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भिंड जिले की ऊमरी थाना क्षेत्र के कनावर गांव में कुंवारी नदी डूबे तीन युवकों का लाइव वीडियो आया सामने देखिए
DHARMENDRA SINGH KAURAV
भिंड जिले की ऊमरी थाना क्षेत्र के कनावर गांव में कुंवारी नदी डूबे तीन युवकों का लाइव वीडियो आया सामने देखिए
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- जालौन। अभिनंदन गेस्ट हाउस के पीछे इन दिनों जलभराव की समस्या से स्थानीय लोग परेशान हैं। इलाके में चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जल निकासी की व्यवस्था की पोल खुलती नजर आ रही है। मुहल्लेवासियों का आरोप है कि जलभराव और जल निकासी की समस्या को लेकर कई बार नगर पालिका में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण लोगों को नारकीय जीवन जीने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंदे पानी और कीचड़ के कारण संक्रमण व मच्छरों का खतरा भी बढ़ गया है। बारिश के दिनों में समस्या और गंभीर हो जाती है। शिकायतों के बावजूद सुनवाई न होने से मुहल्लेवासियों में नगर पालिका के प्रति आक्रोश है। जालौन। अभिनंदन गेस्ट हाउस के पीछे इन दिनों जलभराव की समस्या से स्थानीय लोग परेशान हैं। इलाके में चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जल निकासी की व्यवस्था की पोल खुलती नजर आ रही है। मुहल्लेवासियों का आरोप है कि जलभराव और जल निकासी की समस्या को लेकर कई बार नगर पालिका में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण लोगों को नारकीय जीवन जीने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंदे पानी और कीचड़ के कारण संक्रमण व मच्छरों का खतरा भी बढ़ गया है। बारिश के दिनों में समस्या और गंभीर हो जाती है। शिकायतों के बावजूद सुनवाई न होने से मुहल्लेवासियों में नगर पालिका के प्रति आक्रोश है।1
- बारिश के दौरान बरतें सावधानी, बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें! 🚨 #जालौन | जिलाधिकारी की आमजन से अपील 🌧️ जनपद में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिलाधिकारी ने आमजन से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने लोगों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और सुरक्षित रहने की सलाह दी है। 🎥 सुनिए, बारिश को लेकर जिलाधिकारी ने क्या कहा और आमजन से की क्या अपील। 📍 जालौन | अखिलेश सोनी, पत्रकार1
- बारिश-वज्रपात की आशंका पर जालौन में अलर्ट, डीएम ने दिए सुरक्षा के निर्देश* अनुराग श्रीवास्तव पत्रकार *बारिश-वज्रपात की आशंका पर जालौन में अलर्ट, डीएम ने दिए सुरक्षा के निर्देश* *दो दिन में 85.2 मिमी बारिश, सीजन में अब तक 805 मिमी वर्षा; जलभराव वाले क्षेत्रों और खुले स्थानों से दूर रहने की अपील* भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा 25 से 27 सितंबर तक जनपद में बारिश के साथ गरज-चमक एवं वज्रपात की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी समीर ने नागरिकों से मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने और अनावश्यक जोखिम से बचने की अपील की है। जनपद में पिछले दो दिनों में 85.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि वर्तमान वर्षा ऋतु में अब तक कुल 805 से अधिक मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जो सामान्य औसत वर्षा से अधिक है।जिलाधिकारी ने कहा कि तेज बारिश एवं वज्रपात के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचते हुए सुरक्षित स्थान पर रहें। निचले इलाकों, जलभराव वाले मार्गों, नालों, नदी-नहरों एवं तालाबों के आसपास जाने से बचें। वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों व टावरों के नीचे खड़े होने के बजाय पक्के भवन में शरण लें। उन्होंने किसानों से मौसम खराब होने पर खेतों में कार्य रोककर सुरक्षित स्थान पर जाने तथा पशुओं को खुले स्थान अथवा पेड़ों के नीचे न बांधने की अपील की। वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखने, कम दृश्यता में सुरक्षित स्थान पर रुकने और बहते पानी अथवा जलभराव वाले मार्गों को पार न करने की सलाह दी गई है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को भी स्थानीय स्तर पर सतर्कता बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नागरिकों से टूटे विद्युत तारों से दूर रहने, बच्चों एवं बुजुर्गों की विशेष सुरक्षा करने