राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.74 लाख मामलों का निस्तारण, 27.76 करोड़ से अधिक की धनराशि जमा ब्यूरो चीफ बाराबंकी। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर शनिवार को जनपद बाराबंकी में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। प्रशासनिक न्यायमूर्ति बाराबंकी सुभाष विद्यार्थी की अध्यक्षता तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव की उपस्थिति में आयोजित लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों, राजस्व विभाग, बैंकों एवं अन्य विभागों से जुड़े कुल 1,74,175 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में अर्थदंड एवं प्रतिकर के रूप में कुल 27 करोड़ 76 लाख 66 हजार 488 रुपये की धनराशि जमा कराई गई। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ प्रशासनिक न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी, जनपद न्यायाधीश प्रतिमा श्रीवास्तव, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की पीठासीन अधिकारी अल्पना सक्सेना एवं अन्य न्यायिक अधिकारियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमन लाल द्विवेदी, पूर्व अध्यक्ष नरेन्द्र वर्मा, महामंत्री प्रदीप श्रीवास्तव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उज्ज्वल उपाध्याय, अग्रणी जिला प्रबंधक बैंक ऑफ इंडिया सौरभ मौर्या सहित न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण, कर्मचारी एवं पत्रकार मौजूद रहे। लोक अदालत से समय और धन दोनों की बचत प्रशासनिक न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने कहा कि लोक अदालत न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण एवं प्रभावी माध्यम है। आपसी सहमति और समझौते के आधार पर पक्षकारों को शीघ्र, सरल एवं सुलभ न्याय मिलता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य केवल लंबित वादों का निस्तारण करना
राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.74 लाख मामलों का निस्तारण, 27.76 करोड़ से अधिक की धनराशि जमा ब्यूरो चीफ बाराबंकी। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर शनिवार को जनपद बाराबंकी में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। प्रशासनिक न्यायमूर्ति बाराबंकी सुभाष विद्यार्थी की अध्यक्षता तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव की उपस्थिति में आयोजित लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों, राजस्व विभाग, बैंकों एवं अन्य विभागों से जुड़े कुल 1,74,175 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में अर्थदंड एवं प्रतिकर के रूप में कुल 27 करोड़ 76 लाख 66 हजार 488 रुपये की धनराशि जमा कराई गई। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ प्रशासनिक न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी, जनपद न्यायाधीश प्रतिमा श्रीवास्तव, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की पीठासीन अधिकारी अल्पना सक्सेना एवं अन्य न्यायिक अधिकारियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमन लाल द्विवेदी, पूर्व अध्यक्ष नरेन्द्र वर्मा, महामंत्री प्रदीप श्रीवास्तव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उज्ज्वल उपाध्याय, अग्रणी जिला प्रबंधक बैंक ऑफ इंडिया सौरभ मौर्या सहित न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण, कर्मचारी एवं पत्रकार मौजूद रहे। लोक अदालत से समय और धन दोनों की बचत प्रशासनिक न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने कहा कि लोक अदालत न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण एवं प्रभावी माध्यम है। आपसी सहमति और समझौते के आधार पर पक्षकारों को शीघ्र, सरल एवं सुलभ न्याय मिलता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य केवल लंबित वादों का निस्तारण करना
- राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.74 लाख मामलों का निस्तारण, 27.76 करोड़ से अधिक की धनराशि जमा ब्यूरो चीफ बाराबंकी। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर शनिवार को जनपद बाराबंकी में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। प्रशासनिक न्यायमूर्ति बाराबंकी सुभाष विद्यार्थी की अध्यक्षता तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव की उपस्थिति में आयोजित लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों, राजस्व विभाग, बैंकों एवं अन्य विभागों से जुड़े कुल 1,74,175 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में अर्थदंड एवं प्रतिकर के रूप में कुल 27 करोड़ 76 लाख 66 हजार 488 रुपये की धनराशि जमा कराई गई। