्मी में छोटे बच्चे, बुजुर्ग एवं महिलाएं सबसे अधिक परेशान हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन एवं यातायात पुलिस से मांग की है कि चांडक चौक पर स्थायी यातायात व्यवस्था बनाई जाए। चौक पर ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती, अवैध पार्किंग हटाने एवं सड़क अतिक्रमण पर कार्रवाई करने की आवश्यकता बताई जा रही है। नगरवासियों का कहना है कि यदि जल्द उचित कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है। जनता ने प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग करते हुए शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने की अपील की है। आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर राकेश निषाद1
- मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर टीकमगढ़ में जतारा तहसील के सेक्शन राइटर बृजेंद्र अरजरिया एक बुर्जुग किसान से रिश्वत ले रहे है... गरीब किसानों से पैसा लिया जा रहा है क्या मोहन सरकार के खजाने में अधिकारियों को सैलरी देने के पैसे भी नहीं है । आखिर पैसा जा कहा रहा है । ये सब मोहन यादव की सह पर हो रहा है । मोहन है तो मुमकिन है।1
- कटनी जिले के बिजरावगढ़ विधानसभा के सिंगोड़ी गांव में वार्ड क्रमांक 11 और 12 की नालियों की सफाई एक साल से नहीं हुई है। गंदगी से स्थानीय निवासियों में बीमारियों के फैलने का डर बढ़ गया है।1
- कटनी जिले के ढीमरखेड़ा क्षेत्र में BSNL द्वारा केबल बिछाने के नाम पर जेसीबी से सालों पुराने पेड़ उखाड़े जा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही और मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया है। राज्य वन विकास निगम के रेंजर ने मामले की जानकारी मिलते ही जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।1
- *नशे की चपेट में समूचा विंध्य:- नारायण त्रिपाठी* पूर्व विधायक मैहर नारायण त्रिपाठी ने विंध्य में बढ़ते नशे और युवाओं के हालात पर चिंता जाहिर की है। श्री त्रिपाठी ने कहा कि जिन्हें हम आइकॉन मानते है वे लोग गुटका पान मसाले की कंपनियों से मोटा मुनाफा लेकर प्रचार प्रसार करते देखे जाते है। आज हमारा भविष्य नशे की चपेट में झुलसता जा रहा है हमारी पीढ़ियां बर्बादी की ओर अग्रसर है लेकिन इस पर मंथन करने करने का समय सरकार में बैठे बुद्धजीवियों के पास नहीं। आखिर हम देश को क्या देकर जाएंगे यह सरकार के लिए बड़ा सवाल है। नारायण त्रिपाठी ने कहा कि हम इस मामले में हाइकोर्ट भी जाएंगे साथ ही बड़ा जन आंदोलन भी खड़ा करेंगे इलायची बेचने के नाम पर समाज और देश को जहर नहीं बांटने देंगे। क्या क्या कहा मैहर के पूर्व विधायक ने सुने वीडियो*☝️1
- *मैहर कलेक्टर और एसपी ने ग्राम पंचायत हरदासपुर का किया निरीक्षण* *मैहर कलेक्टर और एसपी ने ग्राम पंचायत हरदासपुर का किया निरीक्षण* मैहर - जिले की ग्राम पंचायत हरदासपुर में आज मैहर कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी एवं पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र और शासकीय राशन दुकान (कोटे) का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान ग्राम पंचायत के सरपंच निलेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं, पोषण आहार एवं साफ-सफाई की स्थिति का निरीक्षण किया। वहीं राशन दुकान पहुंचकर हितग्राहियों को वितरित किए जा रहे खाद्यान्न की जानकारी ली गई। निरीक्षण के दौरान कोटेदारों को शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पारदर्शिता के साथ पहुंचाने की समझाइश दी गई। अधिकारियों ने कहा कि राशन वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही या शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गांव में प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने से ग्रामीणों में उत्साह देखा गया। स्थानीय लोगों ने भी अपनी समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया, जिस पर जल्द निराकरण का आश्वासन दिया गया।2
- कटनी के निमिहा मोहल्ला स्थित आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहाँ सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होने और निसंतान दंपतियों को संतान सुख मिलने की मान्यता है। प्रत्येक पूर्णिमा पर भव्य महाआरती होती है, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होते हैं।4