और मौसम संबंधी केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है। आपदा की स्थिति में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 05162-255518, टोल फ्री आपदा हेल्पलाइन 1077, पुलिस 112 तथा एम्बुलेंस 102/108 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- कोंच,पितृ पक्ष शुरू, पुरखों को याद कर कुश से किया तर्पण शुभ कार्यो पर भी 15 दिनों को लगा विराम,पूर्वजो का होगा श्राद्ध जालौन के कोंच में पितृ पक्ष की शुरुआत शनिवार से हो गई। सुबह 8 बजे से ही नगर के सागर तालाब, धनुतालाब सहित अन्य जल स्रोतों पर लोग अपने पूर्वजों को याद कर तर्पण करने पहुंचे। श्रद्धालुओं ने हाथों में तिल, उड़द आदि लेकर कुश के माध्यम से जल अर्पित किया और अपने पुरखों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। पितृ पक्ष शुरू होने के साथ ही आगामी 15 दिनों तक शुभ कार्यों पर भी विराम माना जा रहा है। नवरात्रि शुरू होने के बाद ही शुभ कार्यों की शुरुआत होगी। सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष पूर्वजों को समर्पित अवधि है। इस दौरान लोग अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि के अनुसार श्राद्ध कर्म, तर्पण और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। शनिवार सुबह करीब आठ बजे सागर तालाब और धनुतालाब पर लोगों ने विधि-विधान से तर्पण किया। श्रद्धालुओं ने कुश, तिल और जल के साथ पूर्वजों का स्मरण किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से अमावस्या तक की अवधि श्राद्ध या महालय पक्ष कहलाती है। इस दौरान पितरों के निमित्त किए जाने वाले कर्मकांड का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि श्राद्ध और तर्पण से पितरों को शांति प्राप्त होती है। पितृ पक्ष में लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए कौआ, श्वान और गाय के लिए भी भोजन का अंश अलग निकालते हैं। धार्मिक मान्यताओं में गाय को देवताओं से और कौआ व श्वान को पितरों से संबंधित माना गया है। वहीं पूर्वजों की मृत्यु तिथि पर कर्मकांडी ब्राह्मणों को भोजन कराकर ब्रह्म भोज कराया जाता है। पितृ पक्ष के दौरान नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवारों द्वारा अपने-अपने पूर्वजों की तिथि के अनुसार श्राद्ध, तर्पण और अन्य कर्मकांड किए जाएंगे। इससे धार्मिक स्थलों और जल स्रोतों पर भी लोगों की आवाजाही बढ़ेगी।1
- कालपी में 24 घंटे बारिस के कारण कच्चे ।मकान गिर गया जिसमें रखी gurasti दब गई कालपी में बारिश का कहर लगातार बारिश के बीच भरभरा कर गिरा जर्जर मकान, मलबे में दब गई गरीब परिवार की गृहस्थी काजीपुरा मोहल्ले में सुबह 8:30 बजे हुआ हादसा, गनीमत रही नहीं हुई जनहानि; खुले आसमान के नीचे आया परिवार कालपी, जालौन। लगातार हो रही भारी बारिश ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। इसी बीच कालपी नगर के काजीपुरा मोहल्ले में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा सामने आया। यहां बारिश के बीच एक पुराना और जर्जर मकान अचानक भरभरा कर गिर गया। मकान के धराशायी होते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि हादसा शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे हुआ। मकान काफी पुराना और जर्जर हालत में बताया जा रहा था। लगातार बारिश के कारण मकान की हालत और कमजोर हो गई और अचानक पूरा हिस्सा भरभरा कर मलबे में तब्दील हो गया। 🏚️ मलबे में दब गई पूरी गृहस्थी मकान गिरने से संतोष विश्वकर्मा के परिवार की गृहस्थी का सामान मलबे में दब गया। बताया जा रहा है कि परिवार बेहद गरीब है और बड़ी मुश्किल से अपना जीवन-यापन कर रहा था। मकान गिरने के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ा संकट सिर छिपाने का खड़ा हो गया है। घर की छत छिन जाने के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। लगातार बारिश के बीच परिवार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। गृहस्थी का सामान मलबे में दबने से परिवार को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है। ⚠️ बाल-बाल टला बड़ा हादसा मकान गिरने के दौरान किसी के मलबे में दबने की सूचना नहीं है। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। मकान के अचानक गिरने से आसपास रहने वाले लोगों में भी दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में पुराने और जर्जर मकानों को लेकर प्रशासन को गंभीरता से निरीक्षण कराना चाहिए, ताकि समय रहते ऐसे मकानों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित किया जा सके। 