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ प्रशासनिक न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी, जनपद न्यायाधीश प्रतिमा श्रीवास्तव, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की पीठासीन अधिकारी अल्पना सक्सेना एवं अन्य न्यायिक अधिकारियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमन लाल द्विवेदी, पूर्व अध्यक्ष नरेन्द्र वर्मा, महामंत्री प्रदीप श्रीवास्तव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उज्ज्वल उपाध्याय, अग्रणी जिला प्रबंधक बैंक ऑफ इंडिया सौरभ मौर्या सहित न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण, कर्मचारी एवं पत्रकार मौजूद रहे। लोक अदालत से समय और धन दोनों की बचत प्रशासनिक न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने कहा कि लोक अदालत न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण एवं प्रभावी माध्यम है। आपसी सहमति और समझौते के आधार पर पक्षकारों को शीघ्र, सरल एवं सुलभ न्याय मिलता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य केवल लंबित वादों का निस्तारण करना1
- सरयू नदी के कटान प्रभावित हेतमापुर पहुंचे डीएम व एसपी, राहत एवं बचाव कार्यों का लिया जायजा* मुकेश कुमार पत्रकार बाराबंकी *सरयू नदी के कटान प्रभावित हेतमापुर पहुंचे डीएम व एसपी, राहत एवं बचाव कार्यों का लिया जायजा* *कटान रोकने के लिए 24×7 सतत प्रयास करने तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत व स्थायी पुनर्वास उपलब्ध कराने के निर्देश* बाराबंकी, 12 सितम्बर। जिलाधिकारी श्री ईशान प्रताप सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्री अर्पित विजयवर्गीय ने तहसील रामनगर अन्तर्गत सरयू नदी के कटान से प्रभावित ग्राम हेतमापुर पहुंचकर स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने मौके पर बाढ़ खण्ड द्वारा कटान को रोकने एवं प्रभावित क्षेत्र की सुरक्षा के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों का अवलोकन करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान अधिशासी अभियंता, बाढ़ खण्ड ने जिलाधिकारी को सरयू नदी के कटान को नियंत्रित करने के लिए अब तक किए गए सुरक्षात्मक कार्यों एवं विभाग द्वारा निरंतर किए जा रहे प्रयासों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने कहा कि कटान को न्यूनतम स्तर तक सीमित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी आवश्यक संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए 24×7 सतर्कता एवं सतत प्रयास जारी रखे जाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कटान की स्थिति पर निरंतर नजर रखते हुए आवश्यकता के अनुसार तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी रामनगर को निर्देशित किया कि कटान के कारण जिन ग्रामवासियों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों के स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था के लिए भूमि का चिन्हांकन करते हुए पात्र परिवारों को आवासीय पट्टे उपलब्ध कराए जाएं तथा उन्हें सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाते हुए आवास स्वीकृत कराने की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री एवं भोजन की व्यवस्था निर्बाध रूप से उपलब्ध कराई जाए तथा किसी भी प्रभावित परिवार को आवश्यक सहायता से वंचित न रहने दिया जाए। प्रशासन द्वारा राहत, बचाव एवं पुनर्वास कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। इस अवसर पर मुख्य अभियंता, बाढ़ श्री प्रभाकर प्रसाद, अधीक्षण अभियंता श्री डी.के. वर्मा, उपजिलाधिकारी रामनगर सुश्री आकांक्षा गुप्ता, अधिशासी अभियंता बाढ़ खण्ड श्री शशिकान्त सिंह, तहसीलदार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
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- देवी स्थान में जलभराव से ग्रामीण परेशान, नवरात्रि से पहले निर्माण की मांग देवी स्थान में जलभराव से ग्रामीण परेशान, नवरात्रि से पहले निर्माण की मांग ग्राम शेखलीपुर, ग्राम पंचायत पुरेडलाई का मामला; ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक एवं राज्यमंत्री सतीश शर्मा से लगाई गुहार टिकैतनगर। ग्राम पंचायत पुरेडलाई के अंतर्गत आने वाले ग्राम शेखलीपुर स्थित देवी स्थान पर जलभराव और गंदे पानी की समस्या को लेकर ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि देवी स्थान के आसपास नाली और नाले का पानी बहकर जमा हो जाता है। इससे श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक एवं राज्यमंत्री सतीश शर्मा से देवी स्थान के निर्माण एवं जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि नवरात्रि पर्व से पहले देवी स्थान का निर्माण एवं परिसर का समुचित विकास कराया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को पूजा-पाठ के दौरान परेशानी न हो। ग्रामीणों ने बताया कि समस्या को लेकर जल्द ही क्षेत्र के लोग एकजुट होकर राज्यमंत्री सतीश शर्मा के जनता दरबार में पहुंचेंगे और देवी स्थान के निर्माण तथा जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग रखेंगे। इस दौरान राजेश, पिंटू, खिलावन, नरेश, विधान, काकू, सत्येंद्र समेत रावत समाज से जुड़े अनेक सम्मानित लोगों सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों की ओर से रामनरेश रावत, गोविंद, राम त्रिलोकी और पिंटू समेत अन्य लोग प्रतिनिधिमंडल में शामिल होकर मंत्री के समक्ष अपनी मांग रखेंगे। ग्रामीणों को उम्मीद है कि राज्यमंत्री के हस्तक्षेप से नवरात्रि से पहले देवी स्थान की समस्या का समाधान कराया जाएगा।4
