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एटा में जलेसर-निधौली रोड पर नूंहखेड़ा गांव के पास सड़क की हालत बदहाल है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर पानी की उचित निकासी न होने के कारण जलभराव हो गया है और कई गहरे गड्ढे बन गए हैं। स्थानीय लोगों और राहगीरों को गंदे पानी और इन गड्ढों से होकर गुजरना पड़ रहा है। इस बदहाल सड़क के चलते आए दिन बाइक सवार और पैदल चलने वाले लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने इस स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने और जलभराव की समस्या के समाधान के लिए नाली निर्माण की मांग की है। यह पूरा मामला जलेसर तहसील क्षेत्र के नूंहखेड़ा का है।
Ravendra Jadon पत्रकार
एटा में जलेसर-निधौली रोड पर नूंहखेड़ा गांव के पास सड़क की हालत बदहाल है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर पानी की उचित निकासी न होने के कारण जलभराव हो गया है और कई गहरे गड्ढे बन गए हैं। स्थानीय लोगों और राहगीरों को गंदे पानी और इन गड्ढों से होकर गुजरना पड़ रहा है। इस बदहाल सड़क के चलते आए दिन बाइक सवार और पैदल चलने वाले लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने इस स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने और जलभराव की समस्या के समाधान के लिए नाली निर्माण की मांग की है। यह पूरा मामला जलेसर तहसील क्षेत्र के नूंहखेड़ा का है।
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- एटा नगर पालिका परिषद के न्यू रेवाड़ी मोहल्ले में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मोहल्लेवासियों ने आरोप लगाया है कि आर्यन किराना स्टोर के बराबर वाली गली में सड़क निर्माण में पूरी तरह से पुरानी इंटरलॉकिंग ईंटों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है और वे कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सरकारी धन से हो रहा यह विकास कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है। उनका आरोप है कि पूरी गली में पुरानी और घिसी हुई ईंटें बिछाई गई हैं, जिससे सड़क की मजबूती और टिकाऊपन प्रभावित हो सकता है। यह स्थिति सरकारी धन के दुरुपयोग का भी संकेत देती है। मोहल्लेवासियों ने जिलाधिकारी और नगर पालिका प्रशासन से निर्माण कार्य की निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि जांच में अनियमितता पाई जाती है, तो पूरी सड़क से पुरानी ईंटों को हटाकर निर्धारित मानकों के अनुरूप नई इंटरलॉकिंग ईंटें बिछाई जाएं और जिम्मेदार अधिकारियों तथा ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने सरकारी कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार के समझौते को अस्वीकार्य बताया।1
- एटा शहर के प्राचीन कैलाश मंदिर से सटे ऐतिहासिक तालाब के किनारे नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के प्रयोग का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि निर्माण में पीले ईंट और अत्यधिक बालू का उपयोग किया जा रहा है, जिससे इसकी गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ेगा। इस विरोध के कारण कुछ समय के लिए निर्माण कार्य रोक दिया गया। स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने मौके पर पहुंचकर घटिया कार्य का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं हो रहा है, बल्कि पीली ईंटों और अधिक मात्रा में बालू का प्रयोग किया जा रहा है। लोगों ने जोर देकर कहा कि प्राचीन कैलाश मंदिर और उससे जुड़ा तालाब शहर की ऐतिहासिक व धार्मिक धरोहर हैं, और ऐसे महत्वपूर्ण स्थान पर घटिया सामग्री का प्रयोग किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं कराया गया तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। इस मामले पर समाचार लिखे जाने तक नगर पालिका की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।1
- फर्रुखाबाद के नवाबगंज में चल रहे पोलियो अभियान की जमीनी हकीकत का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की एक उच्च स्तरीय टीम ने औचक निरीक्षण किया।1
- मैनपुरी में कथित अवैध कब्जों और भू-माफियाओं के खिलाफ अधिवक्ताओं का तीव्र गुस्सा सामने आया है। अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान सहित कई लोग सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा किए हुए हैं। उनकी मुख्य शिकायत यह है कि स्टे ऑर्डर जारी होने के बावजूद निर्माण कार्य निरंतर जारी है। अधिवक्ताओं का दावा है कि यह सब प्रशासनिक अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण हो रहा है, जिससे दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही। इस मामले में अधिवक्ताओं ने तब और अधिक नाराजगी व्यक्त की, जब शिकायतकर्ता अधिवक्ता को ही नोटिस जारी कर दिया गया। अब सभी की निगाहें इस पूरे प्रकरण पर जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- एटा में जलेसर-निधौली रोड पर नूंहखेड़ा गांव के पास सड़क की हालत बदहाल है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर पानी की उचित निकासी न होने के कारण जलभराव हो गया है और कई गहरे गड्ढे बन गए हैं। स्थानीय लोगों और राहगीरों को गंदे पानी और इन गड्ढों से होकर गुजरना पड़ रहा है। इस बदहाल सड़क के चलते आए दिन बाइक सवार और पैदल चलने वाले लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने इस स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने और जलभराव की समस्या के समाधान के लिए नाली निर्माण की मांग की है। यह पूरा मामला जलेसर तहसील क्षेत्र के नूंहखेड़ा का है।1
- एटा में जलेसर-निधौली रोड पर स्थित नूंहखेड़ा गांव के पास सड़क की हालत बेहद बदहाल है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी की उचित निकासी न होने के कारण रोड पर बड़े पैमाने पर जलभराव हो गया है, जिससे गहरे गड्ढे बन गए हैं। स्थानीय लोगों और राहगीरों को गंदे पानी तथा इन खतरनाक गड्ढों से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिसके चलते आए दिन बाइक सवार और पैदल यात्री गिरकर घायल हो रहे हैं। इस स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने और जल निकासी के लिए नाली निर्माण की मांग की है। यह पूरा मामला जलेसर तहसील क्षेत्र के नूहखेड़ा का है।1