📢 गरीब परिवार ने लगाई प्रशासन से मदद की गुहार मकान गिरने के बाद पीड़ित परिवार की हालत बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। परिवार ने प्रशासन से तत्काल मदद की गुहार लगाई है। पीड़ितों की मांग है कि मौके पर अधिकारियों को भेजकर नुकसान का आकलन कराया जाए और नियमानुसार आर्थिक सहायता एवं मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। स्थानीय लोगों ने भी जिला प्रशासन से मांग की है कि बारिश के दौरान बेघर हुए परिवार को तत्काल राहत दी जाए और रहने के लिए सुरक्षित व्यवस्था कराई जाए। ❓अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर भारी बारिश के बीच मकान गिरने की इस घटना ने एक बार फिर जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पीड़ित परिवार मदद की उम्मीद लगाए बैठा है। अब देखना होगा कि प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार की मदद के लिए कब तक राहत पहुंचाई जाती है और नुकसान का कितना आकलन किया जाता है। रिपोर्ट: विजय शर्मा नगर के काजीपुरा मोहल्ले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच एक बड़ा हादसा सामने आया है। शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे एक पुराना और जर्जर मकान भरभरा कर गिर गया। मोहल्ला काजीपुरा, कालपी जिला जालौन समय: सुबह 8:30 बजे। पीड़ित परिवार: संतोष विश्वकर्मा (अत्यंत गरीब परिवार) गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घर में रखा सारा गृहस्थी का सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया। सिर से छत छिन जाने के कारण पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आने को मजबूर है। प्रशासन से मदद की गुहार घटना के बाद से स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। पीड़ित परिवार और पड़ोसियों ने जिला प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि गरीब संतोष विश्वकर्मा के परिवार को जल्द से जल्द उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि वे दोबारा अपने सिर पर छत का आशियाना बना सकें।2
- चलती Amar Shakti स्लीपर बस के सामने गिरा विशाल पेड़, सड़क से नीचे उतरी बस दलदल में फंसी चलती Amar Shakti स्लीपर बस के सामने गिरा विशाल पेड़, सड़क से नीचे उतरी बस दलदल में फंसी कोंच। कोंच से दिल्ली जा रही Amar Shakti स्लीपर बस के सामने आशीरवाद क्लब के पास अचानक एक विशाल पेड़ गिर गया। पेड़ गिरते ही बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को संभालने के प्रयास में बस सड़क से नीचे उतार दी गई, लेकिन बस दलदल में फंस गई। बस के दलदल में फंसने के बाद मौके पर हालात बिगड़ गए और सड़क पर घंटों तक जाम लगा रहा। यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बस में सवार यात्रियों को बाहर निकाला गया, जिसके बाद उनकी यात्रा निरस्त करनी पड़ी। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला। सड़क से पेड़ हटाने और यातायात व्यवस्था सुचारू कराने के प्रयास किए गए। मामला कोंच कोतवाली क्षेत्र में आशीरवाद क्लब के सामने का बताया जा रहा है।1
- जालौन में सबसे खराब सड़क का खिताब किसे? लोनारोड या चुर्खी रोड! गड्ढों से परेशान जनता, मरम्मत के नाम पर रास्ते में डाली गई गिट्टी ने बढ़ाई मुश्किलें जालौन। नगर की प्रमुख सड़कों की बदहाली से लोगों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोनारोड और चुर्खी रोड पर जगह-जगह बने गड्ढे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। ऐसे में लोगों के बीच चर्चा है कि आखिर “सबसे खराब सड़क का खिताब” लोनारोड को दिया जाए या चुर्खी रोड को? स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों पर बने गड्ढों को लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। गड्ढों को ठीक करने के बजाय रास्ते में गिट्टी डाल दी गई, जिससे सड़क पर आवागमन और भी मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालकों को खास तौर पर परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश के बाद स्थिति और खराब हो गई है। गड्ढों में पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे हादसे का खतरा भी बना रहता है। जनता का सवाल है कि आखिर कब इन सड़कों की