- करोड़ों खर्च के बाद भी बाढ़ से नहीं मिली राहत, कटान ने खोली इंतजामों की पोल बाढ़ खंड के अधिकारियों पर बरसीं रेनू वर्मा, बोलीं—“एक खर्च करते हैं, दस दिखाते हैं” बाराबंकी। सरयू-घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज कटान ने प्रशासनिक इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हेतमापुर समेत बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार हो रहे कटान के बीच ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से बाढ़ और कटान से बचाव के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के दौरे के दौरान रेनू वर्मा ने बाढ़ खंड के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर तीखी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि “एक खर्च करते हैं, दस दिखाते हैं। बाढ़ खंड के अधिकारियों ने बंदरबांट मचा रखी है।” उन्होंने सवाल उठाया कि जब आज कटान रोकने के लिए काम किया जा रहा है तो यही काम पहले क्यों नहीं कराया गया। रेनू वर्मा का कहना था कि यदि समय रहते प्रभावी इंतजाम किए जाते तो आज हेतमापुर और आसपास के गांवों के लोगों को इस तरह की भयावह स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने बाढ़ से बचाव के नाम पर हुए कार्यों और खर्च की जांच की मांग भी उठाई।1
- लखनऊ के इको गार्डन में पंचायत सहायकों के समर्थन में धरने पर बैठे चंद्रशेखर आजाद1
- पृथ्वी नाथ मंदिर को जलाभिषेक करने वाले कावड़ियों का सरयू कटरा घाट मे काफ़ी संख्या मे भीड़ दिखी पृथ्वी नाथ मंदिर को जलाभिषेक करने वाले कावड़ियों का सरयू कटरा घाट मे काफ़ी संख्या मे भीड़ दिखी2
- सरयू नदी के कटान प्रभावित हेतमापुर पहुंचे डीएम व एसपी, राहत एवं बचाव कार्यों का लिया जायजा कटान रोकने के लिए 24×7 सतत प्रयास करने तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत व स्थायी पुनर्वास उपलब्ध कराने के निर्देश शशिकांत अवस्थी बाराबंकी, जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह एवं पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने तहसील रामनगर अन्तर्गत सरयू नदी के कटान से प्रभावित ग्राम हेतमापुर पहुंचकर स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने मौके पर बाढ़ खण्ड द्वारा कटान को रोकने एवं प्रभावित क्षेत्र की सुरक्षा के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों का अवलोकन करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान अधिशासी अभियंता, बाढ़ खण्ड ने जिलाधिकारी को सरयू नदी के कटान को नियंत्रित करने के लिए अब तक किए गए सुरक्षात्मक कार्यों एवं विभाग द्वारा निरंतर किए जा रहे प्रयासों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने कहा कि कटान को न्यूनतम स्तर तक सीमित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी आवश्यक संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए 24×7 सतर्कता एवं सतत प्रयास जारी रखे जाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कटान की स्थिति पर निरंतर नजर रखते हुए आवश्यकता के अनुसार तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी रामनगर को निर्देशित किया कि कटान के कारण जिन ग्रामवासियों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों के स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था के लिए भूमि का चिन्हांकन करते हुए पात्र परिवारों को आवासीय पट्टे उपलब्ध कराए जाएं तथा उन्हें सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाते हुए आवास स्वीकृत कराने की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री एवं भोजन की व्यवस्था निर्बाध रूप से उपलब्ध कराई जाए तथा किसी भी प्रभावित परिवार को आवश्यक सहायता से वंचित न रहने दिया जाए। प्रशासन द्वारा राहत, बचाव एवं पुनर्वास कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। इस अवसर पर मुख्य अभियंता, बाढ़ श्री प्रभाकर प्रसाद, अधीक्षण अभियंता डी.के. वर्मा, उपजिलाधिकारी रामनगर आकांक्षा गुप्ता, अधिशासी अभियंता बाढ़ खण्ड शशिकान्त सिंह, तहसीलदार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1