स्थायी मरम्मत होगी? क्या लोगों को इसी तरह बार-बार शिकायतें करते रहना पड़ेगा या जिम्मेदार विभाग जल्द ही गड्ढों से निजात दिलाएगा? अब देखने वाली बात यह है कि जिम्मेदार विभाग कब जागता है और जालौन की इन प्रमुख सड़कों की बदहाली दूर होती है। जालौन में सबसे खराब सड़क का खिताब किसे? लोनारोड या चुर्खी रोड! गड्ढों से परेशान जनता, मरम्मत के नाम पर रास्ते में डाली गई गिट्टी ने बढ़ाई मुश्किलें जालौन। नगर की प्रमुख सड़कों की बदहाली से लोगों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोनारोड और चुर्खी रोड पर जगह-जगह बने गड्ढे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। ऐसे में लोगों के बीच चर्चा है कि आखिर “सबसे खराब सड़क का खिताब” लोनारोड को दिया जाए या चुर्खी रोड को? स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों पर बने गड्ढों को लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। गड्ढों को ठीक करने के बजाय रास्ते में गिट्टी डाल दी गई, जिससे सड़क पर आवागमन और भी मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालकों को खास तौर पर परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश के बाद स्थिति और खराब हो गई है। गड्ढों में पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे हादसे का खतरा भी बना रहता है। जनता का सवाल है कि आखिर कब इन सड़कों की स्थायी मरम्मत होगी? क्या लोगों को इसी तरह बार-बार शिकायतें करते रहना पड़ेगा या जिम्मेदार विभाग जल्द ही गड्ढों से निजात दिलाएगा? अब देखने वाली बात यह है कि जिम्मेदार विभाग कब जागता है और जालौन की इन प्रमुख सड़कों की बदहाली दूर होती है।1
- कोंच के भगतसिंह मगर में नाला ओवरफ्लो होने से भगत सिंह नगर में जलभराव, परेशान मोहल्लेवासियों ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में लगाई गुहार जालौन के कोंच नगर के वार्ड नंबर-09 स्थित भगत सिंह नगर में सरकारी नाला ओवरफ्लो होने से मोहल्लेवासियों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। समस्या से परेशान स्थानीय लोगों ने शनिवार दोपहर 2 बजे सम्पूर्ण समाधान दिवस कोंच में शिकायती पत्र देकर नाला की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि नाला ओवरफ्लो होने के कारण बारिश अथवा गंदा पानी सड़कों पर जमा हो जाता है। कई स्थानों पर करीब दो फीट तक पानी भर जाने से लोगों के घरों तक पानी पहुंच जाता है। जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित होने के साथ ही स्कूली बच्चों और अन्य राहगीरों को काफी परेशानी होती है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, जलभराव वाले पानी में आए दिन सांप और बिच्छू निकलने से लोगों में भय बना रहता है। उन्होंने बताया कि नाला सफाई के लिए वार्ड सभासद शादाब अंसारी से कई बार शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। मोहल्लेवासियों ने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर नाला की सफाई और जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि लोगों को जलभराव और आवागमन की समस्या से राहत मिल सके।1
- हादसे के बाद उरई में संचालित बस और ट्रैवल्स कार्यालयों की व्यवस्थाओं पर भी उठे सवाल जालौन 🔴🔴यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में भीषण अग्निकांड 🔴🔴दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस में अचानक लगी भीषण आग 🔴🔴हादसे में 9 यात्रियों की हुई मौत, कई यात्री झुलसे 🔴🔴परिवहन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के संरक्षण में चल रही मानक विहीन ट्रैवल्स बसे,, 🔴🔴उरई के लहरिया पुरवा निवासी हाशिम खान ने दिखाई गजब की बहादुरी 🔴🔴अपनी जान की परवाह किए बिना आग और धुएं के बीच करीब 13 यात्रियों के लिए बना मसीहा बचाव के दौरान हाशिम को भी आई अंदरूनी चोट 🔴🔴अपना सामान और करीब 1.14 लाख रुपये छोड़कर यात्रियों की जिंदगी बचाने में जुटे रहे हाशिम हाशिम की बहादुरी ने कई परिवारों को उजड़ने से बचाया 🔴🔴वहीं हादसे के बाद उरई में संचालित बस और ट्रैवल्स कार्यालयों की व्यवस्थाओं पर भी उठे सवाल 🔴🔴उरई शहर में बिना मानकों के संचालित हो रहे दर्जनों बस एवं ट्रैवल्स कार्यालय 🔴🔴दिल्ली से आने-जाने वाली बसों में मानकविहीन सामान की की जा रही ढुलाई 🔴🔴जालौन प्रशासन कर रहा हादसों का इंतजार आए दिन परिवहन विभाग के रहमो करम से सैकड़ों बसे शहर के बीचों बीच निकल रह3